तरल (fluid) क्या है?
जो चीज़ बह सकती है, उसे तरल (fluid) कहते हैं। द्रव (liquid) बहता है, गैस भी बहती है। इसलिए दोनों तरल हैं।
ये बहते क्यों हैं? अंदर देखो। ठोस में कण (परमाणु या अणु) अपनी जगह पर बँधे रहते हैं, बस काँपते हैं। द्रव में कण पास-पास हैं, पर एक-दूसरे पर से खिसक सकते हैं। गैस में कण दूर-दूर हैं और तेज़ी से हर तरफ़ भागते हैं।
कण घूम सकते हैं, इसलिए तरल का अपना कोई आकार नहीं होता। वह बर्तन का आकार ले लेता है। द्रव का आयतन वही रहता है; गैस पूरे बर्तन में फैल जाती है।
घनत्व: एक जगह में कितना द्रव्यमान
घनत्व (density) का मतलब है प्रति इकाई आयतन द्रव्यमान:
ρ = m ÷ V
ρ को "रो" पढ़ते हैं। SI मात्रक kg/m³ है। g/cm³ भी चलता है; 1 g/cm³ = 1000 kg/m³।
कुछ मान: हवा लगभग 1.2, पेट्रोल 740, खाने का तेल 920, पानी 1000, समुद्री पानी 1025, शहद 1420, पारा 13 600 kg/m³।
घनत्व पदार्थ का गुण है, मात्रा का नहीं। एक कप और एक बाल्टी पानी का घनत्व बराबर है। यदि तरल हर जगह एक जैसा (समांगी) है, तो किसी भी हिस्से का द्रव्यमान m = ρV से निकलेगा।
आपेक्षिक घनत्व और परतें
आपेक्षिक घनत्व (relative density) किसी पदार्थ की तुलना पानी से करता है:
आपेक्षिक घनत्व = ρ ÷ ρपानी
इसका कोई मात्रक नहीं होता। पारे का आपेक्षिक घनत्व 13.6 है, यानी वह पानी से 13.6 गुना घना है।
जो द्रव आपस में नहीं मिलते, वे परतों में बैठ जाते हैं: सबसे घना नीचे, सबसे कम घना ऊपर। जिसका आपेक्षिक घनत्व 1 से कम है वह पानी पर तैरता है; 1 से ज़्यादा वाला डूबता है।
आदर्श तरल (ideal fluid) मॉडल
असली तरल उलझे हुए होते हैं, इसलिए भौतिकी में एक सरल मॉडल लेते हैं: आदर्श तरल। आदर्श तरल:
- असंपीड्य होता है: दबाने पर नहीं दबता, इसलिए घनत्व स्थिर रहता है;
- उसमें श्यानता (viscosity) नहीं होती, यानी अंदर घर्षण नहीं;
- उसका बहाव स्थिर (steady) होता है: किसी एक बिंदु पर वेग समय के साथ नहीं बदलता।
पानी जैसे द्रव लगभग असंपीड्य हैं। गैसें आसानी से दबती हैं, इसलिए उनका घनत्व दाब और ताप से बदलता है। तरल के किसी चुने हुए हिस्से को हम एक निकाय (system) मानकर उसका द्रव्यमान, आयतन और घनत्व देखते हैं।
खुद करो: घनत्व की मीनार
चाशनी, पानी और तेल एक-एक करके धीरे से गिलास में डालो। पहले क्रम का अनुमान लगाओ। फिर अंगूर, प्लास्टिक का मनका, कॉर्क डालकर देखो। हर चीज़ उस परत पर रुकती है जिसका घनत्व उससे मेल खाता है। इस तरह बिना तराज़ू के घनत्व की तुलना हो जाती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ρ = m ÷ V (घनत्व)
- m = ρ × V, V = m ÷ ρ
- आपेक्षिक घनत्व = ρपदार्थ ÷ ρपानी (कोई मात्रक नहीं)
- 1 g/cm³ = 1000 kg/m³; 1 L = 0.001 m³
- ρपानी ≈ 1000 kg/m³; 1 L पानी ≈ 1 kg
हल किए गए उदाहरण
1. एक टंकी में 2 m³ पानी है। पानी का द्रव्यमान बताओ।
m = ρV = 1000 × 2 = 2000 kg।
2. 0.5 L तेल की बोतल का द्रव्यमान 0.46 kg है। तेल का घनत्व निकालो।
V = 0.5 L = 0.0005 m³। ρ = 0.46 ÷ 0.0005 = 920 kg/m³।
3. पारे का घनत्व 13 600 kg/m³ है। उसका आपेक्षिक घनत्व बताओ।
आपेक्षिक घनत्व = 13 600 ÷ 1000 = 13.6 (कोई मात्रक नहीं)।
4. 1 kg पेट्रोल (ρ = 740 kg/m³) कितने लीटर जगह घेरता है?
V = 1 ÷ 740 = 0.00135 m³ = 1.35 L।
5. एक कमरा 5 m × 4 m × 3 m है। हवा का घनत्व 1.2 kg/m³ है। कमरे की हवा का द्रव्यमान निकालो।
V = 60 m³। m = 1.2 × 60 = 72 kg। हवा हल्की है, पर पूरा कमरा भरकर काफ़ी भारी हो जाती है।
6. पानी (1000) और शहद (1420 kg/m³) बराबर आयतन में अच्छी तरह मिलाए गए। मिश्रण का घनत्व?
दोनों का 1 m³ लो। द्रव्यमान = 2420 kg, आयतन = 2 m³। ρ = 2420 ÷ 2 = 1210 kg/m³।
आम गलतियाँ
- सिर्फ़ द्रव को तरल मानना। गैस भी बहती है, इसलिए वह भी तरल है।
- लीटर को m³ में न बदलना: 1 L = 0.001 m³, 1 m³ नहीं।
- आपेक्षिक घनत्व के साथ मात्रक लिखना। यह अनुपात है, इसका मात्रक नहीं होता।
- सोचना कि ज़्यादा मात्रा का घनत्व ज़्यादा होगा। कप और बाल्टी के पानी का घनत्व बराबर है; सिर्फ़ द्रव्यमान बदलता है।