गैस क्या है, आसान शब्दों में
गैस बहुत छोटे कणों की भीड़ है, जिन्हें अणु कहते हैं। ये सीधी रेखा में उड़ते हैं, आपस में और दीवारों से टकराते हैं। इनके बीच बहुत खाली जगह होती है।
गैस को चार राशियों से बताते हैं:
- P, दाब: दीवार के हर वर्ग मीटर पर धक्का। मात्रक पास्कल (Pa = N/m²)।
- V, आयतन: गैस कितनी जगह घेरती है। मात्रक m³ (1 L = 10⁻³ m³)।
- T, ताप केल्विन में: T(K) = t(°C) + 273.15।
- n, मात्रा मोल में।
तीन गैस नियम
बॉयल का नियम (T स्थिर)
P ∝ 1/V, यानी PV = स्थिर। आयतन आधा, दाब दोगुना। कारण: वही अणु छोटी जगह में दीवार से ज़्यादा बार टकराते हैं।
चार्ल्स का नियम (P स्थिर)
V ∝ T, यानी V/T = स्थिर। T केल्विन में ही लेना है। गर्म अणु तेज़ होते हैं, इसलिए उसी दाब के लिए ज़्यादा जगह चाहिए।
गे-लुसाक (दाब) नियम (V स्थिर)
P ∝ T। बंद डिब्बा गर्म करो तो दाब बढ़ता है।
आवोगाद्रो का नियम
समान P और T पर सभी गैसों के बराबर आयतन में बराबर संख्या में अणु होते हैं। इसलिए V ∝ n।
आदर्श गैस समीकरण PV = nRT
नियमों को जोड़ो: V ∝ nT/P। एक नियतांक R लगाओ तो
PV = nRT
R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹ सार्वत्रिक गैस नियतांक है। यह हर गैस के लिए एक ही है।
अणुओं की संख्या N = n NA से दूसरा रूप: PV = N kB T, जहाँ kB = R/NA = 1.38 × 10⁻²³ J/K बोल्ट्ज़मान नियतांक है।
घनत्व ρ और मोलर द्रव्यमान M से: P = ρRT/M।
जो गैस हर P और T पर PV = nRT को ठीक-ठीक माने, वह आदर्श (परिपूर्ण) गैस है। असली गैसें कम दाब और ऊँचे ताप पर इसके क़रीब होती हैं।
आवोगाद्रो संख्या और मोल
किसी भी चीज़ के एक मोल में NA = 6.022 × 10²³ कण होते हैं। यही आवोगाद्रो संख्या है।
- मोल की संख्या n = N/NA = (ग्राम में द्रव्यमान)/(मोलर द्रव्यमान)।
- STP (273 K, 1 atm) पर किसी भी आदर्श गैस का एक मोल लगभग 22.4 L घेरता है।
- 22.4 L हाइड्रोजन और 22.4 L ऑक्सीजन में बराबर 6.022 × 10²³ अणु हैं, भले ऑक्सीजन 16 गुना भारी है।
गैस को संपीडित करने (दबाने) में कार्य
क्षेत्रफल A वाला पिस्टन गैस के दाब P के विरुद्ध छोटी दूरी Δx अंदर जाए, तो बल F = PA और कार्य F Δx = P A Δx = P ΔV। सारे छोटे टुकड़े जोड़ो:
W = ∫ P dV = P–V ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल।
स्थिर दाब पर
W = P (V₁ − V₂)।
स्थिर ताप पर (समतापी)
यहाँ P = nRT/V बदलता रहता है। जोड़ने पर
गैस पर कार्य = nRT ln(V₁/V₂) = 2.303 nRT log₁₀(V₁/V₂)
चिह्न: गैस फैले तो गैस द्वारा कार्य धनात्मक; गैस को दबाओ तो गैस का कार्य ऋणात्मक और आपके द्वारा गैस पर कार्य धनात्मक।
करके देखो: 3D में और घर पर
- 3D में: T = 300 K, V = 25 L रखो। सोचो आयतन आधा करने पर P कितना होगा। फिर स्लाइडर खिसकाकर जाँचो। फिर T दोगुना करो और P दोगुना होता देखो।
- घर पर: बिना सुई की प्लास्टिक सिरिंज का मुँह उँगली से बंद करो और प्लंजर दबाओ। हवा जितनी दबेगी, उतना ज़्यादा पीछे धकेलेगी। थोड़ा फूला गुब्बारा 20 मिनट फ्रिज में रखो: वह सिकुड़ जाता है (चार्ल्स का नियम)।
बोर्ड परीक्षा के लिए ज़रूरी
- PV = nRT लगाने से पहले °C को K में और लीटर को m³ में बदलो।
- दोनों रूप याद रखो: PV = nRT और PV = N kB T; kB = R/NA।
- समतापी कार्य: W = 2.303 nRT log(V₁/V₂)। क्षेत्रफल वाला विचार याद रखो।
- P–V ग्राफ़: बॉयल का ग्राफ़ अतिपरवलय; आदर्श गैस के लिए PV बनाम P एक क्षैतिज रेखा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- PV = nRT
- PV = N k_B T, k_B = R/N_A = 1.38 × 10⁻²³ J/K
- R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹
- N_A = 6.022 × 10²³ mol⁻¹
- P = ρRT/M
- बॉयल: P₁V₁ = P₂V₂ (T स्थिर)
- चार्ल्स: V₁/T₁ = V₂/T₂ (P स्थिर)
- P₁V₁/T₁ = P₂V₂/T₂
- W = ∫P dV; समतापी W = nRT ln(V₁/V₂)
हल किए गए उदाहरण
1. एक गैस 2 atm पर 6 L घेरती है। उसी ताप पर उसे 3 L तक दबाया गया। नया दाब निकालो।
चरण 1: T स्थिर है, बॉयल: P₁V₁ = P₂V₂। चरण 2: 2 × 6 = P₂ × 3। चरण 3: P₂ = 12/3। उत्तर: P₂ = 4 atm।
2. एक गुब्बारे में 27 °C पर 2.0 L हवा है। उसी दाब पर उसे 177 °C तक गर्म किया। नया आयतन?
चरण 1: केल्विन में: T₁ = 300 K, T₂ = 450 K। चरण 2: चार्ल्स: V₂ = 2.0 × 450/300। उत्तर: V₂ = 3.0 L।
3. 8 g ऑक्सीजन (O₂, M = 32 g/mol) में कितने अणु हैं?
चरण 1: n = 8/32 = 0.25 mol। चरण 2: N = n N_A = 0.25 × 6.022 × 10²³। उत्तर: N ≈ 1.51 × 10²³ अणु।
4. 0.05 m³ के बर्तन में 300 K पर 2 mol आदर्श गैस का दाब निकालो। (R = 8.31 J/mol K)
चरण 1: P = nRT/V। चरण 2: P = 2 × 8.31 × 300 / 0.05 = 4986 / 0.05। उत्तर: P ≈ 9.97 × 10⁴ Pa (लगभग 1 atm)।
5. टायर में 27 °C पर हवा का दाब 2.0 × 10⁵ Pa है। यात्रा के बाद हवा 57 °C की हो गई, आयतन वही। नया दाब?
चरण 1: V स्थिर, इसलिए P/T स्थिर। चरण 2: T₁ = 300 K, T₂ = 330 K। चरण 3: P₂ = 2.0 × 10⁵ × 330/300। उत्तर: P₂ = 2.2 × 10⁵ Pa।
6. 1.0 × 10⁵ Pa और 280 K पर नाइट्रोजन (M = 28 g/mol) का घनत्व निकालो।
चरण 1: ρ = PM/(RT)। चरण 2: M = 0.028 kg/mol। चरण 3: ρ = 1.0 × 10⁵ × 0.028 / (8.31 × 280) = 2800 / 2326.8। उत्तर: ρ ≈ 1.20 kg/m³।
7. 300 K पर 1 mol आदर्श गैस को स्थिर ताप पर धीरे-धीरे 20 L से 10 L तक दबाया गया। गैस पर किया गया कार्य? (ln 2 = 0.693)
चरण 1: समतापी, इसलिए गैस पर कार्य = nRT ln(V₁/V₂)। चरण 2: = 1 × 8.314 × 300 × ln 2। चरण 3: = 2494.2 × 0.693। उत्तर: W ≈ 1.73 × 10³ J गैस पर (गैस का कार्य −1.73 kJ)।
8. 1.0 × 10⁵ Pa के स्थिर दाब पर गैस को 3.0 L से 1.0 L तक दबाया गया। गैस पर कार्य?
चरण 1: W = P (V₁ − V₂)। चरण 2: ΔV = 2.0 L = 2.0 × 10⁻³ m³। चरण 3: W = 1.0 × 10⁵ × 2.0 × 10⁻³। उत्तर: W = 200 J।
आम गलतियाँ
- PV = nRT या चार्ल्स नियम में °C लगा देना। हमेशा 273 जोड़कर केल्विन लो।
- लीटर को सीधे SI सूत्र में रख देना। 1 L = 10⁻³ m³।
- R (प्रति मोल) और k_B (प्रति अणु) में गड़बड़: PV = nRT लेकिन PV = N k_B T।
- कार्य का चिह्न भूलना: गैस को दबाने पर उस पर कार्य होता है, गैस का अपना कार्य ऋणात्मक होता है।