Ontario Grade 12 NDW4M Contemporary Indigenous Issues and Perspectives in a Global Context (Grade 12, University/College Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Political Inquiry and Skill Development
A1 Political Inquiry · A2 Developing Transferable Skills
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
2. B. Indigenous Peoples and Perspectives
B1 Diversity and Identity · B2 Connections to the Land · B3 Indigenous Knowledge and Oral Traditions
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
- गति: दूरी, चाल, वेग, त्वरण और ग्राफ़ – जब किसी चीज़ की जगह समय के साथ बदलती है, तो वह गति में है। दूरी पूरे रास्ते की लंबाई है (अदिश); विस्थापन शुरू से आख़िर तक की सीधी दूरी है, दिशा के साथ (सदिश)। चाल = दूरी ÷ समय; वेग = विस्थापन ÷ समय। त्वरण = वेग में बदलाव ÷ समय। s–t ग्राफ़ का ढाल वेग देता है, v–t ग्राफ़ का ढाल त्वरण, और v–t ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल दूरी। एकसमान त्वरण के लिए: v = u + at, s = ut + ½at², v² = u² + 2as।
3. C. Global Trends and Cultural Survival
C1 Economic, Social, and Technological Trends · C2 Human Rights, Social Justice, and Cultural Survival · C3 Political Trends and Power Relations · C4 The Concept of Self-Determination
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
- मानव अधिकार: अर्थ, इतिहास, प्रकार और संरक्षण – मानव अधिकार वे मूल स्वतंत्रताएँ और सुरक्षाएँ हैं जो हर व्यक्ति को मनुष्य होने के कारण मिलती हैं। ये सार्वभौमिक, अविच्छेद्य, अविभाज्य और गरिमा पर आधारित हैं। मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948) ने सबके लिए एक साझा मानक बनाया, जिसे बाद में संधियों से बाध्यकारी बनाया गया। संविधान, न्यायालय, आयोग, संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज इनकी रक्षा करते हैं, और केवल दूसरों की रक्षा के लिए बने उचित क़ानून ही इन्हें सीमित कर सकते हैं।
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
4. D. Legal, Political, and Social Action
D1 International and Regional Law · D2 National Legislative and Judicial Action · D3 Education and Capacity Building · D4 Social Action and Global Leadership
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
- नेतृत्व और प्रबंधन: लोग, टीम और बदलाव को कैसे संभालें – प्रबंधन योजना, संगठन, स्टाफ़िंग, निर्देशन और नियंत्रण से काम करवाता है। नेतृत्व लोगों को साझा लक्ष्य के लिए प्रेरित करता है। नेता लोगों और काम के अनुसार शैली चुनते हैं, संवाद और ईमानदारी जैसे गुण बनाते हैं, टीम को उसके चरणों से गुज़ारते हैं, समय-सारणी से परियोजना चलाते हैं, सही ढंग से काम सौंपते हैं और लोगों को बदलाव अपनाने में मदद करते हैं।