कनाडा के मूल निवासी कौन हैं?
मूल निवासी (Indigenous) यानी "किसी जगह के पहले लोग"। कनाडा का संविधान तीन समूह मानता है:
- फ़र्स्ट नेशंस: 600 से ज़्यादा समुदाय, जैसे क्री, अनिशिनाबे (ओजिब्वे), हौडेनोसौनी (मोहॉक आदि), मिकमाक और हाइडा। लगभग 10 लाख लोग।
- इनुइट: आर्कटिक (उत्तरी ध्रुव क्षेत्र) के लोग। लगभग 70,000 लोग। भाषा: इनुक्टुट।
- मेटिस: फ़र व्यापार के समय फ़र्स्ट नेशंस और यूरोपीय (अक्सर फ़्रांसीसी और स्कॉटिश) परिवारों से बना एक अलग समुदाय, अपनी भाषा मिचिफ़ और संस्कृति के साथ। लगभग 6 लाख लोग।
2021 की जनगणना में ये कुल लगभग 18 लाख थे (कनाडा का 5%), और यह आबादी युवा है और बढ़ रही है। 70 से ज़्यादा मूल भाषाएँ बोली जाती हैं।
सम्मान वाले शब्द
जहाँ हो सके, वह नाम लो जो कोई राष्ट्र ख़ुद के लिए लेता है (जैसे "अनिशिनाबे")। "Indigenous peoples" (बहुवचन) बताता है कि राष्ट्र कई हैं। पुराना शब्द "इंडियन" अब सिर्फ़ कानूनी नामों (जैसे इंडियन एक्ट) में बचा है। इनुइट के लिए "एस्किमो" शब्द नहीं लिया जाता।
संपर्क से पहले का जीवन (1500 से पहले)
यूरोपीय लोगों के आने से पहले यहाँ कई राष्ट्र थे, हर एक अपने पर्यावरण के हिसाब से जीता था:
- प्रशांत तट पर (हाइडा, क्वाक्वाकावाक्व): देवदार की लकड़ी के घर, टोटम खंभे, सैल्मन मछली, पॉटलैच भोज।
- घास के मैदानों में (ब्लैकफ़ुट, प्लेन्स क्री): बाइसन के झुंडों के पीछे चलना।
- बड़ी झीलों के पास (हौडेनोसौनी, ह्यूरॉन-वेंडाट): "तीन बहनें" (मक्का, फली, कद्दू) की खेती और लंबे घर (longhouse)।
- आर्कटिक में (इनुइट और उनके पूर्वज): सील और कैरिबू का शिकार, बर्फ़ के घर और कयाक नाव।
राष्ट्रों की अपनी सरकारें और कानून थे। हौडेनोसौनी संघ ने "शांति के महान नियम" से पाँच (बाद में छह) राष्ट्रों को जोड़ा; कुल की माताएँ (clan mothers) मुखिया चुनती थीं। दूर-दूर तक व्यापार चलता था: ताँबा, सीपियाँ, पत्थर के औज़ार। ज्ञान मौखिक इतिहास, समारोहों और वैम्पम पट्टियों से आगे बढ़ता था।
संपर्क, फ़र व्यापार और संधियाँ (1500–1921)
1500 के दशक से यूरोपीय मछुआरे और व्यापारी आए। फ़र व्यापार में मूल निवासी रास्ता दिखाने वाले, शिकारी और साझेदार थे; यूरोपीय उनके ज्ञान के बिना जी नहीं पाते। पर चेचक जैसी नई बीमारियों से बहुत लोग मरे, और व्यापार पर लड़ाइयाँ भी बढ़ीं।
संधियाँ राष्ट्रों के बीच समझौते थीं:
- टू रो वैम्पम (हौडेनोसौनी परंपरा, 1613): सफ़ेद पट्टी पर दो बैंगनी पंक्तियाँ = दो लोग अपनी-अपनी नाव में साथ-साथ चलते हैं, शांति और सम्मान से, कोई दूसरे की नाव नहीं चलाता।
- शाही उद्घोषणा, 1763: ब्रिटेन ने कहा कि मूल निवासियों की ज़मीन सिर्फ़ राजसत्ता (Crown) संधि से ले सकती है। नियाग्रा की संधि (1764) ने इसे कई राष्ट्रों के साथ पक्का किया।
- क्रमांकित संधियाँ 1–11 (1871–1921): मैदानों और उत्तर में ज़मीन बाँटी गई; बदले में आरक्षित भूमि (reserve), भुगतान, स्कूल और शिकार के अधिकार। मूल नेताओं ने इन्हें ज़मीन साझा करने का पवित्र वादा माना; सरकार ने अक्सर इन्हें ज़मीन की बिक्री माना और कई वादे पूरे नहीं किए।
1869–70 और 1885 में लुई रियेल के नेतृत्व में मेटिस ने विरोध किया, जब उनकी ज़मीन और अधिकारों को अनदेखा किया गया (रेड रिवर और उत्तर-पश्चिम प्रतिरोध)।
इंडियन एक्ट और आवासीय स्कूल (1876–1996)
इंडियन एक्ट (1876) ने फ़र्स्ट नेशंस को सरकार के कड़े नियंत्रण में डाल दिया। इसने तय किया कि "इंडियन स्टेटस" किसके पास होगा, कई पारंपरिक सरकारों की जगह चुनी हुई बैंड परिषदें बनाईं, और आरक्षित ज़मीन के उपयोग पर रोक लगाई। कुछ हिस्सों ने समारोहों पर पाबंदी लगाई (जैसे पॉटलैच, 1884–1951) और रिज़र्व से बाहर जाने के लिए पास ज़रूरी किया।
मक़सद था आत्मसातीकरण (assimilation): मूल लोगों से उनकी संस्कृति छुड़वाना। सबसे कठोर तरीका था आवासीय स्कूल व्यवस्था (लगभग 1883–1996)। लगभग 1,50,000 बच्चों को परिवारों से अलग किया गया। कई को अपनी भाषा बोलने पर सज़ा मिली, और हज़ारों की मौत हुई। यह नुकसान पीढ़ियों तक चला: भाषाएँ खोईं, परिवार टूटे, गहरा मानसिक आघात रहा।
फिर भी मूल निवासियों ने कनाडा की बहादुरी से सेवा की: हज़ारों ने दोनों विश्व युद्धों में भाग लिया (जैसे पहले युद्ध में स्नाइपर फ़्रांसिस पेगामागाबो और दूसरे में क्री कोड-टॉकर्स), फिर भी लौटने पर उन्हें दूसरे सैनिकों से कम अधिकार मिले।
अधिकार, स्वशासन और सुलह (1960–आज)
- 1960: फ़र्स्ट नेशंस को स्टेटस खोए बिना संघीय वोट का अधिकार।
- 1969–70: स्टेटस ख़त्म करने वाली सरकार की "व्हाइट पेपर" योजना, मूल नेताओं के "रेड पेपर" (Citizens Plus) के विरोध से रुकी।
- 1973 काल्डर मामला: सुप्रीम कोर्ट ने माना कि उपनिवेशों से पहले मूल निवासियों का भूमि-स्वामित्व था। आधुनिक भूमि दावे शुरू हुए।
- 1982 धारा 35: संविधान ने इंडियन, इनुइट और मेटिस लोगों के मूल और संधि अधिकारों को मान्यता और पुष्टि दी।
- 1990: कानेसताके (ओका) भूमि विवाद, फिर एक शाही आयोग (रिपोर्ट 1996)।
- 1999: नुनावुत बना, इनुइट बहुमत वाला क्षेत्र। 2000: निसगा संधि, स्वशासन वाली आधुनिक संधि।
- 2008: आवासीय स्कूलों के लिए सरकारी माफ़ी; सत्य और सुलह आयोग (TRC, 2008–2015) ने पीड़ितों को सुना और 94 कार्य-आह्वान दिए।
- 2021: मूल निवासियों के अधिकारों पर UN घोषणा को लागू करने का कानून; 30 सितंबर राष्ट्रीय दिवस बना।
शासन के दो रूप
आज कई समुदायों में बैंड परिषद (इंडियन एक्ट से) भी है और पारंपरिक सरकार (वंशानुगत मुखिया, कुल की माताएँ) भी। स्वशासन समझौतों से राष्ट्र अपने स्कूल, स्वास्थ्य और ज़मीन ख़ुद चलाते हैं। राष्ट्रीय संगठन: असेंबली ऑफ़ फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट तापिरीट कनातामी, मेटिस नेशनल काउंसिल।
मूल निवासियों की आवाज़, योगदान और करके देखो
मूल निवासी आज कनाडा को आकार देते हैं: थॉमस किंग और रिचर्ड वागामीज़ जैसे लेखक, नॉर्वल मॉरिसो जैसे कलाकार, इनुइट कंठ-गायक, और मूल निवासियों का TV चैनल APTN (1999 से)। मूल ज्ञान ज़मीन की देखभाल, मछली पकड़ने के नियम और जलवायु शोध में मदद करता है। मूल समुदायों का अपना पर्यटन संस्कृति को सम्मान से साझा कर सकता है; पवित्र डिज़ाइनों की नकल या नकली "मूल" हस्तशिल्प बेचना सांस्कृतिक दुरुपयोग (cultural appropriation) है।
करके देखो
- 3D में चरण 6 खोलो, 1876 पर जाओ, फिर 1982 पर। एक वाक्य लिखो कि इन दो सालों के बीच जीवन कैसे बदला।
- अपनी टू रो पट्टी बनाओ: दो रेखाएँ, उन दो समूहों के लिए जो आपके जीवन में एक जगह साझा करते हैं (जैसे एक इमारत के दो परिवार)। लिखो कि दोनों अपना तरीका रखते हुए शांति से कैसे रह सकते हैं।
- अपने पास की किसी नदी या कस्बे का मूल (आदिवासी) नाम पता करो, कनाडा में या भारत में।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मूल निवासी (संविधान धारा 35): फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट, मेटिस
- संधि (Treaty): राष्ट्रों के बीच औपचारिक समझौता, अक्सर ज़मीन साझा करने पर
- रिज़र्व (आरक्षित भूमि): इंडियन एक्ट या संधि के तहत किसी फ़र्स्ट नेशन के लिए अलग रखी ज़मीन
- आत्मसातीकरण (Assimilation): किसी समूह से ज़बरदस्ती उसकी संस्कृति छुड़वाकर बहुमत जैसा बनाना
- आवासीय स्कूल: सरकारी पैसे से, चर्च द्वारा चलाए गए छात्रावास स्कूल, लगभग 1883–1996
- मूल भूमि-स्वामित्व (Aboriginal title): उपनिवेश से पहले इस्तेमाल की गई ज़मीन पर लोगों का अधिकार
- स्वशासन (Self-government): राष्ट्र अपने काम (स्कूल, स्वास्थ्य, ज़मीन) ख़ुद चलाए
- सुलह (Reconciliation): सच, माफ़ी और काम से रिश्ते सुधारना
हल किए गए उदाहरण
1. कनाडा के संविधान में माने गए तीन मूल समूहों के नाम लिखो और हर एक के बारे में एक तथ्य।
फ़र्स्ट नेशंस: 600 से ज़्यादा समुदाय, जैसे क्री और हौडेनोसौनी। इनुइट: आर्कटिक के लोग, भाषा इनुक्टुट। मेटिस: फ़र्स्ट नेशंस और यूरोपीय जड़ों वाला एक अलग समुदाय, भाषा मिचिफ़।
2. मूल नेता और सरकार क्रमांकित संधियों को अक्सर अलग-अलग क्यों समझते हैं?
मूल नेताओं ने बातचीत और समारोहों के आधार पर इन्हें ज़मीन साझा करने और साथ रहने का पवित्र वादा समझा। लिखे हुए अंग्रेज़ी पाठ में ज़मीन 'सौंपने' (surrender) की बात थी। इस अंतर के कारण, और क्योंकि कई वादे (भोजन, स्कूल, दवा) पूरे नहीं हुए, संधि अधिकारों पर आज भी अदालतों में बहस होती है।
3. आवासीय स्कूलों के लिए कारण → परिणाम शृंखला बनाओ।
कारण: इंडियन एक्ट के तहत सरकार की आत्मसातीकरण नीति। → घटना: बच्चों को परिवार से अलग किया गया और अपनी भाषा बोलने से रोका गया। → परिणाम: भाषा और संस्कृति का नुकसान, पीढ़ियों तक चला आघात। → जवाब: पीड़ितों की गवाही, 2008 की माफ़ी, TRC और उसके 94 कार्य-आह्वान।
आम गलतियाँ
- सभी मूल निवासियों को एक ही समूह मानना। अलग-अलग भाषाओं, कानूनों और इतिहास वाले कई राष्ट्र हैं।
- यह सोचना कि मूल इतिहास यूरोपीय संपर्क से शुरू हुआ। लोग यहाँ 10,000 साल से ज़्यादा से अपनी सरकारों और व्यापार के साथ रहते थे।
- संधियों को सिर्फ़ ज़मीन की बिक्री कहना। कई राष्ट्रों ने इन्हें ज़मीन साझा करने का समझौता माना, जिसमें दोनों ओर वादे थे।
- मानना कि आवासीय स्कूल बहुत पुरानी बात है। आख़िरी स्कूल 1996 में बंद हुआ, और कई पीड़ित और उनके परिवार आज भी हैं।