Ontario Grade 11 NBV3E World Views and Aspirations of First Nations, Métis, and Inuit Communities in Canada (Grade 11, Workplace Preparation)
अध्याय: 4
1. A. Research and Inquiry Skills
A1 Exploring · A2 Investigating · A3 Processing Information · A4 Communicating and Reflecting
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
- फ़र्स्ट नेशंस, मेटीस और इनुइट लोगों की विश्व-दृष्टि और आकांक्षाएँ – विश्व-दृष्टि (world view) वह विश्वास और मूल्य हैं जिनसे कोई समूह दुनिया को देखता है: धरती और प्रकृति, रिश्ते, ज्ञान, मूल्य, और आत्मा व समय के बारे में विचार। कई मूल निवासी (Indigenous) विश्व-दृष्टियों में कुछ बातें साझा हैं: सब जीवों का आपस में जुड़ा होना, धरती-पानी का सम्मान, बड़ों (Elders) से मौखिक परंपरा द्वारा सीखना, और आने वाली पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी। फिर भी फ़र्स्ट नेशंस, मेटीस और इनुइट तीन अलग लोग हैं, जिनकी कई भाषाएँ और परंपराएँ हैं। आज उनकी आकांक्षाएँ हैं: स्व-शासन, भाषा को फिर जीवित करना, धरती-पानी के अधिकार, अपने स्कूल, अच्छी सेहत और मेल-मिलाप।
2. B. Understanding and Respecting World Views and Cultural Diversity
B1 The Concept of World View · B2 First Nations, Métis, and Inuit World Views · B3 Cultural Awareness Skills and Strategies
- फ़र्स्ट नेशंस, मेटीस और इनुइट लोगों की विश्व-दृष्टि और आकांक्षाएँ – विश्व-दृष्टि (world view) वह विश्वास और मूल्य हैं जिनसे कोई समूह दुनिया को देखता है: धरती और प्रकृति, रिश्ते, ज्ञान, मूल्य, और आत्मा व समय के बारे में विचार। कई मूल निवासी (Indigenous) विश्व-दृष्टियों में कुछ बातें साझा हैं: सब जीवों का आपस में जुड़ा होना, धरती-पानी का सम्मान, बड़ों (Elders) से मौखिक परंपरा द्वारा सीखना, और आने वाली पीढ़ियों की ज़िम्मेदारी। फिर भी फ़र्स्ट नेशंस, मेटीस और इनुइट तीन अलग लोग हैं, जिनकी कई भाषाएँ और परंपराएँ हैं। आज उनकी आकांक्षाएँ हैं: स्व-शासन, भाषा को फिर जीवित करना, धरती-पानी के अधिकार, अपने स्कूल, अच्छी सेहत और मेल-मिलाप।
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
3. C. Colonization and Decolonization
C1 Colonialism and Colonization · C2 Decolonization, Resilience, and Social Change
- नागरिकशास्त्र और सरकार: नागरिक और सरकार मिलकर कैसे काम करते हैं – नागरिकशास्त्र (civics) यह सिखाता है कि लोग ख़ुद पर शासन कैसे करते हैं और नागरिक कैसे भाग लेते हैं। लोकतंत्र में शक्ति जनता की होती है, जो स्वतंत्र चुनाव में प्रतिनिधि चुनती है। सरकार के तीन अंग हैं: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका उन्हें लागू करती है और न्यायपालिका जाँचती है कि वे संविधान के अनुसार हों। ज़्यादातर देशों में सरकार के स्तर भी होते हैं: स्थानीय, राज्य या प्रांतीय, और राष्ट्रीय। क़ानून एक विचार से शुरू होकर विधेयक बनता है, बहस और मतदान के बाद स्वीकृत होता है। नागरिकों के अधिकार भी हैं और कर्तव्य भी। सक्रिय नागरिक जानकारी रखते हैं, वोट देते हैं, सेवा करते हैं और शांतिपूर्ण ढंग से बदलाव लाते हैं।
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।
4. D. Reclamation and Reconciliation
D1 Reclaiming Traditional Beliefs, Values, and Customs · D2 Truth, Reconciliation, and Renewal · D3 Aspirations and Social Action
- कनाडा के मूल निवासी: प्राचीन राष्ट्रों से सुलह तक – कनाडा का संविधान मूल निवासियों (Indigenous peoples) के तीन समूह मानता है: फ़र्स्ट नेशंस, इनुइट और मेटिस (2021 में लगभग 18 लाख लोग, आबादी का 5%)। वे इस ज़मीन पर 10,000 साल से ज़्यादा से रह रहे हैं, अपने राष्ट्रों, भाषाओं, कानूनों और व्यापार के साथ। 1500 के दशक में संपर्क के बाद फ़र व्यापार, गठबंधन और संधियाँ आईं (टू रो वैम्पम, 1763 की शाही उद्घोषणा, 1871–1921 की क्रमांकित संधियाँ)। इंडियन एक्ट (1876) और आवासीय स्कूलों (1883–1996) ने उन्हें आत्मसात करने की कोशिश की और गहरा नुकसान किया। 1960 के दशक से अधिकार वापस मिले: वोट (1960), काल्डर मामला (1973), संविधान की धारा 35 (1982), नुनावुत (1999), भूमि दावे और स्वशासन। सत्य और सुलह आयोग (2008–2015) ने 94 कार्य-आह्वान दिए। आज मूल निवासी राजनीति, कानून, कला, साहित्य और मीडिया में आगे हैं।