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मूल निवासियों का विस्थापन

यूरोपियों के आने से हज़ारों साल पहले से उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में मूल निवासी रहते थे। वे समूहों में रहते, शिकार करते, मछली पकड़ते और खेती करते थे, और ज़मीन को सबकी मानते थे। 1600 के दशक से यूरोपीय लोग पहले फ़र (खाल) के लिए और फिर ज़मीन के लिए आए। उत्तरी अमेरिका में संधियाँ तोड़कर और 1830 के बाद ज़बरदस्ती हटाकर मूल निवासियों को पश्चिम धकेला गया और छोटे आरक्षित क्षेत्रों (रिज़र्वेशन) में बंद किया गया। ऑस्ट्रेलिया में 1788 से ब्रिटिश बसावट ने ज़मीन को "किसी की नहीं" (टेरा न्यूलियस) माना; एबोरिजिनल लोगों की ज़मीन छिनी और कई बच्चे परिवारों से अलग किए गए। 20वीं सदी में कुछ अधिकार वापस मिले: अमेरिकी नागरिकता (1924), कनाडा के संविधान में अधिकार (1982), ऑस्ट्रेलिया में माबो फ़ैसला (1992) और सरकारी माफ़ी (2008)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यूरोपियों से पहले: मूल निवासी समूहों में रहते थे। वे शिकार करते, मछली पकड़ते, मक्का उगाते। ज़मीन सबकी थी, किसी एक की नहीं। सारी टाइलें हरी हैं।
  2. यूरोपीय जहाज़ आए। मूल निवासियों ने ऊदबिलाव (बीवर) की खाल दी और बदले में बंदूक, कंबल, लोहे के बर्तन लिए। यह फ़र व्यापार है।
  3. उत्तरी अमेरिका: बसने वाले पश्चिम की ओर बढ़े। संधियाँ टूटीं। 1830 के बाद पूरे-पूरे समूह ज़बरदस्ती हटाए गए। हरी टाइलें भूरी हो गईं।
  4. ऑस्ट्रेलिया: 1788 से ब्रिटिश लोग बसने लगे। उन्होंने ज़मीन को "किसी की नहीं" कहा। एबोरिजिनल लोगों की ज़मीन छिनी। कई बच्चे परिवारों से अलग किए गए।
  5. अधिकार वापस: अमेरिका में 1924 नागरिकता, कनाडा 1982, ऑस्ट्रेलिया में 1992 माबो फ़ैसला और 2008 माफ़ी। कुछ टाइलें हरी-नीली हुईं।
  6. अब तुम खेलो: साल का स्लाइडर चलाओ। देखो मूल निवासियों के पास कितनी ज़मीन बची (चित्र है, सटीक आँकड़ा नहीं)।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या मूल निवासियों में ज़मीन के मालिक होने का विचार था ही नहीं?

ज़मीन इस्तेमाल करने के हक़ थे, पर ज़मीन समूह की थी; कोई बेचता नहीं था। चरण 1 में सारी टाइलें एक जैसी हरी हैं।

मूल निवासियों ने शुरू में ख़ुशी से व्यापार क्यों किया?

उन्हें बंदूक और लोहे के औज़ार चाहिए थे, और वे व्यापार को दोस्ती मानते थे। चरण 2 में सामान का लेन-देन देखो।

संधियाँ थीं तो ज़मीन कैसे छिनी?

संधियाँ तोड़ी गईं और 1830 के रिमूवल एक्ट जैसे क़ानूनों से लोग हटाए गए। टाइलें पूरब से पश्चिम भूरी होती देखो।

ऑस्ट्रेलिया में क्या अलग था?

वहाँ टेरा न्यूलियस के नाम पर संधि ही नहीं हुई। टाइलें तट से अंदर की ओर भूरी होती हैं।

क्या मूल निवासियों को कुछ वापस मिला?

20वीं सदी से कुछ अधिकार और ज़मीन। हरी-नीली टाइलें देखो।

ज़्यादातर ज़मीन कब छिनी?

1800 के दशक में। स्लाइडर 1800 से 1900 तक चलाओ और हिस्सा घटते देखो।

मूल निवासी कौन हैं?

मूल निवासी (indigenous) का मतलब है किसी जगह के सबसे पहले लोग। उत्तरी अमेरिका में यूरोपियों ने उन्हें ग़लती से "इंडियन" कहा; आज उन्हें मूल अमेरिकी (Native Americans) या कनाडा में "फ़र्स्ट नेशंस" कहते हैं। ऑस्ट्रेलिया में वे एबोरिजिनल लोग हैं (aborigine = शुरुआत से)।

यूरोपियों से पहले मूल निवासियों का जीवन

उत्तरी अमेरिका में कई समूह नदियों के किनारे रहते थे। वे बाइसन और हिरण का शिकार करते, मछली पकड़ते और मक्का, सेम, कद्दू उगाते थे। उनके बड़े राज्य या लंबी किताबें नहीं थीं, पर ज़मीन, मौसम और पौधों का गहरा ज्ञान था। ज़मीन पूरे समूह की होती थी; कोई खेत का "मालिक" नहीं होता था। दोस्ती उपहार देकर दिखाई जाती थी और मनकों की पट्टी (वैम्पम) से समझौते याद रखे जाते थे।

ऑस्ट्रेलिया में एबोरिजिनल लोग सैकड़ों समूहों में रहते थे, हर समूह की अपनी भाषा थी। वे मौसम के साथ घूमते, हर जलस्रोत पहचानते और ज़मीन व पुरखों से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता रखते थे।

दोनों पक्ष एक-दूसरे को कैसे देखते थे

यूरोपियों ने मूल निवासियों को "असभ्य" कहा क्योंकि उनके पास शहर, कारखाने या पैसा नहीं था। मूल निवासियों को यूरोपीय चीज़ों के लालची लगे। दोनों ने एक-दूसरे को ग़लत समझा।

अमेरिका में यूरोपीय बसावट

1600 के दशक से फ़्रांसीसी, डच और ब्रिटिश व्यापारी फ़र, ख़ासकर ऊदबिलाव की खाल, के लिए आए; यूरोप में इसका फ़ैशन था। मूल निवासी इसके बदले बंदूक, लोहे के बर्तन, कपड़ा और शराब लेते थे। फिर खेती के लिए ज़मीन चाहने वाले बसने वाले आए। आज़ाद होने (1783) के बाद अमेरिका ने पश्चिम की ज़मीन ख़रीदी और छीनी। संधियाँ हुईं और तोड़ी गईं। 1830 के इंडियन रिमूवल एक्ट से चेरोकी जैसे समूहों को बहुत दूर पश्चिम पैदल जाना पड़ा; रास्ते में बहुत लोग मरे। सोने की खोज (कैलिफ़ोर्निया 1849) और रेलों से और लोग आए। 1890 तक ज़्यादातर मूल निवासी छोटे आरक्षित क्षेत्रों में सिमट गए। जिन भैंसों (बाइसन) पर वे निर्भर थे, वे लगभग ख़त्म कर दी गईं। कनाडा में भी ज़मीन छिनी।

ग़ुलामी और बाग़ान

दक्षिणी अमेरिका में छीनी गई ज़मीन पर कपास के बाग़ान बने, जिन पर 1865 तक अफ़्रीकी ग़ुलामों से काम कराया गया।

ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय बसावट

जेम्स कुक 1770 में पूर्वी तट पर पहुँचे। 1788 से ब्रिटेन ने लोग भेजे, शुरू में कई क़ैदी थे। अंग्रेज़ों ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया टेरा न्यूलियस है, यानी "किसी की ज़मीन नहीं", इसलिए बिना संधि के ज़मीन ले ली। एबोरिजिनल लोगों की ज़मीन और पानी के स्रोत छिने; नई बीमारियों और हिंसा से बहुत लोग मरे। 1800 के आख़िर से 1970 के दशक तक कई एबोरिजिनल बच्चों को परिवारों से अलग किया गया; इन्हें "चुराई गई पीढ़ियाँ" (Stolen Generations) कहते हैं। 1968 में विद्वान डब्ल्यू.ई.एच. स्टैनर ने इतिहास की किताबों में उनकी अनदेखी को "महान ऑस्ट्रेलियाई चुप्पी" कहा।

अधिकारों की वापसी

अमेरिका: 1924 में मूल निवासियों को नागरिकता; 1934 के इंडियन रीऑर्गनाइज़ेशन एक्ट से आरक्षित क्षेत्र ज़मीन ख़रीद और क़र्ज़ ले सकते थे; 1954 में उन्होंने "भारतीय अधिकारों की घोषणा" की। कनाडा: 1982 के संविधान ने मूल निवासियों के मौजूदा अधिकार माने। ऑस्ट्रेलिया: 1967 के मतदान से एबोरिजिनल लोगों को जनगणना में गिना जाने लगा; 1970 के दशक से बहुसंस्कृतिवाद की नीति; 1992 में हाई कोर्ट के माबो फ़ैसले ने टेरा न्यूलियस को ग़लत माना; 2008 में सरकार ने "चुराई गई पीढ़ियों" से औपचारिक माफ़ी माँगी।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. यूरोपीय पहले उत्तरी अमेरिका के जंगलों में क्यों आए और मूल निवासियों को क्या मिला?

ऊदबिलाव की खाल के लिए, जिसका यूरोप में फ़ैशन था। मूल निवासियों को बंदूक, लोहे के औज़ार, कपड़ा और शराब मिली। बाद में वे इन चीज़ों पर निर्भर हो गए।

2. ज़मीन को लेकर मूल निवासियों और बसने वालों की सोच में क्या अंतर था?

मूल निवासियों के लिए ज़मीन समूह की साझी थी और पुरखों से जुड़ी थी। बसने वालों के लिए ज़मीन निजी संपत्ति थी जिसे घेरा, ख़रीदा, बेचा जाता है। इसलिए बिना बाड़ वाली ज़मीन उन्हें ख़ाली लगी।

3. माबो फ़ैसला क्या था और क्यों ज़रूरी है?

1992 में ऑस्ट्रेलिया के हाई कोर्ट ने माना कि 1788 से पहले ज़मीन एबोरिजिनल लोगों की थी, और टेरा न्यूलियस को ग़लत ठहराया। इससे ज़मीन के दावों का रास्ता खुला।

4. उत्तरी अमेरिका में कारण → परिणाम की कड़ी बनाओ।

फ़र व्यापार → बसने वालों को खेती की ज़मीन चाहिए → संधियाँ टूटीं → 1830 का रिमूवल एक्ट → लंबी ज़बरदस्ती यात्राएँ → 1890 तक आरक्षित क्षेत्र।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. "टेरा न्यूलियस" का मतलब है:
2. उत्तरी अमेरिका में यूरोपीय व्यापारी मुख्य रूप से क्या चाहते थे?
3. इंडियन रिमूवल एक्ट कब बना?
4. ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश बसावट कब शुरू हुई?
5. माबो फ़ैसले (1992) ने किस विचार को ग़लत माना?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

"मूल निवासियों का विस्थापन" अध्याय किस बारे में है?

यूरोपियों ने उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में कैसे बसकर मूल निवासियों को उनकी ज़मीन से हटाया, मूल निवासी कैसे रहते थे, और उन्हें कुछ अधिकार कैसे वापस मिले।

टेरा न्यूलियस क्या है?

लैटिन शब्द, मतलब "किसी की ज़मीन नहीं"। अंग्रेज़ों ने इसी के सहारे बिना संधि ऑस्ट्रेलिया लिया; 1992 के माबो फ़ैसले ने इसे ग़लत माना।

"चुराई गई पीढ़ियाँ" कौन हैं?

वे एबोरिजिनल बच्चे जिन्हें 1800 के आख़िर से 1970 के दशक तक सरकारी नीति से परिवारों से अलग किया गया; ऑस्ट्रेलिया ने 2008 में माफ़ी माँगी।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11आधुनिकीकरण की ओर

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