मूल निवासी कौन हैं?
मूल निवासी (indigenous) का मतलब है किसी जगह के सबसे पहले लोग। उत्तरी अमेरिका में यूरोपियों ने उन्हें ग़लती से "इंडियन" कहा; आज उन्हें मूल अमेरिकी (Native Americans) या कनाडा में "फ़र्स्ट नेशंस" कहते हैं। ऑस्ट्रेलिया में वे एबोरिजिनल लोग हैं (aborigine = शुरुआत से)।
यूरोपियों से पहले मूल निवासियों का जीवन
उत्तरी अमेरिका में कई समूह नदियों के किनारे रहते थे। वे बाइसन और हिरण का शिकार करते, मछली पकड़ते और मक्का, सेम, कद्दू उगाते थे। उनके बड़े राज्य या लंबी किताबें नहीं थीं, पर ज़मीन, मौसम और पौधों का गहरा ज्ञान था। ज़मीन पूरे समूह की होती थी; कोई खेत का "मालिक" नहीं होता था। दोस्ती उपहार देकर दिखाई जाती थी और मनकों की पट्टी (वैम्पम) से समझौते याद रखे जाते थे।
ऑस्ट्रेलिया में एबोरिजिनल लोग सैकड़ों समूहों में रहते थे, हर समूह की अपनी भाषा थी। वे मौसम के साथ घूमते, हर जलस्रोत पहचानते और ज़मीन व पुरखों से गहरा आध्यात्मिक रिश्ता रखते थे।
दोनों पक्ष एक-दूसरे को कैसे देखते थे
यूरोपियों ने मूल निवासियों को "असभ्य" कहा क्योंकि उनके पास शहर, कारखाने या पैसा नहीं था। मूल निवासियों को यूरोपीय चीज़ों के लालची लगे। दोनों ने एक-दूसरे को ग़लत समझा।
अमेरिका में यूरोपीय बसावट
1600 के दशक से फ़्रांसीसी, डच और ब्रिटिश व्यापारी फ़र, ख़ासकर ऊदबिलाव की खाल, के लिए आए; यूरोप में इसका फ़ैशन था। मूल निवासी इसके बदले बंदूक, लोहे के बर्तन, कपड़ा और शराब लेते थे। फिर खेती के लिए ज़मीन चाहने वाले बसने वाले आए। आज़ाद होने (1783) के बाद अमेरिका ने पश्चिम की ज़मीन ख़रीदी और छीनी। संधियाँ हुईं और तोड़ी गईं। 1830 के इंडियन रिमूवल एक्ट से चेरोकी जैसे समूहों को बहुत दूर पश्चिम पैदल जाना पड़ा; रास्ते में बहुत लोग मरे। सोने की खोज (कैलिफ़ोर्निया 1849) और रेलों से और लोग आए। 1890 तक ज़्यादातर मूल निवासी छोटे आरक्षित क्षेत्रों में सिमट गए। जिन भैंसों (बाइसन) पर वे निर्भर थे, वे लगभग ख़त्म कर दी गईं। कनाडा में भी ज़मीन छिनी।
ग़ुलामी और बाग़ान
दक्षिणी अमेरिका में छीनी गई ज़मीन पर कपास के बाग़ान बने, जिन पर 1865 तक अफ़्रीकी ग़ुलामों से काम कराया गया।
ऑस्ट्रेलिया में यूरोपीय बसावट
जेम्स कुक 1770 में पूर्वी तट पर पहुँचे। 1788 से ब्रिटेन ने लोग भेजे, शुरू में कई क़ैदी थे। अंग्रेज़ों ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया टेरा न्यूलियस है, यानी "किसी की ज़मीन नहीं", इसलिए बिना संधि के ज़मीन ले ली। एबोरिजिनल लोगों की ज़मीन और पानी के स्रोत छिने; नई बीमारियों और हिंसा से बहुत लोग मरे। 1800 के आख़िर से 1970 के दशक तक कई एबोरिजिनल बच्चों को परिवारों से अलग किया गया; इन्हें "चुराई गई पीढ़ियाँ" (Stolen Generations) कहते हैं। 1968 में विद्वान डब्ल्यू.ई.एच. स्टैनर ने इतिहास की किताबों में उनकी अनदेखी को "महान ऑस्ट्रेलियाई चुप्पी" कहा।
अधिकारों की वापसी
अमेरिका: 1924 में मूल निवासियों को नागरिकता; 1934 के इंडियन रीऑर्गनाइज़ेशन एक्ट से आरक्षित क्षेत्र ज़मीन ख़रीद और क़र्ज़ ले सकते थे; 1954 में उन्होंने "भारतीय अधिकारों की घोषणा" की। कनाडा: 1982 के संविधान ने मूल निवासियों के मौजूदा अधिकार माने। ऑस्ट्रेलिया: 1967 के मतदान से एबोरिजिनल लोगों को जनगणना में गिना जाने लगा; 1970 के दशक से बहुसंस्कृतिवाद की नीति; 1992 में हाई कोर्ट के माबो फ़ैसले ने टेरा न्यूलियस को ग़लत माना; 2008 में सरकार ने "चुराई गई पीढ़ियों" से औपचारिक माफ़ी माँगी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मूल निवासी = किसी ज़मीन के पहले लोग
- वैम्पम = समझौता दर्ज करने वाली मनकों की पट्टी
- आरक्षित क्षेत्र (रिज़र्वेशन) = मूल निवासियों के लिए छोड़ी गई छोटी ज़मीन
- टेरा न्यूलियस = "किसी की ज़मीन नहीं"
- 1830 इंडियन रिमूवल एक्ट (अमेरिका)
- 1788 ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश बसावट शुरू
- 1924 अमेरिकी नागरिकता; 1982 कनाडा संविधान; 1992 माबो; 2008 माफ़ी
हल किए गए उदाहरण
1. यूरोपीय पहले उत्तरी अमेरिका के जंगलों में क्यों आए और मूल निवासियों को क्या मिला?
ऊदबिलाव की खाल के लिए, जिसका यूरोप में फ़ैशन था। मूल निवासियों को बंदूक, लोहे के औज़ार, कपड़ा और शराब मिली। बाद में वे इन चीज़ों पर निर्भर हो गए।
2. ज़मीन को लेकर मूल निवासियों और बसने वालों की सोच में क्या अंतर था?
मूल निवासियों के लिए ज़मीन समूह की साझी थी और पुरखों से जुड़ी थी। बसने वालों के लिए ज़मीन निजी संपत्ति थी जिसे घेरा, ख़रीदा, बेचा जाता है। इसलिए बिना बाड़ वाली ज़मीन उन्हें ख़ाली लगी।
3. माबो फ़ैसला क्या था और क्यों ज़रूरी है?
1992 में ऑस्ट्रेलिया के हाई कोर्ट ने माना कि 1788 से पहले ज़मीन एबोरिजिनल लोगों की थी, और टेरा न्यूलियस को ग़लत ठहराया। इससे ज़मीन के दावों का रास्ता खुला।
4. उत्तरी अमेरिका में कारण → परिणाम की कड़ी बनाओ।
फ़र व्यापार → बसने वालों को खेती की ज़मीन चाहिए → संधियाँ टूटीं → 1830 का रिमूवल एक्ट → लंबी ज़बरदस्ती यात्राएँ → 1890 तक आरक्षित क्षेत्र।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि कारखाने न होने से मूल निवासियों की कोई संस्कृति नहीं थी। उनके पास गहरा ज्ञान, नियम और आध्यात्मिक जीवन था।
- टेरा न्यूलियस (ऑस्ट्रेलिया) और रिमूवल एक्ट (अमेरिका) को मिला देना।
- यह मानना कि सभी एबोरिजिनल एक ही समूह और एक भाषा के थे। सैकड़ों समूह थे।
- यह सोचना कि अधिकार जल्दी वापस मिल गए। ज़्यादातर 20वीं सदी में मिले, और कई मुद्दे आज भी बाक़ी हैं।