समय में कालों का क्रम
समयरेखा एक रेखा है जिस पर घटनाएँ समय के क्रम में लगती हैं। पुरानी घटनाएँ बाएँ, नई घटनाएँ दाएँ।
ई.पू. और ईसवी
ईसवी (CE) यानी 'सामान्य युग'। ई.पू. (BCE) यानी 'सामान्य युग से पहले'। ई.पू. के साल 1 ईसवी की ओर घटते हैं। इसलिए 100 ई.पू., 27 ई.पू. से पुराना है। ईसवी के साल बढ़ते हैं। शून्य वर्ष नहीं होता।
शताब्दी
शताब्दी = 100 साल। पहली शताब्दी ईसवी = 1 से 100। तेरहवीं शताब्दी = 1201 से 1300। तरीका: सैकड़े वाले अंक में 1 जोड़ो। 1206 → 12 + 1 = 13वीं शताब्दी।
पंक्तियाँ क्यों?
एक रेखा पर कई जगहें नहीं आ सकतीं। इसलिए हर क्षेत्र की अलग पंक्ति बनाते हैं। फिर ऊपर से नीचे एक खड़ी लाइन पढ़कर देखते हैं कि एक ही समय पर अलग-अलग जगह क्या हुआ।
काल, सिर्फ़ तारीख़ नहीं
काल समय का एक हिस्सा है जिसका नाम होता है, जैसे 'रोमन साम्राज्य' या 'तांग वंश'। उसकी शुरुआत और अंत होता है। कुछ काल एक-दूसरे पर चढ़ते हैं: जैसे 800 ईसवी के आसपास अब्बासी और तांग दोनों राज कर रहे थे।
पंक्ति-दर-पंक्ति: कहाँ क्या हुआ
यूरोप और भूमध्य सागर
- लगभग 27 ई.पू.: ऑगस्टस पहला रोमन सम्राट बना।
- 312 ई.: सम्राट कॉन्स्टैन्टाइन ने ईसाई धर्म अपनाया। 330 ई.: कुस्तुंतुनिया नई राजधानी बनी।
- 476 ई.: पश्चिमी रोमन साम्राज्य ख़त्म। पूर्वी (बाइज़ेंटाइन) साम्राज्य 1453 तक चला।
- लगभग 800 ई. से: पश्चिमी यूरोप में सामंती समाज (सामंत, नाइट, किसान)। 800 में शार्लमेन का राज्याभिषेक।
- 1095 से: धर्मयुद्ध (क्रूसेड), यरुशलम को लेकर लड़ाइयाँ।
पश्चिम एशिया और उत्तर अफ़्रीका
- लगभग 610 ई.: पैग़ंबर मुहम्मद ने मक्का में उपदेश शुरू किया।
- 622 ई.: हिजरत (मदीना जाना), इस्लामी पंचांग का पहला साल।
- 661–750: उमय्यद ख़लीफ़ा (राजधानी दमिश्क)। 750–1258: अब्बासी ख़लीफ़ा (राजधानी बग़दाद), ज्ञान का केंद्र।
- 1258: मंगोलों ने बग़दाद जीता।
चीन और मध्य एशिया
- 206 ई.पू.–220 ई.: हान वंश, रेशम मार्ग बढ़ा।
- 618–907: तांग वंश। 960–1279: सुंग वंश (छपाई, कम्पास, काग़ज़ी मुद्रा)।
- 1206: चंगेज़ ख़ान ने मंगोलों को एक किया। 1271: कुबलई ख़ान ने चीन में युआन वंश शुरू किया।
दक्षिण एशिया
- लगभग पहली सदी ई.: उत्तर में कुषाण, दक्कन में सातवाहन; रोम से व्यापार।
- लगभग 320–550 ई.: गुप्त साम्राज्य।
- लगभग 850–1279: दक्षिण में चोल राज्य, समुद्र में ताक़तवर।
- 1206: दिल्ली सल्तनत शुरू।
बाकी दुनिया
अमेरिका में माया लोगों के नगर थे; पूर्वी अफ़्रीका के तट पर व्यापारिक नगर बढ़े। ये भी इसी दौर के हैं।
करके देखो: अपनी पंक्तियों वाली समयरेखा
काग़ज़ की लंबी पट्टी लो। एक रेखा खींचो। बाएँ 100 ई.पू., दाएँ 1300 ईसवी लिखो। हर 200 साल पर निशान लगाओ। अब पाँच पंक्तियाँ बनाओ: रोम, इस्लामी दुनिया, चीन, यूरोप, भारत। ऊपर की सूची से हर काल का रंगीन टुकड़ा बनाओ। फिर 800 ईसवी पर स्केल सीधा नीचे रखो और लिखो कि हर पंक्ति में कौन राज कर रहा था। 3D के छठे चरण के स्लाइडर से मिलान करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ई.पू. के साल घटते हैं, ईसवी के बढ़ते हैं; शून्य वर्ष नहीं
- ई.पू. और ईसवी तारीख़ के बीच के साल = ई.पू. वर्ष + ईसवी वर्ष − 1
- शताब्दी = सैकड़े का अंक + 1, जैसे 1206 → 13वीं शताब्दी
- 27 ई.पू. रोमन साम्राज्य शुरू; 476 ई. पश्चिमी साम्राज्य ख़त्म
- 622 ई. हिजरत; 750–1258 अब्बासी
- 1206: चंगेज़ ख़ान और दिल्ली सल्तनत
हल किए गए उदाहरण
1. कौन पुराना है: 100 ई.पू. या 27 ई.पू.?
ई.पू. के साल 1 ईसवी की ओर घटते हैं। बड़ा ई.पू. अंक यानी और पीछे। इसलिए 100 ई.पू. पुराना है।
2. 27 ई.पू. से 476 ई. तक कितने साल बीते?
एक तारीख़ ई.पू. है, दूसरी ईसवी, और शून्य वर्ष नहीं है। साल = 27 + 476 − 1 = 502 साल।
3. मंगोलों ने बग़दाद 1258 में जीता। यह कौन सी शताब्दी है?
1258 का सैकड़े वाला अंक 12 है। 1 जोड़ो। तो 13वीं शताब्दी ईसवी।
4. 800 ईसवी के आसपास अलग पंक्तियों की दो बातें बताओ।
800 पर खड़ी लाइन पढ़ो: बग़दाद में अब्बासी ख़लीफ़ा; चीन में तांग वंश; यूरोप में शार्लमेन का राज्याभिषेक; कुस्तुंतुनिया से पूर्वी रोमन साम्राज्य।
आम गलतियाँ
- सोचना कि 100 ई.पू., 27 ई.पू. के बाद आता है। ई.पू. के अंक समय आगे बढ़ने पर घटते हैं।
- ई.पू. से ईसवी गिनते समय शून्य वर्ष जोड़ देना। शून्य वर्ष नहीं है, इसलिए 1 घटाओ।
- 1206 को 12वीं शताब्दी कहना। यह 13वीं शताब्दी (1201–1300) है।
- सोचना कि 476 में पूरा रोमन साम्राज्य ख़त्म हुआ। सिर्फ़ पश्चिमी हिस्सा ख़त्म हुआ; पूर्वी 1453 तक चला।