रेखीय बनाम घूर्णी गति
स्थानांतरण में पिंड का हर बिंदु एक जैसा चलता है। स्थिर अक्ष के परितः घूर्णन में हर बिंदु अक्ष के चारों ओर वृत्त में चलता है, और सब बिंदु बराबर कोण घूमते हैं।
| रेखीय | घूर्णी |
|---|---|
| विस्थापन x | कोणीय विस्थापन θ (rad) |
| वेग v | कोणीय वेग ω (rad/s) |
| त्वरण a | कोणीय त्वरण α (rad/s²) |
| द्रव्यमान m | जड़त्व आघूर्ण I |
| बल F = ma | बल-आघूर्ण τ = Iα |
| संवेग p = mv | कोणीय संवेग L = Iω |
| KE = ½mv² | KE = ½Iω² |
| कार्य = Fs, शक्ति = Fv | कार्य = τθ, शक्ति = τω |
संबंध: v = rω, a_t = rα।
जड़त्व आघूर्ण
जड़त्व आघूर्ण (I) घूर्णी जड़त्व है: पिंड अपने घूमने में बदलाव का कितना विरोध करता है।
I = Σmᵢrᵢ² (ठोस पिंड के लिए I = ∫r² dm), जहाँ r हर कण की अक्ष से लंबवत दूरी है। मात्रक kg m², विमा [M L²]।
I निर्भर करता है: (1) द्रव्यमान पर, (2) द्रव्यमान अक्ष के चारों ओर कैसे फैला है, (3) कौन-सा अक्ष चुना। यह द्रव्यमान की तरह एक तय संख्या नहीं है। किसी कण की दूरी दोगुनी करो तो उसका हिस्सा चार गुना।
घूर्णी न्यूटन नियम: τ = Iα। बल-आघूर्ण वही, I बड़ा → α छोटा।
घूर्णन त्रिज्या
घूर्णन त्रिज्या k अक्ष से वह दूरी है जहाँ पूरा द्रव्यमान M (पतले वलय की तरह) रख दें तो जड़त्व आघूर्ण वही रहे।
I = Mk², इसलिए k = √(I/M)। मात्रक: मीटर।
यह वर्ग-माध्य-मूल दूरी है: k = √((m₁r₁² + m₂r₂² + …)/M)। n बराबर कणों के लिए k = √((r₁² + r₂² + … + rₙ²)/n)।
उदाहरण: वलय k = R, चकती k = R/√2, ठोस गोला k = √(2/5) R, छड़ (बीच से) k = L/√12।
सरल आकृतियों के जड़त्व आघूर्ण (बिना व्युत्पत्ति)
ये मान याद करो (M = द्रव्यमान, R = त्रिज्या, L = लंबाई)। पाठ्यक्रम में इनकी व्युत्पत्ति नहीं पूछी जाती।
| पिंड | अक्ष | I |
|---|---|---|
| पतला वलय | केंद्र से, तल के लंबवत | MR² |
| पतला वलय | कोई व्यास | ½MR² |
| एकसमान चकती | केंद्र से, तल के लंबवत | ½MR² |
| एकसमान चकती | कोई व्यास | ¼MR² |
| खोखला बेलन | अपना अक्ष | MR² |
| ठोस बेलन | अपना अक्ष | ½MR² |
| ठोस गोला | कोई व्यास | ⅖MR² |
| पतला गोलीय कोश | कोई व्यास | ⅔MR² |
| पतली छड़ | बीच से, छड़ के लंबवत | ML²/12 |
| पतली छड़ | एक सिरे से, लंबवत | ML²/3 |
नियम: जितना द्रव्यमान अक्ष से दूर, उतनी बड़ी भिन्न। वलय का सारा द्रव्यमान R पर है, इसलिए पूरा MR²।
घूर्णी गति के समीकरण
स्थिर अक्ष पर एकसमान कोणीय त्वरण α के लिए समीकरण रेखीय वाले जैसे ही हैं:
- ω = ω₀ + αt
- θ = ω₀t + ½αt²
- ω² = ω₀² + 2αθ
ω₀ आरंभिक कोणीय वेग है। हमेशा रेडियन लो: 1 चक्कर = 2π rad; n चक्कर/s का ω = 2πn rad/s; rpm ÷ 60 = चक्कर/s।
गतिकी: τ = Iα, कार्य W = τθ, शक्ति P = τω, घूर्णी KE = ½Iω²।
घर पर करके देखो
स्केल पर सिक्कों की दो बराबर गड्डियाँ चिपकाओ, पहले केंद्र से 2 cm पर, फिर दोनों सिरों पर। बीच से पकड़कर स्केल को आगे-पीछे मरोड़ो। पहले अंदाज़ा लगाओ कौन-सा कठिन है, फिर महसूस करो: दूर के सिक्के I बढ़ाते हैं। पेंसिल को बीच से और फिर सिरे से घुमाओ: सिरे से घुमाना कठिन है (ML²/3, ML²/12 का चार गुना)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- I = Σmᵢrᵢ², I = ∫r² dm (kg m²)
- I = Mk², k = √(I/M)
- वलय MR², चकती ½MR², ठोस गोला ⅖MR², कोश ⅔MR²
- छड़: ML²/12 (बीच), ML²/3 (सिरा)
- ω = ω₀ + αt
- θ = ω₀t + ½αt²
- ω² = ω₀² + 2αθ
- τ = Iα, L = Iω, KE = ½Iω², P = τω
- v = rω, a_t = rα
हल किए गए उदाहरण
1. हल्की छड़ के केंद्र से 0.5 m दोनों ओर 2-2 kg के द्रव्यमान हैं। केंद्र के परितः I?
I = Σmr² = 2 × 0.25 + 2 × 0.25 = 1 kg m²।
2. वही द्रव्यमान केंद्र से 1 m पर कर दिए। I कितने गुना हुआ?
I = 2 × 1 + 2 × 1 = 4 kg m²। दूरी दोगुनी, I चार गुना (r²)।
3. 2 kg, 0.3 m त्रिज्या की चकती अपने अक्ष पर घूमती है। I और k?
I = ½MR² = ½ × 2 × 0.09 = 0.09 kg m²। k = √(0.09/2) = 0.212 m (= R/√2)।
4. 1.2 m, 0.5 kg की पतली छड़ बीच से घूमती है। I? फिर एक सिरे से I?
बीच: ML²/12 = 0.5 × 1.44/12 = 0.06 kg m²। सिरा: ML²/3 = 0.24 kg m² (4 गुना)।
5. पंखा विराम से α = 2 rad/s² से चलता है। 5 s बाद ω और घूमा कोण?
ω = 2 × 5 = 10 rad/s। θ = ½ × 2 × 25 = 25 rad ≈ 4 चक्कर।
6. 1200 rpm पर घूमता पहिया ब्रेक से 20 s में एकसमान रुकता है। α और चक्कर?
ω₀ = 20 × 2π = 40π rad/s। α = −40π/20 = −2π rad/s² ≈ −6.28। θ = (ω₀ + 0)t/2 = 400π rad = 200 चक्कर।
7. ठोस गोले (M = 5 kg, R = 0.2 m) पर 6 N m बल-आघूर्ण लगा। α?
I = ⅖ × 5 × 0.04 = 0.08 kg m²। α = 6/0.08 = 75 rad/s²।
8. गतिपालक चक्र (I = 2 kg m²) 30 rad/s पर है। उसकी KE और 10 s में रोकने वाला स्थिर बल-आघूर्ण?
KE = ½ × 2 × 900 = 900 J। α = 30/10 = 3 rad/s², τ = Iα = 6 N m।
आम गलतियाँ
- τ = Iα में I की जगह द्रव्यमान लगाना, या I को द्रव्यमान जैसा तय मानना। अक्ष बदले तो I बदलता है।
- समीकरणों में rpm या चक्कर सीधे लगाना। पहले rad/s और रेडियन में बदलो।
- r को किसी बिंदु से दूरी लेना, जबकि अक्ष से लंबवत दूरी चाहिए।
- वलय (MR²) और चकती (½MR²), या छड़ बीच (ML²/12) और छड़ सिरा (ML²/3) में उलझना।