Poland Liceum ogólnokształcące, klasa I Physics
अध्याय: 3
1. Cross-cutting skills
Units, data and calculations · Experiments and scientific texts
- मात्रक और मापन (कक्षा 11) – मापना यानी किसी राशि की तुलना एक तय, सबके माने हुए परिमाण से करना। उस तय परिमाण को मात्रक (unit) कहते हैं। मापा गया मान = संख्या × मात्रक। आज पूरी दुनिया SI पद्धति चलाती है, जिसमें 7 मूल मात्रक हैं: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैन्डेला। बाकी सब मात्रक (जैसे न्यूटन, जूल) इन्हीं के गुणा-भाग से बने व्युत्पन्न मात्रक हैं। किलो (10³), मिली (10⁻³) जैसे पूर्वलग्न बड़ी-छोटी संख्याओं को आसान बनाते हैं।
- सार्थक अंक और मापन में त्रुटियाँ – कोई भी मापन पूरी तरह सही नहीं होता। सार्थक अंक = पक्के अंक + पहला अनिश्चित अंक। त्रुटि बताती है कि पाठ्यांक असली मान से कितना दूर हो सकता है: निरपेक्ष त्रुटि Δa, आपेक्षिक त्रुटि Δa/a और प्रतिशत त्रुटि (Δa/a) × 100. जोड़ या घटाने में निरपेक्ष त्रुटियाँ जुड़ती हैं। गुणा या भाग में प्रतिशत त्रुटियाँ जुड़ती हैं। घात n हो तो प्रतिशत त्रुटि n गुना।
2. Mechanics
Kinematics · Dynamics and energy · Experiments: mechanics
- सरल रेखा में गति (कक्षा 11) – गति बताने के लिए पहले संदर्भ तंत्र चुनते हैं: एक मूल बिंदु, एक दिशा और एक घड़ी। स्थिति x समय t के साथ बदलती है। वेग v = dx/dt, यानी x–t ग्राफ की ढाल; त्वरण a = dv/dt, यानी v–t ग्राफ की ढाल। v–t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन। a स्थिर हो तो: v = u + at, x = ut + ½at², v² = u² + 2as।
- जड़त्व, पहला नियम, संवेग, दूसरा नियम और आवेग – कोई वस्तु अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था तब तक नहीं बदलती जब तक उस पर कोई नेट बाहरी बल न लगे (पहला नियम)। बदलाव का यह विरोध जड़त्व है और द्रव्यमान इसका माप है। संवेग p = mv. संवेग बदलने की दर नेट बल के बराबर है: F = dp/dt, द्रव्यमान स्थिर हो तो F = ma (दूसरा नियम)। आवेग J = F × Δt = Δp; रुकने में ज़्यादा समय लगे तो बल कम लगता है।
- एक और दो विमाओं में प्रत्यास्थ और अप्रत्यास्थ संघट्ट – हर संघट्ट (टक्कर) में कुल संवेग संरक्षित रहता है (छोटी सी टक्कर में बाहरी बल नहीं)। प्रत्यास्थ संघट्ट में गतिज ऊर्जा भी संरक्षित रहती है। अप्रत्यास्थ में कुछ गतिज ऊर्जा ऊष्मा, ध्वनि या पिचकने में जाती है; वस्तुएँ चिपक जाएँ तो पूर्णतः अप्रत्यास्थ। 1D प्रत्यास्थ में (वस्तु 2 रुकी हो): v₁ = (m₁ − m₂)u₁/(m₁ + m₂), v₂ = 2m₁u₁/(m₁ + m₂)। 2D में x और y दोनों दिशाओं में अलग-अलग संवेग संरक्षित।
3. Gravitation and astronomy
Gravitation and orbits · Structure of the Universe
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम – ब्रह्मांड की हर वस्तु हर दूसरी वस्तु को अपनी ओर खींचती है। r दूरी पर रखे दो द्रव्यमानों m₁ और m₂ के बीच खिंचाव F = G m₁ m₂ / r² होता है। यह बल दोनों को मिलाने वाली रेखा पर लगता है। दोनों एक-दूसरे को बराबर और उलटी दिशा में खींचते हैं। G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m² kg⁻² हर जगह एक जैसा है, इसलिए इसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते हैं। कई द्रव्यमान एक वस्तु को खींचें तो बल सदिश की तरह जुड़ते हैं (अध्यारोपण)।