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सार्थक अंक और मापन में त्रुटियाँ

कोई भी मापन पूरी तरह सही नहीं होता। सार्थक अंक = पक्के अंक + पहला अनिश्चित अंक। त्रुटि बताती है कि पाठ्यांक असली मान से कितना दूर हो सकता है: निरपेक्ष त्रुटि Δa, आपेक्षिक त्रुटि Δa/a और प्रतिशत त्रुटि (Δa/a) × 100. जोड़ या घटाने में निरपेक्ष त्रुटियाँ जुड़ती हैं। गुणा या भाग में प्रतिशत त्रुटियाँ जुड़ती हैं। घात n हो तो प्रतिशत त्रुटि n गुना।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पेंसिल को सेंटीमीटर पैमाने पर रखो। वह 7.3 और 7.5 के निशानों के बीच खत्म होती है, इसलिए 7.4 cm लिखते हैं। 7 पक्का है, 4 हमारा अनुमान। दोनों सार्थक अंक हैं।
  2. अब टाइलों से सार्थक अंक गिनो। हरी टाइलें गिनी जाती हैं। आगे वाले धूसर शून्य बस दशमलव की जगह बताते हैं, वे नहीं गिने जाते।
  3. पूर्णांकन: 3.4567 के 3 सार्थक अंक रखो। हटने वाला पहला अंक देखो। वह 6 है, जो 5 या उससे बड़ा है, तो आखिरी रखा अंक 1 बढ़ेगा: 3.46.
  4. लोलक का समय 5 बार नापो। खंभे अलग-अलग ऊँचे हैं। लाल रेखा माध्य है। हर खंभा लाल रेखा से जितना दूर, वही उसकी निरपेक्ष त्रुटि। माध्य निरपेक्ष त्रुटि = 0.11 s.
  5. प्लेट का क्षेत्रफल निकालो: A = L × B. हर भुजा में ±0.1 cm की त्रुटि है। नारंगी किनारा शक दिखाता है। गुणा में प्रतिशत त्रुटियाँ जुड़ जाती हैं।
  6. अब तुम्हारी बारी। कोई संख्या चुनो और हरी टाइलें गिनो। L और B बदलो और क्षेत्रफल की प्रतिशत त्रुटि देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

अनुमान वाला अंक रखें ही क्यों?

वह भी जानकारी देता है: 7.4 cm बताता है कि सिरा 7.3 और 7.5 के बीच है, जो सिर्फ़ 7 cm से बेहतर है। इसलिए एक अनिश्चित अंक रखते हैं, ज़्यादा नहीं।

0.052 में 4 सार्थक अंक क्यों नहीं?

इसे 5.2 × 10⁻² लिखो। आगे के शून्य गायब हो जाते हैं; वे बस दशमलव की जगह बता रहे थे।

2.300 के शून्य गिने जाते हैं, 2300 के क्यों नहीं?

दशमलव बताता है कि वे शून्य नापे गए। 2300 में पता नहीं चलता, इसलिए नापे हों तो 2.300 × 10³ लिखो।

हटने वाला अंक 5 या ज़्यादा हो तो 1 क्यों जोड़ते हैं?

3.4567, 3.45 की बजाय 3.46 के ज़्यादा पास है, इसलिए ऊपर करने से उत्तर असली मान के सबसे पास रहता है।

दो पाठ्यांक घटाने पर त्रुटियाँ क्यों जुड़ती हैं?

हर पाठ्यांक किसी भी तरफ़ गलत हो सकता है। सबसे बुरी हालत में दोनों शक जुड़ जाते हैं, इसलिए अधिकतम त्रुटि ΔA + ΔB.

गुणा में प्रतिशत त्रुटि क्यों लेते हैं?

L में 2% त्रुटि हो तो क्षेत्रफल भी 2% गलत होगा, चाहे आकार कुछ भी हो। इसलिए प्रतिशत जुड़ते हैं, निरपेक्ष त्रुटियाँ नहीं।

सार्थक अंक: जिन अंकों पर भरोसा है

मापी गई संख्या बताती है कि यंत्र कितना बारीक है। सार्थक अंक = सारे पक्के अंक + पहला अनिश्चित अंक।

गिनने के नियम

  1. सारे शून्येतर अंक सार्थक। 2.47 में 3.
  2. दो शून्येतर अंकों के बीच के शून्य सार्थक। 1.05 में 3.
  3. शुरू के शून्य (पहले शून्येतर अंक से पहले) कभी सार्थक नहीं। 0.0052 में 2.
  4. आखिर के शून्य सिर्फ़ तब सार्थक जब दशमलव हो। 2.300 में 4. 2300 साफ़ नहीं; 2.3 × 10³ (2) या 2.300 × 10³ (4) लिखो।
  5. a × 10ᵇ रूप में सिर्फ़ a के अंक गिनो। 10 की घात नहीं गिनी जाती।
  6. मात्रक बदलने से गिनती नहीं बदलती: 2.30 m = 230 cm = 0.00230 km, तीनों में 3.
  7. गिनी हुई या पक्की संख्याएँ (जैसे 2πr का 2) के अनगिनत सार्थक अंक माने जाते हैं।

पूर्णांकन और सार्थक अंकों के साथ गणित

पूर्णांकन (rounding off)

गुणा और भाग

उत्तर में उतने सार्थक अंक रखो जितने सबसे कम सार्थक अंक वाली संख्या में हैं। 4.237 g ÷ 2.51 cm³ = 1.688… → 1.69 g cm⁻³.

जोड़ और घटाव

उतने दशमलव स्थान रखो जितने सबसे कम दशमलव स्थान वाली संख्या में हैं। 436.32 + 227.2 + 0.301 = 663.821 → 663.8.

पूर्णांकन सिर्फ़ आखिरी उत्तर में करो, बीच के चरणों में नहीं।

अनिश्चितता: त्रुटियों के प्रकार

त्रुटि = मापा गया मान − असली मान। यह "गलती" नहीं, हर पाठ्यांक में रहने वाला शक है।

क्रमबद्ध त्रुटियाँ (systematic)

ये हर पाठ्यांक को एक ही तरफ़ धकेलती हैं (सब ज़्यादा या सब कम)। कारण: खराब यंत्र (स्क्रू गेज की शून्य त्रुटि), गलत विधि (हवा का घर्षण भूल जाना), या व्यक्तिगत आदत (पैमाने को हमेशा तिरछा देखना, यानी लंबन)। उपाय: कारण ढूँढो और सुधारो।

यादृच्छिक त्रुटियाँ (random)

ये बिना किसी पैटर्न के ऊपर-नीचे होती हैं, जैसे ताप का थोड़ा बदलना या तुम्हारी प्रतिक्रिया का समय। उपाय: कई पाठ्यांक लो और माध्य निकालो।

अल्पतमांक त्रुटि (least count)

यंत्र जो सबसे छोटा मान पढ़ सके, वह उसका अल्पतमांक है: मीटर पैमाना 1 mm, वर्नियर 0.01 cm, स्क्रू गेज 0.001 cm. हर पाठ्यांक एक अल्पतमांक तक गलत हो सकता है। उपाय: बारीक यंत्र लो।

घर पर करके देखो

धागे से चाबी बाँधकर लोलक बनाओ। फ़ोन के स्टॉपवॉच से 10 दोलन का समय पाँच बार नापो। माध्य और माध्य निरपेक्ष त्रुटि निकालो। फिर 20 दोलन नापो: प्रतिशत त्रुटि घटती दिखेगी।

निरपेक्ष, आपेक्षिक और प्रतिशत त्रुटि

मान लो पाठ्यांक a₁, a₂, … aₙ हैं।

त्रुटियों का संयोजन

संक्रियात्रुटि का नियम (अधिकतम त्रुटि)
Z = A + B या Z = A − BΔZ = ΔA + ΔB (घटाने में भी निरपेक्ष त्रुटियाँ जुड़ती हैं)
Z = A × B या Z = A ÷ BΔZ/Z = ΔA/A + ΔB/B (आपेक्षिक त्रुटियाँ जुड़ती हैं)
Z = AⁿΔZ/Z = n (ΔA/A)
Z = Aᵖ Bᑫ ÷ CʳΔZ/Z = p ΔA/A + q ΔB/B + r ΔC/C

जिस राशि की घात सबसे बड़ी, वह सबसे ज़्यादा त्रुटि जोड़ती है, इसलिए उसे सबसे ध्यान से नापो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. सार्थक अंक गिनो: (a) 0.007020 (b) 6.320 × 10⁴ (c) 5000

(a) शुरू के शून्य नहीं गिनते; 7, 0, 2, 0 → 4. (b) 6, 3, 2, 0 → 4. (c) दशमलव नहीं, तो आखिरी शून्य साफ़ नहीं; आमतौर पर 1 (सब नापे हों तो 5.000 × 10³ लिखो)।

2. 2.5463 को 3 सार्थक अंकों तक और 7.850 को 2 सार्थक अंकों तक पूर्णांकित करो।

2.5463 → हटने वाला अंक 6 > 5 → 2.55. 7.850 → हटने वाला भाग ठीक 50, रखा अंक 8 सम → 7.8.

3. एक गुटके का द्रव्यमान 5.74 g और आयतन 1.2 cm³ है। घनत्व सही सार्थक अंकों में लिखो।

घनत्व = 5.74 ÷ 1.2 = 4.783… सबसे कम सार्थक अंक 2 (1.2 में), तो घनत्व = 4.8 g cm⁻³.

4. लोलक के आवर्तकाल के पाँच पाठ्यांक 2.63, 2.56, 2.42, 2.71, 2.80 s हैं। माध्य, माध्य निरपेक्ष त्रुटि, आपेक्षिक और प्रतिशत त्रुटि निकालो।

माध्य = 13.12 ÷ 5 = 2.624 ≈ 2.62 s. त्रुटियाँ: 0.01, 0.06, 0.20, 0.09, 0.18 → जोड़ 0.54 → माध्य निरपेक्ष त्रुटि = 0.108 ≈ 0.11 s. आपेक्षिक = 0.11 ÷ 2.62 = 0.04. प्रतिशत = 4%. परिणाम: 2.6 ± 0.1 s.

5. दो प्रतिरोध 100 ± 3 Ω और 200 ± 4 Ω श्रेणी में हैं। कुल प्रतिरोध?

R = 300 Ω. ΔR = 3 + 4 = 7 Ω. उत्तर 300 ± 7 Ω.

6. ताप 20.0 ± 0.5 °C और 50.0 ± 0.5 °C हैं। ताप में वृद्धि निकालो।

वृद्धि = 30.0 °C. घटाने में भी त्रुटियाँ जुड़ती हैं: 0.5 + 0.5 = 1.0 °C. उत्तर 30.0 ± 1.0 °C.

7. लंबाई 5.0 ± 0.1 cm, चौड़ाई 4.0 ± 0.1 cm. क्षेत्रफल त्रुटि सहित निकालो।

A = 20.0 cm². % त्रुटियाँ: 0.1/5 × 100 = 2%, 0.1/4 × 100 = 2.5%. कुल 4.5%. ΔA = 20 का 4.5% = 0.9 cm². A = 20.0 ± 0.9 cm².

8. Z = A²B³/√C. A, B, C में प्रतिशत त्रुटियाँ 1%, 2%, 4% हैं। Z में प्रतिशत त्रुटि?

2(1%) + 3(2%) + ½(4%) = 2 + 6 + 2 = 10%.

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 0.05020 में सार्थक अंक कितने हैं?
2. दो राशियों के गुणा में क्या जुड़ता है?
3. कई पाठ्यांकों का माध्य लेने से कौन सी त्रुटि घटती है?
4. 4.357 को 2 सार्थक अंकों तक पूर्णांकित करो।
5. r में 2% त्रुटि हो तो πr² में त्रुटि:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सार्थक अंक क्या हैं?

मापन के सारे भरोसेमंद अंक और पहला अनिश्चित अंक।

निरपेक्ष और आपेक्षिक त्रुटि में क्या अंतर है?

निरपेक्ष त्रुटि उसी मात्रक में त्रुटि का आकार है (जैसे 0.1 s). आपेक्षिक त्रुटि उसे मान से भाग देती है, इसलिए मात्रकहीन है (जैसे 0.04 या 4%).

गुणा में त्रुटियाँ कैसे जुड़ती हैं?

आपेक्षिक (या प्रतिशत) त्रुटियाँ जुड़ती हैं: ΔZ/Z = ΔA/A + ΔB/B. घात n हो तो प्रतिशत त्रुटि को n से गुणा करो।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa ICross-cutting skills
रोमानियाClasa a IX-aIntroductory notions and working methods in physics
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