Romania Clasa a IX-a Physics (common core)
अध्याय: 5
1. Introductory notions and working methods in physics
Measurement in physics · Errors and uncertainty
- मात्रक और मापन (कक्षा 11) – मापना यानी किसी राशि की तुलना एक तय, सबके माने हुए परिमाण से करना। उस तय परिमाण को मात्रक (unit) कहते हैं। मापा गया मान = संख्या × मात्रक। आज पूरी दुनिया SI पद्धति चलाती है, जिसमें 7 मूल मात्रक हैं: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैन्डेला। बाकी सब मात्रक (जैसे न्यूटन, जूल) इन्हीं के गुणा-भाग से बने व्युत्पन्न मात्रक हैं। किलो (10³), मिली (10⁻³) जैसे पूर्वलग्न बड़ी-छोटी संख्याओं को आसान बनाते हैं।
- सार्थक अंक और मापन में त्रुटियाँ – कोई भी मापन पूरी तरह सही नहीं होता। सार्थक अंक = पक्के अंक + पहला अनिश्चित अंक। त्रुटि बताती है कि पाठ्यांक असली मान से कितना दूर हो सकता है: निरपेक्ष त्रुटि Δa, आपेक्षिक त्रुटि Δa/a और प्रतिशत त्रुटि (Δa/a) × 100. जोड़ या घटाने में निरपेक्ष त्रुटियाँ जुड़ती हैं। गुणा या भाग में प्रतिशत त्रुटियाँ जुड़ती हैं। घात n हो तो प्रतिशत त्रुटि n गुना।
2. Elements of kinematics
Describing motion · Velocity and acceleration · Types of motion
- सरल रेखा में गति (कक्षा 11) – गति बताने के लिए पहले संदर्भ तंत्र चुनते हैं: एक मूल बिंदु, एक दिशा और एक घड़ी। स्थिति x समय t के साथ बदलती है। वेग v = dx/dt, यानी x–t ग्राफ की ढाल; त्वरण a = dv/dt, यानी v–t ग्राफ की ढाल। v–t ग्राफ के नीचे का क्षेत्रफल = विस्थापन। a स्थिर हो तो: v = u + at, x = ut + ½at², v² = u² + 2as।
3. Newton's principles of mechanics and their applications
Newton's laws · Contact interactions · Field interactions: gravitation
- जड़त्व, पहला नियम, संवेग, दूसरा नियम और आवेग – कोई वस्तु अपनी विराम या एकसमान गति की अवस्था तब तक नहीं बदलती जब तक उस पर कोई नेट बाहरी बल न लगे (पहला नियम)। बदलाव का यह विरोध जड़त्व है और द्रव्यमान इसका माप है। संवेग p = mv. संवेग बदलने की दर नेट बल के बराबर है: F = dp/dt, द्रव्यमान स्थिर हो तो F = ma (दूसरा नियम)। आवेग J = F × Δt = Δp; रुकने में ज़्यादा समय लगे तो बल कम लगता है।
- घर्षण: स्थैतिक, गतिज और लोटनिक घर्षण, नियम और स्नेहन – घर्षण वह बल है जो छूती सतहों के बीच आपेक्षिक गति (या उसकी शुरुआत) का विरोध करता है। स्थैतिक घर्षण ज़रूरत के हिसाब से ख़ुद बदलता है, पर एक अधिकतम तक: सीमांत घर्षण fs,max = μs N. फिसलना शुरू होते ही गतिज घर्षण fk = μk N लगता है, और μk < μs. घर्षण अभिलंब बल और सतहों की प्रकृति पर निर्भर है, संपर्क क्षेत्रफल पर नहीं। लोटनिक घर्षण सर्पी घर्षण से बहुत कम है; स्नेहक और बॉल बेयरिंग घर्षण घटाते हैं।
- न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम – ब्रह्मांड की हर वस्तु हर दूसरी वस्तु को अपनी ओर खींचती है। r दूरी पर रखे दो द्रव्यमानों m₁ और m₂ के बीच खिंचाव F = G m₁ m₂ / r² होता है। यह बल दोनों को मिलाने वाली रेखा पर लगता है। दोनों एक-दूसरे को बराबर और उलटी दिशा में खींचते हैं। G = 6.67 × 10⁻¹¹ N m² kg⁻² हर जगह एक जैसा है, इसलिए इसे सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक कहते हैं। कई द्रव्यमान एक वस्तु को खींचें तो बल सदिश की तरह जुड़ते हैं (अध्यारोपण)।
4. Mechanical energy
Work, power and efficiency · Kinetic, potential and mechanical energy
- कार्य, गतिज ऊर्जा, कार्य-ऊर्जा प्रमेय और शक्ति – जब बल किसी चीज़ को अपनी दिशा में खिसकाता है तो कार्य होता है: W = F·s = F s cos θ। बदलते बल का कार्य F–x ग्राफ़ के नीचे का क्षेत्रफल है। चलती वस्तु की गतिज ऊर्जा K = ½mv² है। कार्य-ऊर्जा प्रमेय: कुल कार्य = गतिज ऊर्जा में बदलाव। शक्ति यानी कार्य कितनी जल्दी हुआ: P = W/t = F·v।
- स्थितिज ऊर्जा, स्प्रिंग ऊर्जा और संरक्षी बल – स्थितिज ऊर्जा U स्थिति या आकार के कारण जमा ऊर्जा है। पृथ्वी के पास U = mgh; खिंची या दबी स्प्रिंग में U = ½kx²। जिस बल का कार्य सिर्फ़ शुरू और अंत के बिंदु पर निर्भर करे, रास्ते पर नहीं, वह संरक्षी बल है (गुरुत्व, स्प्रिंग बल)। तब F = −dU/dx और K + U नियत रहता है। घर्षण, वायु प्रतिरोध असंरक्षी हैं: ये यांत्रिक ऊर्जा को ऊष्मा बना देते हैं।
5. Integrating theme: road safety
Physics of road safety
- सड़क सुरक्षा: रुकने का विज्ञान और सुरक्षित रहना – कोई भी गाड़ी तुरंत नहीं रुकती। पहले चालक को खतरा देखकर संभलने में समय लगता है, इसे प्रतिक्रिया समय कहते हैं (लगभग 1 सेकंड)। इस बीच गाड़ी पूरी गति से चलती रहती है: यह सोचने की दूरी है = चाल × प्रतिक्रिया समय। फिर ब्रेक गाड़ी को धीमा करते हैं: यह ब्रेकिंग दूरी है = चाल² ÷ (2 × मंदन)। रुकने की दूरी = सोचने की दूरी + ब्रेकिंग दूरी। चाल दोगुनी हो तो ब्रेकिंग दूरी चार गुनी हो जाती है। गीली या बर्फ़ीली सड़क और घिसे टायर पकड़ (घर्षण) कम करते हैं। टक्कर में सीट बेल्ट, हेलमेट, एयरबैग और क्रम्पल ज़ोन रुकने का समय बढ़ाते हैं, जिससे शरीर पर बल कम होता है। पैदल यात्री, साइकिल सवार, स्कूटर चालक और यात्री, सब नियम मानकर, दिखाई देकर और चलते समय फ़ोन न चलाकर सुरक्षित रहते हैं।