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मात्रक और मापन (कक्षा 11)

मापना यानी किसी राशि की तुलना एक तय, सबके माने हुए परिमाण से करना। उस तय परिमाण को मात्रक (unit) कहते हैं। मापा गया मान = संख्या × मात्रक। आज पूरी दुनिया SI पद्धति चलाती है, जिसमें 7 मूल मात्रक हैं: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैन्डेला। बाकी सब मात्रक (जैसे न्यूटन, जूल) इन्हीं के गुणा-भाग से बने व्युत्पन्न मात्रक हैं। किलो (10³), मिली (10⁻³) जैसे पूर्वलग्न बड़ी-छोटी संख्याओं को आसान बनाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तीन दोस्त एक ही मेज़ अपने बालिश्त से नापते हैं। किसी को 6, किसी को 7, किसी को 8 मिलता है। फिर मीटर छड़ से नापते हैं। सबको 1.2 m मिलता है। तय मात्रक = सबका एक उत्तर।
  2. एक ही डंडे को तीन पद्धतियों में लिखो। CGS में 120 cm, MKS (जिससे SI बना) में 1.2 m, FPS में 3.94 ft. लंबाई नहीं बदली, बस मात्रक बदला।
  3. SI में सिर्फ़ 7 मूल मात्रक हैं: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल, कैन्डेला। कोई भी ब्लॉक चुनो और देखो वह क्या नापता है।
  4. बाकी सारे मात्रक इन्हीं 7 ब्लॉकों से बनते हैं। चाल = मीटर ÷ सेकंड. बल = kg × m ÷ s², इसे न्यूटन (N) कहते हैं। रेखा के ऊपर वाले ब्लॉक गुणा, नीचे वाले भाग।
  5. पूर्वलग्न (prefix) 10 की घात का छोटा नाम है। स्लाइडर खिसकाओ: किलो = 10³, मिली = 10⁻³, माइक्रो = 10⁻⁶. इसलिए 1 km = 1000 m.
  6. अब तुम्हारी बारी। मूल मात्रक चुनो, व्युत्पन्न मात्रक चुनो, पूर्वलग्न खिसकाओ। हर बार पूरा मान ज़ोर से बोलो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जब सब मीटर चलाते हैं, तो CGS और FPS क्यों पढ़ें?

पुरानी किताबें, कुछ मशीनें और कई दुकानें अब भी cm, g, इंच, फुट चलाती हैं। लंबाई बदले बिना मात्रक बदलना आना चाहिए।

द्रव्यमान का मूल मात्रक ग्राम क्यों नहीं, किलोग्राम क्यों?

SI, MKS से बनी और MKS ने सुविधा के लिए किलोग्राम चुना। इसलिए kg अकेला मूल मात्रक है जिसके नाम में पूर्वलग्न है।

बल का मात्रक kg, m और s से कैसे बनता है?

बल = द्रव्यमान × त्वरण। द्रव्यमान kg में, त्वरण m s⁻² में, इसलिए बल kg m s⁻² जिसे छोटे में न्यूटन कहते हैं।

'mm' में दोनों m क्या हैं?

पहला m पूर्वलग्न मिली (10⁻³) है, दूसरा m मात्रक मीटर। इसलिए 1 mm = 10⁻³ m.

क्या रेडियन मूल मात्रक है?

नहीं। यह कोण का पूरक मात्रक है। यह दो लंबाइयों का अनुपात (चाप ÷ त्रिज्या) है, इसलिए विमाहीन है।

हम मापन क्यों करते हैं?

भौतिकी प्रकृति को संख्याओं से समझाती है। संख्या पाने के लिए हम मापन करते हैं। मापन यानी किसी चीज़ की तुलना उसी तरह की एक तय मात्रा से करना। उस तय मात्रा को मात्रक कहते हैं।

इसलिए हर मापे गए मान के दो हिस्से होते हैं: संख्या और मात्रक। "रस्सी 5 है" अधूरा है। "रस्सी 5 m है" पूरा है।

जिस राशि को नापा जा सके, उसे भौतिक राशि कहते हैं, जैसे लंबाई, द्रव्यमान, समय, चाल, बल।

अच्छा मात्रक: साफ़ परिभाषित हो, हर जगह एक जैसा हो, समय या जगह से न बदले, आसानी से दोबारा बनाया जा सके और सुविधाजनक आकार का हो। बालिश्त इसमें फेल है, क्योंकि हर हाथ अलग है।

मात्रकों की पद्धतियाँ: CGS, FPS, MKS और SI

मात्रक पद्धति ऐसे मात्रकों का पूरा सेट है जो आपस में मेल खाते हों। पुरानी पद्धतियों ने लंबाई, द्रव्यमान और समय के लिए अलग मूल मात्रक चुने:

पद्धतिलंबाईद्रव्यमानसमय
CGSसेंटीमीटरग्रामसेकंड
FPS (ब्रिटिश)फुटपाउंडसेकंड
MKSमीटरकिलोग्रामसेकंड

1971 में दुनिया ने SI (अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति) अपनाई। यह MKS से बनी और इसमें चार मूल मात्रक और जुड़े। SI दशमलव पद्धति है (सब कुछ दस-दस में), इसलिए बदलना आसान है।

SI मूल मात्रक और व्युत्पन्न मात्रक

7 मूल (fundamental) मात्रक

राशिमात्रकसंकेत
लंबाईमीटरm
द्रव्यमानकिलोग्रामkg
समयसेकंडs
विद्युत धाराऐम्पियरA
तापकेल्विनK
पदार्थ की मात्रामोलmol
ज्योति तीव्रताकैन्डेलाcd

2019 से सातों मात्रक प्रकृति के स्थिरांकों (जैसे प्रकाश की चाल, प्लांक स्थिरांक) के पक्के मानों से तय होते हैं, किसी धातु की छड़ या टुकड़े से नहीं। इसलिए कोई भी, कहीं भी इन्हें दोबारा बना सकता है।

कोण के लिए दो पूरक मात्रक हैं: समतल कोण के लिए रेडियन (rad) और घन कोण के लिए स्टेरेडियन (sr)। कोण (रेडियन में) = चाप ÷ त्रिज्या।

व्युत्पन्न मात्रक

मूल मात्रकों के गुणा या भाग से बना मात्रक व्युत्पन्न मात्रक है। जैसे क्षेत्रफल m², आयतन m³, चाल m s⁻¹, त्वरण m s⁻², बल kg m s⁻² = न्यूटन (N), कार्य N m = जूल (J), शक्ति J s⁻¹ = वाट (W), दाब N m⁻² = पास्कल (Pa)।

मात्रक लिखने के नियम

पूर्वलग्न और बहुत बड़ी या छोटी दूरियाँ

मात्रक के आगे लगा पूर्वलग्न उसे 10 की किसी घात से गुणा कर देता है।

पूर्वलग्नसंकेतमान
गीगाG10⁹
मेगाM10⁶
किलोk10³
सेंटीc10⁻²
मिलीm10⁻³
माइक्रोµ10⁻⁶
नैनोn10⁻⁹
पिकोp10⁻¹²
फेम्टोf10⁻¹⁵

खास मात्रक: 1 फर्मी = 10⁻¹⁵ m (नाभिक का आकार), 1 ऐंग्स्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ m (परमाणु का आकार), 1 खगोलीय मात्रक (AU) ≈ 1.5 × 10¹¹ m (सूर्य से पृथ्वी), 1 प्रकाश वर्ष ≈ 9.46 × 10¹⁵ m, 1 पारसेक ≈ 3.08 × 10¹⁶ m.

बड़ी दूरियाँ लंबन विधि (parallax) से निकालते हैं: दूर की चीज़ को b दूरी वाले दो बिंदुओं से देखो। दोनों दृष्टि रेखाओं के बीच का कोण θ (रेडियन में) हो, तो दूरी D ≈ b ÷ θ.

घर पर करके देखो

उँगली हाथ भर दूर रखो। एक आँख बंद करो, फिर दूसरी। उँगली दीवार के सामने उछलती दिखेगी। यही लंबन है। उँगली पास लाओ तो उछाल बढ़ जाता है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 3.5 km को मीटर और सेंटीमीटर में लिखो।

1 km = 10³ m, तो 3.5 km = 3500 m. 1 m = 100 cm, तो 3500 m = 3.5 × 10⁵ cm.

2. एक बोतल में 750 mL आता है। इसे m³ में लिखो। (1 L = 10⁻³ m³)

750 mL = 0.750 L = 0.750 × 10⁻³ m³ = 7.5 × 10⁻⁴ m³.

3. 72 km/h को m/s में बदलो।

72 km/h = 72 × 1000 m ÷ 3600 s = 20 m/s. आसान तरीका: km/h को 5/18 से गुणा करो।

4. दाब का SI मात्रक मूल मात्रकों में लिखो।

दाब = बल ÷ क्षेत्रफल = N ÷ m² = (kg m s⁻²) ÷ m² = kg m⁻¹ s⁻². इसे पास्कल (Pa) कहते हैं।

5. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त पर 10 cm का चाप है। कोण रेडियन और डिग्री में निकालो।

θ = चाप ÷ त्रिज्या = 10 ÷ 5 = 2 rad. डिग्री में: 2 × 57.3 ≈ 114.6°.

6. 1000 km दूर खड़े दो लोग चंद्रमा को देखते हैं। दृष्टि रेखाओं के बीच कोण 0.0026 rad है। चंद्रमा की दूरी निकालो।

D = b ÷ θ = (1.0 × 10⁶ m) ÷ 0.0026 ≈ 3.8 × 10⁸ m, यानी लगभग 3,80,000 km.

7. प्रकाश हर सेकंड 3 × 10⁸ m चलता है। एक वर्ष (3.15 × 10⁷ s) में कितना चलेगा?

दूरी = चाल × समय = 3 × 10⁸ × 3.15 × 10⁷ = 9.45 × 10¹⁵ m. यही 1 प्रकाश वर्ष है। यह दूरी का मात्रक है, समय का नहीं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. SI में कितने मूल मात्रक हैं?
2. इनमें व्युत्पन्न मात्रक कौन सा है?
3. 1 माइक्रोमीटर बराबर है:
4. ज्योति तीव्रता का मात्रक है:
5. प्रकाश वर्ष किसे नापता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

7 SI मूल मात्रक कौन से हैं?

मीटर (लंबाई), किलोग्राम (द्रव्यमान), सेकंड (समय), ऐम्पियर (धारा), केल्विन (ताप), मोल (पदार्थ की मात्रा), कैन्डेला (ज्योति तीव्रता)।

मूल और व्युत्पन्न मात्रक में क्या अंतर है?

मूल मात्रक खुद में पूरे हैं। व्युत्पन्न मात्रक मूल मात्रकों के गुणा-भाग से बनते हैं, जैसे m/s या kg m s⁻².

1 प्रकाश वर्ष कितने मीटर होता है?

लगभग 9.46 × 10¹⁵ m, जितनी दूरी प्रकाश एक वर्ष में चलता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इटलीSecondaria di secondo grado – classe 1ªFoundations, optics, heat and mechanics
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 2ªFoundations, optics, heat and mechanics
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 3ªClassical physics
इटलीSecondaria di secondo grado – classe 4ªClassical physics
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa ICross-cutting skills
पोलैंडLiceum ogólnokształcące, klasa ICross-cutting skills
रोमानियाClasa a IX-aIntroductory notions and working methods in physics
रोमानियाClasa a IX-aIntroductory notions and working methods in physics
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