हम मापन क्यों करते हैं?
भौतिकी प्रकृति को संख्याओं से समझाती है। संख्या पाने के लिए हम मापन करते हैं। मापन यानी किसी चीज़ की तुलना उसी तरह की एक तय मात्रा से करना। उस तय मात्रा को मात्रक कहते हैं।
इसलिए हर मापे गए मान के दो हिस्से होते हैं: संख्या और मात्रक। "रस्सी 5 है" अधूरा है। "रस्सी 5 m है" पूरा है।
जिस राशि को नापा जा सके, उसे भौतिक राशि कहते हैं, जैसे लंबाई, द्रव्यमान, समय, चाल, बल।
अच्छा मात्रक: साफ़ परिभाषित हो, हर जगह एक जैसा हो, समय या जगह से न बदले, आसानी से दोबारा बनाया जा सके और सुविधाजनक आकार का हो। बालिश्त इसमें फेल है, क्योंकि हर हाथ अलग है।
मात्रकों की पद्धतियाँ: CGS, FPS, MKS और SI
मात्रक पद्धति ऐसे मात्रकों का पूरा सेट है जो आपस में मेल खाते हों। पुरानी पद्धतियों ने लंबाई, द्रव्यमान और समय के लिए अलग मूल मात्रक चुने:
| पद्धति | लंबाई | द्रव्यमान | समय |
|---|---|---|---|
| CGS | सेंटीमीटर | ग्राम | सेकंड |
| FPS (ब्रिटिश) | फुट | पाउंड | सेकंड |
| MKS | मीटर | किलोग्राम | सेकंड |
1971 में दुनिया ने SI (अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति) अपनाई। यह MKS से बनी और इसमें चार मूल मात्रक और जुड़े। SI दशमलव पद्धति है (सब कुछ दस-दस में), इसलिए बदलना आसान है।
SI मूल मात्रक और व्युत्पन्न मात्रक
7 मूल (fundamental) मात्रक
| राशि | मात्रक | संकेत |
|---|---|---|
| लंबाई | मीटर | m |
| द्रव्यमान | किलोग्राम | kg |
| समय | सेकंड | s |
| विद्युत धारा | ऐम्पियर | A |
| ताप | केल्विन | K |
| पदार्थ की मात्रा | मोल | mol |
| ज्योति तीव्रता | कैन्डेला | cd |
2019 से सातों मात्रक प्रकृति के स्थिरांकों (जैसे प्रकाश की चाल, प्लांक स्थिरांक) के पक्के मानों से तय होते हैं, किसी धातु की छड़ या टुकड़े से नहीं। इसलिए कोई भी, कहीं भी इन्हें दोबारा बना सकता है।
कोण के लिए दो पूरक मात्रक हैं: समतल कोण के लिए रेडियन (rad) और घन कोण के लिए स्टेरेडियन (sr)। कोण (रेडियन में) = चाप ÷ त्रिज्या।
व्युत्पन्न मात्रक
मूल मात्रकों के गुणा या भाग से बना मात्रक व्युत्पन्न मात्रक है। जैसे क्षेत्रफल m², आयतन m³, चाल m s⁻¹, त्वरण m s⁻², बल kg m s⁻² = न्यूटन (N), कार्य N m = जूल (J), शक्ति J s⁻¹ = वाट (W), दाब N m⁻² = पास्कल (Pa)।
मात्रक लिखने के नियम
- संकेत के बाद पूर्ण विराम नहीं और बहुवचन नहीं: 5 kg, 5 kgs नहीं।
- वैज्ञानिक के नाम वाला मात्रक शब्द में छोटे अक्षर (newton), संकेत बड़े अक्षर (N) में।
- संख्या और मात्रक के बीच जगह छोड़ो: 20 m.
पूर्वलग्न और बहुत बड़ी या छोटी दूरियाँ
मात्रक के आगे लगा पूर्वलग्न उसे 10 की किसी घात से गुणा कर देता है।
| पूर्वलग्न | संकेत | मान |
|---|---|---|
| गीगा | G | 10⁹ |
| मेगा | M | 10⁶ |
| किलो | k | 10³ |
| सेंटी | c | 10⁻² |
| मिली | m | 10⁻³ |
| माइक्रो | µ | 10⁻⁶ |
| नैनो | n | 10⁻⁹ |
| पिको | p | 10⁻¹² |
| फेम्टो | f | 10⁻¹⁵ |
खास मात्रक: 1 फर्मी = 10⁻¹⁵ m (नाभिक का आकार), 1 ऐंग्स्ट्रॉम (Å) = 10⁻¹⁰ m (परमाणु का आकार), 1 खगोलीय मात्रक (AU) ≈ 1.5 × 10¹¹ m (सूर्य से पृथ्वी), 1 प्रकाश वर्ष ≈ 9.46 × 10¹⁵ m, 1 पारसेक ≈ 3.08 × 10¹⁶ m.
बड़ी दूरियाँ लंबन विधि (parallax) से निकालते हैं: दूर की चीज़ को b दूरी वाले दो बिंदुओं से देखो। दोनों दृष्टि रेखाओं के बीच का कोण θ (रेडियन में) हो, तो दूरी D ≈ b ÷ θ.
घर पर करके देखो
उँगली हाथ भर दूर रखो। एक आँख बंद करो, फिर दूसरी। उँगली दीवार के सामने उछलती दिखेगी। यही लंबन है। उँगली पास लाओ तो उछाल बढ़ जाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मापा गया मान = n × u (संख्या × मात्रक); n₁u₁ = n₂u₂
- कोण (rad) = चाप की लंबाई ÷ त्रिज्या; 1 rad ≈ 57.3°
- लंबन: D = b ÷ θ (θ रेडियन में)
- 1 N = 1 kg m s⁻²; 1 J = 1 N m; 1 W = 1 J s⁻¹; 1 Pa = 1 N m⁻²
- 1 Å = 10⁻¹⁰ m; 1 फर्मी = 10⁻¹⁵ m; 1 ly ≈ 9.46 × 10¹⁵ m; 1 AU ≈ 1.5 × 10¹¹ m
हल किए गए उदाहरण
1. 3.5 km को मीटर और सेंटीमीटर में लिखो।
1 km = 10³ m, तो 3.5 km = 3500 m. 1 m = 100 cm, तो 3500 m = 3.5 × 10⁵ cm.
2. एक बोतल में 750 mL आता है। इसे m³ में लिखो। (1 L = 10⁻³ m³)
750 mL = 0.750 L = 0.750 × 10⁻³ m³ = 7.5 × 10⁻⁴ m³.
3. 72 km/h को m/s में बदलो।
72 km/h = 72 × 1000 m ÷ 3600 s = 20 m/s. आसान तरीका: km/h को 5/18 से गुणा करो।
4. दाब का SI मात्रक मूल मात्रकों में लिखो।
दाब = बल ÷ क्षेत्रफल = N ÷ m² = (kg m s⁻²) ÷ m² = kg m⁻¹ s⁻². इसे पास्कल (Pa) कहते हैं।
5. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त पर 10 cm का चाप है। कोण रेडियन और डिग्री में निकालो।
θ = चाप ÷ त्रिज्या = 10 ÷ 5 = 2 rad. डिग्री में: 2 × 57.3 ≈ 114.6°.
6. 1000 km दूर खड़े दो लोग चंद्रमा को देखते हैं। दृष्टि रेखाओं के बीच कोण 0.0026 rad है। चंद्रमा की दूरी निकालो।
D = b ÷ θ = (1.0 × 10⁶ m) ÷ 0.0026 ≈ 3.8 × 10⁸ m, यानी लगभग 3,80,000 km.
7. प्रकाश हर सेकंड 3 × 10⁸ m चलता है। एक वर्ष (3.15 × 10⁷ s) में कितना चलेगा?
दूरी = चाल × समय = 3 × 10⁸ × 3.15 × 10⁷ = 9.45 × 10¹⁵ m. यही 1 प्रकाश वर्ष है। यह दूरी का मात्रक है, समय का नहीं।
आम गलतियाँ
- मान बिना मात्रक के लिखना, जैसे "लंबाई 12 है"।
- प्रकाश वर्ष को समय का मात्रक समझना। यह दूरी है।
- 5 Kg या 5 kgs लिखना। सही: 5 kg (छोटा k, s नहीं)।
- एक जोड़ में अलग मात्रक मिलाना, जैसे 2 m + 30 cm = 32. पहले बदलो: 2.30 m.