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तापीय साम्य और शून्यवाँ नियम

दो वस्तुएँ छूती हैं तो ऊष्मा का लेन-देन तब तक होता है जब तक उनका ताप बराबर न हो जाए। तब वे तापीय साम्य में होती हैं। शून्यवाँ नियम: यदि A और B दोनों अलग-अलग C के साथ तापीय साम्य में हैं, तो A और B भी आपस में तापीय साम्य में हैं। थर्मामीटर इसी नियम से काम करता है। साम्य में गैस को अवस्था चरों P, V, T, n से बताते हैं, जो अवस्था समीकरण से जुड़े हैं। आदर्श गैस के लिए PV = nRT.

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. ब्लॉक A गरम (लाल) है, ब्लॉक B ठंडा (नीला)। बीच में मोटी कुचालक दीवार है। कुछ नहीं बदलता। दोनों के ताप अलग ही रहते हैं।
  2. अब दीवार पतली धातु की है। ऊष्मा गरम A से ठंडे B में जाती है। A ठंडा होता है, B गरम। ताप बराबर होते ही बहाव रुक जाता है। यही तापीय साम्य है।
  3. शून्यवाँ नियम: A को थर्मामीटर C से छुआया, 40 °C पढ़ा। B को C से छुआया, वह भी 40 °C. इसलिए A और B आपस में पहले से साम्य में हैं। मिलाओ तो कोई ऊष्मा नहीं बहती।
  4. अब सिलिंडर में गैस। इसे कुछ संख्याओं से बताते हैं: दाब P, आयतन V, ताप T और मात्रा n. इन्हें अवस्था चर कहते हैं।
  5. पिस्टन खुला रखकर गैस गरम करो। T बढ़ा तो V भी बढ़ा। P, V, T हमेशा एक नियम मानते हैं: PV = nRT. यही अवस्था समीकरण है।
  6. अब आप: ताप और आयतन के स्लाइडर चलाओ। पहले दाब का अनुमान लगाओ, फिर रीडआउट से मिलाओ।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या ऊष्मा अधिक ऊष्मा वाली वस्तु से कम ऊष्मा वाली में बहती है?

नहीं। ऊष्मा ऊँचे ताप से नीचे ताप की ओर बहती है। छोटी गरम कील भी ठंडे पानी की बड़ी बाल्टी को ऊष्मा देती है, भले बाल्टी में ज़्यादा ऊर्जा हो। तीर लाल से नीले की ओर देखो।

ताप बराबर होने पर बहाव क्यों रुकता है?

ऊष्मा बहने के लिए ताप का अंतर चाहिए। अंतर शून्य हुआ तो धक्का नहीं रहा, नेट बहाव रुक गया।

शून्यवाँ नियम इतना सीधा है तो नियम क्यों?

यह तर्क से अपने-आप नहीं निकलता, यह प्रयोग से मिला तथ्य है। इसी से ताप की परिभाषा और थर्मामीटर का उपयोग संभव है।

कुचालक दीवार बदलाव क्यों रोकती है?

रुद्धोष्म दीवार ऊष्मा पार नहीं होने देती, इसलिए हर ब्लॉक अपना ताप रखता है, चाहे कितना भी रुको।

ताप अवस्था चर है पर ऊष्मा क्यों नहीं?

ताप अभी की अवस्था से पढ़ लेते हैं। दी गई ऊष्मा इस पर निर्भर है कि वहाँ कैसे पहुँचे; एक ही दो अवस्थाओं के बीच अलग रास्तों पर अलग ऊष्मा लगती है।

PV = nRT में T केल्विन में ही क्यों?

नियम कहता है PV, T के अनुक्रमानुपाती है। यह तभी सही है जब T परम शून्य से गिना जाए। 0 °C पर दाब शून्य नहीं होता।

ऊष्मागतिकी क्या है?

ऊष्मागतिकी भौतिकी का वह भाग है जो ऊष्मा, कार्य और ताप का, और ऊर्जा के रूप बदलने का अध्ययन करता है। यह बड़ी चीज़ों (सिलिंडर में गैस, इंजन, फ्रिज) को देखती है, एक-एक अणु को नहीं।

जिसका अध्ययन करते हैं वह निकाय (system) है, उसके चारों ओर सब कुछ परिवेश (surroundings)। दोनों के बीच की सीमा दीवार है।

तापीय साम्य

गरम और ठंडी वस्तु को चालक दीवार से मिलाओ। ऊष्मा गरम से ठंडी की ओर बहती है। गरम ठंडी होती है, ठंडी गरम।

कुछ समय बाद दोनों का ताप बराबर हो जाता है। तब ऊष्मा का बहाव रुक जाता है और दोनों के दाब, आयतन, ताप बदलना बंद कर देते हैं। इसे तापीय साम्य कहते हैं।

छोटे में: जिन दो वस्तुओं का ताप बराबर है, वे तापीय साम्य में हैं।

साम्य का अर्थ है बड़े (स्थूल) राशियाँ समय के साथ नहीं बदलतीं। अणु अंदर चलते रहते हैं, पर उनका औसत व्यवहार वही रहता है।

ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम

शून्यवाँ नियम: यदि वस्तु A, वस्तु C के साथ तापीय साम्य में है, और वस्तु B भी C के साथ तापीय साम्य में है, तो A और B आपस में भी तापीय साम्य में हैं।

यह सीधी बात लगती है, पर बहुत ज़रूरी है। यह बताता है कि साम्य में सब वस्तुओं के लिए एक राशि बराबर होती है। वह राशि ताप है। यानी शून्यवाँ नियम ताप को सही अर्थ देता है।

इसे "शून्यवाँ" क्यों कहते हैं?

पहला और दूसरा नियम पहले ही नाम पा चुके थे। बाद में समझ आया कि यह नियम दोनों से अधिक मूल है, इसलिए इसे पहले नियम से भी पहले रखकर शून्यवाँ कहा गया।

थर्मामीटर इसका उपयोग कैसे करता है

थर्मामीटर वस्तु C है। शरीर के साथ साम्य में आकर वह शरीर का ताप ले लेता है। दो वस्तुओं के लिए एक ही रीडिंग आए तो वे दोनों बिना छुए भी एक ही ताप पर हैं।

अवस्था चर

साम्य में निकाय कुछ मापी जा सकने वाली राशियों से पूरा बताया जाता है। इन्हें अवस्था चर कहते हैं: दाब P, आयतन V, ताप T, मोल संख्या n, आंतरिक ऊर्जा U आदि।

अवस्था चर केवल अभी की अवस्था पर निर्भर है, इस पर नहीं कि निकाय वहाँ कैसे पहुँचा। (ऊष्मा और कार्य अवस्था चर नहीं हैं, ये रास्ते पर निर्भर हैं।)

विस्तीर्ण और गहन चर

आसान जाँच: मन में निकाय को आधा काटो। जो आधा हो जाए वह विस्तीर्ण, जो वही रहे वह गहन।

अवस्था समीकरण

सभी अवस्था चर स्वतंत्र नहीं हैं। कुछ तय कर दो तो बाकी भी तय हो जाते हैं। इन्हें जोड़ने वाला नियम अवस्था समीकरण है।

आदर्श गैस के लिए:

PV = nRT

यहाँ R = 8.314 J mol⁻¹ K⁻¹ गैस नियतांक है और T केल्विन में (T = t °C + 273)। वास्तविक गैसें कम दाब और ऊँचे ताप पर इसे अच्छी तरह मानती हैं।

इसी कारण एक अवस्था को P–V ग्राफ पर एक बिंदु से दिखा सकते हैं। अगले पाठों में प्रक्रमों के लिए यही उपयोग होगा।

परीक्षा टिप: 1–2 अंक के प्रश्नों में अक्सर शून्यवाँ नियम लिखना, तापीय साम्य की परिभाषा, या गहन-विस्तीर्ण चर छाँटना पूछा जाता है।

घर पर करके देखो

एक कप गरम और एक कप ठंडा पानी लो। दोनों में स्टील का चम्मच दो मिनट रखो, हैंडल छूकर देखो (सावधानी से)। फिर दोनों पानी एक स्टील के कटोरे में डालो और पाँच मिनट रुको। हिलाकर छुओ: पूरे पानी का एक ही ताप है, बीच का। आपने तापीय साम्य बना दिया।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. थर्मामीटर पानी X में 36 °C और पानी Y में भी 36 °C पढ़ता है। X और Y मिलाने पर क्या ऊष्मा बहेगी?

दोनों थर्मामीटर के साथ साम्य में हैं। शून्यवें नियम से दोनों आपस में साम्य में हैं, यानी ताप बराबर है। कोई नेट ऊष्मा नहीं बहेगी।

2. गहन और विस्तीर्ण में छाँटो: दाब, आयतन, ताप, द्रव्यमान, घनत्व, आंतरिक ऊर्जा।

गहन: दाब, ताप, घनत्व। विस्तीर्ण: आयतन, द्रव्यमान, आंतरिक ऊर्जा।

3. 27 °C और −73 °C को केल्विन में बदलो।

T = t + 273. 27 °C → 300 K, −73 °C → 200 K.

4. 2 mol आदर्श गैस 0.05 m³ बर्तन में 300 K पर है। दाब ज्ञात करो। (R = 8.31)

P = nRT/V = (2 × 8.31 × 300)/0.05 = 4986/0.05 = 99 720 Pa ≈ 1.0 × 10⁵ Pa (लगभग 1 atm)।

5. 300 K की गैस को स्थिर दाब पर गरम किया जब तक आयतन दुगुना न हो। नया ताप?

स्थिर P पर V ∝ T. V दुगुना तो T दुगुना: T = 600 K (327 °C)।

6. टायर में हवा 27 °C पर 2.0 × 10⁵ Pa पर है। लंबी यात्रा के बाद हवा 57 °C पर है, आयतन वही। नया दाब?

स्थिर V पर P ∝ T (केल्विन)। T₁ = 300 K, T₂ = 330 K. P₂ = 2.0 × 10⁵ × 330/300 = 2.2 × 10⁵ Pa.

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. दो वस्तुएँ तापीय साम्य में हैं जब उनका ___ बराबर हो:
2. शून्यवाँ नियम किसे अर्थ देता है?
3. जो दीवार ऊष्मा पार न होने दे, वह है:
4. विस्तीर्ण चर कौन है?
5. आदर्श गैस का अवस्था समीकरण:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम सरल शब्दों में क्या है?

यदि दो वस्तुएँ किसी तीसरी वस्तु के ताप पर हैं, तो वे आपस में भी एक ही ताप पर हैं।

तापीय साम्य किसे कहते हैं?

वह अवस्था जिसमें छूती हुई दो वस्तुओं का ताप बराबर हो और उनके बीच कोई नेट ऊष्मा न बहे।

अवस्था समीकरण क्या है?

निकाय के अवस्था चरों को जोड़ने वाला नियम। आदर्श गैस के लिए PV = nRT.

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11ऊष्मागतिकी
अमेरिकाGrade 12Thermodynamics
रूस10 классThermodynamics and heat engines
रूस10 классMolecular physics

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