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कूलॉम का नियम: दो आवेशों के बीच बल

आवेशित वस्तुएँ बिना छुए एक-दूसरे को धकेलती या खींचती हैं। समान आवेश प्रतिकर्षित करते हैं और विपरीत आवेश आकर्षित करते हैं। दो छोटे (बिंदु) आवेशों के बीच बल F = k·q₁·q₂ / r² होता है, जहाँ k ≈ 9 × 10⁹ N·m²/C²। एक आवेश दोगुना करें तो बल दोगुना; दूरी दोगुनी करें तो बल एक-चौथाई। आवेश न बनता है, न नष्ट होता है, सिर्फ़ एक जगह से दूसरी जगह जाता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दो छोटी गेंदों पर +2 µC आवेश है। दोनों धनात्मक हैं, इसलिए एक-दूसरे को दूर धकेलती हैं। नारंगी तीर धक्का दिखाते हैं।
  2. अब एक गेंद ऋणात्मक है। विपरीत आवेश एक-दूसरे को पास खींचते हैं। तीर अब अंदर की ओर हैं।
  3. +6 µC वाली गेंद उतनी ही बड़ी खाली गेंद को छूती है। आवेश बँट जाता है: दोनों पर +3 µC। कुल अब भी +6 µC है। आवेश खोया नहीं।
  4. बाएँ आवेश को 2 से 4 µC होते देखिए। बल का तीर दोगुना लंबा हो गया। आवेश बढ़ा तो बल भी उसी अनुपात में बढ़ा।
  5. अब गेंदें 20 cm से 40 cm दूर जाती हैं। दूरी दोगुनी हुई, पर बल एक-चौथाई रह गया। यही व्युत्क्रम वर्ग नियम है।
  6. अब आपकी बारी। स्लाइडर से q₁, q₂ और r बदलिए। पहले अंदाज़ा लगाइए, फिर रीडआउट से जाँचिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

एक आवेश बड़ा हो तो क्या दोनों पर बल बराबर होगा?

हाँ। दोनों पर बल का मान बराबर और दिशा उलटी होती है। 3D में दोनों तीर हमेशा बराबर लंबे हैं।

दूरी दोगुनी करने पर बल आधा क्यों नहीं, एक-चौथाई क्यों?

बल 1/r² पर निर्भर है। r दोगुना तो r² चार गुना, इसलिए बल चार गुना कम। पाँचवें चरण में तीर सिकुड़ते देखिए।

छूने पर आवेश कहाँ जाता है?

इलेक्ट्रॉन तब तक खिसकते हैं जब तक दोनों एक-जैसी गेंदों पर बराबर आवेश न हो जाए। कुछ खोता नहीं, कुल वही रहता है।

क्या ऋण चिह्न सूत्र में डालें?

मान से बल की ताकत निकालिए। फिर चिह्न देखिए: समान हों तो प्रतिकर्षण, विपरीत हों तो आकर्षण।

बिंदु आवेश क्या है?

ऐसी वस्तु पर आवेश जो दूरी की तुलना में इतनी छोटी हो कि उसे एक बिंदु मान लें। 3D की छोटी गेंदें बिंदु आवेश जैसी हैं।

विद्युत आवेश और वस्तुएँ आवेशित कैसे होती हैं

हर चीज़ परमाणुओं से बनी है। परमाणु में धनात्मक प्रोटॉन और ऋणात्मक इलेक्ट्रॉन होते हैं। आम तौर पर ये बराबर होते हैं, इसलिए वस्तु उदासीन (neutral) रहती है।

दो चीज़ों को रगड़ने पर कुछ इलेक्ट्रॉन एक से दूसरी पर चले जाते हैं। जिसे इलेक्ट्रॉन मिले वह ऋणात्मक बनती है, जिसने खोए वह धनात्मक।

आवेश का SI मात्रक कूलॉम (C) है। 1 C बहुत बड़ा है, इसलिए माइक्रोकूलॉम चलता है: 1 µC = 10⁻⁶ C। सबसे छोटा आवेश एक इलेक्ट्रॉन का है, e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C। हर आवेश e का पूर्ण गुणज होता है, इसे आवेश का क्वांटीकरण कहते हैं।

आवेश संरक्षण (Conservation of charge)

आवेश न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। वह सिर्फ़ एक वस्तु से दूसरी पर जाता है। इसलिए किसी बंद समूह का कुल आवेश हमेशा वही रहता है।

उदाहरण: काँच की छड़ को रेशम से रगड़ें। छड़ +q और रेशम −q हो जाता है। कुल = 0, पहले जैसा।

दो एक-जैसी धातु की गेंदें छूती हैं तो आवेश बराबर बँट जाता है: +6 µC और 0 → +3 µC और +3 µC। कुल फिर भी +6 µC (3D का तीसरा चरण)।

समान आवेश प्रतिकर्षित, विपरीत आवेश आकर्षित

बल दोनों आवेशों को जोड़ने वाली सीधी रेखा पर लगता है। दोनों पर बल बराबर होता है, दिशाएँ उलटी (न्यूटन का तीसरा नियम)।

आवेशित कंघी कागज़ के उदासीन टुकड़ों को भी खींच लेती है, क्योंकि वह कागज़ के अंदर के आवेशों को थोड़ा खिसका देती है।

कूलॉम का नियम और बिंदु आवेश

बिंदु आवेश वह आवेशित वस्तु है जो दूसरी वस्तुओं की दूरी की तुलना में इतनी छोटी हो कि उसका सारा आवेश एक बिंदु पर माना जा सके।

1785 में चार्ल्स ऑगस्टिन डी कूलॉम ने ऐंठन तुला से यह बल नापा। दूरी r पर रखे दो बिंदु आवेश q₁ और q₂ के लिए:

F = k · q₁ · q₂ / r²

SI मात्रक लें: आवेश C में, दूरी m में, बल N में। सूत्र में सिर्फ़ मान डालें; आकर्षण या प्रतिकर्षण चिह्नों से तय करें।

विद्युत क्षेत्र का विचार

बिना छुए आवेश धक्का कैसे देता है? हर आवेश अपने चारों ओर विद्युत क्षेत्र बनाता है। उस क्षेत्र में रखा दूसरा आवेश बल महसूस करता है।

क्षेत्र की तीव्रता E = F / q (न्यूटन प्रति कूलॉम)। बिंदु आवेश के पास E = kQ / r²। क्षेत्र रेखाएँ अगले पाठ में।

करके देखें: गुब्बारा प्रयोग

दो गुब्बारे फुलाइए और धागे बाँधिए। दोनों को बालों या ऊनी स्वेटर पर रगड़िए। पास-पास लटकाइए: वे दूर हट जाते हैं (समान आवेश)। अब एक को बालों के पास लाइए: बाल खिंचते हैं। गुब्बारे को धीरे-धीरे दूर ले जाइए और देखिए खिंचाव कितनी जल्दी कम होता है। यही 1/r² नियम है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. +1 µC के दो आवेश 1 m दूर हैं। बल ज्ञात कीजिए।

F = 9×10⁹ × (1×10⁻⁶)(1×10⁻⁶) / 1² = 9×10⁻³ N = 0.009 N। दोनों धनात्मक, इसलिए प्रतिकर्षण।

2. +2 µC और −3 µC आवेश 30 cm दूर हैं। बल और उसका प्रकार बताइए।

r = 0.3 m। F = 9×10⁹ × 6×10⁻¹² / 0.09 = 0.054 / 0.09 = 0.6 N। चिह्न विपरीत, इसलिए आकर्षण।

3. दो आवेशों के बीच बल 8 N है। दूरी दोगुनी कर दी। नया बल?

F ∝ 1/r²। r दोगुना तो r² चार गुना। नया F = 8 / 4 = 2 N।

4. बल 5 N है। एक आवेश तिगुना और दूरी आधी कर दी। नया बल?

आवेश ×3 → बल ×3। दूरी ÷2 → बल ×4। नया F = 5 × 3 × 4 = 60 N।

5. एक-जैसी धातु की गेंदों पर +8 µC और −2 µC हैं। छूकर अलग करने पर हर एक पर आवेश?

कुल = +8 − 2 = +6 µC। बराबर बाँटें: हर गेंद पर +3 µC।

6. किसी वस्तु से कितने इलेक्ट्रॉन निकालें कि आवेश +3.2 × 10⁻¹⁹ C हो? और +1 µC के लिए?

n = q/e। 3.2×10⁻¹⁹ C के लिए n = 2। 1×10⁻⁶ C के लिए n = 10⁻⁶ / 1.6×10⁻¹⁹ = 6.25 × 10¹² इलेक्ट्रॉन।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. दो ऋणात्मक आवेश:
2. आवेश का SI मात्रक है:
3. दो आवेशों की दूरी तिगुनी करने पर बल:
4. हवा में k का मान लगभग है:
5. काँच की छड़ को रेशम से रगड़ने पर छड़ + रेशम का कुल आवेश:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कूलॉम का नियम आसान शब्दों में क्या है?

दो छोटे आवेशों के बीच बल आवेश बड़े होने पर बढ़ता है और दूरी बढ़ने पर तेज़ी से घटता है: F = kq₁q₂/r²।

कूलॉम नियम में k का मान क्या है?

हवा या निर्वात में लगभग 9 × 10⁹ N·m²/C²। यह 1/(4πε₀) के बराबर है।

कूलॉम का नियम न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम जैसा कैसे है?

दोनों व्युत्क्रम वर्ग नियम हैं। पर गुरुत्व सिर्फ़ आकर्षित करता है, जबकि विद्युत बल आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकता है और बहुत ज़्यादा ताकतवर है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

यूक्रेन8 класElectrical phenomena
चीन高一Compulsory 3 Ch.9 Electrostatics

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