📘 CodingMarble Learn

वित्तीय विवरणों में समायोजन

समायोजन वे मदें हैं जो तलपट के बाद पता चलती हैं और सही लाभ (उपार्जन और मिलान) के लिए अंतिम खातों में लानी होती हैं। सुनहरा नियम: हर समायोजन दो जगह दिखता है — एक बार व्यापार या लाभ-हानि खाते में और एक बार तुलन पत्र में (या इन्हीं में दो बार)।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. हर समायोजन दो जगह दिखता है। जैसे अंतिम स्टॉक व्यापार खाते में जमा होता है और चालू संपत्ति के रूप में भी दिखता है।
  2. देय पर न दिए व्यय उसी व्यय में जुड़ते हैं और देयता बनते हैं; पहले से दिए व्यय घटते हैं और संपत्ति बनते हैं। कमाई पर न मिली आय संपत्ति है; पहले मिली आय देयता है।
  3. मूल्यह्रास संपत्ति और लाभ घटाता है। अतिरिक्त डूबत ऋण, फिर संदिग्ध ऋण प्रावधान और छूट प्रावधान देनदारों को क़दम-दर-क़दम घटाते हैं और लाभ पर डलते हैं।
  4. आग से नष्ट माल जैसी असामान्य हानि व्यापार से हटती है; बिना बीमे वाला हिस्सा लाभ-हानि में हानि और बीमा दावा संपत्ति। घर के लिए लिया माल क्रय से घटता और आहरण में जुड़ता है।
  5. पूँजी पर ब्याज लाभ पर प्रभार है और पूँजी में जुड़ता है। शुद्ध लाभ पर प्रबंधक का कमीशन लाभ-हानि में नामे और भुगतान तक देयता।
  6. खुला अभ्यास: समायोजन और रकम चुनें और देखें वह किन दो जगह असर डालता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

हर समायोजन दो जगह क्यों?

दोहरा लेखा: हर समायोजन का एक नामे और एक जमा। एक पक्ष लाभ बदलता है, दूसरा संपत्ति, देयता या पूँजी।

क्या पूर्वदत्त व्यय सचमुच संपत्ति है?

हाँ। अगले साल मिलने वाली सेवा का भुगतान हो चुका, इसलिए व्यवसाय का उस लाभ पर दावा है।

छूट प्रावधान संदिग्ध ऋण प्रावधान के बाद क्यों?

छूट केवल भुगतान करने वाले देनदारों को मिलती है, इसलिए पहले डूबत और संदिग्ध हटाते हैं।

निजी उपयोग का माल लाभ क्यों नहीं बदलता?

क्रय घटता है, इसलिए बेचे माल की लागत ठीक उतनी घटती है; बिक्री पर असर नहीं। रकम आहरण बनती है।

घटाने के बाद वाला कमीशन छोटा क्यों?

यह कमीशन घटाने के बाद बचे लाभ का प्रतिशत है, इसलिए आधार छोटा: दर/(100 + दर)।

समायोजन क्यों? अंतिम स्टॉक

समायोजन उन मदों को खातों में लाते हैं जो इस साल की हैं पर अभी लिखी नहीं गईं, ताकि आय और व्यय उपार्जन और मिलान सिद्धांत पर चलें।

अंतिम स्टॉक (तलपट के बाहर दिया): अंतिम स्टॉक खाता नामे; व्यापार खाते से। व्यापार खाते के जमा पक्ष में और तुलन पत्र में चालू संपत्ति। तलपट के अंदर दिया हो (क्रय समायोजित) तो केवल तुलन पत्र में।

अदत्त और पूर्वदत्त व्यय

अदत्त व्यय (देय, दिया नहीं): व्यय खाता नामे; अदत्त व्यय खाते से। लाभ-हानि (या प्रत्यक्ष हो तो व्यापार) में व्यय में जोड़ें; चालू देयता दिखाएँ।

पूर्वदत्त व्यय (अगले साल के लिए पहले दिया): पूर्वदत्त व्यय खाता नामे; व्यय खाते से। व्यय से घटाएँ; चालू संपत्ति दिखाएँ।

उपार्जित आय और अग्रिम प्राप्त आय

उपार्जित आय (कमाई, मिली नहीं): उपार्जित आय खाता नामे; आय खाते से। लाभ-हानि में आय में जोड़ें; चालू संपत्ति।

अग्रिम प्राप्त आय (मिली, अभी कमाई नहीं): आय खाता नामे; अग्रिम प्राप्त आय खाते से। आय से घटाएँ; चालू देयता।

मूल्यह्रास

मूल्यह्रास खाता नामे; संपत्ति खाते से। लाभ-हानि नामे; तुलन पत्र में संपत्ति से घटाएँ। दर बिना तारीख़ के दी हो तो अंतिम शेष पर पूरे साल का; साल में जुड़ी संपत्ति पर उपयोग के महीनों का।

डूबत ऋण

डूबत ऋण वे रकमें हैं जो देनदारों से वसूल नहीं होंगी। तलपट में दिए डूबत ऋण: केवल लाभ-हानि नामे (देनदार पहले ही घट चुके)। अतिरिक्त डूबत ऋण (समायोजन): डूबत ऋण खाता नामे; देनदार खाते से → लाभ-हानि नामे और तुलन पत्र में देनदारों से घटाएँ।

संदिग्ध ऋणों और देनदारों पर छूट के लिए प्रावधान

संदिग्ध ऋण प्रावधान (रूढ़िवादिता): अतिरिक्त डूबत ऋण घटाने के बाद के देनदारों पर। लाभ-हानि में नामे: नया प्रावधान + डूबत ऋण (तलपट + अतिरिक्त) − पुराना प्रावधान। उत्तर ऋणात्मक हो तो लाभ-हानि में जमा। तुलन पत्र में नया प्रावधान देनदारों से घटाएँ।

देनदारों पर छूट का प्रावधान: अतिरिक्त डूबत ऋण और नया संदिग्ध ऋण प्रावधान घटाने के बाद के देनदारों पर। लाभ-हानि में नामे और देनदारों से घटाएँ।

उदाहरण: देनदार 50,000; अतिरिक्त डूबत 2,000; संदिग्ध 5%; छूट 2%। 48,000 → प्रावधान 2,400 → 45,600 → छूट 912 → शुद्ध 44,688।

असामान्य हानि

असामान्य कारण (आग, चोरी, दुर्घटना) से हानि — सामान्य छीजन नहीं। माल को लागत पर व्यापार से हटाएँ: असामान्य हानि खाता नामे; व्यापार/क्रय खाते से। बीमा हो तो स्वीकृत रकम बीमा दावा खाता नामे (संपत्ति); बाकी लाभ-हानि में आग से हानि। बीमा न हो तो पूरी लागत लाभ-हानि में।

निजी उपयोग के लिए माल (या दान, मुफ़्त नमूने)

स्वामी द्वारा लिया माल: आहरण खाता नामे; क्रय खाते से (लागत पर)। व्यापार में क्रय से घटाएँ; तुलन पत्र में पूँजी से (आहरण के रूप में) घटाएँ। दान में माल: दान खाता नामे; क्रय से। मुफ़्त नमूने: विज्ञापन खाता नामे; क्रय से (दोनों लाभ-हानि में)।

पूँजी पर ब्याज और आहरण पर ब्याज

पूँजी पर ब्याज स्वामी के पैसे का इनाम: पूँजी पर ब्याज खाता नामे; पूँजी खाते से। लाभ-हानि नामे; पूँजी में जोड़ें। आरंभिक पूँजी पर (और अतिरिक्त पूँजी पर उपयोग के महीनों का)। आहरण पर ब्याज उल्टा: पूँजी खाता नामे; आहरण पर ब्याज खाते से — लाभ-हानि जमा, पूँजी से घटाएँ।

प्रबंधक का कमीशन

प्रबंधक को शुद्ध लाभ का % कमीशन मिल सकता है।

प्रविष्टि: प्रबंधक कमीशन खाता नामे; अदत्त कमीशन खाते से। लाभ-हानि नामे; चालू देयता।

उदाहरण: कमीशन से पहले लाभ ₹66,000; घटाने के बाद 10% → 66,000 × 10/110 = ₹6,000। जाँच: (66,000 − 6,000) का 10% = 6,000 ✓।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. किराया दिया ₹22,000 (तलपट); अदत्त किराया ₹2,000। व्यवहार?

लाभ-हानि: किराया ₹24,000 (नामे)। तुलन पत्र: अदत्त किराया ₹2,000 चालू देयता।

2. 1 अक्टूबर 2025 को एक साल का बीमा ₹6,000 दिया। खाते 31 मार्च 2026 को बंद। पूर्वदत्त?

6 महीने उपयोग = 3,000; पूर्वदत्त ₹3,000 चालू संपत्ति।

3. देनदार ₹50,000; तलपट में डूबत ऋण ₹1,000; अतिरिक्त ₹2,000; पुराना प्रावधान ₹1,500; नया 5%। लाभ-हानि भार और शुद्ध देनदार?

नया प्रावधान 2,400; भार = 2,400 + 1,000 + 2,000 − 1,500 = ₹3,900; तुलन पत्र में देनदार 45,600।

4. ₹10,000 का माल आग से नष्ट; बीमा कंपनी ₹6,000 मानती है। असर?

व्यापार खाता जमा ₹10,000; बीमा दावा ₹6,000 चालू संपत्ति; आग से हानि ₹4,000 लाभ-हानि में।

5. पूँजी ₹2,00,000; ब्याज 10%; 1 अक्टूबर 2025 को अतिरिक्त पूँजी ₹60,000 (साल 31 मार्च 2026)। ब्याज?

20,000 + 3,000 = ₹23,000 — लाभ-हानि नामे, पूँजी में जोड़।

6. कमीशन से पहले शुद्ध लाभ ₹66,000। कमीशन 10% (क) घटाने से पहले, (ख) घटाने के बाद।

(क) ₹6,600। (ख) 66,000 × 10/110 = ₹6,000।

7. स्वामी ₹3,000 का माल निजी उपयोग के लिए ले गया (लिखा नहीं)। व्यवहार?

व्यापार में क्रय से ₹3,000 घटाएँ; तुलन पत्र में आहरण जोड़कर पूँजी से घटाएँ। शुद्ध लाभ नहीं बदलता।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. अदत्त वेतन तुलन पत्र में दिखता है:
2. पूर्वदत्त बीमा:
3. अग्रिम प्राप्त आय है:
4. ₹55,000 लाभ पर घटाने के बाद 10% प्रबंधक कमीशन:
5. निजी उपयोग का माल जुड़ता है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतिम खातों में समायोजन क्या हैं?

तलपट के बाद पता चली साल की मदें, जैसे अंतिम स्टॉक, अदत्त और पूर्वदत्त व्यय, मूल्यह्रास और प्रावधान, जो सही लाभ और स्थिति के लिए अंतिम खातों में लाई जाती हैं।

कमीशन घटाने के बाद प्रबंधक का कमीशन कैसे निकालें?

कमीशन से पहले शुद्ध लाभ × दर ÷ (100 + दर)।

अदत्त व्यय अंतिम खातों में कैसे दिखते हैं?

लाभ-हानि (या व्यापार) खाते में संबंधित व्यय में जोड़े जाते हैं और तुलन पत्र में चालू देयता के रूप में।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12The Accounting Cycle
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11एकल स्वामित्व के वित्तीय विवरण

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी लेखाशास्त्र पाठ