समायोजन क्यों? अंतिम स्टॉक
समायोजन उन मदों को खातों में लाते हैं जो इस साल की हैं पर अभी लिखी नहीं गईं, ताकि आय और व्यय उपार्जन और मिलान सिद्धांत पर चलें।
अंतिम स्टॉक (तलपट के बाहर दिया): अंतिम स्टॉक खाता नामे; व्यापार खाते से। व्यापार खाते के जमा पक्ष में और तुलन पत्र में चालू संपत्ति। तलपट के अंदर दिया हो (क्रय समायोजित) तो केवल तुलन पत्र में।
अदत्त और पूर्वदत्त व्यय
अदत्त व्यय (देय, दिया नहीं): व्यय खाता नामे; अदत्त व्यय खाते से। लाभ-हानि (या प्रत्यक्ष हो तो व्यापार) में व्यय में जोड़ें; चालू देयता दिखाएँ।
पूर्वदत्त व्यय (अगले साल के लिए पहले दिया): पूर्वदत्त व्यय खाता नामे; व्यय खाते से। व्यय से घटाएँ; चालू संपत्ति दिखाएँ।
उपार्जित आय और अग्रिम प्राप्त आय
उपार्जित आय (कमाई, मिली नहीं): उपार्जित आय खाता नामे; आय खाते से। लाभ-हानि में आय में जोड़ें; चालू संपत्ति।
अग्रिम प्राप्त आय (मिली, अभी कमाई नहीं): आय खाता नामे; अग्रिम प्राप्त आय खाते से। आय से घटाएँ; चालू देयता।
मूल्यह्रास
मूल्यह्रास खाता नामे; संपत्ति खाते से। लाभ-हानि नामे; तुलन पत्र में संपत्ति से घटाएँ। दर बिना तारीख़ के दी हो तो अंतिम शेष पर पूरे साल का; साल में जुड़ी संपत्ति पर उपयोग के महीनों का।
डूबत ऋण
डूबत ऋण वे रकमें हैं जो देनदारों से वसूल नहीं होंगी। तलपट में दिए डूबत ऋण: केवल लाभ-हानि नामे (देनदार पहले ही घट चुके)। अतिरिक्त डूबत ऋण (समायोजन): डूबत ऋण खाता नामे; देनदार खाते से → लाभ-हानि नामे और तुलन पत्र में देनदारों से घटाएँ।
संदिग्ध ऋणों और देनदारों पर छूट के लिए प्रावधान
संदिग्ध ऋण प्रावधान (रूढ़िवादिता): अतिरिक्त डूबत ऋण घटाने के बाद के देनदारों पर। लाभ-हानि में नामे: नया प्रावधान + डूबत ऋण (तलपट + अतिरिक्त) − पुराना प्रावधान। उत्तर ऋणात्मक हो तो लाभ-हानि में जमा। तुलन पत्र में नया प्रावधान देनदारों से घटाएँ।
देनदारों पर छूट का प्रावधान: अतिरिक्त डूबत ऋण और नया संदिग्ध ऋण प्रावधान घटाने के बाद के देनदारों पर। लाभ-हानि में नामे और देनदारों से घटाएँ।
उदाहरण: देनदार 50,000; अतिरिक्त डूबत 2,000; संदिग्ध 5%; छूट 2%। 48,000 → प्रावधान 2,400 → 45,600 → छूट 912 → शुद्ध 44,688।
असामान्य हानि
असामान्य कारण (आग, चोरी, दुर्घटना) से हानि — सामान्य छीजन नहीं। माल को लागत पर व्यापार से हटाएँ: असामान्य हानि खाता नामे; व्यापार/क्रय खाते से। बीमा हो तो स्वीकृत रकम बीमा दावा खाता नामे (संपत्ति); बाकी लाभ-हानि में आग से हानि। बीमा न हो तो पूरी लागत लाभ-हानि में।
निजी उपयोग के लिए माल (या दान, मुफ़्त नमूने)
स्वामी द्वारा लिया माल: आहरण खाता नामे; क्रय खाते से (लागत पर)। व्यापार में क्रय से घटाएँ; तुलन पत्र में पूँजी से (आहरण के रूप में) घटाएँ। दान में माल: दान खाता नामे; क्रय से। मुफ़्त नमूने: विज्ञापन खाता नामे; क्रय से (दोनों लाभ-हानि में)।
पूँजी पर ब्याज और आहरण पर ब्याज
पूँजी पर ब्याज स्वामी के पैसे का इनाम: पूँजी पर ब्याज खाता नामे; पूँजी खाते से। लाभ-हानि नामे; पूँजी में जोड़ें। आरंभिक पूँजी पर (और अतिरिक्त पूँजी पर उपयोग के महीनों का)। आहरण पर ब्याज उल्टा: पूँजी खाता नामे; आहरण पर ब्याज खाते से — लाभ-हानि जमा, पूँजी से घटाएँ।
प्रबंधक का कमीशन
प्रबंधक को शुद्ध लाभ का % कमीशन मिल सकता है।
- कमीशन घटाने से पहले: कमीशन = शुद्ध लाभ (कमीशन से पहले) × दर/100।
- कमीशन घटाने के बाद: कमीशन = शुद्ध लाभ (कमीशन से पहले) × दर/(100 + दर)।
प्रविष्टि: प्रबंधक कमीशन खाता नामे; अदत्त कमीशन खाते से। लाभ-हानि नामे; चालू देयता।
उदाहरण: कमीशन से पहले लाभ ₹66,000; घटाने के बाद 10% → 66,000 × 10/110 = ₹6,000। जाँच: (66,000 − 6,000) का 10% = 6,000 ✓।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अदत्त व्यय: व्यय + (लाभ-हानि), चालू देयता (तुलन पत्र)
- पूर्वदत्त व्यय: व्यय − , चालू संपत्ति
- उपार्जित आय: आय + , चालू संपत्ति
- अग्रिम प्राप्त आय: आय − , चालू देयता
- संदिग्ध ऋण प्रावधान का भार = नया प्रावधान + सब डूबत ऋण − पुराना प्रावधान
- कमीशन (घटाने के बाद) = लाभ × दर/(100 + दर)
- कमीशन (घटाने से पहले) = लाभ × दर/100
हल किए गए उदाहरण
1. किराया दिया ₹22,000 (तलपट); अदत्त किराया ₹2,000। व्यवहार?
लाभ-हानि: किराया ₹24,000 (नामे)। तुलन पत्र: अदत्त किराया ₹2,000 चालू देयता।
2. 1 अक्टूबर 2025 को एक साल का बीमा ₹6,000 दिया। खाते 31 मार्च 2026 को बंद। पूर्वदत्त?
6 महीने उपयोग = 3,000; पूर्वदत्त ₹3,000 चालू संपत्ति।
3. देनदार ₹50,000; तलपट में डूबत ऋण ₹1,000; अतिरिक्त ₹2,000; पुराना प्रावधान ₹1,500; नया 5%। लाभ-हानि भार और शुद्ध देनदार?
नया प्रावधान 2,400; भार = 2,400 + 1,000 + 2,000 − 1,500 = ₹3,900; तुलन पत्र में देनदार 45,600।
4. ₹10,000 का माल आग से नष्ट; बीमा कंपनी ₹6,000 मानती है। असर?
व्यापार खाता जमा ₹10,000; बीमा दावा ₹6,000 चालू संपत्ति; आग से हानि ₹4,000 लाभ-हानि में।
5. पूँजी ₹2,00,000; ब्याज 10%; 1 अक्टूबर 2025 को अतिरिक्त पूँजी ₹60,000 (साल 31 मार्च 2026)। ब्याज?
20,000 + 3,000 = ₹23,000 — लाभ-हानि नामे, पूँजी में जोड़।
6. कमीशन से पहले शुद्ध लाभ ₹66,000। कमीशन 10% (क) घटाने से पहले, (ख) घटाने के बाद।
(क) ₹6,600। (ख) 66,000 × 10/110 = ₹6,000।
7. स्वामी ₹3,000 का माल निजी उपयोग के लिए ले गया (लिखा नहीं)। व्यवहार?
व्यापार में क्रय से ₹3,000 घटाएँ; तुलन पत्र में आहरण जोड़कर पूँजी से घटाएँ। शुद्ध लाभ नहीं बदलता।
आम गलतियाँ
- समायोजन को केवल एक जगह दिखाना। हर समायोजन के दो असर हैं।
- अतिरिक्त डूबत ऋण घटाए बिना संदिग्ध ऋण प्रावधान निकालना।
- घटाने के बाद वाला कमीशन दर/100 से निकालना (दर/(100 + दर) लें)।
- बीमे से कुछ मिलने पर भी पूरी असामान्य हानि लाभ-हानि में डालना।