त्रिकोणमिति क्या है?
त्रिकोणमिति का मतलब है "त्रिभुज को मापना"। यह समकोण त्रिभुज के कोणों को उसकी भुजाओं की लंबाई से जोड़ती है। न्यून कोण वह कोण है जो 90° से छोटा हो। समकोण त्रिभुज के बाकी दोनों कोण हमेशा न्यून होते हैं।
भुजाओं के नाम: लंब, आधार, कर्ण
समकोण त्रिभुज ABC लो, जिसमें B पर समकोण है। कोण A से देखो।
- कर्ण AC: सबसे लंबी भुजा, समकोण के सामने। यह कभी नहीं बदलता।
- लंब (सम्मुख भुजा) BC: कोण A के सामने वाली भुजा।
- आधार (आसन्न भुजा) AB: कोण A से लगी भुजा जो कर्ण नहीं है।
अगर कोण C से देखो तो लंब और आधार की जगह बदल जाती है। इसलिए हमेशा पूछो: "मैं किस कोण पर खड़ा हूँ?"
छह त्रिकोणमितीय अनुपात
कोण A के लिए:
- sin A = लंब / कर्ण = BC/AC
- cos A = आधार / कर्ण = AB/AC
- tan A = लंब / आधार = BC/AB
- cosec A = 1/sin A = AC/BC
- sec A = 1/cos A = AC/AB
- cot A = 1/tan A = AB/BC
साथ ही tan A = sin A / cos A और cot A = cos A / sin A।
आकार से अनुपात क्यों नहीं बदलता? एक ही कोण A वाले दो समकोण त्रिभुज समरूप होते हैं। समरूप त्रिभुजों की भुजाएँ एक ही अनुपात में होती हैं, इसलिए हर अनुपात वही रहता है। 3D के चौथे चरण में यही दिखता है।
कर्ण सबसे लंबा है, इसलिए न्यून कोण के लिए sin A और cos A हमेशा 1 से कम होते हैं।
एक अनुपात दिया हो तो बाकी कैसे निकालें
अगर sin A = 3/5 है, तो लंब = 3k और कर्ण = 5k लो। पाइथागोरस से आधार = √(25k² − 9k²) = 4k। अब सब पढ़ लो: cos A = 4/5, tan A = 3/4, cosec A = 5/3, sec A = 5/4, cot A = 4/3। k हमेशा कट जाता है।
0°, 30°, 45°, 60°, 90° पर मान
| A | 0° | 30° | 45° | 60° | 90° |
|---|---|---|---|---|---|
| sin A | 0 | 1/2 | 1/√2 | √3/2 | 1 |
| cos A | 1 | √3/2 | 1/√2 | 1/2 | 0 |
| tan A | 0 | 1/√3 | 1 | √3 | अपरिभाषित |
| cosec A | अपरिभाषित | 2 | √2 | 2/√3 | 1 |
| sec A | 1 | 2/√3 | √2 | 2 | अपरिभाषित |
| cot A | अपरिभाषित | √3 | 1 | 1/√3 | 0 |
ये मान आते कहाँ से हैं? 45°: दोनों छोटी भुजाएँ बराबर (1 और 1), तो कर्ण √2 और sin 45° = cos 45° = 1/√2। 30° और 60°: भुजा 2 वाले समबाहु त्रिभुज को आधा काटो। भुजाएँ 1, √3 और 2 मिलती हैं, तो sin 30° = 1/2 और sin 60° = √3/2। 0° और 90°: त्रिभुज को चपटा करो (लंब 0) या खड़ा करो (आधार 0)।
बोर्ड परीक्षा में अक्सर 2 tan²45° + cos²30° − sin²60° जैसे व्यंजक का मान पूछा जाता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- sin A = लंब / कर्ण
- cos A = आधार / कर्ण
- tan A = लंब / आधार = sin A / cos A
- cosec A = 1/sin A, sec A = 1/cos A, cot A = 1/tan A
- sin 30° = 1/2, sin 45° = 1/√2, sin 60° = √3/2
- tan 30° = 1/√3, tan 45° = 1, tan 60° = √3
हल किए गए उदाहरण
1. समकोण त्रिभुज ABC (B पर समकोण) में AB = 4 cm, BC = 3 cm है। sin A, cos A, tan A निकालो।
कर्ण AC = √(16 + 9) = 5 cm। A से: लंब = BC = 3, आधार = AB = 4। sin A = 3/5, cos A = 4/5, tan A = 3/4।
2. अगर tan A = 5/12 है, तो sin A और cos A निकालो।
लंब = 5k, आधार = 12k। कर्ण = √(25k² + 144k²) = 13k। sin A = 5/13, cos A = 12/13।
3. sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60° का मान निकालो।
(√3/2)(√3/2) + (1/2)(1/2) = 3/4 + 1/4 = 1।
4. 2 tan²45° + cos²30° − sin²60° का मान निकालो।
2(1) + 3/4 − 3/4 = 2।
5. sin(A − B) = 1/2 और cos(A + B) = 1/2 है, A और B न्यून कोण हैं, A > B। A और B निकालो।
sin 30° = 1/2, तो A − B = 30°। cos 60° = 1/2, तो A + B = 60°। जोड़ने पर 2A = 90°, A = 45°, B = 15°।
6. त्रिभुज PQR में Q पर समकोण है, PR + QR = 25 cm और PQ = 5 cm। sin P, cos P, tan P निकालो।
QR = x, तो PR = 25 − x। पाइथागोरस: (25 − x)² = 25 + x² → 625 − 50x = 25 → x = 12। QR = 12, PR = 13। P से: लंब = 12, आधार = 5। sin P = 12/13, cos P = 5/13, tan P = 12/5।
7. अगर 3 cot A = 4 है, तो जाँचो कि (1 − tan²A)/(1 + tan²A) = cos²A − sin²A है या नहीं।
tan A = 3/4। आधार 4k, लंब 3k, कर्ण 5k। बायाँ पक्ष: (7/16)/(25/16) = 7/25। दायाँ पक्ष: 16/25 − 9/25 = 7/25। दोनों बराबर हैं।
आम गलतियाँ
- लंब और आधार में गड़बड़। ये इस पर निर्भर हैं कि तुम किस कोण से देख रहे हो।
- sin A को sin × A समझना। "sin A" एक ही चीज़ है: कोण A का ज्या (sine)।
- tan 90° = ∞ या 0 लिखना। सही उत्तर: अपरिभाषित (0 से भाग नहीं होता)।
- सोचना कि बड़े त्रिभुज में sin बड़ा होगा। अनुपात सिर्फ़ कोण पर निर्भर है।