अनुपात क्या है और क्यों?
लेखांकन अनुपात वित्तीय विवरणों की दो संबंधित मदों का गणितीय संबंध है: शुद्ध अनुपात (2 : 1), प्रतिशत (40%) या दर (6 बार)।
उपयोग: आँकड़े सरल, प्रवृत्ति, तुलना, ताक़त-कमज़ोरी। सीमाएँ: पुराने आँकड़े, लेखा नीतियाँ, मूल्य परिवर्तन, गुणात्मक तथ्य नहीं।
तरलता अनुपात
चालू अनुपात = चालू संपत्ति ÷ चालू दायित्व। आदर्श लगभग 2 : 1।
तरल अनुपात = तरल संपत्ति ÷ चालू दायित्व; तरल संपत्ति = चालू संपत्ति − स्टॉक − पूर्वदत्त व्यय। आदर्श लगभग 1 : 1।
शोधन क्षमता अनुपात
- ऋण-समता = दीर्घकालीन ऋण ÷ अंशधारक निधि।
- कुल संपत्ति-ऋण = कुल संपत्ति ÷ दीर्घकालीन ऋण।
- स्वामित्व अनुपात = अंशधारक निधि ÷ कुल संपत्ति।
- ऋण-नियोजित पूँजी = दीर्घकालीन ऋण ÷ नियोजित पूँजी।
- ब्याज आवरण = ब्याज व कर पूर्व शुद्ध लाभ ÷ दीर्घकालीन ऋण पर ब्याज।
अंशधारक निधि = अंश पूँजी + संचय एवं आधिक्य। नियोजित पूँजी = अंशधारक निधि + दीर्घकालीन ऋण।
क्रियाशीलता (आवर्त) अनुपात
- स्टॉक आवर्त = परिचालन आगम की लागत ÷ औसत स्टॉक। आगम लागत = आगम − सकल लाभ।
- व्यापार प्राप्य आवर्त = शुद्ध उधार आगम ÷ औसत व्यापार प्राप्य। औसत वसूली अवधि = 12 महीने ÷ आवर्त।
- व्यापार देय आवर्त = शुद्ध उधार क्रय ÷ औसत व्यापार देय।
- स्थायी संपत्ति आवर्त = आगम ÷ शुद्ध स्थायी संपत्ति।
- शुद्ध संपत्ति (नियोजित पूँजी) आवर्त = आगम ÷ नियोजित पूँजी।
- कार्यशील पूँजी आवर्त = आगम ÷ कार्यशील पूँजी (चालू संपत्ति − चालू दायित्व)।
औसत = (प्रारंभिक + अंतिम) ÷ 2। उत्तर 'बार' में।
लाभदायकता अनुपात
- सकल लाभ अनुपात = सकल लाभ ÷ आगम × 100।
- परिचालन अनुपात = (आगम लागत + परिचालन व्यय) ÷ आगम × 100।
- परिचालन लाभ अनुपात = 100 − परिचालन अनुपात।
- शुद्ध लाभ अनुपात = कर बाद शुद्ध लाभ ÷ आगम × 100।
- निवेश पर प्रत्याय = ब्याज व कर पूर्व लाभ ÷ नियोजित पूँजी × 100।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चालू अनुपात = चालू संपत्ति ÷ चालू दायित्व
- तरल अनुपात = (चालू संपत्ति − स्टॉक − पूर्वदत्त) ÷ चालू दायित्व
- ऋण-समता = दीर्घकालीन ऋण ÷ अंशधारक निधि
- कुल संपत्ति-ऋण = कुल संपत्ति ÷ दीर्घकालीन ऋण
- स्वामित्व = अंशधारक निधि ÷ कुल संपत्ति
- ऋण-नियोजित पूँजी = दीर्घकालीन ऋण ÷ (दीर्घकालीन ऋण + अंशधारक निधि)
- ब्याज आवरण = PBIT ÷ दीर्घकालीन ऋण पर ब्याज
- स्टॉक आवर्त = आगम लागत ÷ औसत स्टॉक
- प्राप्य आवर्त = उधार आगम ÷ औसत प्राप्य
- देय आवर्त = उधार क्रय ÷ औसत देय
- स्थायी संपत्ति आवर्त = आगम ÷ शुद्ध स्थायी संपत्ति
- शुद्ध संपत्ति आवर्त = आगम ÷ नियोजित पूँजी
- कार्यशील पूँजी आवर्त = आगम ÷ (चालू संपत्ति − चालू दायित्व)
- सकल लाभ % = सकल लाभ ÷ आगम × 100; परिचालन अनुपात = (आगम लागत + परिचालन व्यय) ÷ आगम × 100
- परिचालन लाभ % = 100 − परिचालन अनुपात; शुद्ध लाभ % = शुद्ध लाभ ÷ आगम × 100
- ROI = PBIT ÷ नियोजित पूँजी × 100
हल किए गए उदाहरण
1. चालू संपत्ति ₹4,00,000 (स्टॉक ₹1,40,000, पूर्वदत्त ₹10,000); चालू दायित्व ₹2,00,000।
चालू 2 : 1; तरल 2,50,000 → 1.25 : 1।
2. अंश पूँजी ₹5,00,000, संचय ₹1,00,000, ऋणपत्र ₹3,00,000, कुल संपत्ति ₹11,00,000।
ऋण-समता 0.5 : 1; कुल संपत्ति-ऋण 3.67 : 1; स्वामित्व 0.55 : 1।
3. उसी फर्म का ऋण-नियोजित पूँजी।
3,00,000 ÷ 9,00,000 = 0.33 : 1।
4. कर बाद लाभ ₹1,80,000; कर ₹60,000; ऋणपत्र ब्याज ₹30,000। ब्याज आवरण।
PBIT 2,70,000 ÷ 30,000 = 9 बार।
5. आगम ₹15,00,000; सकल लाभ 40%; स्टॉक ₹1,40,000 और ₹1,60,000। स्टॉक आवर्त।
लागत 9,00,000 ÷ 1,50,000 = 6 बार।
6. उधार आगम ₹12,00,000; देनदार ₹1,80,000 और ₹2,20,000।
6 बार; वसूली अवधि 2 महीने।
7. आगम ₹15,00,000; शुद्ध स्थायी संपत्ति ₹7,50,000; नियोजित पूँजी ₹10,00,000; कार्यशील पूँजी ₹2,50,000।
2 बार; 1.5 बार; 6 बार।
8. आगम ₹15,00,000; लागत ₹9,00,000; परिचालन व्यय ₹3,00,000; शुद्ध लाभ ₹1,80,000; PBIT ₹2,70,000; नियोजित पूँजी ₹9,00,000।
सकल लाभ 40%; परिचालन 80%; परिचालन लाभ 20%; शुद्ध लाभ 12%; ROI 30%।
आम गलतियाँ
- ऋण-समता में कुल ऋण लेना; केवल दीर्घकालीन।
- तरल संपत्ति से पूर्वदत्त व्यय न हटाना।
- स्टॉक आवर्त में आगम लेना; आगम लागत लें।
- ROI और ब्याज आवरण में कर बाद लाभ लेना; PBIT लें।