व्यापारिक व्यवसाय अलग क्यों है?
सेवा व्यवसाय (ट्यूटर, सैलून) काम बेचता है। व्यापारिक व्यवसाय (दुकान, थोक विक्रेता) बना-बनाया खरीदा माल बेचता है। इसलिए उसे कुछ अतिरिक्त खाते चाहिए।
- स्टॉक (Merchandise inventory): शेल्फ़ पर रखा माल जो बिकना है। यह चालू संपत्ति है।
- खरीद (Purchases) (आवधिक प्रणाली): दोबारा बेचने के लिए खरीदे माल की लागत।
- खरीद वापसी और खरीद छूट: ये खरीद को घटाते हैं।
- आवक भाड़ा (Freight-in): माल को दुकान तक लाने का खर्च। यह माल की लागत में जुड़ता है।
- बिक्री, बिक्री वापसी, बिक्री छूट: बिक्री में से बाकी दो घटाने पर शुद्ध बिक्री।
- बेचे गए माल की लागत (COGS): बिके माल पर व्यवसाय की लागत।
सकल लाभ = शुद्ध बिक्री − COGS। इसी से किराया, वेतन और बाकी खर्च चुकाए जाते हैं।
सतत और आवधिक स्टॉक प्रणाली
सतत प्रणाली (Perpetual): हर खरीद और हर बिक्री पर Inventory खाता बदलता है। काउंटर का बारकोड स्कैनर यही करता है। स्टॉक और COGS हमेशा पता रहते हैं।
आवधिक प्रणाली (Periodic): खरीद Purchases खाते में जाती है। अवधि के अंत में भौतिक गिनती के बाद ही स्टॉक और COGS निकलते हैं।
प्रविष्टियाँ साथ-साथ (5,000 का माल उधार खरीदा, फिर 3,000 लागत का माल 4,500 नकद में बेचा)
| घटना | सतत | आवधिक |
|---|---|---|
| खरीद | Dr Inventory 5,000 / Cr Accounts Payable 5,000 | Dr Purchases 5,000 / Cr Accounts Payable 5,000 |
| बिक्री | Dr Cash 4,500 / Cr Sales 4,500 और Dr COGS 3,000 / Cr Inventory 3,000 | Dr Cash 4,500 / Cr Sales 4,500 (लागत की प्रविष्टि नहीं) |
| 200 का माल वापस | Dr Accounts Payable 200 / Cr Inventory 200 | Dr Accounts Payable 200 / Cr Purchase Returns 200 |
गिनती और स्टॉक की सुरक्षा
सतत प्रणाली में भी साल में कम से कम एक बार गिनती करो, अक्सर दुकान बंद होने के बाद। किताब के स्टॉक और गिने गए स्टॉक का अंतर कमी (shrinkage) है: चोरी, टूट-फूट या गलती। स्टॉक बचाने के लिए: ताले वाला गोदाम, खरीदने, माल लेने और लिखने वाले अलग-अलग लोग, अचानक गिनती और CCTV।
शुद्ध खरीद, शुद्ध बिक्री और बेचे गए माल की लागत
शुद्ध खरीद = खरीद − खरीद वापसी − खरीद छूट + आवक भाड़ा।
शुद्ध बिक्री = बिक्री − बिक्री वापसी − बिक्री छूट।
COGS = शुरू का स्टॉक + शुद्ध खरीद − अंत का स्टॉक। बीच का जोड़ (शुरू + शुद्ध खरीद) बिक्री योग्य माल कहलाता है।
छूट की शर्तें
"2/10, n/30" का मतलब: 10 दिन में भुगतान करो तो 2% छूट, नहीं तो पूरी रकम 30 दिन में। खरीदार इसे खरीद छूट और विक्रेता बिक्री छूट लिखता है।
भाड़े की शर्तें
FOB shipping point: माल निकलते ही खरीदार का, इसलिए भाड़ा खरीदार देता है। FOB destination: पहुँचने तक माल विक्रेता का, भाड़ा विक्रेता देता है (जावक भाड़ा बिक्री खर्च है)।
बिक्री कर
ग्राहक से लिया गया कर (GST, VAT, HST) दुकान की आय नहीं है। यह सरकार को देना है, यानी देयता। उदाहरण: 1,000 की बिक्री + 13% कर: Dr Cash 1,130 / Cr Sales 1,000 / Cr Sales Tax Payable 130। खरीद पर दिया कर अक्सर वापस मिल जाता है (इनपुट टैक्स क्रेडिट)।
लेखांकन चक्र: विवरण, समायोजन और समापन प्रविष्टियाँ
चक्र सेवा व्यवसाय जैसा ही है: रोज़नामचा → खाता-बही → तलपट → समायोजन → वित्तीय विवरण → समापन प्रविष्टियाँ। अंतर स्टॉक का है।
- स्टॉक का समायोजन: सतत प्रणाली में कमी लिखो (Dr COGS / Cr Inventory)। आवधिक में गिनती से अंत का स्टॉक मिलता है।
- बहु-चरण आय विवरण: शुद्ध बिक्री → − COGS → सकल लाभ → − संचालन खर्च (बिक्री और प्रशासन) → संचालन आय → ± अन्य मदें → शुद्ध आय।
- वर्गीकृत तुलन-पत्र: चालू संपत्ति (नकद, देनदार, स्टॉक, अग्रिम भुगतान), दीर्घकालीन संपत्ति, चालू देयता (लेनदार, देय बिक्री कर), दीर्घकालीन देयता, स्वामी की पूँजी।
- समापन प्रविष्टियाँ: बिक्री जैसे अस्थायी खाते Income Summary में बंद करो; COGS (या आवधिक में Purchases, वापसी, छूट, आवक भाड़ा) और खर्च भी; फिर Income Summary और आहरण को पूँजी में।
साल का अंत क्यों अहम है: अंत का स्टॉक गलत तो लाभ गलत। अगर स्टॉक 1,000 ज़्यादा गिना गया, तो COGS 1,000 कम और लाभ 1,000 ज़्यादा दिखेगा; अगले साल उल्टा होगा।
नियम और विकल्प (GAAP / IFRS): स्टॉक लागत पर, या शुद्ध वसूली योग्य मूल्य पर अगर वह कम हो (रूढ़िवादिता)। लागत FIFO या भारित औसत से निकलती है। हर साल एक ही विधि (संगति)। एक-चरण आय विवरण भी मान्य विकल्प है।
स्टॉक आवर्त (Inventory turnover) = COGS ÷ औसत स्टॉक। ज़्यादा = माल जल्दी बिकता है; कम = माल शेल्फ़ पर पड़ा रहता है। लेखा सॉफ़्टवेयर सतत रिकॉर्ड रखता है, स्टॉक रिपोर्ट देता है और कम स्टॉक की चेतावनी देता है।
करके देखो: कागज़ पर छोटी दुकान
घर की 5 चीज़ें लो (मान लो 5 पेन, 10-10 में खरीदे)। 3 पेन घर के किसी सदस्य को 15-15 में "बेचो"। दोनों तरीकों से प्रविष्टि लिखो: सतत (हर बिक्री पर दो प्रविष्टियाँ) और आवधिक (अंत में बचे 2 पेन गिनो)। जाँचो कि दोनों में COGS = 30 और सकल लाभ = 15 आता है। फिर 3D के आख़िरी चरण के स्लाइडर चलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- शुद्ध बिक्री = बिक्री − बिक्री वापसी − बिक्री छूट
- शुद्ध खरीद = खरीद − खरीद वापसी − खरीद छूट + आवक भाड़ा
- बिक्री योग्य माल = शुरू का स्टॉक + शुद्ध खरीद
- COGS = बिक्री योग्य माल − अंत का स्टॉक
- सकल लाभ = शुद्ध बिक्री − COGS
- शुद्ध आय = सकल लाभ − संचालन खर्च (± अन्य मदें)
- सकल लाभ % = सकल लाभ ÷ शुद्ध बिक्री × 100
- स्टॉक आवर्त = COGS ÷ औसत स्टॉक
हल किए गए उदाहरण
1. खरीद 50,000; खरीद वापसी 2,000; खरीद छूट 1,000; आवक भाड़ा 3,000। शुद्ध खरीद निकालो।
शुद्ध खरीद = 50,000 − 2,000 − 1,000 + 3,000 = 50,000।
2. शुरू का स्टॉक 10,000; शुद्ध खरीद 50,000; अंत का स्टॉक 12,000। COGS?
बिक्री योग्य माल = 10,000 + 50,000 = 60,000। COGS = 60,000 − 12,000 = 48,000।
3. बिक्री 90,000; बिक्री वापसी 2,000; बिक्री छूट 1,000; COGS 48,000; संचालन खर्च 25,000। सकल लाभ और शुद्ध आय?
शुद्ध बिक्री = 90,000 − 2,000 − 1,000 = 87,000। सकल लाभ = 87,000 − 48,000 = 39,000। शुद्ध आय = 39,000 − 25,000 = 14,000।
4. सतत प्रणाली: 6,000 लागत का माल 9,000 में उधार बेचा। प्रविष्टियाँ लिखो।
Dr Accounts Receivable 9,000 / Cr Sales 9,000। Dr COGS 6,000 / Cr Merchandise Inventory 6,000।
5. 10,000 का बिल, शर्त 2/10, n/30, 8वें दिन चुकाया। कितना दिया और प्रविष्टि (सतत)?
छूट = 2% × 10,000 = 200। भुगतान 9,800। Dr Accounts Payable 10,000 / Cr Cash 9,800 / Cr Inventory 200।
6. COGS 48,000; शुरू का स्टॉक 10,000; अंत का स्टॉक 14,000। स्टॉक आवर्त और बिकने के दिन?
औसत स्टॉक = (10,000 + 14,000) ÷ 2 = 12,000। आवर्त = 48,000 ÷ 12,000 = 4 बार। दिन = 365 ÷ 4 ≈ 91 दिन।
आम गलतियाँ
- खरीद वापसी या छूट को खरीद में जोड़ देना। ये घटती हैं; केवल आवक भाड़ा जुड़ता है।
- सतत प्रणाली में सिर्फ़ बिक्री लिखना और दूसरी प्रविष्टि (Dr COGS / Cr Inventory) भूल जाना।
- ग्राहक से लिए बिक्री कर को आय मानना। यह सरकार को देय है, यानी देयता।
- यह सोचना कि अंत का स्टॉक ज़्यादा होने से COGS बढ़ता है। असल में COGS घटता है और सकल लाभ बढ़ता है।