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वर्तमान साझेदारों के लाभ-विभाजन अनुपात में परिवर्तन

जब साझेदार नया अनुपात तय करते हैं तो कुछ अपना हिस्सा छोड़ते हैं (त्याग) और कुछ को ज़्यादा मिलता है (लाभ)। लाभ पाने वाला त्याग करने वाले को ख्याति का मूल्य देता है। संपत्ति-दायित्व का पुनर्मूल्यांकन होता है, और पुराने संचय व लाभ पुराने अनुपात में बँटते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. A और B लाभ 3 : 2 में बाँटते हैं। 10 टुकड़ों का पिज़्ज़ा: A के 6, B के 4। नया अनुपात 1 : 1 तय हुआ। अब दोनों के 5-5।
  2. A का 1 टुकड़ा (1/10) गया: A त्याग करने वाला साझेदार। B को 1 मिला: B लाभ पाने वाला। त्याग = पुराना − नया हिस्सा। लाभ = नया − पुराना।
  3. ख्याति ₹60,000। B को 1/10 मिला, इसलिए B, A को 1/10 × 60,000 = ₹6,000 पूँजी खातों से देता है।
  4. पुनर्मूल्यांकन: भवन ₹20,000 बढ़ा, स्टॉक ₹5,000 घटा। पुनर्मूल्यांकन खाता ₹15,000 लाभ दिखाता है, पुराने अनुपात 3 : 2 में बँटता है।
  5. संचय और संचित लाभ: ₹50,000 का सामान्य संचय पुराने अनुपात में बना, इसलिए A को 30,000, B को 20,000। पिछली हानि भी ऐसे ही नामे।
  6. आपकी बारी: पुराना और नया अनुपात चुनें। देखें कौन त्याग करता है, किसे लाभ और ख्याति का भुगतान।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

पुनर्मूल्यांकन लाभ पुराने अनुपात में क्यों?

मूल्य का बदलाव पुराने अनुपात के समय हुआ, इसलिए वह पुराने बँटवारे का है।

लाभ पाने वाला ख्याति क्यों दे?

उसे अब फर्म के नाम से आने वाले अतिरिक्त लाभ का ज़्यादा हिस्सा मिलेगा, जो दूसरे ने छोड़ा।

संचय को पुस्तकों में ही क्यों न रहने दें?

रह सकता है, पर तब एक समायोजन प्रविष्टि ज़रूरी है, वरना लाभ पाने वाला पुराने लाभ का हिस्सा ले लेगा।

क्या कोई न त्याग करे न लाभ पाए?

हाँ, अगर पुराना और नया हिस्सा बराबर हो।

अनुपात क्यों बदलता है

उन्हीं साझेदारों में अनुपात बदलना फर्म का पुनर्गठन है: पुराना समझौता ख़त्म, नया शुरू। ऐसा तब होता है जब कोई ज़्यादा काम करे, ज़्यादा पूँजी लाए या कम सक्रिय हो।

तीन बातें तय करनी होती हैं: ख्याति, संपत्ति-दायित्व का पुनर्मूल्यांकन, और संचय व संचित लाभ-हानि।

त्याग अनुपात और लाभ अनुपात

त्याग = पुराना हिस्सा − नया हिस्सा। लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा।

त्यागों का अनुपात त्याग अनुपात, लाभों का अनुपात लाभ अनुपात। कुल त्याग = कुल लाभ।

ख्याति प्रविष्टि: लाभ पाने वाले का पूँजी खाता नामे, त्याग करने वाले का पूँजी खाता जमा।

संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन और दायित्वों का पुनर्निर्धारण

पुस्तक मूल्य असली मूल्य से अलग हो सकते हैं। पुनर्मूल्यांकन खाता (नाममात्र खाता) बदलाव लिखता है:

शेष पुराने अनुपात में बँटता है। मूल्य न बदलने हों तो शुद्ध असर की एक समायोजन प्रविष्टि (लाभ पाने वाला नामे, त्याग करने वाला जमा)।

संचय और संचित लाभ या हानि

सामान्य संचय, संचय कोष, लाभ-हानि का जमा शेष पुराने साझेदारों के पुराने अनुपात में: संचय खाता नामे, साझेदारों के पूँजी खाते जमा। लाभ-हानि का नामे शेष पुराने अनुपात में नामे।

विशेष संचय

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. A, B 3:2; नया अनुपात 1:1। त्याग और लाभ?

A: 3/5 − 1/2 = 1/10 त्याग। B: 1/10 लाभ।

2. उसी में ख्याति ₹60,000। प्रविष्टि?

B का पूँजी खाता नामे ₹6,000, A का पूँजी खाता जमा।

3. X, Y, Z 5:3:2 → 2:3:5। हर एक का बदलाव?

X 3/10 त्याग; Y कोई बदलाव नहीं; Z 3/10 लाभ।

4. भवन +₹20,000, स्टॉक −₹5,000, डूबत ऋण प्रावधान ₹3,000 बना। पुराना अनुपात 3:2।

लाभ ₹12,000: A 7,200, B 4,800।

5. सामान्य संचय ₹50,000, लाभ-हानि नामे शेष ₹10,000; अनुपात 3:2।

संचय: A 30,000, B 20,000 जमा। हानि: A 6,000, B 4,000 नामे।

6. कर्मचारी क्षतिपूर्ति संचय ₹20,000; दावा ₹26,000।

संचय पूरा उपयोग; अतिरिक्त ₹6,000 पुनर्मूल्यांकन खाते में नामे।

7. A, B 3:2 → 1:1; पुस्तक मूल्य नहीं बदलने; शुद्ध असर +₹40,000।

B का लाभ 1/10 → ₹4,000। B नामे, A जमा।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. त्याग =
2. पुनर्मूल्यांकन लाभ बँटता है:
3. अनुपात बदलने पर ख्याति देता है:
4. दायित्व का मूल्य बढ़ना:
5. सामान्य संचय जाता है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या अनुपात बदलना पुनर्गठन है?

हाँ, पुराना समझौता ख़त्म होकर नया बनता है।

पुनर्मूल्यांकन खाते का शेष कहाँ जाता है?

साझेदारों के पूँजी खातों में पुराने अनुपात में।

नया अनुपात न दिया हो तो?

दिए गए त्याग या लाभ से निकालना होगा।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12साझेदारी फर्मों के लिए लेखांकन

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