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ख्याति: क्या है और मूल्य कैसे निकालें

ख्याति फर्म के अच्छे नाम का मूल्य है: इसी कारण वह उतनी ही बड़ी सामान्य फर्म से ज़्यादा कमाती है। यह अमूर्त संपत्ति है। इसे औसत लाभ, अधिलाभ या पूँजीकरण विधि से आँकते हैं, और साझेदार इसे पूँजी या चालू खातों से समायोजित करते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. दो मिठाई की दुकानें, दोनों की संपत्ति ₹5,00,000। दुकान A ₹50,000 कमाती है; दुकान B ₹80,000, क्योंकि लोग उस पर भरोसा करते हैं। अतिरिक्त ₹30,000 ख्याति से आते हैं।
  2. ख्याति बढ़ती है: अच्छी जगह, अच्छी गुणवत्ता, पक्के ग्राहक, कुशल प्रबंधन, एकाधिकार, लंबा इतिहास। हर कारक-ब्लॉक ख्याति की बार को ऊपर धकेलता है।
  3. औसत लाभ विधि: पिछले वर्षों का लाभ जोड़ें, वर्षों से भाग दें, फिर क्रय वर्षों से गुणा। 4 साल का औसत ₹60,000 × 3 = ₹1,80,000।
  4. अधिलाभ विधि: सामान्य लाभ = लगी पूँजी × सामान्य दर। अधिलाभ = औसत लाभ − सामान्य लाभ। ख्याति = अधिलाभ × क्रय वर्ष।
  5. पूँजीकरण: वह पूँजी निकालें जो सामान्य दर पर औसत लाभ कमाए। ख्याति = पूँजीकृत मूल्य − वास्तविक शुद्ध संपत्ति। या अधिलाभ का सीधा पूँजीकरण।
  6. आपकी बारी: औसत लाभ, लगी पूँजी, सामान्य दर और वर्ष बदलें। हर विधि की ख्याति की तुलना करें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

ख्याति दिखती नहीं तो उसका मूल्य कैसे?

क्योंकि वह अतिरिक्त लाभ लाती है। ख़रीदार भविष्य के उसी अतिरिक्त लाभ का दाम देता है।

औसत से पहले असामान्य मदें क्यों हटाएँ?

वे दोबारा नहीं होंगी, इसलिए फर्म की सामान्य कमाई नहीं दिखातीं।

लगी पूँजी में पुरानी ख्याति क्यों नहीं?

हम ख्याति ही आँक रहे हैं; उसे संपत्ति में गिनना दोहरी गिनती होगी।

दोनों पूँजीकरण विधियाँ एक ही उत्तर क्यों देती हैं?

दोनों यही मापती हैं कि अतिरिक्त लाभ सामान्य दर पर कितनी पूँजी के बराबर है।

अनुपात बदलने पर ख्याति कौन देता है?

जिसका हिस्सा बढ़ा, वह उसे देता है जिसका हिस्सा घटा।

ख्याति का अर्थ और प्रकृति

ख्याति फर्म की साख का मूल्य है, जिससे वह समान फर्मों के सामान्य लाभ से अधिक कमाती है। यह:

AS 26 के अनुसार केवल क्रय की गई ख्याति पुस्तकों में लिखी जाती है; स्वयं बनाई गई नहीं।

ख्याति को प्रभावित करने वाले कारक

औसत लाभ विधि

ख्याति = औसत लाभ × क्रय वर्षों की संख्या।

पहले पिछले लाभ सामान्य करें: असामान्य लाभ-हानि (जैसे आग से हानि, ज़मीन बिक्री का लाभ) हटाएँ, छूटा वेतन घटाएँ।

भारित औसत लाभ

लाभ में बढ़ने या घटने की प्रवृत्ति हो तो हाल के वर्षों को ज़्यादा भार दें: भारित औसत = Σ(लाभ × भार) ÷ Σ भार।

अधिलाभ विधि

  1. लगी पूँजी = कुल संपत्तियाँ (ख्याति और कृत्रिम संपत्ति छोड़कर) − बाहरी दायित्व।
  2. सामान्य लाभ = लगी पूँजी × सामान्य दर ÷ 100।
  3. अधिलाभ = औसत लाभ − सामान्य लाभ।
  4. ख्याति = अधिलाभ × क्रय वर्ष।

पूँजीकरण विधि

(क) औसत लाभ का पूँजीकरण: पूँजीकृत मूल्य = औसत लाभ × 100 ÷ सामान्य दर। ख्याति = पूँजीकृत मूल्य − लगी पूँजी।

(ख) अधिलाभ का पूँजीकरण: ख्याति = अधिलाभ × 100 ÷ सामान्य दर।

एक ही आँकड़ों पर दोनों का उत्तर समान आता है।

पूँजी या चालू खातों से ख्याति का समायोजन

अनुपात बदलने, प्रवेश, सेवानिवृत्ति या मृत्यु पर लाभ पाने वाला साझेदार त्याग करने वाले को ख्याति का मूल्य देता है।

प्रविष्टि (AS 26, ख्याति खाता नहीं खुलता): लाभ पाने वाले का पूँजी/चालू खाता नामे, त्याग करने वाले का पूँजी/चालू खाता जमा — त्याग/लाभ अनुपात में।

पुस्तकों में पुरानी ख्याति हो तो पहले पुराने अनुपात में पुराने साझेदारों में अपलिखित करें।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 4 वर्षों के लाभ: ₹50,000, ₹60,000, ₹55,000, ₹75,000। औसत लाभ के 3 वर्ष के क्रय पर ख्याति?

योग 2,40,000 ÷ 4 = ₹60,000। ख्याति = ₹1,80,000।

2. लाभ: 2023 ₹40,000 (आग से ₹10,000 हानि के बाद), 2024 ₹52,000 (ज़मीन बिक्री लाभ ₹4,000 सहित), 2025 ₹60,000। 2 वर्ष का क्रय।

सामान्य लाभ: 50,000; 48,000; 60,000। योग 1,58,000 ÷ 3 = 52,667 (लगभग)। ख्याति ≈ ₹1,05,333।

3. भार 1, 2, 3 वाले लाभ: ₹30,000, ₹45,000, ₹60,000। भारित औसत के 2 वर्ष का क्रय।

Σ = 3,00,000 ÷ 6 = ₹50,000। ख्याति ₹1,00,000।

4. लगी पूँजी ₹4,00,000; सामान्य दर 10%; औसत लाभ ₹55,000; अधिलाभ के 3 वर्ष का क्रय।

सामान्य लाभ ₹40,000; अधिलाभ ₹15,000; ख्याति ₹45,000।

5. उसी आँकड़े से औसत लाभ के पूँजीकरण द्वारा ख्याति।

55,000 × 100/10 = ₹5,50,000 − 4,00,000 = ₹1,50,000।

6. उसी आँकड़े से अधिलाभ के पूँजीकरण द्वारा।

15,000 × 100/10 = ₹1,50,000 (समान)।

7. संपत्तियाँ ₹6,00,000 (ख्याति ₹20,000 सहित); लेनदार ₹1,00,000; औसत लाभ ₹60,000; दर 12%। औसत लाभ पूँजीकरण से ख्याति?

लगी पूँजी = 5,80,000 − 1,00,000 = 4,80,000। पूँजीकृत = 5,00,000। ख्याति ₹20,000।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. ख्याति है:
2. अधिलाभ =
3. ₹5,00,000 पूँजी पर 8% सामान्य लाभ:
4. AS 26 के अनुसार कौन-सी ख्याति लिखी जाती है?
5. भारित औसत तब लेते हैं जब लाभ:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ख्याति कृत्रिम संपत्ति है?

नहीं, यह वास्तविक मूल्य वाली अमूर्त संपत्ति है।

साझेदारी में ख्याति कब आँकी जाती है?

अनुपात बदलने, प्रवेश, सेवानिवृत्ति, मृत्यु, एकीकरण या फर्म की बिक्री पर।

क्रय वर्ष क्या है?

कितने वर्षों का लाभ ख़रीदार ख्याति के रूप में देने को तैयार है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12साझेदारी फर्मों के लिए लेखांकन

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