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रोकड़ प्रवाह विवरण (AS 3): रोकड़ कहाँ से आई, कहाँ गई?

रोकड़ प्रवाह विवरण बताता है कि साल भर में कंपनी में रोकड़ कहाँ से आई और कहाँ गई। हर रोकड़ लेन-देन तीन समूहों में से एक में जाता है: परिचालन, निवेश या वित्तीय। अप्रत्यक्ष विधि में हम कर से पहले के लाभ से शुरू करते हैं, बिना रोकड़ वाले ख़र्च वापस जोड़ते हैं, चालू संपत्ति-देयता के बदलाव समायोजित करते हैं और चुकाया गया कर घटाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. रोकड़ = नोट, सिक्के और बैंक में पैसा। रोकड़ तुल्य = बहुत सुरक्षित निवेश जो 3 महीने में रोकड़ बन जाए। 1 साल की FD रोकड़ तुल्य नहीं।
  2. हर रोकड़ लेन-देन तीन डिब्बों में से एक में जाता है: परिचालन (रोज़ का धंधा), निवेश (लंबी अवधि की संपत्ति) या वित्तीय (मालिक और ऋणदाता)।
  3. अप्रत्यक्ष विधि: कर से पहले के लाभ से शुरू करें। मूल्यह्रास और मशीन बिक्री की हानि वापस जोड़ें, क्योंकि इनमें रोकड़ बाहर नहीं गई।
  4. कार्यशील पूँजी समायोजन: देनदार बढ़े तो रोकड़ कम, स्टॉक घटा तो रोकड़ ज़्यादा, लेनदार बढ़े तो रोकड़ ज़्यादा। फिर चुकाया कर घटाएँ। मिलती है परिचालन क्रियाओं से रोकड़।
  5. परिचालन + निवेश + वित्तीय = रोकड़ में शुद्ध बदलाव। आरंभिक रोकड़ + बदलाव = अंतिम रोकड़। यह तुलन पत्र से मिलना चाहिए।
  6. आपकी बारी: लाभ, मूल्यह्रास, देनदार और कर के स्लाइडर बदलें और परिचालन रोकड़ बदलती देखें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

1 साल की FD रोकड़ तुल्य क्यों नहीं, पर 2 महीने की है?

रोकड़ तुल्य जल्दी और बिना जोखिम रोकड़ बनना चाहिए। आम सीमा ख़रीद से तीन महीने है। 1 साल की FD बहुत लंबे समय बंद रहती है, इसलिए वह निवेश है।

ऋणपत्र पर दिया ब्याज वित्तीय क्यों है, परिचालन क्यों नहीं?

ऋणपत्र उधार लेने का तरीका है। उधार की लागत उधार के साथ जाती है, इसलिए ब्याज वित्तीय में। इसी कारण परिचालन में इसे लाभ में वापस जोड़ते हैं।

मूल्यह्रास ख़र्च है, फिर वापस क्यों जोड़ें?

मूल्यह्रास ने लाभ घटाया, पर इसके लिए रोकड़ बाहर नहीं गई। रोकड़ जानने के लिए वह कमी हटाते हैं।

देनदारों की वृद्धि क्यों घटाते हैं?

बिक्री लाभ में गिनी गई, पर ग्राहकों ने उतना भुगतान नहीं किया। रोकड़ देनदारों में फँसी है, इसलिए घटाते हैं।

मशीन बेचकर मिली रोकड़ कहाँ जाती है?

पूरी मिली रोकड़ निवेश क्रियाओं में। परिचालन में केवल लाभ या हानि समायोजित होती है, ताकि दो बार न गिने।

उत्तर की जाँच कैसे करूँ?

आरंभिक रोकड़ व तुल्य + शुद्ध बदलाव = तुलन पत्र की अंतिम रोकड़ व तुल्य। स्लाइडर से आज़माएँ।

रोकड़ प्रवाह विवरण क्या है?

रोकड़ प्रवाह विवरण एक लेखा अवधि में रोकड़ के अंतर्वाह (आना) और बहिर्वाह (जाना) को दिखाता है। भारत में इसका नियम AS 3 (संशोधित) है। सूचीबद्ध और बड़ी कंपनियाँ इसे तुलन पत्र और लाभ-हानि विवरण के साथ बनाती हैं।

क्यों ज़रूरी? लाभ और रोकड़ एक नहीं हैं। उधार बिक्री से लाभ दिखता है, पर रोकड़ अभी ग्राहकों के पास होती है। यह विवरण रोकड़ की असली कहानी बताता है।

उपयोग

सीमाएँ

रोकड़ और रोकड़ तुल्य

रोकड़ = हाथ में नकद + बैंक में माँग जमा (चालू और बचत खाता)।

रोकड़ तुल्य = अल्पकालीन, बहुत तरल निवेश जो जल्दी तय रकम में बदल सकें और जिनके मूल्य में बदलाव का जोखिम बहुत कम हो। आम कसौटी: ख़रीदने की तिथि से तीन महीने के अंदर परिपक्व। उदाहरण: 2 महीने की FD, ट्रेज़री बिल, अल्पकालीन वाणिज्यिक पत्र।

रोकड़ तुल्य नहीं: समता शेयर (कीमत बहुत बदलती है), 1 साल की FD। माँगने पर चुकाने वाला बैंक अधिविकर्ष रोकड़ में से घटाया जाता है।

नकद को 60 दिन की FD में डालना रोकड़ प्रवाह नहीं है, क्योंकि दोनों एक ही समूह में हैं।

परिचालन, निवेश और वित्तीय क्रियाएँ

परिचालन क्रियाएँ

व्यापार का मुख्य आय कमाने वाला काम। अंतर्वाह: नकद बिक्री, देनदारों से रोकड़, कमीशन या रॉयल्टी। बहिर्वाह: आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान, मज़दूरी, किराया, कार्यालय ख़र्च, आयकर भुगतान।

निवेश क्रियाएँ

दीर्घकालीन संपत्तियों और निवेशों की ख़रीद-बिक्री। अंतर्वाह: मशीन, भूमि, दीर्घकालीन निवेश की बिक्री; मिला ब्याज और लाभांश। बहिर्वाह: स्थायी संपत्ति, पेटेंट, दीर्घकालीन निवेश की ख़रीद।

वित्तीय क्रियाएँ

स्वामी की पूँजी और उधार के आकार में बदलाव। अंतर्वाह: शेयर, ऋणपत्र जारी करना, दीर्घकालीन ऋण लेना। बहिर्वाह: पूर्वाधिकार शेयर या ऋणपत्रों का शोधन, ऋण चुकाना, ब्याज भुगतान, लाभांश भुगतान।

विशेष: वित्तीय संस्थाएँ

बैंक या वित्त कंपनी का मुख्य काम ही उधार देना और निवेश है, इसलिए उनके लिए मिला ब्याज-लाभांश और दिया ब्याज परिचालन है। दिया गया लाभांश फिर भी वित्तीय है।

अप्रत्यक्ष विधि (AS 3 संशोधित): क़दम-दर-क़दम

  1. कर एवं असाधारण मदों से पूर्व शुद्ध लाभ। लाभ-हानि विवरण के आधिक्य का अंतर लें और वापस जोड़ें: इस साल का कर प्रावधान, संचय में हस्तांतरण, अंतरिम लाभांश।
  2. बिना रोकड़ और गैर-परिचालन ख़र्च जोड़ें: मूल्यह्रास, ख्याति/पेटेंट अपलिखित, स्थायी संपत्ति बिक्री पर हानि, ऋणपत्र और ऋण पर ब्याज।
  3. गैर-परिचालन आय घटाएँ: संपत्ति या निवेश बिक्री पर लाभ, मिला ब्याज और लाभांश।
  4. इससे मिलता है कार्यशील पूँजी परिवर्तन से पहले परिचालन लाभ।
  5. कार्यशील पूँजी बदलाव: चालू संपत्ति (देनदार, स्टॉक, प्राप्य बिल, पूर्वदत्त ख़र्च) बढ़ी — घटाएँ; घटी — जोड़ें। चालू देयता (लेनदार, देय बिल, बकाया ख़र्च) बढ़ी — जोड़ें; घटी — घटाएँ।
  6. इससे परिचालन से उत्पन्न रोकड़। इसमें से वास्तव में चुकाया आयकर घटाएँ।
  7. नतीजा: परिचालन क्रियाओं से शुद्ध रोकड़।

मूल्यह्रास और संपत्ति बिक्री

स्थायी संपत्ति खाता बनाएँ। अक्सर छूटी रकम मूल्यह्रास या बेची संपत्ति का पुस्तक मूल्य होती है। बिक्री से मिली रोकड़ निवेश में; बिक्री का लाभ या हानि परिचालन में समायोजित।

लाभांश

प्रस्तावित लाभांश अभी देयता नहीं (टिप्पणी में दिखता है), इसलिए पिछले साल का लाभांश जो इस साल चुकाया, वह वित्तीय बहिर्वाह है। अंतरिम लाभांश भी वित्तीय बहिर्वाह।

कर

चुकाया कर = आरंभिक प्रावधान + इस साल का प्रावधान − अंतिम प्रावधान। प्रावधान लाभ में जोड़ें और चुकाया कर परिचालन में घटाएँ।

रोकड़ प्रवाह विवरण का प्रारूप

क. परिचालन क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह … (शुद्ध)
ख. निवेश क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह … (शुद्ध)
ग. वित्तीय क्रियाओं से रोकड़ प्रवाह … (शुद्ध)
रोकड़ व रोकड़ तुल्य में शुद्ध वृद्धि/कमी (क + ख + ग)
जोड़ें: आरंभिक रोकड़ व रोकड़ तुल्य
अंतिम रोकड़ व रोकड़ तुल्य

अंतिम रकम अंतिम तुलन पत्र के रोकड़ व रोकड़ तुल्य के बराबर होनी चाहिए। यही जाँच है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. वर्गीकरण करें: (क) नकद बिक्री ₹40,000, (ख) पेटेंट ख़रीदा ₹25,000, (ग) लाभांश दिया ₹10,000, (घ) व्यापारिक कंपनी को मिला ब्याज ₹3,000।

(क) परिचालन अंतर्वाह। (ख) निवेश बहिर्वाह। (ग) वित्तीय बहिर्वाह। (घ) निवेश अंतर्वाह।

2. हाथ में नकद ₹15,000, बैंक चालू खाता ₹35,000, 45 दिन के ट्रेज़री बिल ₹20,000, दूसरी कंपनी के शेयर ₹50,000। रोकड़ व रोकड़ तुल्य?

15,000 + 35,000 + 20,000 = ₹70,000। शेयर रोकड़ तुल्य नहीं, क्योंकि उनकी कीमत बहुत बदलती है।

3. शुद्ध लाभ ₹70,000; कर प्रावधान ₹30,000; मूल्यह्रास ₹20,000; मशीन बिक्री पर हानि ₹5,000। कार्यशील पूँजी बदलाव से पहले परिचालन लाभ?

कर पूर्व लाभ = 70,000 + 30,000 = 1,00,000। मूल्यह्रास 20,000 और हानि 5,000 जोड़ें → ₹1,25,000।

4. आगे: देनदार ₹15,000 बढ़े, स्टॉक ₹10,000 घटा, लेनदार ₹8,000 बढ़े, कर चुकाया ₹25,000। परिचालन क्रियाओं से रोकड़?

1,25,000 − 15,000 + 10,000 + 8,000 = 1,28,000; कर 25,000 घटाएँ → ₹1,03,000।

5. मशीनरी: आरंभिक ₹2,00,000, अंतिम ₹2,40,000। मूल्यह्रास ₹20,000। ₹20,000 पुस्तक मूल्य की मशीन ₹5,000 हानि पर बेची। बिक्री से रोकड़ और ख़रीदी मशीन?

बिक्री रोकड़ = 20,000 − 5,000 = ₹15,000 (निवेश अंतर्वाह)। 2,00,000 − 20,000 − 20,000 + ख़रीद = 2,40,000 → ख़रीद = ₹80,000 (निवेश बहिर्वाह)।

6. कर प्रावधान: आरंभिक ₹20,000, अंतिम ₹25,000; इस साल का प्रावधान ₹30,000। चुकाया कर?

20,000 + 30,000 − 25,000 = ₹25,000। इसे परिचालन में घटाएँ।

7. परिचालन +₹1,03,000; निवेश: मशीन बेची 15,000, ख़रीदी 60,000; वित्तीय: शेयर 50,000, लाभांश दिया 20,000, ऋण चुकाया 30,000। आरंभिक रोकड़ ₹12,000। अंतिम रोकड़?

निवेश = −45,000। वित्तीय = 0। शुद्ध वृद्धि = 58,000। अंतिम रोकड़ = 12,000 + 58,000 = ₹70,000।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. रोकड़ तुल्य कौन-सा है?
2. मशीन की ख़रीद किस क्रिया का बहिर्वाह है?
3. व्यापारिक कंपनी के लिए दिया लाभांश है:
4. अप्रत्यक्ष विधि में लेनदारों में वृद्धि को:
5. मूल्यह्रास वापस क्यों जोड़ते हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोकड़ प्रवाह विवरण की तीन क्रियाएँ कौन-सी हैं?

परिचालन (मुख्य व्यापार), निवेश (दीर्घकालीन संपत्ति और निवेश) और वित्तीय (शेयर पूँजी और उधार)।

क्या प्रस्तावित लाभांश रोकड़ प्रवाह विवरण में दिखता है?

इस साल का प्रस्तावित लाभांश अभी रोकड़ प्रवाह नहीं है। साल में वास्तव में चुकाया लाभांश (अक्सर पिछले साल का प्रस्तावित) वित्तीय बहिर्वाह है।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष विधि में क्या अंतर है?

प्रत्यक्ष विधि असली रोकड़ प्राप्ति-भुगतान लिखती है। अप्रत्यक्ष विधि कर पूर्व शुद्ध लाभ से शुरू कर समायोजन करती है। CBSE कक्षा 12 में अप्रत्यक्ष विधि है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12रोकड़ प्रवाह विवरण
जापान高校(専門学科)1〜3年Financial Accounting II

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