📘 CodingMarble Learn

रोज़नामचा और विशेष प्रयोजन बहियाँ

रोज़नामचा प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक है: हर लेन-देन तिथि क्रम में नामे खाता, जमा खाता और विवरण के साथ लिखा जाता है। बड़े व्यवसाय इसे विशेष बहियों में बाँटते हैं — रोकड़ बही, लघु रोकड़ बही, क्रय, विक्रय और वापसी बहियाँ — और बाकी सबके लिए रोज़नामचा (मुख्य) रखते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. रोज़नामचे के पन्ने में पाँच खाने होते हैं: तिथि, विवरण, खाता पृष्ठ, नामे और जमा। GST सहित उधार ख़रीद तीन नामे और एक जमा से लिखी जाती है।
  2. व्यापारिक छूट लिखने से पहले ही घटा दी जाती है, केवल शुद्ध कीमत लिखी जाती है। ख़रीद पर दिया भाड़ा अलग व्यय प्रविष्टि है।
  3. रोकड़ बही में सारी नकद प्राप्ति नामे पक्ष में और सारे नकद भुगतान जमा पक्ष में। बैंक खाना भी वैसे ही। नकद बैंक में डालना विपरीत प्रविष्टि है।
  4. लघु रोकड़ बही अग्रदाय प्रणाली पर चलती है: लघु रोकड़िए को तय रकम मिलती है, वह छोटे बिलों पर ख़र्च करता है, और उतनी ही रकम फिर भर दी जाती है।
  5. माल की उधार ख़रीद क्रय बही में, उधार बिक्री विक्रय बही में, वापसी वापसी बहियों में। बाकी सब प्रविष्टियाँ रोज़नामचा (मुख्य) में।
  6. खुला अभ्यास: किसी लेन-देन पर टैप करें और देखें कौन-सी बही में और कैसे लिखा जाएगा।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

GST ख़रीद में तीन नामे क्यों?

एक माल की लागत; CGST और SGST सरकार से वसूली हैं, बाद में समायोजन के लिए अलग खातों में।

व्यापारिक छूट क्यों नहीं लिखते?

यह सौदे से पहले तय कम कीमत है। सौदे की असली रकम शुद्ध कीमत है।

नकद जमा रोकड़ बही के दोनों पक्षों में क्यों?

नकद गया (नकद खाने में जमा) और बैंक बढ़ा (बैंक खाने में नामे)। दोनों खाते रोकड़ बही में ही हैं, इसलिए विपरीत प्रविष्टि।

अग्रदाय प्रणाली का लाभ?

लघु रोकड़ का शेष हमेशा तय रकम पर लौटता है, जाँच आसान और छोटे ख़र्च पर नियंत्रण।

उधार फ़र्नीचर क्रय बही में क्यों नहीं?

क्रय बही केवल बेचने के लिए ख़रीदे माल की है। फ़र्नीचर संपत्ति है, इसलिए रोज़नामचा मुख्य में।

रोज़नामचा: प्रारूप और GST, व्यापारिक छूट व भाड़े वाली प्रविष्टियाँ

रोज़नामचा (प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तक) के खाने: तिथि | विवरण | खा.पृ. | नामे ₹ | जमा ₹। हर प्रविष्टि: नामे खाता "नामे" के साथ, अगली पंक्ति में जमा खाता "से" के साथ, फिर कोष्ठक में विवरण। कई नामे या जमा साथ हों तो संयुक्त प्रविष्टि।

GST (राज्य के अंदर, 18%)

₹20,000 की उधार ख़रीद: क्रय खाता नामे 20,000; इनपुट CGST नामे 1,800; इनपुट SGST नामे 1,800; लेनदार से 23,600।
₹30,000 की उधार बिक्री: देनदार नामे 35,400; विक्रय खाते से 30,000; आउटपुट CGST से 2,700; आउटपुट SGST से 2,700। राज्यों के बीच इनपुट/आउटपुट IGST।

व्यापारिक छूट

छूट के बाद की शुद्ध रकम ही लिखें। नकद छूट लिखी जाती है (दी गई छूट / प्राप्त छूट)।

भाड़ा

ख़रीद पर भाड़ा (आवक भाड़ा) आवक भाड़ा खाते में नामे; बिक्री पर (जावक भाड़ा) जावक भाड़ा खाते में। संपत्ति ख़रीदने पर भाड़ा उसकी लागत में जुड़ता है।

रोकड़ बही: सरल, बैंक खाने वाली और लघु रोकड़ बही

रोकड़ बही नकद के लिए रोज़नामचा और खाता दोनों है: प्राप्ति नामे (बाएँ), भुगतान जमा (दाएँ)। नकद का शेष कभी जमा नहीं हो सकता (जितना है उससे ज़्यादा नकद नहीं दे सकते)।

क्रय, विक्रय और वापसी बहियाँ

हर बही का समय-समय पर जोड़ लगता है; जोड़ खाता बही में क्रय, विक्रय या वापसी खाते में और हर पक्षकार का खाता अलग से खतौनी होता है।

रोज़नामचा (मुख्य)

जो प्रविष्टियाँ किसी विशेष बही में नहीं आतीं वे रोज़नामचा मुख्य में:

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. प्रविष्टि कीजिए: अमन से ₹40,000 का माल उधार + 18% GST (राज्य के अंदर)।

क्रय खाता नामे 40,000; इनपुट CGST नामे 3,600; इनपुट SGST नामे 3,600; अमन से 47,200।

2. सीमा को माल बेचा, सूची मूल्य ₹30,000, व्यापारिक छूट 10%, IGST 18%।

शुद्ध = 27,000; IGST = 4,860। सीमा नामे 31,860; विक्रय से 27,000; आउटपुट IGST से 4,860।

3. ख़रीदे माल पर ₹1,200 भाड़ा और नई मशीन की स्थापना पर ₹5,000 दिए।

आवक भाड़ा नामे 1,200; नकद से 1,200। मशीन खाता नामे 5,000; नकद से 5,000 (स्थापना संपत्ति की लागत)।

4. बैंक खाने वाली रोकड़ बही: आरंभिक नकद ₹12,000, बैंक ₹30,000; नकद बिक्री ₹8,000; ₹15,000 बैंक में जमा; किराया चेक से ₹6,000; ऑफ़िस के लिए ₹4,000 निकाले। अंतिम शेष?

नकद: 12,000 + 8,000 + 4,000 − 15,000 = ₹9,000। बैंक: 30,000 + 15,000 − 6,000 − 4,000 = ₹35,000। जमा और निकासी विपरीत प्रविष्टियाँ (C)।

5. अग्रदाय ₹3,000। ख़र्च: डाक 450, स्टेशनरी 800, ढुलाई 350, जलपान 600। पूर्ति कितनी और नया शेष?

ख़र्च 2,200; पूर्ति ₹2,200; शेष फिर ₹3,000।

6. कौन-सी बही: (क) टीना को उधार माल; (ख) उधार फ़र्नीचर; (ग) टीना ने माल लौटाया; (घ) स्वामी घर के लिए माल ले गया?

(क) विक्रय बही। (ख) रोज़नामचा मुख्य। (ग) विक्रय वापसी बही। (घ) रोज़नामचा मुख्य (आहरण नामे, क्रय से)।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. माल की उधार ख़रीद कहाँ लिखी जाती है?
2. विपरीत प्रविष्टि प्रभावित करती है:
3. अग्रदाय प्रणाली में लघु रोकड़िए को मिलता है:
4. व्यापारिक छूट:
5. मूल्यह्रास की प्रविष्टि होती है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष प्रयोजन बहियाँ क्या हैं?

एक-एक तरह के लेन-देन की बहियाँ: रोकड़ बही, लघु रोकड़ बही, क्रय बही, विक्रय बही, क्रय वापसी और विक्रय वापसी बही।

विपरीत प्रविष्टि क्या है?

रोकड़ बही के नकद और बैंक दोनों खानों को प्रभावित करने वाली प्रविष्टि, जैसे बैंक में नकद जमा; "C" से दिखाते हैं।

रोज़नामचा मुख्य क्या है?

रोज़नामचे का वह भाग जिसमें किसी विशेष बही में न आने वाली प्रविष्टियाँ होती हैं, जैसे प्रारंभिक, समापन, समायोजन और सुधार प्रविष्टियाँ।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

कनाडा (ओंटारियो)Grade 12Accounting Practices
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11लेखांकन प्रक्रिया
जापान高校(専門学科)1〜3年Bookkeeping
फ्रांसTerminaleSpecific option — management and finance

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी लेखाशास्त्र पाठ