खाता बही का अर्थ और प्रारूप
खाता बही लेखों की मुख्य पुस्तक है। इसमें हर व्यक्ति, संपत्ति, देयता, पूँजी, आय और व्यय का अलग खाता होता है। इसे अंतिम प्रविष्टि की पुस्तक कहते हैं क्योंकि प्रविष्टियाँ रोज़नामचा या सहायक बहियों के बाद यहाँ आती हैं।
प्रारूप (T-खाता): नामे पक्ष: तिथि | विवरण | रो.पृ. | रकम ₹। जमा पक्ष: तिथि | विवरण | रो.पृ. | रकम ₹। रो.पृ. बताता है प्रविष्टि रोज़नामचे के किस पृष्ठ से आई; रोज़नामचे में खा.पृ. बताता है किस खाते के पृष्ठ पर गई — यह आपसी संदर्भ जाँच में मदद करता है।
खातों के प्रकार
- व्यक्तिगत: प्राकृतिक व्यक्ति (रवि), कृत्रिम व्यक्ति (बैंक, कंपनी), प्रतिनिधि (अदत्त वेतन, पूँजी)।
- वास्तविक: संपत्तियाँ जैसे नकद, मशीन, ख्याति।
- नाममात्र: व्यय, हानि, आय, लाभ।
रोज़नामचा और सहायक बहियों से खतौनी
खतौनी का अर्थ है प्रारंभिक प्रविष्टि की पुस्तकों से प्रविष्टियाँ खाता बही के खातों में उतारना।
रोज़नामचे से
- नामे होने वाला खाता खोलें; तिथि और नामे पक्ष में "को" + जमा होने वाले खाते का नाम, रकम के साथ।
- जमा होने वाला खाता खोलें; जमा पक्ष में "से" + नामे होने वाले खाते का नाम, रकम के साथ।
- रो.पृ. में रोज़नामचे का पृष्ठ और रोज़नामचे के खा.पृ. में खाते का पृष्ठ लिखें।
संयुक्त प्रविष्टि में हर नामे खाता जमा खाते(खातों) का नाम दिखाता है और उल्टा भी।
सहायक बहियों से
- क्रय बही: हर पूर्तिकर्ता का खाता अलग से जमा ("क्रय खाते से"); अवधि का जोड़ क्रय खाते में नामे ("क्रय बही के अनुसार विविध को")।
- विक्रय बही: हर ग्राहक अलग से नामे; जोड़ विक्रय खाते में जमा।
- वापसी बहियाँ: क्रय वापसी का जोड़ क्रय वापसी खाते में जमा, पूर्तिकर्ता नामे; विक्रय वापसी का जोड़ विक्रय वापसी खाते में नामे, ग्राहक जमा।
- रोकड़ बही: यह स्वयं खाता है; हर प्रविष्टि का केवल दूसरा पक्ष खाता बही में (जैसे किराया दिया → किराया खाता नामे "नकद को")।
- GST के साथ बहियों के इनपुट/आउटपुट GST खानों का जोड़ GST खातों में जाता है।
खातों का शेष निकालना
- खाते के दोनों पक्ष जोड़ें।
- अंतर निकालें।
- अंतर छोटे पक्ष में "शेष c/d" (आगे ले गए) लिखें ताकि दोनों जोड़ बराबर हों।
- दोनों पक्षों में बराबर जोड़ एक ही पंक्ति पर लिखें।
- अगली अवधि की शुरुआत में उल्टे पक्ष में "शेष b/d" (आगे लाए) लिखें।
नामे पक्ष बड़ा हो तो नामे शेष (संपत्ति, व्यय, आहरण)। जमा पक्ष बड़ा हो तो जमा शेष (देयता, पूँजी, आय)। नाममात्र खातों का शेष आगे नहीं जाता; वे व्यापार या लाभ-हानि खाते में हस्तांतरित होकर बंद होते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- शेष = बड़े पक्ष का जोड़ − छोटे पक्ष का जोड़
- नामे पक्ष > जमा पक्ष → नामे शेष
- जमा पक्ष > नामे पक्ष → जमा शेष
- शेष c/d (इस अवधि) = शेष b/d (अगली अवधि, उल्टा पक्ष)
हल किए गए उदाहरण
1. खतौनी: रवि ने ₹50,000 नकद से व्यापार शुरू किया।
नकद खाता (नामे पक्ष): पूँजी खाते को ₹50,000। पूँजी खाता (जमा पक्ष): नकद खाते से ₹50,000।
2. खतौनी: अरोड़ा ट्रेडर्स से ₹12,000 का फ़र्नीचर उधार।
फ़र्नीचर खाता (नामे): अरोड़ा ट्रेडर्स को ₹12,000। अरोड़ा ट्रेडर्स खाता (जमा): फ़र्नीचर खाते से ₹12,000।
3. नकद खाता: नामे 50,000 और 18,000; जमा 6,000, 9,000 और 20,000। शेष निकालिए।
नामे 68,000; जमा 35,000। जमा पक्ष में शेष c/d ₹33,000; दोनों जोड़ ₹68,000। अगली अवधि: शेष b/d ₹33,000 (नामे शेष)।
4. विक्रय बही: मीना ₹8,000, जॉन ₹5,000, फ़ातिमा ₹7,000। खतौनी दिखाइए।
मीना, जॉन, फ़ातिमा के खाते अलग-अलग नामे (विक्रय खाते को)। विक्रय खाता जमा ₹20,000: विक्रय बही के अनुसार विविध से।
5. लेनदार सुनील: उधार माल ₹25,000; वापसी ₹2,000; भुगतान ₹15,000। शेष?
जमा 25,000; नामे 17,000। नामे पक्ष में c/d ₹8,000 → जमा शेष ₹8,000 (सुनील को अभी देना है)।
6. संयुक्त प्रविष्टि की खतौनी: वेतन नामे 10,000; किराया नामे 5,000; नकद से 15,000।
वेतन खाता नामे: नकद को 10,000। किराया खाता नामे: नकद को 5,000। नकद खाता जमा: वेतन से 10,000; किराये से 5,000।
आम गलतियाँ
- किसी खाते में उसी का नाम लिखना (जैसे नकद खाते में "नकद को")। दूसरे खाते का नाम लिखें।
- शेष c/d बड़े पक्ष में लिखना। यह हमेशा छोटे पक्ष में जाता है।
- विक्रय बही की हर प्रविष्टि विक्रय खाते में लिखना, जोड़ की जगह।
- नाममात्र खातों का शेष आगे ले जाना। वे लाभ-हानि खाते में बंद होते हैं।