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लेखांकन समीकरण

व्यापार के पास जो कुछ है (परिसंपत्तियाँ), वह हमेशा बाहरी लोगों के बकाये (दायित्व) और मालिक के हिस्से (पूँजी) के जोड़ के बराबर होता है: परिसंपत्तियाँ = दायित्व + पूँजी।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. रिया अपने ₹50,000 लगाकर एक छोटी दुकान खोलती है। दुकान के पास ₹50,000 रोकड़ (परिसंपत्ति) है, और दुकान को रिया को ₹50,000 देने हैं (पूँजी)। दोनों पलड़े बराबर हैं।
  2. वह ₹10,000 नकद देकर फ़र्नीचर ख़रीदती है। रोकड़ घटी, फ़र्नीचर बढ़ा। बायाँ जोड़ ₹50,000 ही रहा, इसलिए तराज़ू नहीं हिला।
  3. वह ₹20,000 का माल उधार ख़रीदती है। माल (परिसंपत्ति) बढ़ा और अब दुकान को सप्लायर को ₹20,000 देने हैं (लेनदार)। दोनों तरफ़ ₹20,000 बढ़े।
  4. वह बैंक से ₹30,000 का ऋण लेती है। रोकड़ ₹30,000 बढ़ी और ऋण (दायित्व) भी ₹30,000 बढ़ा। फिर भी संतुलन।
  5. वह सप्लायर को ₹5,000 चुकाती है। रोकड़ घटी और लेनदार भी उतने ही घटे। दोनों तरफ़ साथ में कम हुए।
  6. अब आपकी बारी! कोई भी लेन-देन चुनें और 'करें' दबाएँ। देखें कि दोनों तरफ़ बदलते हैं और तालिका हमेशा बराबर रहती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

लेखांकन समीकरण क्या है?

व्यापार का हिसाब उसके मालिक से अलग रखा जाता है। व्यापार के पास जो कुछ है और काम आता है, जैसे रोकड़, माल, फ़र्नीचर या ग्राहकों से मिलने वाला पैसा, उसे परिसंपत्तियाँ (Assets) कहते हैं। हर परिसंपत्ति का पैसा किसी ने दिया है: या तो बाहरी लोगों ने, जैसे सप्लायर और बैंक (दायित्व, Liabilities), या मालिक ने (पूँजी, Capital)।

इसलिए दोनों तरफ़ हमेशा बराबर रहते हैं: परिसंपत्तियाँ = दायित्व + पूँजी। इसे लेखांकन समीकरण या तुलन-पत्र समीकरण कहते हैं।

लेन-देन के बाद भी संतुलन कैसे रहता है

हर लेन-देन कम से कम दो मदों को बदलता है। बदलाव सिर्फ़ चार तरह के होते हैं:

हर बार दोनों तरफ़ बराबर रकम से बदलते हैं, इसलिए समीकरण सही रहता है। यही दोहरा लेखा प्रणाली (double entry system) का आधार है।

समीकरण के दूसरे रूप

इसे किसी भी समीकरण की तरह पलट सकते हैं: पूँजी = परिसंपत्तियाँ − दायित्व (मालिक का हिस्सा) और दायित्व = परिसंपत्तियाँ − पूँजी। व्यापार का लाभ पूँजी बढ़ाता है; आहरण और हानि उसे घटाते हैं।

3D तराज़ू पर ख़ुद करके देखें

तराज़ू के बाएँ पलड़े में परिसंपत्तियाँ हैं और दाएँ में दायित्व और पूँजी। हर ब्लॉक ₹5,000 का है। फ़्री प्ले में कोई लेन-देन चुनें: पहले एक तरफ़ बदलती है और डंडी झुकती है, फिर दूसरी तरफ़ बदलती है और डंडी फिर सीधी हो जाती है।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. अमन ₹80,000 नकद से व्यापार शुरू करता है। समीकरण दिखाइए।

परिसंपत्तियाँ (रोकड़) ₹80,000 = दायित्व ₹0 + पूँजी ₹80,000।

2. एक दुकान की परिसंपत्तियाँ ₹1,50,000 और दायित्व ₹40,000 हैं। पूँजी ज्ञात कीजिए।

पूँजी = परिसंपत्तियाँ − दायित्व = 1,50,000 − 40,000 = ₹1,10,000।

3. रोकड़ ₹60,000 = पूँजी ₹60,000। ₹15,000 का माल उधार ख़रीदा। नया समीकरण लिखिए।

रोकड़ ₹60,000 + माल ₹15,000 = लेनदार ₹15,000 + पूँजी ₹60,000, यानी ₹75,000 = ₹75,000।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. लेखांकन समीकरण है:
2. उधार माल ख़रीदने से:
3. परिसंपत्तियाँ ₹90,000 और पूँजी ₹70,000 हो तो दायित्व:
4. नकद फ़र्नीचर ख़रीदने से:
5. मालिक निजी काम के लिए नकद निकालता है। इससे:

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेखांकन समीकरण हमेशा बराबर क्यों रहता है?

व्यापार की हर परिसंपत्ति का पैसा या तो बाहरी लोगों ने दिया है या मालिक ने। हर लेन-देन दोनों तरफ़ बराबर रकम बदलता है, इसलिए वे बराबर रहते हैं।

क्या लेखांकन समीकरण कक्षा 11 में है?

हाँ। यह CBSE कक्षा 11 लेखाशास्त्र की 'लेखांकन प्रक्रिया' इकाई का हिस्सा है।

लेखांकन समीकरण का दूसरा नाम क्या है?

इसे तुलन-पत्र समीकरण (balance sheet equation) भी कहते हैं, क्योंकि तुलन-पत्र में यही दिखता है: एक तरफ़ परिसंपत्तियाँ, दूसरी तरफ़ दायित्व और पूँजी।

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