बैंक समाधान विवरण की आवश्यकता
बैंक समाधान विवरण किसी तारीख़ पर रोकड़ बही और पास बुक (बैंक विवरण) के बैंक शेष में अंतर समझाने के लिए बनाया गया विवरण है। यह खाता नहीं, विवरण है।
- रोकड़ बही या पास बुक की गलतियाँ पकड़ता है।
- तुलन पत्र के लिए सही बैंक शेष बताता है।
- बैंक शुल्क या अनादृत चेक जैसी मदें सामने लाता है जिन्हें लिखना है।
- बैंक का काम सँभालने वाले कर्मचारियों की धोखाधड़ी पर रोक।
- चेक संग्रह में देरी पर नज़र रखने में मदद।
रोकड़ बही और पास बुक में अंतर के कारण
1. समय का अंतर
- जारी किए पर भुगतान के लिए अप्रस्तुत चेक: रोकड़ बही घटी, पास बुक अभी नहीं।
- जमा किए पर असंग्रहित चेक: रोकड़ बही बढ़ी, पास बुक अभी नहीं।
2. पहले बैंक द्वारा लिखी मदें
- बैंक शुल्क, अधिविकर्ष पर ब्याज (बैंक ने नामे किया)।
- बैंक द्वारा वसूल कर जमा किया ब्याज या लाभांश।
- ग्राहक द्वारा फ़र्म के खाते में सीधी जमा।
- स्थायी निर्देश पर बैंक द्वारा सीधा भुगतान (बीमा प्रीमियम, EMI)।
- जमा चेक या भुनाए बिल का अनादरण।
3. गलतियाँ
- फ़र्म की: रोकड़ बही में गलत रकम, गलत पक्ष, छूटी या दोहरी प्रविष्टि, गलत जोड़।
- बैंक की: किसी और ग्राहक की मद हमारे खाते में, गलत रकम।
बैंक समाधान विवरण बनाना
प्रारूप: विवरण | जोड़ की मदें ₹ | घटाने की मदें ₹।
रोकड़ बही के शेष (नामे = अनुकूल) से शुरू:
- जोड़ें: जारी पर अप्रस्तुत चेक; बैंक द्वारा जमा ब्याज/लाभांश; ग्राहकों की सीधी जमा; गलतियाँ जिनसे रोकड़ बही कम हुई।
- घटाएँ: जमा पर असंग्रहित चेक; बैंक शुल्क; बैंक द्वारा सीधे भुगतान; अनादृत चेक; गलतियाँ जिनसे रोकड़ बही ज़्यादा हुई।
- नतीजा: पास बुक के अनुसार शेष।
पास बुक के शेष से शुरू: उल्टा करें (असंग्रहित चेक जोड़ें, अप्रस्तुत चेक घटाएँ, आदि)।
अधिविकर्ष (प्रतिकूल शेष)
रोकड़ बही में जमा शेष (अधिविकर्ष) हो तो उसे ऋणात्मक संख्या मानें और वही नियम लगाएँ; अंतिम ऋणात्मक उत्तर का अर्थ पास बुक के अनुसार अधिविकर्ष।
सुझाव: पहले बैंक से पता चली मदों (शुल्क, ब्याज, सीधी मदें) से रोकड़ बही सुधारें, फिर संशोधित शेष से केवल समय वाली मदें और बैंक की गलतियाँ लेकर विवरण बनाएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पास बुक शेष = रोकड़ बही शेष + पास बुक बढ़ाने वाली मदें − पास बुक घटाने वाली मदें
- रोकड़ बही (नामे) से: + जारी पर अप्रस्तुत चेक, − जमा पर असंग्रहित चेक
- रोकड़ बही से: + बैंक की जमा जो रोकड़ बही में नहीं, − बैंक की नामे जो रोकड़ बही में नहीं
- अधिविकर्ष = गणना में ऋणात्मक शेष
हल किए गए उदाहरण
1. रोकड़ बही शेष ₹50,000। अप्रस्तुत चेक ₹8,000; असंग्रहित ₹5,000; बैंक शुल्क ₹200; जमा ब्याज ₹600। पास बुक शेष?
50,000 + 8,000 + 600 − 5,000 − 200 = ₹53,400।
2. पास बुक शेष ₹30,000। असंग्रहित चेक ₹6,000; अप्रस्तुत चेक ₹4,500; बैंक शुल्क ₹150 रोकड़ बही में नहीं। रोकड़ बही शेष?
30,000 + 6,000 − 4,500 + 150 = ₹31,650।
3. रोकड़ बही ₹12,000। जमा ₹2,000 का चेक अनादृत; EMI ₹3,500 सीधे; ग्राहक ने ₹4,000 सीधे जमा किए। पास बुक?
12,000 − 2,000 − 3,500 + 4,000 = ₹10,500।
4. रोकड़ बही में अधिविकर्ष ₹20,000। अप्रस्तुत चेक ₹5,000; असंग्रहित ₹7,000; अधिविकर्ष पर ब्याज ₹800 नहीं लिखा। पास बुक?
−20,000 + 5,000 − 7,000 − 800 = −22,800 → पास बुक के अनुसार अधिविकर्ष ₹22,800।
5. ₹450 की प्राप्ति रोकड़ बही में ₹540 लिखी गई। रोकड़ बही ₹25,000। पास बुक?
रोकड़ बही ₹90 ज़्यादा: 25,000 − 90 = ₹24,910।
6. रोकड़ बही (बैंक खाना) का भुगतान पक्ष ₹1,000 कम जोड़ा गया। रोकड़ बही ₹40,000; अप्रस्तुत चेक ₹3,000। पास बुक?
भुगतान कम जोड़ा → रोकड़ बही ₹1,000 ज़्यादा → घटाएँ। 40,000 − 1,000 + 3,000 = ₹42,000।
आम गलतियाँ
- पास बुक से शुरू करने पर भी वही जोड़-घटाव लगाना। चिह्न उल्टे होते हैं।
- अधिविकर्ष को ऋणात्मक शेष न मानना।
- रोकड़ बही से शुरू करते हुए बैंक शुल्क जोड़ना। वह पास बुक घटाता है, इसलिए घटाएँ।
- बैंक समाधान विवरण को खाता समझना। यह केवल विवरण है; सुधार रोकड़ बही में अलग से होते हैं।