नया अनुपात और लाभ अनुपात
जाने वाले का हिस्सा शेष साझेदार लेते हैं। लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा; लाभों का अनुपात लाभ अनुपात।
- नया अनुपात न दिया हो तो शेष साझेदार पुराने अनुपात में बाँटते हैं, और लाभ अनुपात = उनका पुराना अनुपात।
- जाने वाले का हिस्सा किसी तय तरीक़े से लिया गया हो तो हर शेष साझेदार के पुराने हिस्से में जोड़ें।
ख्याति का व्यवहार
जाने वाले को ख्याति का हिस्सा लाभ पाने वाले देते हैं (AS 26: ख्याति खाता नहीं):
लाभ पाने वाले साझेदारों के पूँजी खाते नामे, जाने वाले का पूँजी खाता जमा।
पुस्तकों में ख्याति हो तो पहले सभी साझेदारों में पुराने अनुपात में अपलिखित। छिपी ख्याति: तय भुगतान उसकी समायोजित पूँजी से अधिक हो तो अंतर उसकी ख्याति।
पुनर्मूल्यांकन और संचय
पुनर्मूल्यांकन का लाभ-हानि सभी साझेदारों (जाने वाले सहित) में पुराने अनुपात में। संचय और संचित लाभ-हानि भी सबमें पुराने अनुपात में।
सेवानिवृत्त साझेदार का निपटारा: ऋण खाता
देय राशि = पूँजी + ख्याति + पुनर्मूल्यांकन लाभ + संचय + चालू खाता शेष − आहरण − हानि का हिस्सा।
- पूरा भुगतान: उसका पूँजी खाता नामे, बैंक जमा।
- तुरंत नहीं: उसका पूँजी खाता नामे, उसका ऋण खाता जमा। किस्तों में ब्याज सहित (तय न हो तो 6% वार्षिक, या ब्याज के बदले लाभ का हिस्सा)।
साझेदार की मृत्यु: मृत्यु तक लाभ
पिछले तुलन पत्र की तिथि से मृत्यु तक का लाभ:
- समय आधार: पिछला (या औसत) लाभ × महीने ÷ 12 × हिस्सा।
- बिक्री आधार: पिछले साल बिक्री पर लाभ % × मृत्यु तक बिक्री × हिस्सा।
प्रविष्टि: लाभ-हानि उचंत खाता नामे, मृत साझेदार का पूँजी खाता जमा (या लाभ पाने वालों के पूँजी खाते नामे)।
निष्पादक खाता
मृत साझेदार की देय राशि निष्पादक (कानूनी प्रतिनिधि) खाते में: मृत साझेदार का पूँजी खाता नामे, निष्पादक खाता जमा। परिवार को भुगतान इसमें नामे। बकाया तुलन पत्र में दायित्व।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा
- जाने वाले को ख्याति = फर्म की ख्याति × उसका हिस्सा, लाभ अनुपात में
- मृत्यु तक लाभ (समय) = आधार लाभ × महीने/12 × हिस्सा
- मृत्यु तक लाभ (बिक्री) = (पिछला लाभ ÷ पिछली बिक्री) × मृत्यु तक बिक्री × हिस्सा
- देय = पूँजी + ख्याति + पुनर्मूल्यांकन लाभ + संचय ± चालू खाता − आहरण − हानि
- बकाया → ऋण खाता (सेवानिवृत्ति) या निष्पादक खाता (मृत्यु)
हल किए गए उदाहरण
1. A, B, C 3:2:1; C सेवानिवृत्त; A, B 3:2। लाभ अनुपात?
A 3/30, B 2/30 → 3:2।
2. ख्याति ₹60,000। प्रविष्टि।
C का हिस्सा 10,000। A नामे 6,000, B नामे 4,000, C जमा 10,000।
3. X, Y, Z 2:2:1; Y सेवानिवृत्त; X, Z बराबर लेते हैं।
X = 3/5, Z = 2/5 → 3:2; लाभ 1:1।
4. C की पूँजी ₹50,000, ख्याति 10,000, पुनर्मूल्यांकन 2,000, संचय 5,000, आहरण 7,000; ₹20,000 नकद।
देय 60,000; ऋण ₹40,000।
5. D की मृत्यु 31 जुलाई; पिछला लाभ ₹1,20,000; हिस्सा 1/4; वर्ष 1 अप्रैल से।
1,20,000 × 4/12 × 1/4 = ₹10,000।
6. पिछली बिक्री ₹10,00,000, लाभ ₹1,50,000; मृत्यु तक बिक्री ₹4,00,000; हिस्सा 1/3।
15% × 4,00,000 = 60,000 × 1/3 = ₹20,000।
7. ऋण ₹90,000, 3 बराबर वार्षिक किस्तें + शेष पर 10% ब्याज। पहले साल भुगतान?
30,000 + 9,000 = ₹39,000।
आम गलतियाँ
- ख्याति पुराने अनुपात में देना, लाभ अनुपात की जगह।
- पुनर्मूल्यांकन और संचय में जाने वाले को छोड़ देना।
- बीच साल मृत्यु पर पूरे साल का लाभ दे देना।
- निष्पादक का बकाया पूँजी में दिखाना; यह दायित्व है।