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साझेदार की सेवानिवृत्ति और मृत्यु

जब कोई साझेदार छोड़ता (सेवानिवृत्त होता) है या उसकी मृत्यु होती है, बाक़ी साझेदार उसका हिस्सा ले लेते हैं। लाभ अनुपात निकालते हैं, लाभ पाने वाले उसे ख्याति देते हैं, पुनर्मूल्यांकन और संचय पुराने अनुपात में, और देय राशि नकद या ऋण खाते से चुकाई जाती है। मृत साझेदार को मृत्यु तक का लाभ मिलता है और राशि उसके निष्पादक को।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. A, B, C 3 : 2 : 1 में बाँटते हैं। C सेवानिवृत्त होता है। उसका हिस्सा A और B में बँटता है। अब A, B 3 : 2 में, तो A का लाभ 3/5 − 3/6 और B का 2/5 − 2/6। लाभ अनुपात 3 : 2।
  2. ख्याति ₹60,000। C का 1/6 = ₹10,000। A और B लाभ अनुपात में देते हैं: A ₹6,000, B ₹4,000, पूँजी खातों से।
  3. पुनर्मूल्यांकन लाभ ₹12,000 और सामान्य संचय ₹30,000 तीनों में पुराने अनुपात 3 : 2 : 1 में। C की पूँजी अंतिम राशि तक बढ़ती है।
  4. C को ₹80,000 देय। फर्म अभी ₹20,000 नकद देती है। बाक़ी ₹60,000 C के ऋण खाते में, बाद में ब्याज सहित।
  5. यदि C की 30 सितंबर को मृत्यु हो, तो उसे उस दिन तक का लाभ भी मिलता है, पिछले साल के लाभ या बिक्री के आधार पर। शेष निष्पादक खाते में जाकर परिवार को मिलता है।
  6. आपकी बारी: कौन छोड़ता है और नया अनुपात चुनें। लाभ अनुपात और कौन कितनी ख्याति देता है देखें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

शेष साझेदार ख्याति क्यों दें?

अब वे जाने वाले के हिस्से का भविष्य लाभ पाएँगे।

जाने वाले को पुनर्मूल्यांकन लाभ क्यों?

मूल्य उसके साझेदार रहते बदले।

सब एक साथ क्यों न चुकाएँ?

बड़ा भुगतान फर्म का नकद ख़त्म कर सकता है; ऋण खाता किस्तों में देता है।

मृत्यु तक का लाभ क्यों?

उसने उस दिन तक काम किया, इसलिए वारिसों का हक़ है।

नया अनुपात और लाभ अनुपात

जाने वाले का हिस्सा शेष साझेदार लेते हैं। लाभ = नया हिस्सा − पुराना हिस्सा; लाभों का अनुपात लाभ अनुपात।

ख्याति का व्यवहार

जाने वाले को ख्याति का हिस्सा लाभ पाने वाले देते हैं (AS 26: ख्याति खाता नहीं):

लाभ पाने वाले साझेदारों के पूँजी खाते नामे, जाने वाले का पूँजी खाता जमा।

पुस्तकों में ख्याति हो तो पहले सभी साझेदारों में पुराने अनुपात में अपलिखित। छिपी ख्याति: तय भुगतान उसकी समायोजित पूँजी से अधिक हो तो अंतर उसकी ख्याति।

पुनर्मूल्यांकन और संचय

पुनर्मूल्यांकन का लाभ-हानि सभी साझेदारों (जाने वाले सहित) में पुराने अनुपात में। संचय और संचित लाभ-हानि भी सबमें पुराने अनुपात में।

सेवानिवृत्त साझेदार का निपटारा: ऋण खाता

देय राशि = पूँजी + ख्याति + पुनर्मूल्यांकन लाभ + संचय + चालू खाता शेष − आहरण − हानि का हिस्सा।

साझेदार की मृत्यु: मृत्यु तक लाभ

पिछले तुलन पत्र की तिथि से मृत्यु तक का लाभ:

प्रविष्टि: लाभ-हानि उचंत खाता नामे, मृत साझेदार का पूँजी खाता जमा (या लाभ पाने वालों के पूँजी खाते नामे)।

निष्पादक खाता

मृत साझेदार की देय राशि निष्पादक (कानूनी प्रतिनिधि) खाते में: मृत साझेदार का पूँजी खाता नामे, निष्पादक खाता जमा। परिवार को भुगतान इसमें नामे। बकाया तुलन पत्र में दायित्व।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. A, B, C 3:2:1; C सेवानिवृत्त; A, B 3:2। लाभ अनुपात?

A 3/30, B 2/30 → 3:2।

2. ख्याति ₹60,000। प्रविष्टि।

C का हिस्सा 10,000। A नामे 6,000, B नामे 4,000, C जमा 10,000।

3. X, Y, Z 2:2:1; Y सेवानिवृत्त; X, Z बराबर लेते हैं।

X = 3/5, Z = 2/5 → 3:2; लाभ 1:1।

4. C की पूँजी ₹50,000, ख्याति 10,000, पुनर्मूल्यांकन 2,000, संचय 5,000, आहरण 7,000; ₹20,000 नकद।

देय 60,000; ऋण ₹40,000।

5. D की मृत्यु 31 जुलाई; पिछला लाभ ₹1,20,000; हिस्सा 1/4; वर्ष 1 अप्रैल से।

1,20,000 × 4/12 × 1/4 = ₹10,000।

6. पिछली बिक्री ₹10,00,000, लाभ ₹1,50,000; मृत्यु तक बिक्री ₹4,00,000; हिस्सा 1/3।

15% × 4,00,000 = 60,000 × 1/3 = ₹20,000।

7. ऋण ₹90,000, 3 बराबर वार्षिक किस्तें + शेष पर 10% ब्याज। पहले साल भुगतान?

30,000 + 9,000 = ₹39,000।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सेवानिवृत्ति पर ख्याति देते हैं:
2. नया अनुपात न दिया हो तो लाभ अनुपात:
3. सेवानिवृत्ति पर पुनर्मूल्यांकन लाभ:
4. जाने वाले की बकाया राशि जाती है:
5. मृत्यु तक लाभ नामे होता है:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सेवानिवृत्ति पुनर्गठन है?

हाँ।

निष्पादक कौन है?

वह व्यक्ति (अक्सर परिवार का) जो मृत साझेदार की रकम लेता और निपटाता है।

क्या ब्याज की जगह लाभ का हिस्सा ले सकता है?

हाँ, अधिनियम के अनुसार 6% ब्याज या बकाया राशि से कमाए लाभ का हिस्सा।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12साझेदारी फर्मों के लिए लेखांकन

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