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प्रक्षेप (Projection): केंद्रीय, समांतर और लंबकोणीय

प्रक्षेप यानी 3D वस्तु को सीधी किरणों की मदद से एक सपाट सतह पर बनाना। अगर सारी किरणें एक बिंदु (दीपक, आँख) से निकलें तो केंद्रीय प्रक्षेप: छवि का आकार दूरी से बदलता है। अगर किरणें समांतर हों (धूप) तो समांतर प्रक्षेप: आकार दूरी पर निर्भर नहीं। अगर समांतर किरणें पर्दे पर 90° पर पड़ें तो लंबकोणीय प्रक्षेप: पर्दे के समांतर फलक असली माप में दिखता है। इंजीनियर लंबकोणीय दृश्य बनाते हैं, कलाकार परिप्रेक्ष्य।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. एक वस्तु, एक पर्दा। हर कोने से एक सीधी किरण पर्दे तक जाती है। जहाँ किरण पड़ती है, वही उस कोने की छवि है।
  2. केंद्रीय प्रक्षेप: सारी किरणें एक बिंदु, यानी दीपक से आती हैं। दीपक पास लाओ, छवि बड़ी हो जाती है।
  3. समांतर प्रक्षेप: धूप बहुत दूर से आती है, इसलिए किरणें समांतर हैं। अब छवि दूरी पर निर्भर नहीं।
  4. लंबकोणीय प्रक्षेप: समांतर किरणें पर्दे पर 90° पर पड़ती हैं। सामने वाला फलक असली माप में दिखता है।
  5. परिप्रेक्ष्य: केंद्र पर अपनी आँख रखो और सामने एक चित्र-तल। कलाकार ऐसे ही वह बनाते हैं जो हम देखते हैं।
  6. अब खेलो: प्रक्षेप का प्रकार चुनो और दीपक खिसकाओ। पहले छवि का आकार सोचो, फिर जाँचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

छाया को प्रक्षेप क्यों माना जाता है?

रोशनी सीधी रेखा में चलती है। हर रुकी हुई किरण ज़मीन या दीवार पर एक बिंदु बनाती है, बिल्कुल प्रक्षेपी किरण की तरह।

दीपक पास आने पर छाया बड़ी क्यों होती है?

किरणें एक बिंदु से फैलती हैं। वस्तु के पास से चलें तो पर्दे तक पहुँचते-पहुँचते ज़्यादा फैल जाती हैं।

धूप भी एक तारे से आती है, फिर समांतर क्यों?

सूर्य लगभग 15 करोड़ km दूर है। किसी वस्तु के आकार पर किरणों का कोण इतना छोटा फ़र्क रखता है कि हम उन्हें समांतर मानते हैं।

इंजीनियर लंबकोणीय दृश्य क्यों पसंद करते हैं?

पर्दे के समांतर फलक असली माप रखते हैं, तो लंबाई सीधे चित्र से नापी जा सकती है।

शंक्वाकार परिप्रेक्ष्य में 'शंकु' कहाँ है?

आँख से वस्तु के सारे बिंदुओं तक की किरणें एक शंकु बनाती हैं जिसकी नोक आँख पर है।

प्रक्षेप क्या है?

प्रक्षेप 3D वस्तु को सपाट सतह पर बनाने का तरीका है। इसमें तीन चीज़ें चाहिए:

जहाँ किरण तल से मिलती है, वहाँ उस बिंदु की छवि बनती है। कोनों की छवियाँ जोड़ो तो पूरी वस्तु की छवि मिलती है। छाया भी रोशनी से बना प्रक्षेप है।

हर चित्रण-विधि एक सवाल से तय होती है: किरणें कहाँ से आती हैं?

केंद्रीय प्रक्षेप

केंद्रीय प्रक्षेप में सारी किरणें एक बिंदु से निकलती हैं, जिसे प्रक्षेप-केंद्र कहते हैं (दीपक, मोमबत्ती, आँख)।

माप समरूप त्रिभुजों जैसा चलता है: दीपक डंडी से 2 m और दीवार से 6 m दूर है, तो छाया डंडी से 6 ÷ 2 = 3 गुना ऊँची होगी।

समांतर और लंबकोणीय प्रक्षेप

समांतर प्रक्षेप में सारी किरणें समांतर होती हैं। धूप इसका रोज़ का उदाहरण है, क्योंकि सूर्य बहुत दूर है।

किरणें तल पर तिरछी पड़ें तो तिर्यक (oblique) प्रक्षेप: आकृति खिंचती या दबती है। किरणें तल पर लंब (90°) हों तो लंबकोणीय (orthogonal) प्रक्षेप: तल के समांतर फलक अपना असली आकार और माप रखता है। किसी ठोस के सामने, ऊपर और बगल के दृश्य लंबकोणीय प्रक्षेप ही हैं।

शंक्वाकार परिप्रेक्ष्य: जैसा आँख देखती है

शंक्वाकार (रेखीय) परिप्रेक्ष्य ऐसा केंद्रीय प्रक्षेप है जिसमें केंद्र देखने वाले की आँख है और आँख व वस्तु के बीच एक चित्र-तल है। आँख से निकली किरणें एक शंकु बनाती हैं, इसलिए यह नाम।

कॉमिक कलाकार क्षितिज ऊपर रखते हैं (ऊपर से देखने पर नायक छोटा) या नीचे (नीचे से देखने पर नायक ताकतवर)।

कौन-सी विधि किस काम की?

विधिकिरणेंकिसके लिए
लंबकोणीय दृश्यसमांतर, 90°सटीक माप: नक्शे, मशीन के पुर्ज़े
सममितीय (isometric)समांतर, 90°, वस्तु झुकी हुई3D जैसा दृश्य जिसे नापा भी जा सके
तिर्यक (cavalier, cabinet)समांतर, तिरछीजल्दी स्केच, सामने का फलक असली
शंक्वाकार परिप्रेक्ष्यएक बिंदु सेअसली जैसे चित्र: वास्तुकला, कला, कॉमिक, गेम

करके देखो: रात में एक बल्ब के नीचे और फिर धूप में मेज़ पर पेंसिल खड़ी करो। उसे रोशनी से पास-दूर करते हुए दोनों छायाएँ नापो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. दीपक 20 cm के खिलौने से 1.5 m और दीवार से 4.5 m दूर है। दीवार पर छाया कितनी ऊँची होगी?

केंद्रीय प्रक्षेप: अनुपात = 4.5 ÷ 1.5 = 3। छाया = 3 × 20 cm = 60 cm।

2. धूप में 2 m का खंभा 3 m की छाया बनाता है। उसी समय एक पेड़ की छाया 12 m है। पेड़ कितना ऊँचा है?

धूप की किरणें समांतर हैं, इसलिए ऊँचाई और छाया का अनुपात एक है: 2/3 = h/12, h = 8 m।

3. 10 cm की डंडी कागज़ से 60° का कोण बनाती है। कागज़ पर उसकी लंबकोणीय छवि कितनी लंबी है?

छवि = L cos θ = 10 × cos 60° = 10 × 0.5 = 5 cm।

4. समांतर रेखाओं को समांतर कौन रखता है: केंद्रीय या समांतर प्रक्षेप?

समांतर प्रक्षेप हमेशा रखता है। केंद्रीय प्रक्षेप में वे लुप्त बिंदु पर मिल सकती हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. एक स्ट्रीट-लाइट से बनी छाया किसका उदाहरण है?
2. धूप समांतर प्रक्षेप देती है क्योंकि:
3. लंबकोणीय प्रक्षेप में किरणें:
4. दो-बिंदु परिप्रेक्ष्य में लुप्त बिंदु कहाँ होते हैं?
5. मशीन के पुर्ज़े का सटीक माप दिखाने के लिए कौन-सा चित्र?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय और समांतर प्रक्षेप में क्या अंतर है?

केंद्रीय में सारी किरणें एक बिंदु से निकलती हैं और छवि का माप दूरी पर निर्भर है। समांतर में किरणें समांतर हैं और माप दूरी पर निर्भर नहीं।

क्या orthographic और orthogonal प्रक्षेप एक ही हैं?

हाँ। दोनों का मतलब है तल पर 90° वाली समांतर किरणों से प्रक्षेप।

क्या परिप्रेक्ष्य केंद्रीय प्रक्षेप है?

हाँ। शंक्वाकार परिप्रेक्ष्य वह केंद्रीय प्रक्षेप है जिसका केंद्र देखने वाले की आँख है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

स्पेन1º BachilleratoProjective geometry
स्पेन1º BachilleratoApplied spatial representation systems
स्पेन2º BachilleratoProjective geometry
स्पेन2º BachilleratoApplied spatial representation systems
चीन九年级(初三)Projection and views (下册)

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