बिंदुपथ क्या है?
बिंदुपथ (locus) उन सभी बिंदुओं का समूह है जो दिया गया नियम मानते हैं। सोचिए एक बिंदु चल रहा है पर हर समय नियम मानता है। जो रास्ता बनता है, वही बिंदुपथ है।
किसी आकृति को बिंदुपथ साबित करने के लिए दो बातें दिखानी होती हैं:
- आकृति का हर बिंदु नियम मानता है।
- नियम मानने वाला हर बिंदु आकृति पर है।
दोनों ज़रूरी हैं। आधा वृत्त O से 3 cm दूर वाले बिंदुओं का बिंदुपथ नहीं है, क्योंकि बहुत से सही बिंदु छूट गए।
चार मूल बिंदुपथ
1. एक बिंदु से तय दूरी
O से r दूरी वाले सभी बिंदु केंद्र O, त्रिज्या r का वृत्त बनाते हैं। अंतरिक्ष में यह गोला है।
2. दो बिंदुओं A और B से बराबर दूरी
बिंदुपथ AB का लंब समद्विभाजक है: AB के मध्य-बिंदु से 90° पर जाती रेखा। क्यों? यदि PA = PB, तो त्रिभुज PMA और PMB (M = मध्य-बिंदु) SSS से सर्वांगसम हैं, इसलिए PM, AB पर 90° पर है।
3. दो कटती रेखाओं से बराबर दूरी
बिंदुपथ उनके बीच बने कोणों के कोण समद्विभाजक हैं। रेखा से दूरी हमेशा लंब के साथ नापी जाती है।
4. एक रेखा से तय दूरी
रेखा से d दूरी वाले बिंदु दो समांतर रेखाएँ बनाते हैं, दोनों ओर एक-एक।
दो बिंदुपथ साथ में: परिवृत्त
जो बिंदु दो नियम माने, वह दोनों बिंदुपथों पर होगा, यानी जहाँ वे कटते हैं।
A, B, C से बराबर दूर बिंदु ढूँढना है। A और B से बराबर, यानी AB के लंब समद्विभाजक पर। B और C से बराबर, यानी BC के लंब समद्विभाजक पर। ये दोनों एक बिंदु O पर मिलते हैं। तब OA = OB = OC, इसलिए O तीसरे समद्विभाजक पर भी है। O परिकेंद्र है और O केंद्र, OA त्रिज्या वाला वृत्त परिवृत्त है।
इसी तरह त्रिभुज के कोण समद्विभाजक अंतःकेंद्र पर मिलते हैं, जो तीनों भुजाओं से बराबर दूर है।
परकार और पैमाने की मूल रचनाएँ (लंब समद्विभाजक, कोण समद्विभाजक, किसी बिंदु से लंब) इन्हीं बिंदुपथों से बनती हैं।
तय कोण वाला चाप (capable arc)
रेखाखंड AB तय करिए। AB के एक ओर वे सभी बिंदु P ढूँढिए जहाँ कोण APB एक तय कोण α हो। उत्तर A और B से गुज़रते वृत्त का एक चाप है। कारण: वृत्त के एक ही खंड में एक ही जीवा पर बने कोण बराबर होते हैं।
बनाने का तरीका: AB का लंब समद्विभाजक खींचिए। केंद्र उसी पर है, त्रिज्या r = AB ÷ (2 sin α)। यदि α = 90° हो तो यह AB व्यास वाला अर्धवृत्त है।
पूरा बिंदुपथ (AB के दोनों ओर) दो चाप हैं, एक-दूसरे का दर्पण प्रतिबिंब।
करके देखिए: धागा और पिन
गत्ते पर एक पिन लगाइए। उस पर 10 cm का धागा बाँधिए, दूसरे सिरे पर पेंसिल। धागा तना रखकर पेंसिल घुमाइए। वृत्त बनेगा: पिन से 10 cm दूर बिंदुओं का बिंदुपथ।
अब 8 cm दूर दो बिंदु A और B लगाइए। पैमाने से ऐसे 6 बिंदु ढूँढिए जो A और B से बराबर दूर हों। उन्हें मिलाइए। क्या AB के बीच से जाती सीधी रेखा बनी?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- O से तय दूरी r → केंद्र O, त्रिज्या r का वृत्त
- PA = PB → AB का लंब समद्विभाजक
- दो रेखाओं से बराबर दूरी → कोण समद्विभाजक
- रेखा से तय दूरी d → दो समांतर रेखाएँ
- चाप की त्रिज्या: r = AB / (2 sin α)
- परिकेंद्र = लंब समद्विभाजकों का मिलन बिंदु
हल किए गए उदाहरण
1. बिंदु O से 5 cm दूर बिंदुओं का बिंदुपथ बताइए।
ऐसा हर बिंदु केंद्र O, त्रिज्या 5 cm के वृत्त पर है, और उस वृत्त का हर बिंदु O से 5 cm दूर है। इसलिए बिंदुपथ यही वृत्त है।
2. A और B के बीच 6 cm है। उनसे बराबर दूर बिंदुओं का बिंदुपथ बताइए।
AB का लंब समद्विभाजक: मध्य-बिंदु M (दोनों सिरों से 3 cm) से AB पर 90° पर जाती रेखा।
3. दो सीधी सड़कें 70° पर कटती हैं। एक बत्ती दोनों सड़कों से बराबर दूर लगानी है। कहाँ?
दोनों में से किसी कोण समद्विभाजक पर। 70° वाले कोण में समद्विभाजक हर सड़क से 35° बनाता है; 110° वाले कोण में 55°।
4. AB = 8 cm, O इसका मध्य-बिंदु है। O से 3 cm दूर और A, B से बराबर दूर बिंदु ढूँढिए।
बिंदुपथ 1: केंद्र O, त्रिज्या 3 का वृत्त। बिंदुपथ 2: AB का लंब समद्विभाजक, जो O से गुज़रता है। रेखा वृत्त को दो जगह काटती है, O के दोनों ओर 3 cm पर। 2 उत्तर।
5. AB = 6 cm। 30° वाले चाप की त्रिज्या निकालिए।
r = AB ÷ (2 sin 30°) = 6 ÷ (2 × 0.5) = 6 cm।
6. त्रिभुज A(0,0), B(6,0), C(0,8) का परिकेंद्र निकालिए।
AB का लंब समद्विभाजक: x = 3। AC का: y = 4। मिलन बिंदु (3, 4)। जाँच: A, B, C तीनों से दूरी √(9 + 16) = 5। त्रिज्या 5।
आम गलतियाँ
- बिंदुपथ का केवल एक हिस्सा बनाना, जैसे दो की जगह एक ही कोण समद्विभाजक।
- रेखा से दूरी तिरछी नापना, लंब के साथ नहीं।
- दूसरी जाँच भूलना: नियम मानने वाला हर बिंदु आकृति पर होना चाहिए।
- रेखा से तय दूरी वाले बिंदुओं को एक रेखा कहना; ये दो समांतर रेखाएँ हैं।