गतिशील ज्यामिति सॉफ़्टवेयर क्या है?
गतिशील ज्यामिति सॉफ़्टवेयर (जैसे जियोजेब्रा) में आप स्क्रीन पर बिंदु, रेखा, वृत्त बनाते और नापते हैं। खास बात यह है कि स्वतंत्र बिंदु को खींचने पर उससे बनी हर चीज़ अपने नियम के साथ साथ चलती है।
- स्वतंत्र वस्तु: जिसे खींच सकें (जैसे A, B, C)।
- निर्भर वस्तु: दूसरी वस्तुओं से बनी (जैसे मध्य-बिंदु या वृत्त)। यह पीछे-पीछे चलती है।
- माप: लंबाई, कोण, क्षेत्रफल। ये साथ-साथ बदलते हैं।
अचर: जो कभी नहीं बदलता
अचर (invariant) वह चीज़ है जो खींचने पर भी वही रहती है। हर त्रिभुज के तीनों कोणों का योग हमेशा 180 अंश होता है। हर कोण बदलता है, योग नहीं।
तरीका: 1) आकृति बनाइए, 2) नापिए, 3) कई स्थितियों में खींचिए, 4) जो स्थिर रहे उसे नोट कीजिए, 5) अटकल (conjecture) लिखिए, 6) उसे तोड़ने की कोशिश कीजिए, 7) सिद्ध कीजिए।
रचनाएँ: परिकेंद्र और परिवृत्त
रेखाखंड का लंब समद्विभाजक वह रेखा है जो उसे बीच में समकोण पर काटती है। उस पर हर बिंदु दोनों सिरों से बराबर दूरी पर होता है।
AB, BC और CA के लंब समद्विभाजक खींचिए। वे एक बिंदु पर मिलते हैं, यही परिकेंद्र O है। O, AB और BC दोनों के समद्विभाजकों पर है, इसलिए OA = OB = OC। अतः O केंद्र वाला वृत्त तीनों शीर्षों से गुज़रता है। यही परिवृत्त है और उसकी त्रिज्या R = OA।
ज्यामिति के उपयोग
- वृत्त का केंद्र खोजना उस पर तीन बिंदुओं से (जैसे टूटी थाली)।
- अर्धवृत्त में समकोण: यदि C उस वृत्त पर हो जिसका व्यास AB है, तो C पर कोण हमेशा 90 अंश होता है। दृश्य में जब C पर कोण 90 अंश हो तो O ठीक सबसे लंबी भुजा का मध्य-बिंदु होता है।
- स्थान की समस्याएँ: तीन गाँवों से बराबर दूरी वाला बिंदु परिकेंद्र है।
- बिंदुपथ (locus): एक बिंदु के चलने पर दूसरे बिंदु का बनाया रास्ता (बैंगनी निशान)।
जाँच लेना सिद्ध करना नहीं है
खींचने से कई स्थितियाँ जाँची जाती हैं, सब नहीं। जो अटकल 100 स्थितियों में सही हो वह किसी खास स्थिति में गलत भी हो सकती है। उपपत्ति ऐसे कारण देती है जो हर स्थिति में सही हों। सॉफ़्टवेयर से विचार खोजिए और जाँचिए, फिर तर्क से पक्का कीजिए। सॉफ़्टवेयर में पूर्णांक के पास की गोलाई भी होती है, इसलिए कभी 179.99 जैसा मान भी दिख सकता है।
करके देखिए: नियम तोड़िए
चरण 6 में दोनों स्लाइडर से C को चलाइए। ऐसा त्रिभुज ढूँढिए जिसमें कोणों का योग 180 अंश न हो। नहीं मिलेगा। फिर ऐसा त्रिभुज ढूँढिए जिसमें O त्रिभुज के बाहर हो (संकेत: C पर कोण 90 अंश से बड़ा कीजिए)। जब C पर कोण ठीक 90 अंश हो तो O कहाँ है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- त्रिभुज के कोणों का योग = 180 अंश
- (x1, y1) और (x2, y2) का मध्य-बिंदु = ((x1 + x2)/2, (y1 + y2)/2)
- परिकेंद्र: OA = OB = OC = R
हल किए गए उदाहरण
1. स्क्रीन पर त्रिभुज के दो कोण 50 और 70 अंश दिखते हैं। तीसरा कितना है?
कोणों का योग अचर है: 180 - 50 - 70 = 60 अंश।
2. समकोण त्रिभुज का कर्ण 10 है। उसका परिकेंद्र कहाँ है और R क्या है?
O कर्ण के मध्य-बिंदु पर है, इसलिए R = 10/2 = 5।
3. A(2, 4) और B(8, 10) का मध्य-बिंदु निकालिए।
((2 + 8)/2, (4 + 10)/2) = (5, 7)।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि कुछ बार खींचने से नियम सिद्ध हो गया। इससे सिर्फ़ जाँच होती है।
- निर्भर बिंदु को खींचने की कोशिश करना। सिर्फ़ स्वतंत्र बिंदु खिंचते हैं, निर्भर पीछे चलते हैं।
- यह मानना कि परिकेंद्र हमेशा त्रिभुज के अंदर होता है। अधिक कोण वाले त्रिभुज में वह बाहर होता है।
- मध्य-बिंदु और लंब समद्विभाजक को एक समझना। समद्विभाजक पूरी रेखा है, मध्य-बिंदु उस पर एक बिंदु है।