2D आकृतियाँ: समतल आकृतियाँ
2D आकृति सपाट होती है। इसमें लंबाई और चौड़ाई है, गहराई नहीं।
बहुभुज (polygon) सीधी भुजाओं से बनी बंद आकृति है। नाम भुजाओं की संख्या से: त्रिभुज (3), चतुर्भुज (4), पंचभुज (5), षट्भुज (6), अष्टभुज (8)।
सम बहुभुज में सारी भुजाएँ बराबर और सारे कोण बराबर होते हैं। वर्ग एक सम चतुर्भुज है।
n भुजाओं वाले बहुभुज के अंदर के कोणों का योग (n − 2) × 180° होता है। त्रिभुज: 180°, चतुर्भुज: 360°, षट्भुज: 720°। इसलिए सम षट्भुज का हर कोण 720° ÷ 6 = 120°।
वृत्त बहुभुज नहीं है। इसमें केंद्र, त्रिज्या और गोल किनारा होता है।
3D ठोस: फलक, किनारे और शीर्ष
3D आकृति (ठोस) में लंबाई, चौड़ाई और गहराई तीनों होते हैं।
- फलक (face): सपाट सतह।
- किनारा (edge): वह रेखा जहाँ दो फलक मिलते हैं।
- शीर्ष (vertex): कोना, जहाँ किनारे मिलते हैं।
प्रिज़्म का आकार शुरू से अंत तक एक जैसा रहता है, दोनों सिरे बराबर। पिरामिड का एक आधार होता है और त्रिभुजाकार फलक ऊपर एक बिंदु पर मिलते हैं। बेलन, शंकु और गोले में घुमावदार सतह होती है।
सपाट फलकों वाले, बिना छेद के हर ठोस के लिए ऑयलर का नियम: F + V − E = 2। घन: 6 + 8 − 12 = 2।
ठोस को कागज़ पर दिखाना
ठोस को जाल (खुला पैटर्न), दृश्य (सामने, बगल, ऊपर से) या बिंदुदार (आइसोमेट्रिक) कागज़ पर 3D चित्र से दिखा सकते हैं। घन के 11 अलग-अलग जाल होते हैं।
सर्वांगसम और समरूप आकृतियाँ
सर्वांगसम आकृतियाँ हूबहू नक़ल होती हैं: आकार भी वही, माप भी वही। एक को खिसकाकर, घुमाकर या पलटकर दूसरी पर ठीक बैठा सकते हैं।
समरूप आकृतियों का आकार वही होता है, माप अलग हो सकता है। सारे कोण बराबर रहते हैं और हर लंबाई एक ही पैमाना गुणक (scale factor) k से गुणा होती है।
पाइथागोरस का नियम समकोण त्रिभुज की भुजाओं को जोड़ता है: a² + b² = c²। 3-4-5 और 6-8-10 त्रिभुज समरूप हैं (k = 2), और दोनों इस नियम को मानते हैं।
टेसेलेशन और रूपांतरण
टेसेलेशन आकृतियों का ऐसा पैटर्न है जो सतह को बिना खाली जगह और बिना एक-दूसरे पर चढ़े ढक दे।
यह तभी बनता है जब हर बिंदु पर मिलने वाले कोणों का योग ठीक 360° हो। वर्ग: 4 × 90°। समबाहु त्रिभुज: 6 × 60°। सम षट्भुज: 3 × 120°। सम पंचभुज (108°) अकेले नहीं बिछ सकता, क्योंकि 360 ÷ 108 पूरी संख्या नहीं है।
टाइलों को रूपांतरण से हिलाते हैं: स्थानांतरण (खिसकाना), घूर्णन (घुमाना) और परावर्तन (पलटना)। इनसे आकृतियाँ सर्वांगसम ही रहती हैं।
पैमाना आरेखण और मॉडल
पैमाना 1 : 100 का मतलब है कागज़ पर 1 cm असल में 100 cm (1 m) के बराबर है।
असली लंबाई = चित्र की लंबाई × 100। चित्र की लंबाई = असली लंबाई ÷ 100।
जब हर लंबाई k से गुणा हो: क्षेत्रफल k² से और आयतन k³ से गुणा होता है। घन की भुजा दोगुनी करो तो पेंट 4 गुना लगेगा और पानी 8 गुना आएगा।
घर पर करके देखो
गत्ते पर घन का क्रॉस वाला जाल बनाओ (5 cm के छह वर्ग)। काटो, मोड़ो और टेप लगाओ। फलक, किनारे और शीर्ष गिनो, फिर F + V − E जाँचो। फिर अपने फ़र्श या फ़ुटपाथ को देखो: कौन-सी आकृतियाँ टेसेलेट हो रही हैं? एक टाइल नापो और हिसाब लगाओ कि 2 m × 2 m में कितनी टाइलें लगेंगी।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- n भुजाओं वाले बहुभुज के कोणों का योग = (n − 2) × 180°
- ऑयलर का नियम: F + V − E = 2
- टेसेलेशन: हर बिंदु पर कोणों का योग 360°
- पाइथागोरस: a² + b² = c² (समकोण त्रिभुज, c सबसे लंबी भुजा)
- पैमाना 1 : n → असली लंबाई = चित्र की लंबाई × n
- पैमाना गुणक k → लंबाई ×k, क्षेत्रफल ×k², आयतन ×k³
हल किए गए उदाहरण
1. त्रिभुज प्रिज़्म के कितने फलक, किनारे और शीर्ष हैं? ऑयलर का नियम जाँचो।
फलक: 2 त्रिभुज + 3 आयत = 5। किनारे: 3 + 3 + 3 = 9। शीर्ष: 3 + 3 = 6। जाँच: 5 + 6 − 9 = 2 ✓
2. सम अष्टभुज का हर कोण निकालो।
योग = (8 − 2) × 180° = 1080°। हर कोण = 1080° ÷ 8 = 135°।
3. क्या सम अष्टभुज अकेले फ़र्श ढक सकते हैं?
हर कोण 135° है। 360 ÷ 135 = 2.67, पूरी संख्या नहीं। इसलिए नहीं। (अष्टभुज और छोटे वर्ग मिलकर ढक सकते हैं: 135 + 135 + 90 = 360।)
4. 1 : 50 के नक़्शे पर कमरा 8 cm × 6 cm है। असली माप और फ़र्श का क्षेत्रफल?
8 × 50 = 400 cm = 4 m। 6 × 50 = 300 cm = 3 m। क्षेत्रफल = 4 × 3 = 12 m²।
5. त्रिभुज A की भुजाएँ 5, 12, 13 cm हैं। समरूप त्रिभुज B की सबसे छोटी भुजा 15 cm है। बाकी भुजाएँ?
k = 15 ÷ 5 = 3। भुजाएँ: 12 × 3 = 36 cm, 13 × 3 = 39 cm।
6. एक खिलौना कार k = 1/20 पैमाने पर बनी है। असली कार की छत का क्षेत्रफल 4 m² है। मॉडल की छत का क्षेत्रफल?
क्षेत्रफल k² = 1/400 से बदलता है। 4 m² ÷ 400 = 0.01 m² = 100 cm²।
आम गलतियाँ
- किनारे और शीर्ष को एक समझना। किनारा रेखा है, शीर्ष कोने का बिंदु।
- सोचना कि कोई भी 6 जुड़े वर्ग घन का जाल हैं। कुछ पैटर्न मोड़ने पर एक-दूसरे पर चढ़ जाते हैं; मोड़कर जाँचो।
- सिर्फ़ मिलती-जुलती दिखने से आकृतियों को समरूप कहना। सारे कोण बराबर और सारी भुजाओं का अनुपात एक होना चाहिए।
- पैमाना बदलने पर क्षेत्रफल को k² की जगह k से गुणा करना। 2 गुना बड़े वर्ग का क्षेत्रफल 4 गुना होता है।