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वृत्त: जीवाएँ और कोण

जीवा वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाती है। लंबी जीवा केंद्र पर बड़ा कोण बनाती है, और बराबर जीवाएँ बराबर कोण। केंद्र से जीवा पर डाला लंब उसे आधा करता है, और बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं। कोई चाप केंद्र पर जो कोण बनाता है, वह वृत्त के बाकी हिस्से के किसी भी बिंदु पर बने कोण का दोगुना होता है, इसलिए अर्धवृत्त का कोण 90° है। चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का जोड़ 180° होता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. वृत्त पर बिंदु A और B मिलाओ: यह जीवा AB है। B खिसकता है, जीवा लंबी होती है, और केंद्र पर कोण AOB बड़ा होता जाता है।
  2. केंद्र O से जीवा पर लंब गिराओ। वह M पर गिरता है और AM, MB के बराबर है। लंब जीवा को आधा करता है।
  3. उतनी ही लंबी दूसरी जीवा केंद्र के चारों ओर घूमती है। O से उसकी दूरी बदलती ही नहीं। बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूर हैं।
  4. बिंदु P वृत्त पर चलता है। कोण APB वही रहता है और कोण AOB का आधा है। जब AB व्यास बनता है, कोण APB 90° हो जाता है।
  5. एक वृत्त पर चार बिंदु चक्रीय चतुर्भुज बनाते हैं। D को खिसकाओ: कोण A + कोण C, और कोण B + कोण D, हमेशा 180°।
  6. अब खुद खेलो: जीवा का आकार बदलो और P को चलाओ। पहले कोण का अंदाज़ा लगाओ, फिर नीचे संख्या देखो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

लंबी जीवा केंद्र पर बड़ा कोण क्यों बनाती है?

लंबी जीवा के सिरों तक पहुँचने के लिए त्रिज्याएँ OA और OB को ज़्यादा खुलना पड़ता है, तो उनके बीच का कोण बढ़ता है।

केंद्र से लंब जीवा को आधा क्यों करता है?

दोनों समकोण त्रिभुज OMA और OMB के कर्ण (त्रिज्याएँ) बराबर हैं और OM साझा है, तो RHS से वे मिलते हैं और AM = MB।

बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूर क्यों होती हैं?

बराबर जीवा असल में पहली जीवा को केंद्र के चारों ओर घुमाने जैसी है। घुमाने से O से उसकी दूरी नहीं बदलती।

P के चलने पर ∠APB क्यों नहीं बदलता?

वह हमेशा ∠AOB का आधा है, और ∠AOB जीवा से तय है। इसलिए एक ही चाप का हर P एक ही कोण देखता है।

अर्धवृत्त का कोण 90° क्यों है?

व्यास के लिए केंद्र का कोण 180° है। उसका आधा 90° है।

चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का जोड़ 180° क्यों?

हर कोण एक केंद्र-कोण का आधा है, और दोनों केंद्र-कोण मिलकर पूरा चक्कर यानी 360° बनाते हैं। 360° का आधा 180°।

जीवाएँ और उनके कोण

जीवा (chord) वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाने वाला सीधा रेखाखंड है। केंद्र से गुज़रने वाली जीवा सबसे लंबी होती है: यह व्यास है (2 × त्रिज्या)।

जीवा के सिरों A और B को केंद्र O से मिलाओ। ∠AOB वह कोण है जो जीवा केंद्र पर अंतरित करती है (बनाती है)।

प्रमेय: बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं। क्यों: AB = CD हो तो SSS से ΔAOB ≅ ΔCOD (OA = OB = OC = OD = त्रिज्या)। इसलिए ∠AOB = ∠COD। विलोम भी सच है: केंद्र पर बराबर कोण बनाने वाली जीवाएँ बराबर होती हैं (SAS)।

केंद्र से लंब जीवा को समद्विभाजित करता है

प्रमेय: अगर OM ⟂ AB, तो AM = MB।

क्यों: ΔOMA और ΔOMB में ∠OMA = ∠OMB = 90°, OA = OB (त्रिज्याएँ), और OM साझा। RHS से दोनों सर्वांगसम हैं, इसलिए AM = MB।

विलोम: केंद्र से जीवा के मध्य-बिंदु तक की रेखा जीवा पर लंब होती है (SSS)।

काम की बात: एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदुओं से होकर सिर्फ़ एक वृत्त जाता है। उसका केंद्र दो जीवाओं के लंब समद्विभाजकों के मिलने की जगह है।

बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर

जीवा की केंद्र से दूरी यानी O से उस पर डाले गए लंब की लंबाई।

प्रमेय: बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं। OM ⟂ AB और ON ⟂ CD लो: AM = ½ AB = ½ CD = CN, और OA = OC। RHS से ΔOMA ≅ ΔONC, इसलिए OM = ON।

विलोम: केंद्र से बराबर दूरी वाली जीवाएँ बराबर होती हैं।

पाइथागोरस से OM² + AM² = r²। यानी जीवा केंद्र के जितनी पास, उतनी लंबी।

केंद्र पर बना कोण दोगुना होता है

चाप AB केंद्र पर ∠AOB और वृत्त के बाकी हिस्से के बिंदु P पर ∠APB बनाता है।

प्रमेय: ∠AOB = 2 ∠APB।

क्यों (एक हालत): PO मिलाकर X तक बढ़ाओ। OA = OP, तो ΔOAP समद्विबाहु है और ∠OAP = ∠OPA। बाहरी कोण ∠AOX = ∠OAP + ∠OPA = 2∠OPA। इसी तरह ∠BOX = 2∠OPB। जोड़ो: ∠AOB = 2(∠OPA + ∠OPB) = 2∠APB।

इससे निकलता है:

चक्रीय बिंदु और चक्रीय चतुर्भुज

अगर एक ही वृत्त सब बिंदुओं से होकर जाए तो वे चक्रीय (concyclic) बिंदु हैं। जिस चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक वृत्त पर हों वह चक्रीय चतुर्भुज है।

प्रमेय: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का जोड़ 180° होता है। क्यों: ∠A, चाप BCD के केंद्र-कोण का आधा है और ∠C, चाप BAD के केंद्र-कोण का आधा। ये दोनों केंद्र-कोण मिलकर 360° हैं, तो ∠A + ∠C = 180°। ∠B + ∠D के लिए भी यही।

विलोम: किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों की एक जोड़ी का जोड़ 180° हो तो वह चक्रीय है। साथ ही, अगर AB अपनी एक ही तरफ़ के दो बिंदुओं C और D पर बराबर कोण बनाए, तो A, B, C, D चक्रीय हैं।

उदाहरण: हर आयत चक्रीय है (90° + 90° = 180°), पर वर्ग न होने वाला समचतुर्भुज नहीं।

घर पर करके देखो

चूड़ी या स्टील की थाली के चारों ओर पेंसिल घुमाकर वृत्त बनाओ। कोई जीवा खींचो और कागज़ ऐसे मोड़ो कि जीवा के दोनों सिरे मिल जाएँ। मोड़ की रेखा केंद्र से जाती है और जीवा को आधा करती है। दूसरी जीवा के साथ भी करो: दोनों मोड़ केंद्र पर कटते हैं।

अब एक व्यास खींचो और वृत्त पर कोई बिंदु लो। उसे व्यास के दोनों सिरों से मिलाओ और चाँदे या कॉपी के कोने से कोण जाँचो: हमेशा 90°। 3D के आखिरी चरण में जीवा 180° करो और P को चलाकर यही देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त में 8 cm लंबी जीवा है। वह केंद्र से कितनी दूर है?

चरण 1: O से लंब जीवा को आधा करता है, तो AM = 4 cm। चरण 2: OM² = OA² − AM² = 25 − 16 = 9। चरण 3: OM = 3 cm।

2. 13 cm त्रिज्या वाले वृत्त में एक जीवा केंद्र से 5 cm दूर है। उसकी लंबाई ज्ञात करो।

चरण 1: AM² = 13² − 5² = 169 − 25 = 144। चरण 2: AM = 12 cm। चरण 3: जीवा AB = 2 × 12 = 24 cm।

3. केंद्र पर ∠AOB = 110° है। दीर्घ चाप पर बिंदु P के लिए ∠APB ज्ञात करो।

चरण 1: केंद्र पर कोण, वृत्त पर बने कोण का दोगुना होता है। चरण 2: ∠APB = 110° ÷ 2 = 55°।

4. AB व्यास है और C वृत्त पर एक बिंदु है, ∠CAB = 35°। ∠CBA ज्ञात करो।

चरण 1: अर्धवृत्त का कोण: ∠ACB = 90°। चरण 2: ΔABC में कोणों का जोड़: ∠CBA = 180 − 90 − 35 = 55°।

5. ABCD चक्रीय चतुर्भुज है, ∠A = 72° और ∠B = 104°। ∠C और ∠D ज्ञात करो।

चरण 1: सम्मुख कोणों का जोड़ 180°। चरण 2: ∠C = 180 − 72 = 108°। चरण 3: ∠D = 180 − 104 = 76°।

6. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त की दो बराबर जीवाएँ AB और CD केंद्र से 4 cm दूर हैं। हर जीवा की लंबाई ज्ञात करो।

चरण 1: आधी जीवा² = 5² − 4² = 9, तो आधी जीवा = 3 cm। चरण 2: हर जीवा = 6 cm। चरण 3: दोनों केंद्र से 4 cm दूर हैं, जो 'बराबर जीवाएँ बराबर दूरी' से मेल खाता है।

7. P और Q एक ही चाप पर हैं और जीवा AB के लिए ∠APB = 40° है। ∠AQB और ∠AOB ज्ञात करो।

चरण 1: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर, तो ∠AQB = 40°। चरण 2: केंद्र पर दोगुना: ∠AOB = 80°।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब:
2. ∠AOB = 140° हो तो दीर्घ चाप के बिंदु पर कोण:
3. अर्धवृत्त में बना कोण होता है:
4. चक्रीय चतुर्भुज में ∠A = 85° है। तो ∠C =
5. वृत्त की बराबर जीवाएँ:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चाप द्वारा केंद्र पर अंतरित कोण कितना होता है?

वह उसी चाप द्वारा वृत्त के बाकी हिस्से के किसी बिंदु पर बने कोण का दोगुना होता है।

चक्रीय चतुर्भुज क्या है?

ऐसा चतुर्भुज जिसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर हों। इसके सम्मुख कोणों का जोड़ 180° होता है।

वृत्त का केंद्र कैसे ढूँढें?

दो जीवाएँ और उनके लंब समद्विभाजक खींचो। जहाँ वे कटते हैं वही केंद्र है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

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