जीवाएँ और उनके कोण
जीवा (chord) वृत्त के दो बिंदुओं को मिलाने वाला सीधा रेखाखंड है। केंद्र से गुज़रने वाली जीवा सबसे लंबी होती है: यह व्यास है (2 × त्रिज्या)।
जीवा के सिरों A और B को केंद्र O से मिलाओ। ∠AOB वह कोण है जो जीवा केंद्र पर अंतरित करती है (बनाती है)।
प्रमेय: बराबर जीवाएँ केंद्र पर बराबर कोण बनाती हैं। क्यों: AB = CD हो तो SSS से ΔAOB ≅ ΔCOD (OA = OB = OC = OD = त्रिज्या)। इसलिए ∠AOB = ∠COD। विलोम भी सच है: केंद्र पर बराबर कोण बनाने वाली जीवाएँ बराबर होती हैं (SAS)।
केंद्र से लंब जीवा को समद्विभाजित करता है
प्रमेय: अगर OM ⟂ AB, तो AM = MB।
क्यों: ΔOMA और ΔOMB में ∠OMA = ∠OMB = 90°, OA = OB (त्रिज्याएँ), और OM साझा। RHS से दोनों सर्वांगसम हैं, इसलिए AM = MB।
विलोम: केंद्र से जीवा के मध्य-बिंदु तक की रेखा जीवा पर लंब होती है (SSS)।
काम की बात: एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदुओं से होकर सिर्फ़ एक वृत्त जाता है। उसका केंद्र दो जीवाओं के लंब समद्विभाजकों के मिलने की जगह है।
बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर
जीवा की केंद्र से दूरी यानी O से उस पर डाले गए लंब की लंबाई।
प्रमेय: बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं। OM ⟂ AB और ON ⟂ CD लो: AM = ½ AB = ½ CD = CN, और OA = OC। RHS से ΔOMA ≅ ΔONC, इसलिए OM = ON।
विलोम: केंद्र से बराबर दूरी वाली जीवाएँ बराबर होती हैं।
पाइथागोरस से OM² + AM² = r²। यानी जीवा केंद्र के जितनी पास, उतनी लंबी।
केंद्र पर बना कोण दोगुना होता है
चाप AB केंद्र पर ∠AOB और वृत्त के बाकी हिस्से के बिंदु P पर ∠APB बनाता है।
प्रमेय: ∠AOB = 2 ∠APB।
क्यों (एक हालत): PO मिलाकर X तक बढ़ाओ। OA = OP, तो ΔOAP समद्विबाहु है और ∠OAP = ∠OPA। बाहरी कोण ∠AOX = ∠OAP + ∠OPA = 2∠OPA। इसी तरह ∠BOX = 2∠OPB। जोड़ो: ∠AOB = 2(∠OPA + ∠OPB) = 2∠APB।
इससे निकलता है:
- एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर: एक ही चाप पर हर P, AB को एक ही कोण से देखता है।
- अर्धवृत्त का कोण 90°: AB व्यास हो तो ∠AOB = 180°, इसलिए ∠APB = 90°।
चक्रीय बिंदु और चक्रीय चतुर्भुज
अगर एक ही वृत्त सब बिंदुओं से होकर जाए तो वे चक्रीय (concyclic) बिंदु हैं। जिस चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक वृत्त पर हों वह चक्रीय चतुर्भुज है।
प्रमेय: चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का जोड़ 180° होता है। क्यों: ∠A, चाप BCD के केंद्र-कोण का आधा है और ∠C, चाप BAD के केंद्र-कोण का आधा। ये दोनों केंद्र-कोण मिलकर 360° हैं, तो ∠A + ∠C = 180°। ∠B + ∠D के लिए भी यही।
विलोम: किसी चतुर्भुज के सम्मुख कोणों की एक जोड़ी का जोड़ 180° हो तो वह चक्रीय है। साथ ही, अगर AB अपनी एक ही तरफ़ के दो बिंदुओं C और D पर बराबर कोण बनाए, तो A, B, C, D चक्रीय हैं।
उदाहरण: हर आयत चक्रीय है (90° + 90° = 180°), पर वर्ग न होने वाला समचतुर्भुज नहीं।
घर पर करके देखो
चूड़ी या स्टील की थाली के चारों ओर पेंसिल घुमाकर वृत्त बनाओ। कोई जीवा खींचो और कागज़ ऐसे मोड़ो कि जीवा के दोनों सिरे मिल जाएँ। मोड़ की रेखा केंद्र से जाती है और जीवा को आधा करती है। दूसरी जीवा के साथ भी करो: दोनों मोड़ केंद्र पर कटते हैं।
अब एक व्यास खींचो और वृत्त पर कोई बिंदु लो। उसे व्यास के दोनों सिरों से मिलाओ और चाँदे या कॉपी के कोने से कोण जाँचो: हमेशा 90°। 3D के आखिरी चरण में जीवा 180° करो और P को चलाकर यही देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- बराबर जीवाएँ ⇔ केंद्र पर बराबर कोण
- OM ⟂ AB ⇒ AM = MB
- बराबर जीवाएँ ⇔ केंद्र से बराबर दूरी
- OM² + (½ AB)² = r²
- ∠AOB = 2 ∠APB; अर्धवृत्त का कोण = 90°
- चक्रीय चतुर्भुज: ∠A + ∠C = 180°, ∠B + ∠D = 180°
हल किए गए उदाहरण
1. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त में 8 cm लंबी जीवा है। वह केंद्र से कितनी दूर है?
चरण 1: O से लंब जीवा को आधा करता है, तो AM = 4 cm। चरण 2: OM² = OA² − AM² = 25 − 16 = 9। चरण 3: OM = 3 cm।
2. 13 cm त्रिज्या वाले वृत्त में एक जीवा केंद्र से 5 cm दूर है। उसकी लंबाई ज्ञात करो।
चरण 1: AM² = 13² − 5² = 169 − 25 = 144। चरण 2: AM = 12 cm। चरण 3: जीवा AB = 2 × 12 = 24 cm।
3. केंद्र पर ∠AOB = 110° है। दीर्घ चाप पर बिंदु P के लिए ∠APB ज्ञात करो।
चरण 1: केंद्र पर कोण, वृत्त पर बने कोण का दोगुना होता है। चरण 2: ∠APB = 110° ÷ 2 = 55°।
4. AB व्यास है और C वृत्त पर एक बिंदु है, ∠CAB = 35°। ∠CBA ज्ञात करो।
चरण 1: अर्धवृत्त का कोण: ∠ACB = 90°। चरण 2: ΔABC में कोणों का जोड़: ∠CBA = 180 − 90 − 35 = 55°।
5. ABCD चक्रीय चतुर्भुज है, ∠A = 72° और ∠B = 104°। ∠C और ∠D ज्ञात करो।
चरण 1: सम्मुख कोणों का जोड़ 180°। चरण 2: ∠C = 180 − 72 = 108°। चरण 3: ∠D = 180 − 104 = 76°।
6. 5 cm त्रिज्या वाले वृत्त की दो बराबर जीवाएँ AB और CD केंद्र से 4 cm दूर हैं। हर जीवा की लंबाई ज्ञात करो।
चरण 1: आधी जीवा² = 5² − 4² = 9, तो आधी जीवा = 3 cm। चरण 2: हर जीवा = 6 cm। चरण 3: दोनों केंद्र से 4 cm दूर हैं, जो 'बराबर जीवाएँ बराबर दूरी' से मेल खाता है।
7. P और Q एक ही चाप पर हैं और जीवा AB के लिए ∠APB = 40° है। ∠AQB और ∠AOB ज्ञात करो।
चरण 1: एक ही वृत्तखंड के कोण बराबर, तो ∠AQB = 40°। चरण 2: केंद्र पर दोगुना: ∠AOB = 80°।
आम गलतियाँ
- दोगुना करने की जगह आधा कर देना। केंद्र वाला कोण बड़ा होता है: ∠AOB = 2 ∠APB।
- पाइथागोरस लगाने से पहले जीवा को आधा करना भूल जाना। ½ AB लो, AB नहीं।
- चक्रीय चतुर्भुज के पास-पास वाले कोणों का जोड़ 180° मान लेना। सम्मुख कोण (A और C, B और D) का जोड़ 180° होता है।
- P लघु चाप पर हो तब भी छोटा कोण लेना। तब ∠APB प्रतिवर्ती कोण AOB (360° − ∠AOB) का आधा होता है।