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चक्रीय और स्पर्शरेखीय चतुर्भुज

चक्रीय चतुर्भुज के चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर होते हैं। इसके सामने के कोणों का योग 180° होता है, और बाहरी कोण सामने वाले भीतरी कोण के बराबर होता है। स्पर्शरेखीय चतुर्भुज के अंदर ऐसा वृत्त होता है जो चारों भुजाओं को छूता है; इसमें सामने की भुजाओं के योग बराबर होते हैं: AB + CD = BC + DA। थेल्स (अंतःखंड) प्रमेय का विलोम बताता है कि कब कोई रेखा त्रिभुज की भुजा के समांतर होगी।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. यह एक वृत्त है। इसके किनारे पर चार बिंदु हैं: A, B, C और D।
  2. बिंदुओं को क्रम से जोड़ो। यह चार भुजाओं वाली आकृति चक्रीय चतुर्भुज है। चक्रीय का मतलब: चारों कोने एक ही वृत्त पर हैं।
  3. सामने के दो कोने A और C देखो। इनके कोणों का योग 180° है। दूसरी जोड़ी B और D का योग भी 180° है।
  4. बिंदु D को वृत्त पर सरकाओ। सारे कोण बदलते हैं, पर सामने की हर जोड़ी का योग फिर भी 180° रहता है।
  5. एक भुजा को बाहर की ओर बढ़ाओ। आकृति के बाहर बना कोण, सामने वाले कोने के भीतरी कोण के बराबर है।
  6. अब वृत्त अंदर है और चारों भुजाओं को छूता है। यहाँ सामने की भुजाओं का योग बराबर है: AB + CD = BC + DA। स्पर्श-बिंदु को सरकाकर जाँचो।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

सामने के कोणों का योग 180° ही क्यों आता है?

दो केंद्रीय कोण मिलकर 360° बनाते हैं, और किनारे का कोण केंद्र के कोण का आधा होता है। 360° का आधा 180° है।

एक कोना हिलाएँ तो भी नियम सही रहता है?

हाँ, जब तक कोना वृत्त पर रहे। D को सरकाओ: कोण बदलते हैं, योग नहीं बदलता।

बाहरी कोण नियम किसलिए काम आता है?

समय बचाता है। भुजा बढ़ाने पर सामने का भीतरी कोण सीधे मिल जाता है, घटाना नहीं पड़ता।

क्या आयत चक्रीय है?

हाँ। उसके सामने के कोण 90° और 90° हैं, योग 180°। चारों कोने उस वृत्त पर आते हैं जिसका केंद्र आयत का मध्य बिंदु है।

क्या किसी आकृति में कोनों से गुज़रता वृत्त और अंदर का वृत्त दोनों हो सकते हैं?

हाँ, वर्ग में। तब दोनों नियम साथ लगते हैं।

अंदर वृत्त हो तो सामने की भुजाओं के योग बराबर क्यों होते हैं?

हर शीर्ष से दोनों स्पर्श-रेखाएँ बराबर लंबी होती हैं। घूमकर जोड़ने पर हर लंबाई समीकरण के दोनों ओर एक-एक बार आती है।

वृत्त में बना चतुर्भुज (चक्रीय चतुर्भुज)

चक्रीय चतुर्भुज वह चतुर्भुज है जिसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर होते हैं। इन चार बिंदुओं को सम-वृत्तीय (concyclic) कहते हैं।

मुख्य नियम: सामने के कोणों का योग 180° होता है। यानी ∠A + ∠C = 180° और ∠B + ∠D = 180°।

बाहरी कोण नियम: एक भुजा बढ़ाने पर उस शीर्ष का बाहरी कोण, सामने वाले भीतरी कोण के बराबर होता है।

विलोम: अगर किसी चतुर्भुज के सामने के कोणों की एक जोड़ी का योग 180° है, तो वह चक्रीय है।

सामने के कोणों का योग 180° क्यों?

केंद्र O लो। चाप BCD पर केंद्र पर बना कोण ∠A का दुगुना है। दूसरे चाप BAD पर केंद्र का कोण ∠C का दुगुना है। दोनों केंद्रीय कोण मिलकर पूरा चक्कर, 360°, बनाते हैं। इसलिए 2∠A + 2∠C = 360°, यानी ∠A + ∠C = 180°।

कौन से चतुर्भुज चक्रीय हो सकते हैं? वर्ग, आयत और समद्विबाहु समलंब हमेशा। समांतर चतुर्भुज तभी चक्रीय है जब वह आयत हो, क्योंकि उसके सामने के कोण बराबर हैं और उनका योग भी 180° होना चाहिए, तो हर कोण 90° है। वर्ग न होने वाला समचतुर्भुज कभी चक्रीय नहीं होता।

वृत्त के चारों ओर बना चतुर्भुज (स्पर्शरेखीय)

स्पर्शरेखीय चतुर्भुज के अंदर एक वृत्त होता है जो चारों भुजाओं को छूता है। हर भुजा वृत्त की स्पर्श-रेखा है। एक शीर्ष से वृत्त पर खींची दोनों स्पर्श-रेखाओं की लंबाई बराबर होती है। इन बराबर जोड़ियों को घूमकर जोड़ने पर:

AB + CD = BC + DA (सामने की भुजाओं के योग बराबर)। यह पिटो प्रमेय है।

विलोम भी सत्य है: सामने की भुजाओं के योग बराबर हों तो अंदर वृत्त बैठता है। वर्ग, समचतुर्भुज और पतंग (काइट) में अंतःवृत्त होता है। अंतःवृत्त वाली आकृति का क्षेत्रफल = r × s, जहाँ r अंतःत्रिज्या और s परिमाप का आधा है।

एक आकृति दोनों हो सकती है: वर्ग चक्रीय भी है और स्पर्शरेखीय भी।

थेल्स (अंतःखंड) प्रमेय का विलोम

अंतःखंड प्रमेय: त्रिभुज की एक भुजा के समांतर रेखा बाकी दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बाँटती है। विलोम: अगर कोई रेखा त्रिभुज की दो भुजाओं को एक ही अनुपात में बाँटे, तो वह तीसरी भुजा के समांतर होती है।

त्रिभुज ABC में D, AB पर और E, AC पर है। अगर AD/DB = AE/EC तो DE ∥ BC। इससे दो रेखाओं का समांतर होना जल्दी सिद्ध होता है, और यह देखने में मदद मिलती है कि चतुर्भुज समलंब है या नहीं।

परीक्षा में कैसे प्रश्न आते हैं

घर पर करके देखो

कटोरी या सिक्के से एक वृत्त खींचो। उस पर चार बिंदु लगाकर जोड़ो। चाँदे से सामने के कोण नापकर जोड़ो। क्या लगभग 180° आया? अब कागज़ से पतंग जैसी आकृति काटो और देखो कि क्या सिक्का उसके अंदर चारों भुजाओं को छूते हुए बैठता है। फिर सामने की भुजाओं के योग जाँचो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ABCD चक्रीय है और ∠A = 75° है। ∠C ज्ञात करो।

सामने के कोणों का योग 180° है। ∠C = 180° − 75° = 105°।

2. ABCD चक्रीय है और ∠B = 110° है। ∠D ज्ञात करो।

∠D = 180° − 110° = 70°।

3. चक्रीय चतुर्भुज में भुजा AB को P तक बढ़ाया। B पर बाहरी कोण 85° है। D का भीतरी कोण ज्ञात करो।

B का बाहरी कोण, सामने के भीतरी कोण ∠D के बराबर है। इसलिए ∠D = 85°। (जाँच: ∠B = 180° − 85° = 95°, और 95° + 85° = 180°।)

4. चक्रीय चतुर्भुज के कोण A, B, C का अनुपात 2 : 3 : 4 है। चारों कोण ज्ञात करो।

∠A + ∠C = 180°, तो 2x + 4x = 180°, x = 30°। ∠A = 60°, ∠B = 90°, ∠C = 120°। ∠D = 180° − 90° = 90°।

5. चतुर्भुज की भुजाएँ AB = 7, BC = 6, CD = 9 हैं और एक वृत्त चारों भुजाओं को छूता है। DA ज्ञात करो।

AB + CD = 7 + 9 = 16। यह BC + DA = 6 + DA के बराबर है। इसलिए DA = 10।

6. स्पर्शरेखीय चतुर्भुज का परिमाप 36 सेमी और अंतःत्रिज्या 4 सेमी है। क्षेत्रफल ज्ञात करो।

s = 36 ÷ 2 = 18 सेमी। क्षेत्रफल = r × s = 4 × 18 = 72 सेमी²।

7. सिद्ध करो: वृत्त में बना समांतर चतुर्भुज आयत होता है।

समांतर चतुर्भुज में सामने के कोण बराबर: ∠A = ∠C। चक्रीय में ∠A + ∠C = 180°। इसलिए 2∠A = 180°, ∠A = 90°। एक समकोण वाला समांतर चतुर्भुज आयत है।

8. त्रिभुज ABC में D, AB पर है: AD = 3, DB = 6 और E, AC पर है: AE = 2, EC = 4। क्या DE ∥ BC है?

AD/DB = 3/6 = 1/2 और AE/EC = 2/4 = 1/2। अनुपात बराबर हैं, इसलिए अंतःखंड प्रमेय के विलोम से DE ∥ BC।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. चक्रीय चतुर्भुज में सामने के कोणों का योग होता है:
2. कौन सा चतुर्भुज हमेशा चक्रीय नहीं होता?
3. जिस चतुर्भुज में अंतःवृत्त हो, उसके लिए क्या सत्य है?
4. चक्रीय चतुर्भुज के एक शीर्ष का बाहरी कोण बराबर होता है:
5. त्रिभुज ABC में AD/DB = AE/EC हो तो:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रीय चतुर्भुज क्या है?

चार भुजाओं वाली आकृति जिसके चारों शीर्ष एक वृत्त पर हों। इसके सामने के कोणों का योग 180° होता है।

चार बिंदु एक वृत्त पर हैं, यह कैसे सिद्ध करें?

दिखाओ कि सामने के कोणों की एक जोड़ी का योग 180° है, या बाहरी कोण सामने के भीतरी कोण के बराबर है।

चक्रीय और स्पर्शरेखीय में क्या अंतर है?

चक्रीय में वृत्त चारों कोनों से गुज़रता है। स्पर्शरेखीय में वृत्त अंदर होता है और चारों भुजाओं को छूता है।

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