रेखा (अक्षीय) सममिति क्या है?
किसी आकृति को एक रेखा पर मोड़िए। अगर दोनों आधे बिल्कुल एक-दूसरे पर आ जाएँ, तो आकृति में रेखा सममिति है। मोड़ने वाली रेखा को सममित अक्ष या सममित रेखा कहते हैं।
हर बिंदु का एक प्रतिबिंब बिंदु होता है। दोनों अक्ष से बराबर दूरी पर होते हैं। इन्हें जोड़ने वाला रेखाखंड अक्ष को समकोण (90°) पर काटता है।
- वर्गाकार काग़ज़ पर: अक्ष खड़ा हो तो बाईं ओर 3 खाने वाला बिंदु दाईं ओर 3 खाने जाता है, पंक्ति वही रहती है।
- निर्देशांक में: y-अक्ष में परावर्तन (x, y) को (−x, y) बनाता है; x-अक्ष में (x, −y)।
प्रकृति और डिज़ाइन में यह हर जगह है: पत्ते, चेहरे, पतंग, मंदिर के द्वार, लोगो।
लंब समद्विभाजक और कोण समद्विभाजक
लंब समद्विभाजक
रेखाखंड AB का लंब समद्विभाजक वह रेखा है जो उसके मध्य-बिंदु से गुज़रती है और AB से 90° बनाती है। यही रेखाखंड की सममित रेखा है।
गुण: इस पर हर बिंदु A और B से बराबर दूर है। और जो बिंदु A और B से बराबर दूर हो, वह इसी पर होता है।
कोण समद्विभाजक
कोण समद्विभाजक कोण को दो बराबर कोणों में बाँटता है। यह कोण की सममित रेखा है।
गुण: इस पर हर बिंदु दोनों भुजाओं से बराबर दूर है (दूरी लंब से मापी जाती है)।
इनसे कई प्रश्न हल होते हैं: दो गाँवों से बराबर दूर बिंदु ढूँढना, तीन बिंदुओं से गुज़रने वाले वृत्त का केंद्र, या त्रिभुज की सभी भुजाओं को छूने वाले वृत्त का केंद्र।
कितनी सममित रेखाएँ? आकृति पूरी करना
| आकृति | सममित रेखाएँ |
|---|---|
| विषमबाहु त्रिभुज | 0 |
| समद्विबाहु त्रिभुज | 1 |
| समबाहु त्रिभुज | 3 |
| आयत (वर्ग नहीं) | 2 |
| समचतुर्भुज (वर्ग नहीं) | 2 (विकर्ण) |
| वर्ग | 4 |
| n भुजाओं वाला सम बहुभुज | n |
| वृत्त | अनगिनत |
आधी आकृति और अक्ष दिए हों तो पूरी करने का तरीक़ा: हर कोने से अक्ष तक 90° पर दूरी मापो, दूसरी ओर उतनी ही दूरी पर निशान लगाओ, फिर नए बिंदुओं को उसी क्रम में जोड़ो।
बिंदु (केंद्रीय) सममिति
अगर किसी बिंदु O के चारों ओर 180° घुमाने पर वही आकृति मिले, तो उसमें बिंदु सममिति (केंद्रीय सममिति) है। O को सममिति केंद्र कहते हैं।
बिंदु P का प्रतिबिंब P′ ऐसा है कि O, PP′ का मध्य-बिंदु है। यानी OP = OP′ और P, O, P′ एक रेखा पर हैं। O मूल बिंदु हो तो (x, y) → (−x, −y)।
- केंद्र वाली आकृतियाँ: समांतर चतुर्भुज (विकर्णों का कटान बिंदु), आयत, समचतुर्भुज, वर्ग, वृत्त, सम षट्भुज, अक्षर S, N, Z।
- केंद्र नहीं: त्रिभुज, पतंग, अक्षर A।
माध्यिका दुगुनी करना: त्रिभुज ABC में माध्यिका AM को M से आगे D तक बढ़ाओ ताकि MD = AM। तब M के सापेक्ष केंद्रीय सममिति में D, A का प्रतिबिंब है, और ABDC समांतर चतुर्भुज है। माध्यिका से जुड़े प्रमाणों में यह तरकीब काम आती है।
करके देखिए: स्याही धब्बा और घुमाव जाँच
एक काग़ज़ मोड़िए, मोड़ के पास स्याही या रंग की कुछ बूँदें डालिए, दबाकर खोलिए: रेखा-सममित चित्र बन गया। अब अपना नाम अंग्रेज़ी बड़े अक्षरों में लिखकर हर अक्षर जाँचिए: क्या वह मोड़ने पर ख़ुद पर आता है (रेखा), या उल्टा करने पर वैसा ही दिखता है (बिंदु)? फिर 3D खुले खेल में अपने अनुमान जाँचिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- y-अक्ष में परावर्तन: (x, y) → (−x, y)
- x-अक्ष में परावर्तन: (x, y) → (x, −y)
- रेखा y = x में परावर्तन: (x, y) → (y, x)
- मूल बिंदु के सापेक्ष बिंदु सममिति: (x, y) → (−x, −y)
- O(a, b) के सापेक्ष बिंदु सममिति: (x, y) → (2a − x, 2b − y)
- n भुजाओं वाला सम बहुभुज: n सममित रेखाएँ
हल किए गए उदाहरण
1. बिंदु (3, 5) का y-अक्ष और x-अक्ष में परावर्तन लिखिए।
y-अक्ष में केवल x का चिह्न बदलता है: (−3, 5)। x-अक्ष में केवल y का: (3, −5)।
2. सम षट्भुज में कितनी सममित रेखाएँ हैं? क्या उसका सममिति केंद्र है?
n भुजाओं वाले सम बहुभुज में n रेखाएँ: 6 रेखाएँ। 180° घुमाने पर वही षट्भुज मिलता है, इसलिए हाँ, उसका केंद्र है।
3. A(1, 2) और B(7, 2)। AB का लंब समद्विभाजक ज्ञात कीजिए और जाँचिए कि P(4, 6), A और B से बराबर दूर है।
मध्य-बिंदु M = (4, 2)। AB क्षैतिज है, इसलिए समद्विभाजक खड़ी रेखा x = 4 है। P इस पर है। PA = √(3² + 4²) = 5, PB = √(3² + 4²) = 5। बराबर।
4. O(1, 1) के सापेक्ष P(2, −3) का बिंदु सममिति में प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए।
P′ = (2·1 − 2, 2·1 − (−3)) = (0, 5)। जाँच: PP′ का मध्य-बिंदु = (1, 1) = O।
5. कोण XOY = 70° के अंदर बिंदु P, OX से 4 cm और OY से 4 cm दूर है। OP, OX से कितना कोण बनाता है?
दोनों भुजाओं से बराबर दूरी, यानी P समद्विभाजक पर है। कोण POX = 70° ÷ 2 = 35°।
6. दो गाँव A और B 6 km दूर हैं। एक कुआँ दोनों से बराबर दूर और सड़क AB से 4 km दूर बनाना है। वह हर गाँव से कितना दूर होगा?
कुआँ लंब समद्विभाजक पर, मध्य-बिंदु से 4 km दूर है। दूरी = √(3² + 4²) = 5 km।
आम गलतियाँ
- आयत के विकर्ण को सममित रेखा मान लेना। उस पर मोड़ने से आधे नहीं मिलते।
- अक्ष तक दूरी तिरछी मापना, 90° पर नहीं।
- बिंदु सममिति को परावर्तन समझ लेना: बिंदु सममिति में दोनों निर्देशांक बदलते हैं, (x, y) → (−x, −y)।
- यह सोचना कि हर समांतर चतुर्भुज में सममित रेखा होती है। उसका केंद्र होता है, पर आमतौर पर सममित रेखा नहीं।