सवाल: सीधी रेखा पर एक ठहराव
सीधी सड़क एक रेखा है। बिंदु A और बिंदु B उसके एक ही तरफ़ हैं। आप A से चलते हैं, सड़क के किसी बिंदु P को छूते हैं और फिर B जाते हैं। हमें कुल सबसे छोटा रास्ता चाहिए, यानी AP + PB का सबसे छोटा मान।
अगर A और B सड़क के दोनों तरफ़ होते तो काम आसान था: A से B सीधा चलो, रास्ते में सड़क पार हो जाती। मुश्किल तब है जब दोनों एक ही तरफ़ हों। तब A से B की सीधी रेखा सड़क को छूती ही नहीं।
शीशे वाली तरकीब: B को पलटो
सड़क को शीशा समझो। B को शीशे के सामने रखो और उसका प्रतिबिंब देखो। यही बिंदु B′ है। B सड़क से जितना आगे है, B′ उतना ही पीछे है, और रेखा BB′ सड़क से समकोण (90°) पर मिलती है।
अब सड़क पर कोई भी बिंदु P लो। शीशे के कारण त्रिभुज P-B-पाद और P-B′-पाद बिलकुल बराबर हैं, इसलिए PB = PB′। यही मुख्य बात है। इससे
AP + PB = AP + PB′
टेढ़ा रास्ता अब A से B′ तक P से होकर जाने वाला रास्ता बन गया। B′ सड़क के दूसरी तरफ़ है, इसलिए सड़क बीच में रुकावट नहीं रही। A से B′ तक सबसे छोटा रास्ता सीधी रेखा AB′ है। यह रेखा सड़क को ज़रूर काटेगी, और कटान का बिंदु ही सबसे अच्छा P है।
हर ऐसे सवाल को हल करने के चरण
- देखो कि A और B रेखा के एक ही तरफ़ हैं। (नहीं हों, तो सीधे A और B जोड़ दो।)
- B को रेखा में परावर्तित करके B′ बनाओ। सीधे पार ले जाओ, सड़क से 90° पर।
- A को B′ से सीधी रेखा से जोड़ो।
- जहाँ AB′ सड़क को मिले, वहाँ P लिखो। यही सबसे अच्छा ठहराव है।
- सबसे छोटी लंबाई AB′ है। इसे पाइथागोरस प्रमेय या दूरी सूत्र से निकालो।
चाहो तो B की जगह A को पलट सकते हो। उत्तर वही आएगा।
कोई और बिंदु इससे अच्छा क्यों नहीं हो सकता
सड़क पर कोई और बिंदु Q लो। तब AQ + QB = AQ + QB′। त्रिभुज A-Q-B′ में दो भुजाओं का जोड़ तीसरी भुजा से बड़ा होता है, इसलिए AQ + QB′, AB′ से ज़्यादा है। यानी हर दूसरा ठहराव ज़्यादा लंबा रास्ता देता है। दोनों तभी बराबर होंगे जब Q रेखा AB′ पर हो।
एक बात और देखो। सबसे अच्छे P पर सड़क, PA और PB के साथ बराबर कोण बनाती है। प्रकाश भी शीशे से इसी तरह लौटता है, इसीलिए कहते हैं कि प्रकाश सबसे छोटा रास्ता चुनता है।
करके देखो: धागा और काग़ज़
काग़ज़ पर: एक लंबी रेखा खींचो, यह सड़क है। एक तरफ़ A और B बिंदु लगाओ। काग़ज़ को सड़क पर मोड़ो और B पर पिन चुभाकर दूसरी तरफ़ B′ का निशान लगाओ। काग़ज़ खोलो, A को B′ से पटरी से जोड़ो और P लिखो। अब सड़क पर कोई दूसरा बिंदु Q लो और धागे से AQ + QB नापो। देखो कि यह P वाले रास्ते से लंबा है।
ऊपर 3D में: पहले अंदाज़ा लगाओ कि P कहाँ होगा, फिर P खिसकाकर हरा रंग देखो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सबसे अच्छा ठहराव P: रेखा AB′ और सड़क का कटान बिंदु (B′ = सड़क में B का प्रतिबिंब)
- सड़क पर हर P के लिए PB = PB′
- सबसे छोटा कुल रास्ता = AB′ = √(d² + (a + b)²), जहाँ a और b, A और B की सड़क से दूरी हैं और d उनके पादों के बीच की दूरी है
- A के पाद से P की दूरी = d × a ÷ (a + b)
हल किए गए उदाहरण
1. A सीधी सड़क से 3 इकाई और B उससे 2 इकाई दूर है। दोनों के पाद 9 इकाई दूर हैं। A से सड़क छूकर B तक का सबसे छोटा रास्ता निकालो।
B को पलटकर B′ बनाओ, जो सड़क के दूसरी तरफ़ 2 इकाई पर है। तब A और B′ सड़क के आर-पार a + b = 3 + 2 = 5 इकाई और सड़क के साथ 9 इकाई दूर हैं। AB′ = √(9² + 5²) = √106 ≈ 10.3 इकाई। P, A के पाद से 9 × 3 ÷ 5 = 5.4 इकाई दूर है।
2. A और B दोनों सड़क से 4 मी दूर हैं और उनके पाद 6 मी दूर हैं। सबसे अच्छा ठहराव कहाँ है और सबसे छोटा रास्ता कितना है?
B′ दूसरी तरफ़ 4 मी पर है। तो A और B′ आर-पार 8 मी और साथ-साथ 6 मी दूर हैं। AB′ = √(6² + 8²) = 10 मी। P, हर पाद से 6 × 4 ÷ 8 = 3 मी दूर है, ठीक बीच में।
3. ग्राफ़ पर सड़क x-अक्ष है। A = (0, 2) और B = (6, 4)। सड़क पर सबसे अच्छा बिंदु P निकालो।
B को x-अक्ष में पलटो: B′ = (6, −4)। A (0, 2) से B′ (6, −4) की रेखा 6 आगे जाते हुए 6 नीचे जाती है, ढाल −1 है। यह y = 0 पर x = 2 पर मिलती है। इसलिए P = (2, 0)। सबसे छोटी लंबाई AB′ = √(6² + 6²) = 6√2 ≈ 8.49।
4. एक तंबू सीधी नदी के किनारे से 120 मी और झोपड़ी 180 मी दूर है, दोनों एक ही तरफ़। उनके पाद 400 मी दूर हैं। लड़की तंबू से नदी पर मटका भरती है, फिर झोपड़ी जाती है। उसे कम से कम कितना चलना पड़ेगा?
झोपड़ी को नदी के पार पलटो: वह नदी से 180 मी पीछे है। नदी के आर-पार तंबू और प्रतिबिंब 120 + 180 = 300 मी और साथ-साथ 400 मी दूर हैं। दूरी = √(400² + 300²) = 500 मी। वह तंबू के पाद से 400 × 120 ÷ 300 = 160 मी पर मटका भरेगी।
5. उदाहरण 2 में मान लो व्यक्ति A के पाद से 3 मी की जगह 1 मी पर रुकता है। रास्ता कितना लंबा हो जाएगा?
AP = √(1² + 4²) = √17 ≈ 4.12 मी। P, B के पाद से 5 मी दूर है, इसलिए PB = √(5² + 4²) = √41 ≈ 6.40 मी। कुल ≈ 10.52 मी, यानी सबसे छोटे 10 मी से लगभग 0.52 मी ज़्यादा।
6. एक शीशा x-अक्ष पर है। प्रकाश की किरण A (1, 3) से शीशे पर और फिर B (7, 1) पर जाती है। वह शीशे पर कहाँ लगेगी?
B को पलटो: B′ = (7, −1)। A (1, 3) से B′ (7, −1) की रेखा 6 आगे और 4 नीचे जाती है। y = 0 तक पहुँचने में 3 नीचे जाना होता है, यानी 3 ÷ 4 हिस्सा, इसलिए x = 1 + 6 × 3/4 = 5.5। किरण (5.5, 0) पर लगेगी। सबसे छोटी लंबाई √(6² + 4²) = √52 ≈ 7.21।
आम गलतियाँ
- A और B सड़क के दोनों तरफ़ हों तब भी B को पलट देना। तब पलटना ही नहीं है, सीधे A और B जोड़ो।
- तिरछी दिशा में पलटना। प्रतिबिंब सीधे पार, सड़क से 90° पर बनता है।
- A के सबसे पास वाले बिंदु को सबसे अच्छा ठहराव मान लेना। सबसे अच्छा P, A और B दोनों पर निर्भर है।
- अंतिम उत्तर A से B की दूरी लिख देना। सबसे छोटा रास्ता A से B′ तक है। वह A से B से लंबा है और AP + PB के बराबर है।