राज्य किससे बनता है?
राज्य एक राजनीतिक समुदाय है जिसके पास:
- भू-क्षेत्र: सीमाओं वाली ज़मीन (और समुद्र, हवाई क्षेत्र);
- जनता: स्थायी आबादी;
- सरकार: क़ानून बनाने, लागू करने और न्याय करने वाले अंग;
- संप्रभुता: अंदर सबसे ऊँची शक्ति, और बाहरी शासन से आज़ादी।
दूसरे राज्यों की मान्यता और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सदस्यता नए राज्य को व्यापार, संधि और अपनी रक्षा में मदद करती है। राष्ट्र वे लोग हैं जो साथ होने का भाव रखते हैं (भाषा, इतिहास, संस्कृति); राष्ट्र-राज्य तब है जब राष्ट्र का अपना राज्य हो। राज्य के अंदर शक्ति केंद्र में रह सकती है या क्षेत्रों और स्थानीय परिषदों से बँट सकती है (स्थानीय स्वायत्तता)।
1918: साम्राज्य गिरे, नए राज्य जन्मे
पहले विश्व युद्ध ने चार साम्राज्य ख़त्म किए: रूसी (क्रांति, 1917), जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और उस्मानी। राष्ट्रीय आत्मनिर्णय का विचार, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन के चौदह सूत्रों (1918) और राष्ट्रीय आंदोलनों ने आगे बढ़ाया, कहता था कि हर जनता अपना राज्य चुने।
- पोलैंड ने 123 साल के बँटवारे के बाद 11 नवंबर 1918 को आज़ादी फिर पाई, तीन साम्राज्यों की ज़मीन जोड़कर।
- चेकोस्लोवाकिया, सर्ब-क्रोट-स्लोवेन राज्य (बाद में यूगोस्लाविया), फ़िनलैंड, एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया राज्य बने।
- रोमानिया 1918 में ट्रांसिल्वेनिया, बेस्सारबिया और बुकोविना से जुड़ा (महान एकीकरण, 1 दिसंबर)।
- 1923 में उस्मानी केंद्र से तुर्की गणराज्य बना।
दो युद्धों के बीच के साल (1918–1939) उम्मीद के थे, पर आर्थिक संकट के भी, और कई नए राज्यों में लोकतंत्र से तानाशाही की ओर खिसकने के भी।
सीमाएँ खींचना: संधि, जनमत संग्रह और युद्ध
- संधियाँ: पेरिस शांति सम्मेलन (1919–1920) से जर्मनी के साथ वर्साय की संधि बनी, और ऑस्ट्रिया, हंगरी, बुल्गारिया और उस्मानी राज्य के साथ भी संधियाँ। राष्ट्र संघ (League of Nations) बना।
- जनमत संग्रह: कुछ मिली-जुली आबादी वाले इलाक़ों में लोगों ने वोट दिया (जैसे ऊपरी सिलेसिया और पूर्वी प्रशा के हिस्से 1920–1921; श्लेस्विग 1920)।
- विद्रोह और युद्ध: वृहत्तर पोलैंड विद्रोह (1918–1919), सिलेसियाई विद्रोह, और पोलैंड–सोवियत युद्ध (1919–1921), जो रीगा की संधि (1921) से ख़त्म हुआ।
कम ही सीमाएँ वहाँ थीं जहाँ लोग रहते थे। अल्पसंख्यक संधियों ने अल्पसंख्यकों को बचाने की कोशिश की, पर सीमा और अल्पसंख्यकों के झगड़ों ने वह तनाव बढ़ाया जो दूसरे विश्व युद्ध तक गया।
संस्थाएँ बनाना: राज्य की मशीन
आज़ादी जीतना सिर्फ़ शुरुआत है। नए राज्य को:
- संविधान लिखना होता है (पोलैंड का मार्च संविधान 1921; रोमानिया का 1923 का संविधान);
- संसद चुननी और सरकार बनानी होती है;
- अलग-अलग साम्राज्यों से मिले क़ानून, अदालतें और प्रशासन एक करने होते हैं;
- एक मुद्रा और केंद्रीय बैंक बनाना होता है (पोलिश ज़्वोती, 1924, भारी महँगाई के बाद);
- सेना और पुलिस बनानी होती है;
- राष्ट्रीय भाषा में स्कूल खोलने और निरक्षरता से लड़ना होता है;
- रेल, सड़कें और बंदरगाह जोड़ने होते हैं (पोलैंड ने ग्डिनिया बंदरगाह बनाया)।
भूमि सुधार और महिलाओं को वोट (पोलैंड 1918) जैसे सुधारों ने नागरिकों की वफ़ादारी जीतने की कोशिश की।
बाद की लहरें और आज के कमज़ोर राज्य
1945 के बाद जब उपनिवेश आज़ाद हुए (भारत और पाकिस्तान 1947, इंडोनेशिया 1949, घाना 1957, लगभग 1960 में कई अफ़्रीकी राज्य) और 1991 में सोवियत संघ के टूटने पर और राज्य बने।
कमज़ोर (fragile) राज्य वह है जिसकी सरकार शांति नहीं रख पाती, बुनियादी सेवाएँ नहीं दे पाती या जनता का भरोसा नहीं पाती, अक्सर युद्ध के बाद। उसे और उसके लोकतंत्र को मज़बूत करने के तरीक़े:
- शांति समझौते और लड़ाकों से हथियार वापस लेना;
- न्यायपूर्ण संविधान और स्वतंत्र, नियमित चुनाव;
- स्वतंत्र अदालतें, आज़ाद प्रेस और ईमानदार अधिकारी (भ्रष्टाचार से लड़ाई);
- सब समूहों को शामिल करना (सत्ता की साझेदारी, स्थानीय स्वशासन);
- स्कूल, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था के लिए संयुक्त राष्ट्र आदि की मदद, पर फ़ैसले स्थानीय लोगों के हाथ में।
इतिहास की सीख: लोकतंत्र बाहर से थोपा नहीं जा सकता; यह तब बढ़ता है जब नागरिक संस्थाओं पर भरोसा करते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राज्य = भू-क्षेत्र + जनता + सरकार + संप्रभुता (+ मान्यता)
- राष्ट्र: साथ होने का भाव रखने वाले लोग; राष्ट्र-राज्य: अपना राज्य रखने वाला राष्ट्र
- आत्मनिर्णय: किसी जनता का अपना राज्य और सरकार चुनने का अधिकार
- जनमत संग्रह: किसी इलाक़े के लोगों का वोट कि वह किस राज्य में जाए
- कमज़ोर राज्य: जिसकी सरकार शांति या बुनियादी सेवाएँ नहीं दे पाती
- मुख्य तिथियाँ: 11 नवंबर 1918 पोलैंड आज़ाद; 1 दिसंबर 1918 रोमानिया का एकीकरण; 1919 वर्साय; 1921 रीगा; 1947 भारत; 1991 सोवियत संघ का अंत
हल किए गए उदाहरण
1. 1918 में इतने नए राज्य क्यों बने?
कारण: युद्ध और क्रांति में चार साम्राज्य टूटे। विचार: आत्मनिर्णय। कार्य: राष्ट्रीय आंदोलनों ने आज़ादी घोषित की। नतीजा: पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, फ़िनलैंड, बाल्टिक देश आदि।
2. ऊपरी सिलेसिया में पोलिश और जर्मन दोनों भाषी थे। सीमा कैसे तय हुई?
1921 में जनमत संग्रह, फिर विद्रोह, और राष्ट्र संघ का फ़ैसला जिसने इलाक़े को जर्मनी और पोलैंड में बाँटा।
3. फिर बने पोलैंड में तीन क़ानून व्यवस्थाएँ और कई मुद्राएँ थीं। यह समस्या क्यों थी और क्या किया गया?
अलग इलाक़ों के लोग अलग नियम और पैसे के तहत रहते थे, तो व्यापार और शासन कठिन था। पोलैंड ने धीरे-धीरे क़ानून एक किए और 1924 में ज़्वोती चलाई।
4. 1947 के भारत की तुलना 1918 के पोलैंड से करो।
दोनों को हिंसा के बीच सीमाएँ तय करनी पड़ीं, अलग व्यवस्थाओं वाले इलाक़े जोड़ने पड़े (रियासतें / तीन बँटवारे), संविधान लिखना और सेना-प्रशासन बनाना पड़ा। भारत लोकतंत्र बना रहा; दो युद्धों के बीच का पोलैंड 1926 के बाद तानाशाही की ओर गया।
5. एक देश में अभी गृहयुद्ध ख़त्म हुआ है। उसे लोकतंत्र के रूप में फिर बनाने के तीन क़दम लिखो।
1) शांति समझौता और हथियार वापसी। 2) नया या सुधरा संविधान और स्वतंत्र चुनाव। 3) स्वतंत्र अदालतें और सेवाएँ (स्कूल, स्वास्थ्य) ताकि लोग राज्य पर भरोसा करें।
आम गलतियाँ
- राष्ट्र और राज्य को एक मानना। राष्ट्र लोग हैं; राज्य भू-क्षेत्र और संप्रभुता वाला राजनीतिक संगठन है।
- सोचना कि 1918 के बाद की सीमाएँ सिर्फ़ पेरिस में नक़्शे पर खींची गईं। जनमत संग्रह, विद्रोह और युद्ध ने भी तय कीं।
- सोचना कि आज़ादी से राज्य निर्माण पूरा हो जाता है। क़ानून, पैसा, स्कूल और परिवहन अभी एक करने थे।
- सोचना कि लोकतंत्र बाहर से जल्दी लगाया जा सकता है। यह तभी टिकता है जब स्थानीय लोग संस्थाओं पर भरोसा करें और उन्हें चलाएँ।