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प्रथम विश्व युद्ध के बाद की दुनिया (1918–1938)

प्रथम विश्व युद्ध 1918 में खत्म हुआ। चार साम्राज्य (जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन, रूसी, ऑटोमन) खत्म हो गए और यूरोप में कई नए देश बने। शांति-संधियों ने नई व्यवस्था बनाई: वर्साय की संधि (1919) ने जर्मनी को सज़ा दी, वाशिंगटन संधियों (1921–22) ने नौसेनाएँ सीमित कीं और प्रशांत को सँभाला, और राष्ट्र संघ (1920) को शांति बनाए रखनी थी, पर उसके पास सेना नहीं थी और अमेरिका उसका सदस्य नहीं बना। वर्साय और वाशिंगटन मिलकर "वर्साय–वाशिंगटन व्यवस्था" कहलाते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. 1918 से पहले चार बड़े साम्राज्य विशाल इलाक़ों पर राज करते थे: जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन, रूसी और ऑटोमन। हर मीनार एक साम्राज्य है।
  2. युद्ध ने मीनारें तोड़ दीं। 1922 तक चारों साम्राज्य खत्म हो गए और कई छोटे नए देश बने। गिनिए: 8 छोटे ब्लॉक।
  3. वर्साय की संधि (1919) ने जर्मनी को दोषी ठहराया। उसने भूमि खोई, उसकी सेना सीमित हुई और उसे हर्जाना (युद्ध की क्षति का पैसा) भरना पड़ा।
  4. वाशिंगटन संधियों (1921–22) ने बड़ी नौसेनाएँ 5 : 5 : 3 : 1.75 : 1.75 के अनुपात में सीमित कीं। वर्साय के साथ मिलकर ये वर्साय–वाशिंगटन व्यवस्था बनाती हैं।
  5. राष्ट्र संघ (1920) लड़ने की जगह बात करने की मेज़ था। उसके पास सेना नहीं थी और अमेरिका कभी शामिल नहीं हुआ। इसलिए वह कमज़ोर रहा।
  6. वर्ष 1918 से 1938 तक खिसकाइए और देखिए कि नई व्यवस्था कुछ समय टिकी, फिर दरक गई।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

साम्राज्य एक ही समय पर क्यों गिरे?

लंबे युद्ध ने उन्हें थका दिया, क्रांतियाँ और हार हुईं, और शांति सम्मेलनों ने उन्हें वापस नहीं बनाया।

जर्मनी को दोषी क्यों ठहराया गया?

विजेताओं ने कहा कि जर्मनी और उसके साथियों ने युद्ध शुरू किया। युद्ध-अपराध धारा ने जर्मनी से यह मनवाया, जो हर्जाने का आधार बनी।

वाशिंगटन संधियों में जापान को 5 की जगह 3 क्यों मिला?

संख्याएँ बेड़ों के आकार और आशंकाओं पर बातचीत से आईं; जापान को अमेरिका और ब्रिटेन से कम मिला, जो कई जापानी नेताओं को पसंद नहीं आया।

राष्ट्र संघ के पास सेना क्यों नहीं थी?

सदस्य अपनी सेनाओं पर नियंत्रण छोड़ने से डरते थे। संघ केवल सदस्यों से कार्रवाई करने को कह सकता था।

अमेरिका क्यों शामिल नहीं हुआ?

अमेरिकी सीनेट ने संधि को मंज़ूरी नहीं दी क्योंकि कई सीनेटर विदेशी युद्धों में खिंचना नहीं चाहते थे।

क्या 1920 का दशक शांत था?

ज़्यादातर शांत, हाँ। 1924–29 आशा भरे लगे, पर 1929 की महामंदी ने वह शांति तोड़ दी।

साम्राज्यों का पतन (Collapse of empires)

युद्ध ने चार बड़े साम्राज्य तोड़ दिए: रूसी (1917 में क्रांति), जर्मन (नवंबर 1918 में कैसर ने गद्दी छोड़ी), ऑस्ट्रो-हंगेरियन (अक्टूबर–नवंबर 1918 में टूटा) और ऑटोमन (1918 में हारा; 1922 में सुल्तान हटा और 1923 में तुर्की गणतंत्र बना)।

उनकी जगह नए देश बने, जैसे पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, यूगोस्लाविया, ऑस्ट्रिया, हंगरी, फ़िनलैंड, बाल्टिक देश और तुर्की। आत्मनिर्णय (कोई जनता अपनी सरकार खुद चुने) के विचार के कारण कई लोगों ने इसका स्वागत किया। पर नई सीमाओं ने कई अल्पसंख्यकों को ऐसे देशों में छोड़ दिया जो उनके अपने नहीं थे, जिससे आगे झगड़े हुए।

वर्साय की संधि, 1919

28 जून 1919 को फ़्रांस में हुई इस संधि ने जर्मनी के साथ युद्ध खत्म किया। मुख्य शर्तें:

दूसरी संधियाँ ऑस्ट्रिया, हंगरी, बुल्गारिया और ऑटोमन के लिए थीं। कई जर्मनों को यह थोपी हुई कठोर शांति लगी, और उस गुस्से का बाद में नेताओं ने इस्तेमाल किया।

वाशिंगटन संधियाँ, 1921–22

वर्साय मुख्यतः यूरोप के लिए था। वाशिंगटन सम्मेलन ने प्रशांत और समुद्र को देखा। इसकी संधियों ने तीन काम किए: अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, फ़्रांस और इटली के सबसे बड़े युद्धपोत 5 : 5 : 3 : 1.75 : 1.75 के अनुपात में सीमित किए; बड़ी शक्तियों से चीन की स्वतंत्रता का सम्मान करने को कहा; और प्रशांत में प्रतिद्वंद्वी दावों को सुलझाया।

यूरोप की वर्साय संधियाँ और प्रशांत की वाशिंगटन संधियाँ मिलकर वर्साय–वाशिंगटन व्यवस्था कहलाती हैं: वे समझौते जिन्होंने 1918 के बाद की दुनिया को संगठित किया।

राष्ट्र संघ (League of Nations)

राष्ट्र संघ 1920 में जिनेवा में शुरू हुआ। उसका लक्ष्य था बातचीत, नियमों और नियम तोड़ने वालों पर दबाव से शांति रखना। उसने शरणार्थियों की मदद और स्वास्थ्य के काम भी किए।

वह कमज़ोर क्यों था?

संघ ने कुछ छोटे झगड़े सुलझाए, पर बड़ी शक्तियों के सामने वह असफल रहा।

आशा से दरार तक: 1918–1938

1920 के दशक के बीच में आशा थी: जर्मनी ने अपनी पश्चिमी सीमाएँ मानीं (लोकार्नो, 1925) और संघ में शामिल हुआ (1926)। फिर 1929 में महामंदी शुरू हुई; नौकरियाँ और पैसा गए, और गुस्साए मतदाता चरमपंथी नेताओं की ओर गए। 1938 तक 1919–22 में बनी व्यवस्था टूट रही थी। अगला पाठ देखिए: 1930 के दशक में अंतरराष्ट्रीय संबंध।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. प्रथम विश्व युद्ध के कारण गिरे चार साम्राज्यों के नाम बताइए।

जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन, रूसी और ऑटोमन साम्राज्य।

2. राष्ट्र संघ के कमज़ोर होने के दो कारण लिखिए।

उसकी अपनी सेना नहीं थी, और अमेरिका (एक बहुत शक्तिशाली देश) कभी शामिल नहीं हुआ। साथ ही बड़े फ़ैसलों के लिए सबकी सहमति चाहिए थी।

3. वाशिंगटन नौसेना अनुपात में अमेरिका को 5 और जापान को 3 मिला। अगर अमेरिका 5,00,000 टन बड़े युद्धपोत रख सकता था, तो जापान कितने रख सकता था?

अनुपात 5 : 3 है। 5,00,000 ÷ 5 = 1,00,000 प्रति भाग। जापान: 3 × 1,00,000 = 3,00,000 टन।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. प्रथम विश्व युद्ध से कौन-सा साम्राज्य नहीं टूटा?
2. वर्साय की संधि पर हस्ताक्षर हुए:
3. राष्ट्र संघ शुरू हुआ:
4. वाशिंगटन नौसेना अनुपात में जापान को मिला:
5. संघ की एक मुख्य कमज़ोरी थी:

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वर्साय की संधि की मुख्य शर्तें क्या थीं?

जर्मनी ने युद्ध-अपराध माना, भूमि और उपनिवेश खोए, उसकी सेना 1,00,000 सैनिकों तक सीमित हुई और उसे हर्जाना भरना पड़ा।

राष्ट्र संघ असफल क्यों हुआ?

उसके पास सेना नहीं थी, अमेरिका शामिल नहीं हुआ, फ़ैसलों के लिए सबकी सहमति चाहिए थी, और जापान, जर्मनी और इटली जैसी बड़ी शक्तियों ने उसे अनदेखा किया या 1930 के दशक में छोड़ दिया।

वर्साय–वाशिंगटन व्यवस्था क्या है?

प्रथम विश्व युद्ध के बाद की शांति-संधियों और समझौतों का समूह: यूरोप के लिए वर्साय संधियाँ और प्रशांत तथा नौसैनिक सीमाओं के लिए वाशिंगटन संधियाँ।

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