सामूहिक सुरक्षा: राष्ट्र संघ और संयुक्त राष्ट्र
सामूहिक सुरक्षा (collective security) राज्यों का आपसी वादा है: एक पर हमला सबकी समस्या है, इसलिए सब मिलकर उसे रोकेंगे।
- राष्ट्र संघ (League of Nations, 1920): प्रथम विश्व युद्ध के बाद बना। उसकी अपनी सेना नहीं थी, कुछ बड़े राज्य सदस्य नहीं थे या छोड़ गए, और कदम उठाने के लिए सहमति ज़रूरी थी। वह 1930 के दशक के हमले रोक न सका।
- संयुक्त राष्ट्र (United Nations, 1945): दूसरे विश्व युद्ध के बाद बना। उसकी सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य (चीन, फ़्रांस, रूस, ब्रिटेन, अमेरिका) और 10 चुने हुए सदस्य हैं। वह प्रतिबंध लगा सकती है और शांति-सैनिक भेज सकती है। महासभा में सभी सदस्य बोल सकते हैं। UN स्वास्थ्य, बच्चों, शरणार्थियों और विकास पर भी काम करता है।
शीत युद्ध और UN क्यों अटकता था
1945 से 1991 तक दो महाशक्तियाँ, अमेरिका और सोवियत संघ, विरोधी गुटों का नेतृत्व करती रहीं। वे आपस में सीधे नहीं लड़ीं, पर हथियारों, अंतरिक्ष और प्रभाव में होड़ की और दूसरे देशों के ज़रिए लड़ीं (छद्म युद्ध)।
सुरक्षा परिषद के हर स्थायी सदस्य के पास वीटो (veto) है: एक "ना" फ़ैसला रोक सकती है। शीत युद्ध में दोनों पक्ष अक्सर एक-दूसरे का वीटो करते थे, इसलिए UN कई संकटों पर कदम नहीं उठा सका। फिर भी शांति-सैनिक, सहायता और बातचीत जैसे कामों में उसने मदद की।
भारत जैसे कई नए देशों ने दोनों गुटों से दूर रहने की कोशिश की। यह गुटनिरपेक्ष आंदोलन था।
शस्त्र-नियंत्रण
शस्त्र-नियंत्रण (arms control) का मतलब है देश हथियारों को सीमित करने, घटाने या फैलने से रोकने पर सहमत हों। शीत युद्ध की होड़ से दुनिया में हज़ारों परमाणु हथियार हो गए। मुख्य कदम:
- 1963 आंशिक परीक्षण-प्रतिबंध: हवा, अंतरिक्ष और समुद्र में परमाणु परीक्षण नहीं।
- 1968 परमाणु अप्रसार संधि (NPT): नए देशों को परमाणु हथियार मिलने से रोकना।
- 1972 SALT I: दोनों महाशक्तियों पर पहली सीमाएँ।
- 1987 INF: मिसाइलों की एक पूरी श्रेणी हटाई गई।
- 1991 START: लंबी दूरी के हथियारों में पहली बड़ी कटौती।
हज़ारों हथियार अब भी हैं, इसलिए काम जारी है।
करके देखो: अपना घेरा बनाओ
3D के खुले खेल में अनुमान लगाओ कि हमलावर को रोकने के लिए 10 में से कितने राज्य चाहिए, फिर जाँचो। घर पर अपनी कक्षा के 3 ऐसे नियम लिखो जो तभी चलते हैं जब सब मानें। कुछ न मानें तो क्या होता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राष्ट्र संघ: 1920, अपनी सेना नहीं, 1930 के दशक में विफल
- संयुक्त राष्ट्र: 1945, सुरक्षा परिषद = 5 स्थायी + 10 चुने हुए
- वीटो: एक स्थायी सदस्य फ़ैसला रोक सकता है
- शीत युद्ध: 1945-1991
- शस्त्र-नियंत्रण: 1963 परीक्षण-प्रतिबंध, 1968 NPT, 1972 SALT, 1987 INF, 1991 START
हल किए गए उदाहरण
1. राष्ट्र संघ के कमज़ोर होने के दो कारण बताओ।
उसकी अपनी सेना नहीं थी, और कुछ बड़े राज्य बाहर रहे या छोड़ गए। कदम उठाने के लिए सदस्यों की सहमति भी चाहिए थी।
2. वीटो क्या है और शीत युद्ध में यह क्यों मायने रखता था?
वीटो से सुरक्षा परिषद का एक स्थायी सदस्य फ़ैसला रोक सकता है। शीत युद्ध में दोनों पक्ष एक-दूसरे का वीटो करते थे, इसलिए UN अक्सर कदम नहीं उठा पाता था।
3. परमाणु अप्रसार संधि (1968) का उद्देश्य क्या है?
परमाणु हथियारों को और देशों तक फैलने से रोकना, और साथ ही निरस्त्रीकरण की दिशा में काम करने का वादा।
आम गलतियाँ
- राष्ट्र संघ (1920) और UN (1945) को आपस में मिला देना।
- शीत युद्ध को अमेरिका और सोवियत संघ की सीधी लड़ाई समझना: यह दूसरे देशों और हथियारों की होड़ के ज़रिए चला।
- सुरक्षा परिषद में सिर्फ़ 5 सदस्य मानना: 5 स्थायी और 10 चुने हुए।
- शस्त्र-नियंत्रण का मतलब सारे परमाणु हथियार खत्म समझना: हज़ारों अब भी हैं।