परमाणु ऊर्जा
1938 में वैज्ञानिकों ने पाया कि यूरेनियम जैसा भारी परमाणु टूट सकता है। इसे नाभिकीय विखंडन (nuclear fission) कहते हैं। इससे बहुत ऊष्मा निकलती है और और न्यूट्रॉन भी, जो और परमाणु तोड़ सकते हैं (शृंखला अभिक्रिया)।
- उपयोग: बिजलीघर (1950 के दशक से), चिकित्सा और शोध।
- लाभ: कम कार्बन के साथ बहुत बिजली।
- जोखिम: रेडियोधर्मी कचरा, कम होने पर भी गंभीर दुर्घटनाएँ, और परमाणु हथियार। इसलिए देशों ने इसे नियंत्रित करने के नियम और संधियाँ बनाईं।
अंतरिक्ष खोज
अंतरिक्ष युग की शुरुआत उपग्रह स्पुतनिक (1957) से हुई। फिर अंतरिक्ष में पहला मानव (1961) और चाँद पर उतरना (1969) आया। अब कई देशों के अंतरिक्ष कार्यक्रम हैं, भारत भी (चंद्रयान-3 2023 में चाँद के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरा)।
उपग्रह मौसम की भविष्यवाणी, जीपीएस, टीवी व फ़ोन के संकेत, और फ़सलों व बाढ़ की तस्वीरें देते हैं। चुनौतियाँ: ऊँची लागत और अंतरिक्ष कचरा। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन दिखाता है कि देश मिलकर काम कर सकते हैं।
आईसीटी और ज्ञान-आधारित समाज
आईसीटी (ICT), यानी सूचना व संचार प्रौद्योगिकी, का मतलब है कंप्यूटर, फ़ोन, इंटरनेट और वह सॉफ़्टवेयर जो जानकारी बनाता, रखता और भेजता है। मुख्य कदम: पहले कंप्यूटर-नेटवर्क (1969), वर्ल्ड वाइड वेब आम जनता के लिए खुला (1991), स्मार्टफ़ोन (2007 से)।
ज्ञान-आधारित समाज (knowledge society) वह है जहाँ ज्ञान और हुनर संपत्ति और प्रगति का मुख्य स्रोत हैं। ज़्यादा लोग शिक्षा, शोध, सॉफ़्टवेयर, स्वास्थ्य और डिज़ाइन में काम करते हैं।
मुद्दे: डिजिटल खाई (digital divide) (कुछ लोगों के पास इंटरनेट या हुनर नहीं), निजता, फ़र्ज़ी ख़बरें, और बदलते रोज़गार। अच्छे स्कूल, पुस्तकालय और बराबर पहुँच मदद करते हैं।
करके देखो: लाभ और जोखिम की तालिका
हर एक के लिए दो खाने बनाओ, लाभ और जोखिम: परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, आईसीटी। हर खाने में दो बातें लिखो। फिर एक जोखिम चुनकर उसे घटाने का एक नियम या आदत लिखो (जैसे ख़बर साझा करने से पहले जाँचना)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विखंडन = भारी परमाणु का छोटे भागों में टूटना, जिससे ऊष्मा मिलती है
- स्पुतनिक: 1957; अंतरिक्ष में पहला मानव: 1961; चाँद पर उतरना: 1969
- वेब आम जनता के लिए खुला: 1991
- आईसीटी = सूचना बनाने, रखने और भेजने के साधन
- ज्ञान-समाज = ज्ञान और हुनर संपत्ति का मुख्य स्रोत
- डिजिटल खाई = इंटरनेट और हुनर तक असमान पहुँच
हल किए गए उदाहरण
1. शृंखला अभिक्रिया दो पंक्तियों में समझाओ।
एक न्यूट्रॉन परमाणु को तोड़ता है तो और न्यूट्रॉन निकलते हैं। वे और परमाणु तोड़ते हैं, इसलिए अभिक्रिया चलती रहती है।
2. उपग्रहों के दो रोज़ के उपयोग बताओ।
मौसम की भविष्यवाणी और जीपीएस नेविगेशन। (टीवी और फ़ोन के संकेत भी।)
3. ज्ञान-समाज में डिजिटल खाई समस्या क्यों है?
जिनके पास इंटरनेट या हुनर नहीं, वे जानकारी, पढ़ाई या रोज़गार तक नहीं पहुँच पाते, इसलिए असमानता बढ़ती है।
आम गलतियाँ
- परमाणु ऊर्जा और परमाणु हथियार को एक ही चीज़ मानना: विज्ञान समान है पर उपकरण और नियम बहुत अलग हैं।
- इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब को एक मानना: वेब इंटरनेट पर चलने वाली एक सेवा है।
- तारीख़ें मिलाना: स्पुतनिक 1957, चाँद पर उतरना 1969।
- यह सोचना कि उपग्रह सिर्फ़ अमीर देश इस्तेमाल करते हैं: मौसम और फ़ोन के संकेत सबके काम आते हैं।