ज्ञान-समाज का विचार
खेती वाले समाजों में धन का मुख्य स्रोत ज़मीन थी। औद्योगिक समाजों में मशीनें और कारख़ाने। ज्ञान-समाज में मुख्य स्रोत स्वयं ज्ञान है: शोध, कौशल, आँकड़े और विचार। लक्षण: बहुत स्कूल-विश्वविद्यालय, प्रयोगशालाएँ, पेटेंट, सॉफ़्टवेयर, कुशल कामगार और तेज़ संचार। ज्ञान बाँटने से बढ़ता है, रोटी की तरह ख़त्म नहीं होता।
वैज्ञानिक समुदाय
वैज्ञानिक समुदाय उन शोधकर्ताओं का समूह है जो मिलते-जुलते सवालों पर काम करते हैं, नतीजे छापते हैं, एक-दूसरे का काम परखते हैं और तरीक़ों पर सहमत होते हैं। मुख्य आदतें: प्रकाशन (पत्रिकाएँ, सम्मेलन), समकक्ष समीक्षा (स्वीकार से पहले विशेषज्ञ जाँचते हैं), पुनरावृत्ति (दूसरे प्रयोग दोहराते हैं) और श्रेय (किसने क्या खोजा)। अकादमियाँ, विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएँ इसे संभव बनाती हैं। समुदाय अंतरराष्ट्रीय होते हैं: एक प्रयोगशाला का नतीजा दूसरे देश में परखा जा सकता है।
1500 के दशक से महिलाओं की साक्षरता
साक्षरता यानी पढ़ने-लिखने की क्षमता। 1400-1500 के दशकों में छपाई फैलने के बाद किताबें सस्ती हुईं और ज़्यादा लोग पढ़ना चाहते थे, पर सदियों तक लड़कियों को लड़कों से बहुत कम पढ़ाया गया, ज़्यादातर घर पर या धार्मिक स्कूलों में। 1700 से 1900 के दशकों में अनिवार्य और मुफ़्त स्कूली शिक्षा, लड़कियों के स्कूल और सुधारकों के अभियानों से कई क्षेत्रों में महिला साक्षरता बढ़ी। आज भी कुछ जगहों पर अंतर है। ज़्यादा साक्षर महिलाएँ यानी परिवारों की बेहतर सेहत, ऊँची आय और नया ज्ञान बनाने वाले ज़्यादा लोग। (3D की तस्वीर सिर्फ़ चित्रण है, असली आँकड़े नहीं।)
खोजों की कड़ी: रेडियोधर्मिता, 1896 से 1950 के दशक तक
1896 में हेनरी बेकरल ने पाया कि यूरेनियम के लवण अँधेरे में भी अदृश्य किरणें छोड़ते हैं। 1898 में पियरे और मैरी क्यूरी ने दो नए तत्व, पोलोनियम और रेडियम, खोजे, और मैरी क्यूरी ने रेडियोधर्मिता शब्द गढ़ा। 1900 के आसपास अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड और अन्य ने दिखाया कि कुछ तत्वों के परमाणु दूसरे तत्वों में बदलते हैं और अलग-अलग किरणें छोड़ते हैं। 1930 के दशक में न्यूट्रॉन और 1938-39 में नाभिकीय विखंडन खोजा गया। रेडियोधर्मिता से आगे चिकित्सा (विकिरण चिकित्सा, इमेजिंग), ऊर्जा और, दुख की बात, हथियार भी बने। इस कड़ी में कई प्रयोगशालाओं, साझा पत्रिकाओं और अलग-अलग देशों के स्त्री-पुरुषों का सहयोग लगा।
ज्ञान एक राजनीतिक बाज़ी: शीत युद्ध की गुप्तचर सेवाएँ
ज्ञान ताक़त दे सकता है, इसलिए राज्य उसे नियंत्रित करना चाहते हैं। शीत युद्ध (लगभग 1947 से 1991) में अमेरिका और सोवियत संघ दोनों ने सैन्य और वैज्ञानिक राज़ बचाए और दूसरे के राज़, ख़ासकर नाभिकीय और अंतरिक्ष तकनीक के, जानने को गुप्तचर सेवाओं (जासूसी एजेंसियों) का इस्तेमाल किया। सरकारों ने गुप्त शोध किया, प्रकाशन रोके और वैज्ञानिकों पर नज़र रखी। इससे खुला आदान-प्रदान धीमा हुआ, पर अंतरिक्ष शोध जैसे विज्ञान पर राज्य ने भारी ख़र्च भी किया।
विद्यार्थी गतिशीलता और तकनीक हस्तांतरण: भारत
विद्यार्थी गतिशीलता यानी दूसरे देश में पढ़कर कौशल वापस लाना। तकनीक हस्तांतरण यानी प्रशिक्षण, उपकरण, लाइसेंस या साझेदारी से जानकारी को एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाना। भारत अच्छा उदाहरण है। कई भारतीय विद्यार्थी विदेश पढ़ने गए और कुछ लौटे या घर से जुड़े रहे। पहले भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) 1950-60 के दशकों में कई देशों की साझेदारी से बने। भारत ने अपने विज्ञान संस्थान, अंतरिक्ष कार्यक्रम और बड़ा सॉफ़्टवेयर उद्योग भी बनाया। यह दिखाता है कि विद्यार्थियों को भेजना और घर में संस्थान बनाना दोनों ज़रूरी हैं।
ज्ञान का संचरण
ज्ञान का संचरण यानी विचारों, किताबों, औज़ारों और लोगों का जगहों और समय में चलना। माध्यम: छपाई और पुस्तकालय, पत्रिकाएँ, अनुवाद, शिक्षक और यात्री, व्यापार, सम्मेलन, इंटरनेट। खुला संचरण सबको लाभ देता है, पर गोपनीयता, भाषा की दीवार, ख़र्च या सेंसरशिप उसे रोक सकती है। माध्यमों पर जिसका नियंत्रण (प्रकाशक, कंपनी, राज्य) होता है, ज्ञान की सत्ता का एक हिस्सा उसके पास होता है।
करके देखो
3D में: आख़िरी चरण में तीनों रूप आज़माओ। किसमें कंपनी तक सबसे ज़्यादा विचार पहुँचते हैं? राज़ बचाने से क्या मिलता और क्या खोता है?
घर पर: कोई चीज़ चुनो (साइकिल, फ़ोन)। उसमें लगे 5 तरह के ज्ञान लिखो और सोचो कि हर एक किस देश में विकसित हुआ होगा।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: ज्ञान-समाज, वैज्ञानिक समुदाय, समकक्ष समीक्षा, साक्षरता, गुप्तचर सेवा, तकनीक हस्तांतरण, ज्ञान का संचरण
- साक्षरता दर = साक्षर लोग ÷ जनसंख्या (आयु वर्ग) × 100%
- अंतर = समूह A की साक्षरता दर − समूह B की साक्षरता दर (प्रतिशत अंक)
हल किए गए उदाहरण
1. ज्ञान-समाज के तीन लक्षण बताओ।
बहुत स्कूल-विश्वविद्यालय, सक्रिय प्रयोगशालाएँ और ऐसे कामगार जिनका मुख्य काम ज्ञान का उपयोग या निर्माण है (साथ में तेज़ संचार, पेटेंट और सॉफ़्टवेयर)।
2. 15+ आयु की 500 महिलाओं में 350 पढ़-लिख सकती हैं। साक्षरता दर?
350 ÷ 500 × 100 = 70%।
3. पुरुषों की साक्षरता 85% और महिलाओं की 70% है। अंतर?
85 − 70 = 15 प्रतिशत अंक।
4. समकक्ष समीक्षा क्यों ज़रूरी है?
स्वीकार से पहले स्वतंत्र विशेषज्ञ तरीक़ा और नतीजा जाँचते हैं, इसलिए ग़लतियाँ और झूठे दावे पकड़े जाते हैं।
5. वैज्ञानिक राज़ बचाने का एक लाभ और एक नुक़सान बताओ।
लाभ: राज्य को सैन्य या आर्थिक बढ़त। नुक़सान: दूसरे उस काम पर आगे नहीं बढ़ सकते, इसलिए प्रगति धीमी होती है और पैसा दोहराया जा सकता है।
आम गलतियाँ
- सोचना कि खोज अकेला प्रतिभाशाली व्यक्ति करता है। ज़्यादातर खोजों में कई लोग और समुदाय की जाँच लगती है।
- कहना कि सारा ज्ञान मुफ़्त बँटता है। राज्य और कंपनियाँ अक्सर उसे बचाती हैं।
- साक्षरता को चालू-बंद स्विच समझना। वह धीरे-धीरे और असमान रूप से बढ़ती है।
- तारीख़ें मिलाना: बेकरल 1896, क्यूरी 1898।