Germany Jahrgangsstufe 12 Politics and Society
अध्याय: 5
1. Peace and security in German foreign policy
Peace and security in German foreign policy
- समकालीन विश्व में सुरक्षा – सुरक्षा का मतलब है अपनी क़ीमती चीज़ों पर ख़तरे से मुक्ति। पारंपरिक सुरक्षा राज्य को बाहर के सैन्य ख़तरे और भीतर की अव्यवस्था से बचाती है, और इसके उपाय हैं अपरोध, रक्षा, शक्ति-संतुलन और गठबंधन। अपारंपरिक सुरक्षा घेरा बड़ा करके लोगों (मानव सुरक्षा) और पूरी धरती (वैश्विक सुरक्षा) की रक्षा करती है। आतंकवाद, मानवाधिकार हनन, ग़रीबी, प्रवास, महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसे नए ख़तरे सीमाएँ पार करते हैं, इसलिए सहयोगी सुरक्षा चाहिए। भारत की रणनीति में सैन्य ताक़त, अंतर्राष्ट्रीय नियम, आंतरिक शांति और विकास चारों हैं।
2. Understanding and shaping the European project
The European Union project
- यूरोपीय संघ – यूरोपीय संघ (EU) 27 यूरोपीय देशों का समूह है जो कुछ फ़ैसले और क़ानून साझा करते हैं। इसकी शुरुआत 1951 में हुई, जब छह देशों ने कोयला और इस्पात साझा किया ताकि उनके बीच युद्ध असंभव हो जाए। धीरे-धीरे यह एकल बाज़ार बना जहाँ सामान, लोग, सेवाएँ और पैसा आज़ादी से चलते हैं। आयोग क़ानून का प्रस्ताव रखता है, संसद और परिषद उसे पारित करते हैं, और न्यायालय देखता है कि उसका पालन हो। 21 सदस्य यूरो चलाते हैं। यूनाइटेड किंगडम 2020 में बाहर हो गया।
3. Political theories and utopias for the future
Political theories and utopias
- राजनीतिक विचारधारा: राजनीति के बड़े सवालों के अलग-अलग जवाब – राजनीतिक विचारधारा लोगों, समाज और राज्य के बारे में जुड़े हुए विचारों का सेट है, साथ में समाज को बनाए रखने या बदलने की योजना। हम राजनीतिक विचार राजनीतिक समाजीकरण से सीखते हैं (परिवार, स्कूल, दोस्त, मीडिया, घटनाएँ)। “वाम” और “दक्षिण” शब्द 1789 की फ़्रांसीसी सभा में बैठने की जगह से आए। मुख्य विचारधाराएँ हैं उदारवाद (व्यक्ति की आज़ादी और अधिकार), रूढ़िवाद (परंपरा, व्यवस्था, धीमा बदलाव) और समाजवाद (समानता, साझा धन)। इनके अलावा नारीवाद, पर्यावरणवाद, अराजकतावाद, बहुसंस्कृतिवाद और राष्ट्रवाद। दो धुरियों वाला मॉडल (अर्थव्यवस्था और आज़ादी-सत्ता) एक रेखा से बेहतर तस्वीर देता है। विचारधाराएँ दलों के घोषणापत्र और नीतियाँ तय करती हैं, और जनमत सर्वेक्षण से इन्हें नापा जाता है।
4. Comparing political systems, valuing democracy
Comparing democracies and dictatorships
- लोकतंत्र – लोकतंत्र का मतलब है जनता का शासन। लोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में अपने शासक चुनते हैं, हर वयस्क का एक वोट होता है जिसका मूल्य बराबर है, और सरकार को कानून मानना और अधिकारों का सम्मान करना होता है। लोकतंत्र प्रत्यक्ष या प्रतिनिधि हो सकता है। भारत में लोकतंत्र की जड़ें पुरानी हैं; आज यहाँ संसदीय प्रणाली है, जबकि अमेरिका में अध्यक्षात्मक। गरीबी, निरक्षरता, भ्रष्टाचार और असमानता इसकी मुख्य चुनौतियाँ हैं।
- लोकतंत्र के परिणाम – लोकतंत्र को उसके नतीजों से परखते हैं। यह जवाबदेह, उत्तरदायी और वैध सरकार देता है और गरिमा व आज़ादी की रक्षा में सबसे अच्छा है। आर्थिक वृद्धि में यह तानाशाही जितना ही है। असमानता और गरीबी घटाने में इसने काफ़ी नहीं किया। जब बहुमत और अल्पमत बदलते रहें, तो यह सामाजिक मतभेद अच्छे से सँभालता है।
5. Ways to strengthen democracy
Promoting democracy in fragile states
- राज्य निर्माण: नए राज्य कैसे जन्म लेते हैं – राज्य को भू-क्षेत्र, जनता, सरकार और संप्रभुता चाहिए, और आम तौर पर दूसरे राज्यों की मान्यता। 1917–1918 में जब रूसी, जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और उस्मानी साम्राज्य गिरे, तो राष्ट्रों ने आत्मनिर्णय के विचार से पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, फ़िनलैंड और बाल्टिक देशों जैसे राज्य बनाए या फिर से खड़े किए, और रोमानिया बड़ा हुआ। सीमाएँ संधियों, जनमत संग्रह और कभी युद्ध से तय हुईं। फिर हर राज्य को संस्थाएँ बनानी पड़ीं: संविधान, संसद, अदालतें, एक मुद्रा, सेना, स्कूल और जुड़ा परिवहन। बाद में भी लहरें आईं (1945 के बाद उपनिवेशवाद का अंत, 1991), और आज के कमज़ोर राज्य शांति, निष्पक्ष चुनाव, क़ानून के राज और सोची-समझी बाहरी मदद से फिर खड़े होते हैं।