Romania Clasa a XII-a History
अध्याय: 5
1. Peoples and historical spaces
Romanians' Roman origin in historians' views · Explorers of new lands and cultures
- राज्य निर्माण: नए राज्य कैसे जन्म लेते हैं – राज्य को भू-क्षेत्र, जनता, सरकार और संप्रभुता चाहिए, और आम तौर पर दूसरे राज्यों की मान्यता। 1917–1918 में जब रूसी, जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और उस्मानी साम्राज्य गिरे, तो राष्ट्रों ने आत्मनिर्णय के विचार से पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, फ़िनलैंड और बाल्टिक देशों जैसे राज्य बनाए या फिर से खड़े किए, और रोमानिया बड़ा हुआ। सीमाएँ संधियों, जनमत संग्रह और कभी युद्ध से तय हुईं। फिर हर राज्य को संस्थाएँ बनानी पड़ीं: संविधान, संसद, अदालतें, एक मुद्रा, सेना, स्कूल और जुड़ा परिवहन। बाद में भी लहरें आईं (1945 के बाद उपनिवेशवाद का अंत, 1991), और आज के कमज़ोर राज्य शांति, निष्पक्ष चुनाव, क़ानून के राज और सोची-समझी बाहरी मदद से फिर खड़े होते हैं।
2. People, society and ideas
Villages, market towns and cities · Visions of modernisation · Diversity and minorities · Democracy and totalitarianism · Romania's constitutions
- नगरीकरण: शहर क्यों बढ़ते हैं और उन्हें बेहतर कैसे बनाएँ – नगरीकरण किसी देश या दुनिया के उन लोगों के हिस्से का बढ़ना है जो कस्बों और शहरों में रहते हैं। 1950 में दुनिया के लगभग 30% लोग नगरीय थे; 2007 से आधे से ज़्यादा हैं, और 2050 तक लगभग 68% होने का अनुमान है। शहर ग्रामीण-नगरीय प्रवास (गाँव से धक्का देने वाले और शहर की ओर खींचने वाले कारक) और प्राकृतिक वृद्धि से बढ़ते हैं। आज सबसे तेज़ बढ़त एशिया और अफ़्रीका के कम आय वाले और उभरते देशों में है, जहाँ 1 करोड़ से ज़्यादा के महानगर बन रहे हैं; कई अमीर देशों में बढ़त धीमी है और लोग उपनगरों या गाँवों की ओर भी जाते हैं (उपनगरीकरण और प्रति-नगरीकरण)। तेज़ बढ़त से अवसर (रोज़गार, सेवाएँ) और समस्याएँ (अनौपचारिक बस्तियाँ, ट्रैफ़िक, प्रदूषण, कचरा, बाढ़, नगरीय ऊष्मा द्वीप) आती हैं। टिकाऊ नगरीय विकास इन्हें सार्वजनिक परिवहन, हरी जगहों, साफ़ पानी, पुनर्चक्रण, सस्ते घरों और नवीकरणीय ऊर्जा से सुधारता है।
- मानव अधिकार: अर्थ, इतिहास, प्रकार और संरक्षण – मानव अधिकार वे मूल स्वतंत्रताएँ और सुरक्षाएँ हैं जो हर व्यक्ति को मनुष्य होने के कारण मिलती हैं। ये सार्वभौमिक, अविच्छेद्य, अविभाज्य और गरिमा पर आधारित हैं। मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (1948) ने सबके लिए एक साझा मानक बनाया, जिसे बाद में संधियों से बाध्यकारी बनाया गया। संविधान, न्यायालय, आयोग, संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज इनकी रक्षा करते हैं, और केवल दूसरों की रक्षा के लिए बने उचित क़ानून ही इन्हें सीमित कर सकते हैं।
- सर्वसत्तावाद (Totalitarianism) – सर्वसत्तावादी शासन एक-दलीय राज्य है जो जीवन के हर हिस्से — राजनीति, अर्थव्यवस्था, अख़बार, स्कूल और लोगों के विचार तक — को एक नेता, प्रचार और आतंक के सहारे नियंत्रित करना चाहता है। पहले विश्व युद्ध और 1929 की मंदी के बाद ऐसे शासन फ़ासीवादी इटली (1922), स्तालिन के सोवियत संघ (1920 के दशक का अंत) और नाज़ी जर्मनी (1933) में आए। उनके विचार अलग थे पर तरीक़े मिलते-जुलते, और उनका उदय दूसरे विश्व युद्ध की एक वजह बना।
- संवैधानिक इतिहास: नियमों ने शासकों को कैसे बाँधा – संविधान सर्वोच्च क़ानून है जो बताता है कि शक्ति किसके पास है, वह कैसे सीमित है और लोगों के क्या अधिकार हैं। शासकों पर सीमाएँ धीरे-धीरे बढ़ीं: मैग्ना कार्टा (1215), पोलिश–लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल की सेम जैसी सामंती संसदें और चुने हुए राजा (1569–1573 से), और इंग्लैंड का अधिकार विधेयक (1689)। प्रबोधन के विचारकों ने प्राकृतिक अधिकार, सामाजिक अनुबंध, राष्ट्र की संप्रभुता और शक्तियों के पृथक्करण के विचार जोड़े। फिर पहले लिखित राष्ट्रीय संविधान आए: अमेरिका (1787), पोलैंड–लिथुआनिया का 3 मई संविधान और फ़्रांस (1791), और स्पेन का काडिज़ संविधान (1812)। 19वीं सदी के उदार शासन संपत्ति-आधारित मताधिकार वाले संवैधानिक राजतंत्र थे; 20वीं सदी में वोट सभी पुरुषों और फिर सभी वयस्कों तक फैला। भारत (1950) और 1989 के बाद मध्य-पूर्वी यूरोप के आधुनिक संविधान गारंटीशुदा अधिकार और संवैधानिक अदालतें जोड़ते हैं।
3. State and politics
Local autonomy and central institutions · Modern Romanian state · Changing role of the state · Post-war Romania
- राज्य निर्माण: नए राज्य कैसे जन्म लेते हैं – राज्य को भू-क्षेत्र, जनता, सरकार और संप्रभुता चाहिए, और आम तौर पर दूसरे राज्यों की मान्यता। 1917–1918 में जब रूसी, जर्मन, ऑस्ट्रो-हंगेरियन और उस्मानी साम्राज्य गिरे, तो राष्ट्रों ने आत्मनिर्णय के विचार से पोलैंड, चेकोस्लोवाकिया, फ़िनलैंड और बाल्टिक देशों जैसे राज्य बनाए या फिर से खड़े किए, और रोमानिया बड़ा हुआ। सीमाएँ संधियों, जनमत संग्रह और कभी युद्ध से तय हुईं। फिर हर राज्य को संस्थाएँ बनानी पड़ीं: संविधान, संसद, अदालतें, एक मुद्रा, सेना, स्कूल और जुड़ा परिवहन। बाद में भी लहरें आईं (1945 के बाद उपनिवेशवाद का अंत, 1991), और आज के कमज़ोर राज्य शांति, निष्पक्ष चुनाव, क़ानून के राज और सोची-समझी बाहरी मदद से फिर खड़े होते हैं।
- राज्य और सरकार: राज्य किससे बनता है – राज्य एक राजनीतिक समुदाय है जिसके चार तत्व हैं: स्थायी जनसंख्या, निश्चित क्षेत्र, सरकार और संप्रभुता (अंदर सबसे ऊँची शक्ति, बाहर स्वतंत्रता)। सरकार वह टीम है जो राज्य चलाती है और बदलती रहती है; राज्य बना रहता है। राज्य इसमें अलग होते हैं कि फ़ैसला कौन करता है (लोकतंत्र, राजतंत्र, तानाशाही), शक्ति कैसे बँटी है (एकात्मक या संघीय) और वे नागरिकों के लिए कितना करते हैं।
- सर्वसत्तावाद (Totalitarianism) – सर्वसत्तावादी शासन एक-दलीय राज्य है जो जीवन के हर हिस्से — राजनीति, अर्थव्यवस्था, अख़बार, स्कूल और लोगों के विचार तक — को एक नेता, प्रचार और आतंक के सहारे नियंत्रित करना चाहता है। पहले विश्व युद्ध और 1929 की मंदी के बाद ऐसे शासन फ़ासीवादी इटली (1922), स्तालिन के सोवियत संघ (1920 के दशक का अंत) और नाज़ी जर्मनी (1933) में आए। उनके विचार अलग थे पर तरीक़े मिलते-जुलते, और उनका उदय दूसरे विश्व युद्ध की एक वजह बना।
4. International relations
Diplomacy and conflict in early times · Romania and the European concert · Romania in the Cold War
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: देश एक-दूसरे से कैसे व्यवहार करते हैं – अंतरराष्ट्रीय संबंध (IR) पढ़ता है कि राज्य और दूसरे कर्ता (अंतरराष्ट्रीय संगठन, कंपनियाँ, NGO) आपस में कैसे व्यवहार करते हैं। राज्य संप्रभु हैं और कोई विश्व सरकार नहीं है, इसलिए हर राज्य विदेश नीति से अपना राष्ट्रीय हित साधता है: कूटनीति, व्यापार, सहायता, गठबंधन और, सबसे बुरे हाल में, बल। ज़मीन, संसाधन, शक्ति और पहचान पर टकराव और सुरक्षा दुविधा से संघर्ष होता है। साझा फ़ायदे, संधियों, अंतरराष्ट्रीय क़ानून और संगठनों से सहयोग बढ़ता है। यथार्थवाद शक्ति पर, उदारवाद सहयोग पर ज़ोर देता है। शांति बातचीत, मध्यस्थता, शांति सेना और न्याय से बनती है।
- शीत युद्ध (1945–1991) – शीत युद्ध (1945–1991) दो महाशक्तियों के बीच लंबी होड़ थी: पश्चिमी साथियों के साथ अमेरिका (पूँजीवाद, बहुदलीय चुनाव) और पूर्वी साथियों के साथ सोवियत संघ (साम्यवाद, एक दल का शासन)। दोनों आपस में सीधे कभी नहीं लड़े। उन्होंने विरोधी गुट बनाए (नाटो, वारसा संधि), परमाणु हथियार और अंतरिक्ष की होड़ की, छद्म युद्धों में उलटे पक्षों का साथ दिया (कोरिया, वियतनाम, अफ़ग़ानिस्तान) और 1962 में क्यूबा में परमाणु युद्ध के करीब पहुँचे। भारत जैसे कई नए देश गुटनिरपेक्ष रहे। 1970 के दशक में तनाव-शैथिल्य आया। सोवियत सुधार, बर्लिन दीवार का गिरना (1989) और सोवियत संघ का विघटन (1991) इसका अंत बने।
5. Religion and religious life
Church and school · Religious protection and cultural identity
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