ध्वनि, तारत्व और स्वर
संगीत की ध्वनि कंपन से बनती है। तारत्व (पिच) बताता है कि आवाज़ कितनी ऊँची या नीची है। तेज़ कंपन (ज़्यादा आवृत्ति, हर्ट्ज़ Hz में) = ऊँचा तारत्व।
- पश्चिमी संगीत में सात स्वर: C D E F G A B। भारतीय संगीत में सा रे ग म प ध नि (स्वर)।
- B के बाद फिर C आता है, एक सप्तक ऊपर। आवृत्ति दोगुनी: C4 ≈ 262 Hz, C5 ≈ 523 Hz।
- कीबोर्ड का सबसे छोटा क़दम सेमीटोन (अर्ध स्वर) है। दो सेमीटोन = एक टोन (पूरा क़दम)। सप्तक में 12 सेमीटोन।
- शार्प (♯) स्वर को एक सेमीटोन ऊपर, फ़्लैट (♭) नीचे करता है। भारतीय संगीत में इन्हें तीव्र और कोमल स्वर कहते हैं। काली कुंजियाँ यही हैं।
स्वर पाँच रेखाओं के स्टाफ़ पर लिखे जाते हैं। ऊँचे स्वरों के लिए ट्रेबल क्लेफ़, नीचे के लिए बेस क्लेफ़। भारतीय संगीत में सरगम अक्षरों में स्वरलिपि लिखी जाती है।
लय: बीट, टेम्पो, स्वर की लंबाई और टाइम सिग्नेचर
बीट वह स्थिर धड़कन है जिस पर पैर थपथपाते हो। लय (रिदम) बीट पर लंबी-छोटी आवाज़ों का पैटर्न है। टेम्पो (लय की गति) प्रति मिनट बीट (BPM) में।
| स्वर की लंबाई | बीट (4/4 में) |
|---|---|
| पूर्ण (सेमीब्रीव) | 4 |
| अर्ध (मिनिम) | 2 |
| चौथाई (क्रॉचेट) | 1 |
| आठवाँ (क्वेवर) | ½ |
| सोलहवाँ (सेमीक्वेवर) | ¼ |
हर स्वर का उतना ही लंबा विराम (चुप्पी) भी होता है। स्वर के बाद बिंदु उसकी आधी लंबाई जोड़ता है (बिंदु वाला अर्ध = 3 बीट)।
बीट बार में बँटती हैं। टाइम सिग्नेचर बताता है कि एक बार में कितनी बीट: 4/4 (चार, पॉप गानों में आम), 3/4 (तीन), 2/4 (दो, मार्च जैसा)। भारतीय संगीत में बीट ताल के चक्र में गिनी जाती हैं, जैसे तीनताल में 16 मात्राएँ।
स्केल, अंतराल और कॉर्ड
स्केल तारत्व के क्रम में स्वरों का समूह है। मेजर स्केल का क्रम T T S T T T S है (हिंदुस्तानी संगीत का बिलावल ठाट इसी जैसा है)। C से शुरू करने पर केवल सफ़ेद कुंजियाँ; किसी और स्वर से शुरू करने पर कुछ शार्प या फ़्लैट लगते हैं। नेचुरल माइनर T S T T S T T है और अक्सर उदास लगता है। राग इससे समृद्ध है: वह यह भी तय करता है कि कौन-से स्वर चढ़ते, उतरते और ज़ोर पाते हैं।
अंतराल दो स्वरों की दूरी है, अक्षर-नाम से गिनी जाती है: C से E तीसरा, C से G पाँचवाँ, C से C सप्तक।
कॉर्ड दो या ज़्यादा स्वर साथ बजना है। ट्रायड में मूल, तीसरा और पाँचवाँ: C मेजर = C E G; F मेजर = F A C; G मेजर = G B D। एक के बाद एक कॉर्ड = कॉर्ड प्रोग्रेशन; I–IV–V (C–F–G) हज़ारों गानों में है। कॉर्ड हार्मनी बनाते हैं; ऊपर की धुन मेलोडी है।
अन्य तत्व: गतिकी, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप
- गतिकी (डायनामिक्स): कितना तेज़ या धीमा (ज़ोर)। p (पियानो) = धीमा, f (फ़ोर्टे) = ज़ोर से; क्रेसेंडो = धीरे-धीरे ज़ोर बढ़ना।
- ध्वनि-रंग (टिम्बर): एक ही स्वर पर बाँसुरी और सितार अलग क्यों लगते हैं।
- बुनावट (टेक्सचर): कितनी परतें। अकेली धुन (मोनोफ़ोनिक), धुन के साथ कॉर्ड (होमोफ़ोनिक), कई धुनें साथ (पॉलीफ़ोनिक)।
- रूप (फ़ॉर्म): रचना का ढाँचा। बाइनरी (AB), टर्नरी (ABA), गानों में मुखड़ा–अंतरा या स्थायी–अंतरा।
किसी रचना का विश्लेषण करने के लिए हर तत्व को सुनो, इन शब्दों से नाम दो, और बताओ कि वह कैसा भाव बनाता है। रचना के लिए छोटी लय से शुरू करो, स्केल से धुन जोड़ो, फिर कॉर्ड, फिर गतिकी और रूप से उसे सँवारो। संगीत सॉफ़्टवेयर और रिकॉर्डिंग से परतें जोड़ी और संपादित की जाती हैं। संगीत अपने समाज को भी दिखाता है: काम के गीत, त्योहार का संगीत और फ़िल्मी गाने कहानियाँ और मूल्य साथ ले जाते हैं।
करके देखो
स्थिर ताली बजाओ और 1-2-3-4 गिनो। अब केवल 1 और 3 पर ताली, फिर हर आधी बीट पर। तुमने उसी बीट पर लय बदल दी। सा रे ग म प ध नि सां गुनगुनाओ और दो छोटे क़दम (ग–म और नि–सां) महसूस करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सप्तक: आवृत्ति × 2 (C4 ≈ 262 Hz → C5 ≈ 523 Hz); 12 सेमीटोन
- टोन = 2 सेमीटोन
- मेजर स्केल: T T S T T T S; नेचुरल माइनर: T S T T S T T
- 4/4 में लंबाई: पूर्ण 4, अर्ध 2, चौथाई 1, आठवाँ ½, सोलहवाँ ¼
- बिंदु स्वर की आधी लंबाई जोड़ता है
- ट्रायड = मूल + तीसरा + पाँचवाँ (C मेजर = C E G)
- टाइम सिग्नेचर: ऊपर = प्रति बार बीट, नीचे = एक बीट का स्वर-मान
हल किए गए उदाहरण
1. स्वर A की आवृत्ति 440 Hz है। एक सप्तक ऊपर और एक सप्तक नीचे आवृत्ति?
ऊपर: 440 × 2 = 880 Hz। नीचे: 440 ÷ 2 = 220 Hz।
2. 4/4 में अर्ध + चौथाई + दो आठवें स्वर = कितनी बीट?
2 + 1 + ½ + ½ = 4 बीट: ठीक एक पूरा बार।
3. 4/4 में बिंदु वाला अर्ध स्वर कितनी बीट?
अर्ध = 2, बिंदु 2 का आधा = 1 जोड़ता है, तो 3 बीट।
4. T T S T T T S से G मेजर स्केल बनाओ।
G –T→ A –T→ B –S→ C –T→ D –T→ E –T→ F♯ –S→ G। एक शार्प चाहिए: F♯।
5. F मेजर ट्रायड के स्वर बताओ।
मूल F, तीसरा A, पाँचवाँ C: F A C।
6. गाना 120 BPM पर है। 4/4 का एक बार कितनी देर चलेगा?
120 बीट प्रति मिनट = 2 बीट प्रति सेकंड, तो एक बीट = 0.5 s। चार बीट = 2 सेकंड।
आम गलतियाँ
- सोचना कि हर दो सफ़ेद कुंजियों के बीच काली कुंजी है। E–F और B–C के बीच नहीं है (ये सेमीटोन हैं)।
- टेम्पो (गति) और लय (लंबे-छोटे स्वरों का पैटर्न) को एक समझना।
- भूलना कि बिंदु स्वर की अपनी आधी लंबाई जोड़ता है, हमेशा एक बीट नहीं।
- किसी ज़ोरदार आवाज़ को "ऊँची" कहना। ऊँचा-नीचा तारत्व है; ज़ोर-धीमा गतिकी है।