Germany Jahrgangsstufe 10 Music
अध्याय: 4
1. Speaking, singing, making music
Speaking, singing, making music
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
2. Music, people and history
Music, people and time
- संगीत का इतिहास: चैंट से पॉप तक – संगीत लेखन से भी पुराना है। हर संस्कृति ने अपना संगीत बनाया, अक्सर सुनकर सीखा गया, जैसे भारतीय राग, अफ़्रीकी ढोल और गमेलन। पाश्चात्य परंपरा के मुख्य युग हैं: मध्यकाल (चैंट, लगभग 500–1400), पुनर्जागरण (पॉलीफ़ोनी, 1400–1600), बारोक (1600–1750), क्लासिकल (1750–1820), रोमांटिक (1820–1910) और 20वीं सदी से आज (जैज़, रिकॉर्डिंग, फ़िल्म, पॉप, इलेक्ट्रॉनिक)। हर युग ने टेक्सचर (एक साथ कितनी रेखाएँ), समूह का आकार और समाज में संगीत की जगह बदली।
3. Movement, dance and stage
Movement, dance and stage
- नृत्य: तत्व, नृत्य-रचना और शैलियाँ – नृत्य शरीर की वह गति है जो स्थान और समय में, ऊर्जा के साथ, भावना जताने, कहानी सुनाने या उत्सव मनाने के लिए होती है। हर नृत्य को चार तत्वों से समझ सकते हैं: शरीर (क्या हिलता है), स्थान (कहाँ: स्तर, दिशा, रास्ते), समय (कब: ताल, लय, ठहराव) और ऊर्जा (कैसे: तीखी या कोमल, ज़ोरदार या हल्की)। नृत्य-रचना (कोरियोग्राफ़ी) मोटिफ़, दोहराव, कैनन, एकस्वरता, विरोधाभास और बनावट जैसे तरीक़ों से गतियाँ सजाने की कला है। अच्छे कलाकार तकनीक, सुरक्षा और भाव सीखते हैं, और अच्छे दर्शक देखी चीज़ का वर्णन, विश्लेषण, अर्थ और मूल्यांकन करते हैं। शास्त्रीय, लोक, बैले, हिप-हॉप – हर शैली अपनी संस्कृति और इतिहास से निकलती है।
4. Music fundamentals
Music fundamentals
- संगीत सिद्धांत की मूल बातें: संगीत की भाषा – संगीत सिद्धांत बताता है कि संगीत कैसे बनता है। तारत्व (पिच) बताता है कि स्वर कितना ऊँचा या नीचा है; सात स्वरों के नाम हर सप्तक में दोहराते हैं, जहाँ आवृत्ति दोगुनी हो जाती है। लय बताती है कि स्थिर बीट पर आवाज़ें समय में कैसे रखी जाती हैं; लंबाई बीट में गिनी जाती है और टाइम सिग्नेचर उन्हें बार में बाँटता है। स्केल क़दमों के क्रम पर चलते हैं (मेजर: T T S T T T S), और कॉर्ड पहला, तीसरा, पाँचवाँ जैसे स्वर साथ रखते हैं। गतिकी, टेम्पो, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप संगीत के बाक़ी तत्व हैं।