धुन (मेलोडी) क्या है?
धुन (melody) अकेले स्वरों की वह कतार है जो एक के बाद एक गाई या बजाई जाती है, और हमें एक तर्ज़ जैसी सुनाई देती है। गाना ख़त्म होने के बाद जो हम गुनगुनाते हैं, वही धुन है।
हर धुन में दो चीज़ें होती हैं:
- स्वर की ऊँचाई (pitch): सुर कितना ऊँचा या नीचा है।
- लय (rhythm): हर सुर कितना लंबा है और कब शुरू होता है।
इनमें से कोई भी बदलो, धुन बदल जाएगी। वही स्वर अलग लय में नई धुन लग सकते हैं।
कंटूर, स्टेप और छलांग
कंटूर (आकार)
स्वरों को काग़ज़ पर बिंदु मानकर रेखा खींचो तो धुन का कंटूर दिखता है। यह ऊपर चढ़ सकता है (आरोह), नीचे उतर सकता है (अवरोह), मेहराब जैसा (ऊपर फिर नीचे), घाटी जैसा या लहर जैसा हो सकता है। सबसे ऊँचा स्वर अक्सर भावना का शिखर (क्लाइमेक्स) होता है।
स्टेप और छलांग
सप्तक के अगले स्वर पर जाना स्टेप है। बीच के स्वर छोड़कर कूदना छलांग (leap) है। ज़्यादा स्टेप वाली धुन मुलायम और गाने में आसान होती है। छलांग जोश भरती है। अच्छी धुन में बड़ी छलांग के बाद अक्सर उल्टी दिशा में स्टेप आते हैं।
विस्तार (range)
सबसे नीचे से सबसे ऊँचे स्वर तक की दूरी रेंज है। बच्चों का गाना पाँच-छह स्वरों में रहता है; ओपेरा का गीत दो सप्तक तक जा सकता है।
स्वर-अंतराल और स्केल
स्वर-अंतराल (interval) दो स्वरों के बीच की दूरी है। इसे अक्षर-नाम गिनकर, दोनों छोर शामिल करके नापते हैं: C से D दूसरा (2nd), C से E तीसरा, C से G पाँचवाँ, C से अगला C सप्तक (8th)। 2nd स्टेप है; 3rd और बड़े छलांग हैं।
स्केल उन स्वरों का क्रम है जिनसे धुन बनती है। मेजर स्केल (सा रे ग म प ध नि) चमकीला लगता है; माइनर स्केल अक्सर गहरा। पेंटाटोनिक स्केल में पाँच स्वर होते हैं और यह चीन से स्कॉटलैंड से पश्चिम अफ़्रीका तक के लोकसंगीत में मिलता है। स्केल का पहला स्वर टॉनिक यानी घर का स्वर (सा) है; धुन वहाँ पहुँचकर पूरी लगती है।
वाक्यांश और पीरियड
धुन वाक्यांशों (phrases) से बनती है, जैसे बोली वाक्यों से। एक वाक्यांश अक्सर 4 बार का होता है और एक छोटे ठहराव पर ख़त्म होता है, जिसे कैडेंस कहते हैं (संगीत का अल्पविराम या पूर्णविराम)।
- प्रश्न वाक्यांश अधूरे स्वर पर रुकता है, टॉनिक पर नहीं। आगे सुनने का मन करता है।
- उत्तर वाक्यांश अक्सर वैसे ही शुरू होता है पर टॉनिक पर रुकता है। पूरा लगता है।
प्रश्न + उत्तर मिलकर एक पीरियड बनाते हैं। बहुत से लोकगीत, प्रार्थनाएँ और गानों के मुखड़े पीरियड से बने होते हैं।
धुन बदलना और धुन से भाव
संगीतकार छोटे विचार से लंबी रचना बनाते हैं। छोटा याद रहने वाला विचार मोटिफ़ कहलाता है। उसे बढ़ाने के तरीके:
- दोहराना: ताकि वह याद रहे।
- अनुक्रम (sequence): वही विचार ऊँचे या नीचे स्वर से शुरू करना।
- लय बदलना: स्वर वही, लंबे-छोटे का पैटर्न नया (ऑगमेंटेशन = धीमा, डिमिन्यूशन = तेज़)।
- उलटना (inversion): ऊपर जाने वाली चाल नीचे और नीचे वाली ऊपर।
- सजावट: मींड, गमक, कण-स्वर जैसे अलंकार जोड़ना।
- मोड बदलना: मेजर धुन को माइनर में बजाना।
धुन भाव कैसे दिखाती है
ऊपर चढ़ती धुन उम्मीद या उत्साह देती है; नीचे उतरती धुन शांत, थकी या उदास लगती है। मुलायम स्टेप कोमल लगते हैं; बड़ी छलांग साहसी या ख़ुश। तेज़ छोटे सुर चंचल लगते हैं; लंबे सुर गंभीर। सुनते समय पूछो: शिखर कहाँ है, और धुन घर कैसे लौटती है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- धुन = स्वर की ऊँचाई + लय
- कंटूर: आरोह, अवरोह, मेहराब, घाटी, लहर
- स्टेप = अगला स्वर (2nd); छलांग = 3rd या बड़ा
- स्वर-अंतराल: दोनों छोर मिलाकर अक्षर-नाम गिनो
- प्रश्न वाक्यांश + उत्तर वाक्यांश = पीरियड
- बदलाव: दोहराव, अनुक्रम, लय बदलना, उलटना, सजावट, मोड बदलना
हल किए गए उदाहरण
1. धुन C D E F G F E D C है। इसका कंटूर और चाल बताओ।
यह स्टेप-स्टेप करके G तक चढ़ती है, फिर C पर लौटती है: मेहराब जैसा कंटूर, सब स्टेप।
2. C से ऊपर G तक का स्वर-अंतराल बताओ।
C(1) D(2) E(3) F(4) G(5): पाँचवाँ (5th)। यह छलांग है।
3. मोटिफ़ E-D-C को G-F-E कर दिया। यह कौन-सा बदलाव है?
वही आकार दो स्वर ऊपर से शुरू हुआ: अनुक्रम (sequence)।
4. C मेजर में वाक्यांश 1 D पर रुकता है, वाक्यांश 2 C (टॉनिक) पर। उत्तर वाक्यांश कौन-सा है?
वाक्यांश 2, क्योंकि वह टॉनिक पर रुककर पूरा लगता है। दोनों मिलकर पीरियड।
आम गलतियाँ
- धुन और लय को अलग चीज़ें मानना। हर धुन की अपनी लय होती है; लय बदली तो धुन बदल गई।
- स्वर-अंतराल गिनते समय दोनों स्वर शामिल न करना। C से E तीसरा (3rd) है, दूसरा नहीं।
- अनुक्रम को साधारण दोहराव समझना। अनुक्रम में वही विचार दूसरी ऊँचाई पर दोहराया जाता है।
- यह सोचना कि हर वाक्यांश टॉनिक पर ख़त्म होना चाहिए। प्रश्न वाक्यांश जान-बूझकर कहीं और रुकता है।