कोरस क्या है? एकस्वर और भागों में गायन
कोरस (choir) लोगों का समूह है जो मिलकर गाता है। कोरस में अक्सर एक संचालक (कंडक्टर) होता है जो सबको साथ रखता है।
एकस्वर (यूनिसन): सब एक ही समय पर एक ही सुर गाते हैं।
भागों में गायन (part singing): अलग-अलग समूह एक ही समय पर अलग-अलग सुर गाते हैं। ये सुर आपस में मिलकर हार्मनी बनाते हैं। भागों में गायन के कुछ आसान रूप:
- राउंड (कैनन): सब एक ही धुन गाते हैं पर एक-एक करके शुरू करते हैं, जैसे "Row, row, row your boat"।
- हार्मनी: एक समूह धुन गाता है, दूसरा उसके साथ अच्छे लगने वाले सुर गाता है।
- डेसकैंट: मुख्य धुन के ऊपर एक ऊँची सजावटी धुन।
चार आवाज़ें: सोप्रानो, आल्टो, टेनर, बास (SATB)
ज़्यादातर कोरस में ऊँचे से नीचे चार भाग होते हैं:
- सोप्रानो: सबसे ऊँची आवाज़ (अक्सर महिलाएँ या बच्चे)।
- आल्टो: महिलाओं की नीची आवाज़ (या नीची आवाज़ वाले लड़के)।
- टेनर: पुरुषों की ऊँची आवाज़।
- बास: पुरुषों की सबसे नीची आवाज़।
धुन अक्सर सोप्रानो गाता है। आल्टो और टेनर बीच का हिस्सा भरते हैं। बास कॉर्ड को मज़बूत आधार देता है। इसे SATB कहते हैं। बच्चों का कोरस दो या तीन भागों में भी गा सकता है। जो कोरस बिना वाद्य के गाता है उसे अ कैपेला (a cappella) कहते हैं।
कैंटाटा: गायक-दल, एकल गायकों और वाद्यों की छोटी रचना
कैंटाटा शब्द इतालवी भाषा के "गाया हुआ" से आया है। यह गायकों और वाद्यों के लिए रचना है जिसमें कई छोटे हिस्से (मूवमेंट) होते हैं, जैसे कोरस, एरिया (एक एकल गायक का गीत) और रेसिटेटिव (बोलचाल जैसा गायन जो कथा आगे बढ़ाता है)।
- यह आमतौर पर लगभग 15 से 30 मिनट का होता है।
- इसमें अभिनय, वेशभूषा या दृश्य-सज्जा नहीं होती।
- बहुत से कैंटाटा धार्मिक होते हैं (चर्च में गाए जाते हैं), पर कुछ रोज़मर्रा या उत्सव के विषयों पर भी होते हैं।
उदाहरण: जे. एस. बाख़ (जर्मनी, 1700 के शुरुआती वर्ष) ने 200 से ज़्यादा चर्च कैंटाटा लिखे, जैसे Wachet auf (BWV 140)। उनके कुछ कैंटाटा सिर्फ़ एक एकल गायक के लिए हैं, और एक मशहूर कैंटाटा कॉफ़ी पीने के बारे में है।
ओरेटोरियो: संगीत में बड़ी कथा
ओरेटोरियो गायक-दल, एकल गायकों और ऑर्केस्ट्रा के लिए बड़ी रचना है जो कथा सुनाती है, आमतौर पर बाइबिल या किसी महान गाथा से। इसमें रेसिटेटिव, एरिया और बड़े कोरस होते हैं, जैसे ओपेरा में, पर इसे कॉन्सर्ट में गाया जाता है: न वेशभूषा, न दृश्य-सज्जा, न अभिनय।
- यह अक्सर डेढ़ से तीन घंटे का होता है।
- कोरस की बड़ी भूमिका होती है: वह भीड़, फ़रिश्ते या कथावाचक बन सकता है।
उदाहरण:
- जी. एफ़. हैंडल, Messiah (1741), जिसमें मशहूर "Hallelujah" कोरस है।
- जोसेफ़ हायडन, The Creation (1798)।
- फ़ेलिक्स मेंडेलसोन, Elijah (1846)।
- जे. एस. बाख़, Christmas Oratorio (1734)।
कैंटाटा, ओरेटोरियो और ओपेरा में अंतर
| कैंटाटा | ओरेटोरियो | ओपेरा | |
|---|---|---|---|
| अवधि | छोटा (15–30 मिनट) | लंबा (1.5–3 घंटे) | लंबा (2–4 घंटे) |
| अभिनय और दृश्य-सज्जा | नहीं | नहीं | हाँ |
| गायक-दल, एकल गायक, वाद्य | हाँ, छोटे | हाँ, बड़े | हाँ |
खुद करके देखो: तीन दोस्तों के साथ "Row, row, row your boat" राउंड में गाओ। एक के बाद एक शुरू करो, हर बार दो पंक्तियों के अंतर से। यही भागों में गायन है। फिर "Hallelujah" कोरस सुनो और गिनो कि एक साथ कितने अलग भाग सुनाई देते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- एकस्वर (यूनिसन) = सब आवाज़ें एक ही सुर पर
- भागों में गायन = एक साथ अलग-अलग आवाज़ें अलग-अलग सुर पर = हार्मनी
- SATB = सोप्रानो (ऊँचा), आल्टो, टेनर, बास (नीचा)
- कैंटाटा = गायक-दल, एकल गायक और वाद्यों की छोटी रचना (लगभग 15–30 मिनट), बिना अभिनय
- ओरेटोरियो = वैसी ही लंबी रचना (1.5–3 घंटे), सिर्फ़ कॉन्सर्ट, बिना वेशभूषा या दृश्य-सज्जा
हल किए गए उदाहरण
1. एक कोरस धुन गाता है। सोप्रानो धुन गाते हैं और बास उसके नीचे एक निचला सुर साथ में गाते हैं। यह एकस्वर है या भागों में गायन?
भागों में गायन, क्योंकि अलग-अलग आवाज़ें साथ में अलग-अलग सुर गा रही हैं। एकस्वर में सब एक ही सुर गाते।
2. इन आवाज़ों को ऊँचे से नीचे के क्रम में लगाओ: बास, सोप्रानो, टेनर, आल्टो।
सोप्रानो, आल्टो, टेनर, बास।
3. एक कॉन्सर्ट में गायक-दल, चार एकल गायक और पूरा ऑर्केस्ट्रा सृष्टि की कथा गाते हैं। यह दो घंटे चलता है और मंच पर अभिनय नहीं है। यह कैंटाटा है, ओरेटोरियो या ओपेरा?
ओरेटोरियो। यह लंबा, बड़ा और कॉन्सर्ट रूप में है। कैंटाटा बहुत छोटा होता और ओपेरा में अभिनय व दृश्य-सज्जा होती। हायडन का The Creation इसका असली उदाहरण है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि भागों में गायन का मतलब बेसुरा गाना है। भाग योजना से बने सुर हैं जो आपस में मिलते हैं।
- आवाज़ें उलझाना: सोप्रानो सबसे ऊँची और बास सबसे नीची होती है।
- ओरेटोरियो और ओपेरा को एक समझना। ओरेटोरियो में अभिनय, वेशभूषा और दृश्य-सज्जा नहीं होती।
- यह मानना कि कैंटाटा हमेशा धार्मिक होता है। बहुत से हैं, पर कुछ रोज़मर्रा के जीवन पर भी हैं।