संगीत-नाटक क्या है?
संगीत-नाटक वह रंगमंच है जिसमें संगीत कहानी का हिस्सा है। इसमें तीन औज़ार मिलते हैं: गायन, संवाद और गति (अभिनय, नृत्य, लड़ाई)। साथ में शब्द (गीत-पाठ या पटकथा), वेशभूषा, मंच-सज्जा और वाद्य-दल भी चाहिए। अलग-अलग संस्कृतियाँ इन तीनों को अलग मात्रा में मिलाती हैं, इसलिए अलग कला-रूप बनते हैं।
किसी भी संगीत-नाटक को समझने के लिए पूछो: कहानी क्या है? कौन कब गाता है? भाव बदलने पर संगीत कैसे बदलता है? वेशभूषा, चेहरे के रंग और चालें हमें क्या बताती हैं?
शिकू: चीनी संगीत-नाटक
शिकू (戏曲) चीन के 300 से ज़्यादा क्षेत्रीय संगीत-नाटक रूपों का सामूहिक नाम है। मशहूर रूप हैं पेकिंग (बीजिंग) ओपेरा (जिंगजू), खुनचू (सबसे पुराने रूपों में से एक, कोमल बहती धुनों वाला) और युए ओपेरा। पेकिंग ओपेरा और खुनचू यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में हैं।
- चार बुनियादी कौशल: गायन, संवाद (ताल में बोली पंक्तियाँ), अभिनय (हाव-भाव और मुद्राएँ) और मार्शल कौशल (लड़ाई और कलाबाज़ी)।
- भूमिकाओं के प्रकार: शेंग (पुरुष पात्र), दान (स्त्री पात्र), जिंग (रंगे चेहरे वाले पात्र) और छऊ (हास्य पात्र)।
- चेहरे का रंग: रंग पात्र का स्वभाव बताते हैं। लाल आमतौर पर वफ़ादारी और साहस, सफ़ेद चालाक व्यक्ति, काला ईमानदार और रूखा पात्र।
- संगीत: ताल-वाद्य (ढोल, खड़ताल, झाँझ, मंजीरे) ताल देते हैं और अभिनेताओं को इशारा देते हैं। जिंगहू (ऊँची दो तार की सारंगी जैसी) और एरहू गायक के साथ चलते हैं। धुनें तय धुन-प्रकारों से आती हैं जिन पर नए शब्द बिठाए जाते हैं।
- मंच: लगभग खाली। मेज़ और कुर्सी पहाड़, पलंग या किले की दीवार बन सकती हैं क्योंकि अभिनेता की गति हमें बताती है। इसे प्रतीकात्मक (असली जैसा नहीं) मंच-सज्जा कहते हैं।
पश्चिमी ओपेरा
ओपेरा लगभग 1600 में इटली में शुरू हुआ। लगभग पूरी कहानी गाई जाती है। मुख्य हिस्से:
- एरिया (aria): अकेले गाया गीत जिसमें पात्र गहरी भावना दिखाता है।
- रेसिटेटिव: बोलचाल जैसा गायन जो कथा को आगे बढ़ाता है।
- कोरस और समूह-गान: कई आवाज़ें साथ में।
- वाद्य-दल (ऑर्केस्ट्रा): मंच के नीचे गड्ढे में बैठता है। शो से पहले ओवरचर बजाता है और गायकों का साथ देता है।
- आवाज़ें: सोप्रानो, मेज़ो-सोप्रानो, टेनर, बैरिटोन और बास। गायक इस तरह प्रशिक्षित होते हैं कि बड़े हॉल में बिना माइक सुने जा सकें।
ओपेरा आमतौर पर असली या भव्य दृश्य में होता है, विस्तृत मंच-सज्जा के साथ, शिकू के खाली मंच से अलग।
म्यूज़िकल से तुलना
म्यूज़िकल में बोले हुए दृश्य, लोकप्रिय शैलियों (जैज़, रॉक, पॉप) के गीत और बहुत सारा नृत्य मिलता है। गायक माइक लगाते हैं। संगीतकारों और गीतों के प्रकार के बारे में म्यूज़िकल थिएटर पाठ पढ़ो।
| शिकू | ओपेरा | म्यूज़िकल | |
|---|---|---|---|
| मुख्य मिश्रण | गायन + संवाद + मज़बूत गति | ज़्यादातर गायन | संवाद, गीत, नृत्य बराबर |
| वाद्य-दल | ताल-वाद्य + सारंगी जैसे वाद्य, मंच पर या बगल में | गड्ढे में बड़ा ऑर्केस्ट्रा | पिट बैंड या रिकॉर्ड की हुई ध्वनि |
| आवाज़ | विशेष शैली, अक्सर ऊँची और चमकदार | शास्त्रीय, बिना माइक | लोकप्रिय शैली, माइक |
| मंच | खाली और प्रतीकात्मक | विस्तृत सज्जा | विस्तृत सज्जा और रोशनी |
गायन-अंश: एक अंश कैसे सीखें
किसी बड़े काम से लिया छोटा अंश (excerpt) गाने के लिए:
- दृश्य समझो: कौन गा रहा है, किससे और क्यों। भाव तय करता है कि कैसे गाना है।
- पहले शब्द सीखो और उन्हें ताल में बोलो। साफ़ उच्चारण से कहानी समझ आती है।
- धुन छोटे-छोटे हिस्सों में सीखो। साँस कहाँ लेनी है, वाक्यांश के अंत पर, वहाँ निशान लगाओ।
- शैली जोड़ो: शिकू में खास अलंकरण और बोलचाल जैसी ताल; ओपेरा में गोल, सधी हुई आवाज़; म्यूज़िकल में सहज, कहानी सुनाने वाली आवाज़।
- अभिनय जोड़ो: चेहरा, हाथ और चाल। गीत दृश्य का हिस्सा है।
पहले आवाज़ का अभ्यास (वार्म-अप) करो, पानी पियो और ऊँचे स्वर पर ज़ोर मत लगाओ।
संगीत-नाटक की रचना
तुम अपनी कक्षा के साथ 3 से 5 मिनट का छोटा संगीत-नाटक बना सकते हो।
- कहानी चुनो जिसमें साफ़ शुरुआत, एक समस्या और अंत हो। लोक-कथा अच्छी रहती है।
- बड़ी भावनाएँ ढूँढो। यही क्षण गीत बनेंगे।
- मिश्रण तय करो: कितना गायन, कितना संवाद, कितनी गति? (3D के स्लाइडर चलाओ।)
- गीत के बोल और सरल धुन लिखो। एक छोटी धुन रखो जो हर बार उस पात्र के आने पर लौटे।
- गति और मंच की योजना: लोग कहाँ खड़े होंगे, कौन-सी सरल वस्तु किसी और चीज़ का प्रतीक बनेगी?
- ताल-वाद्य जोड़ो प्रवेश और लड़ाई के लिए, और शांत क्षणों के लिए कोमल वाद्य।
- अभ्यास करो, प्रस्तुत करो और बात करो: क्या अच्छा रहा, क्या बदलना है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संगीत-नाटक = कहानी + गायन + संवाद + गति + वाद्य-दल
- शिकू: चार कौशल = गायन, संवाद, अभिनय, मार्शल कौशल; भूमिकाएँ = शेंग, दान, जिंग, छऊ
- ओपेरा: एरिया, रेसिटेटिव, कोरस, गड्ढे (पिट) में ऑर्केस्ट्रा
हल किए गए उदाहरण
1. एक दृश्य में पात्र लंबे एकल गीत में अपनी बड़ी इच्छा बताता है, पूरे ऑर्केस्ट्रा के साथ और बिना माइक। यह किस रूप जैसा है?
ओपेरा। भावना के लिए लंबा एकल गीत एरिया है और बिना माइक के साथ ऑर्केस्ट्रा ओपेरा की पहचान है।
2. लाल रंगे चेहरे वाला अभिनेता खाली मंच पर मेज़ के साथ घूमता है, जो पहाड़ माना गया है। हम क्या कह सकते हैं?
यह शिकू है (जैसे पेकिंग ओपेरा)। लाल चेहरा आमतौर पर वफ़ादार, साहसी पात्र दिखाता है और मेज़ का पहाड़ बन जाना प्रतीकात्मक मंच-सज्जा है।
3. एक शो में बोले दृश्य, पॉप शैली के गीत और बड़ा नृत्य है। कौन-सा रूप?
म्यूज़िकल। संवाद, लोकप्रिय गीत और नृत्य का संतुलन तथा माइक म्यूज़िकल का मिश्रण है।
4. स्कूल का संगीत-नाटक करने से पहले चार चीज़ें बताओ जिनकी योजना बनानी होगी।
कहानी, कौन-से क्षण गीत होंगे, गायन/संवाद/गति का मिश्रण, और मंच तथा सामान। बोल, धुन, वाद्य-दल और अभ्यास का समय इसके बाद आते हैं।
5. शिकू सादे मंच पर क्यों चल जाता है पर ओपेरा विस्तृत सज्जा क्यों लेता है?
शिकू में अभिनेता की गति और गायन जगह दिखाते हैं, दर्शक कल्पना कर लेते हैं। ओपेरा आमतौर पर जगह सज्जा से दिखाता है और भावना गाए हुए संगीत से।
आम गलतियाँ
- शिकू और पेकिंग ओपेरा को दो अलग चीज़ें समझना। पेकिंग ओपेरा शिकू का एक मशहूर रूप है; कुल 300 से ज़्यादा रूप हैं।
- यह कहना कि सब ओपेरा में माइक होता है। शास्त्रीय ओपेरा गायक बिना माइक सुने जाने के लिए प्रशिक्षित होते हैं।
- हर गाए जाने वाले शो को ओपेरा कह देना। म्यूज़िकल संवाद, लोकप्रिय गीत और नृत्य मिलाता है और अलग रूप है।
- चेहरे के रंगों को हर शो में पक्का नियम मान लेना। रंग क्षेत्र और भूमिका के अनुसार बदलने वाला मार्गदर्शन हैं।