Spain 1º Bachillerato Musical Language and Practice
अध्याय: 2
1. Musical Language
Notating the parameters of sound · Melody: intervals and scales · Rhythm, time signatures and modality · Harmony and tonality · Musical form · Expressive elements of music · Musical elements across traditions · Conventional and non-conventional notation
- संगीत स्वरलिपि: संगीत पढ़ना और लिखना – स्वरलिपि संगीत को लिखती है ताकि दूसरे उसे बजा सकें। स्टाफ़ स्वरलिपि में पाँच रेखाएँ हैं: स्वर जितना ऊपर, उतना ऊँचा सुर; क्लेफ़ रेखाओं के नाम बताता है। स्वर का आकार बताता है वह कितनी देर चलेगा (पूर्ण = 4 बीट, अर्ध = 2, चौथाई = 1, आठवाँ = ½)। 4/4 जैसा ताल चिह्न हर बार की बीट बताता है। शार्प और फ़्लैट सुर ऊँचा-नीचा करते हैं, और सप्तक (स्केल), अंतराल और कॉर्ड इन्हीं स्वरों से बनते हैं। भारतीय सरगम, टैब और कोरियाई जियोंगगानबो भी यही बातें अलग ढंग से लिखते हैं।
- धुन (मेलोडी): एक तर्ज़ कैसे बनती है – धुन (मेलोडी) एक-एक करके बजने वाले अकेले स्वरों की कतार है। इसके दो हिस्से हैं: स्वर की ऊँचाई (पिच) और लय, यानी हर स्वर कितना लंबा है। धुन ऊपर-नीचे जाते हुए जो आकार बनाती है, उसे कंटूर कहते हैं। पास वाले स्वर पर जाना स्टेप है; दूर कूदना छलांग (लीप)। दो स्वरों के बीच की दूरी स्वर-अंतराल (इंटरवल) है, और धुन जिन स्वरों से बनी है वह उसका सप्तक या स्केल है। धुन वाक्यों जैसे वाक्यांशों (फ्रेज़) में बँटी होती है। प्रश्न वाक्यांश अधूरा रुकता है; उत्तर वाक्यांश घर के स्वर (सा, टॉनिक) पर पूरा होता है। दोनों मिलकर पीरियड बनाते हैं। संगीतकार धुन को दोहराकर, ऊपर-नीचे खिसकाकर (अनुक्रम), लय बदलकर, उलटकर या सजाकर बदलते हैं। ऊपर जाती धुन उम्मीद भरी, नीचे आती शांत या उदास लगती है।
- संगीत सिद्धांत की मूल बातें: संगीत की भाषा – संगीत सिद्धांत बताता है कि संगीत कैसे बनता है। तारत्व (पिच) बताता है कि स्वर कितना ऊँचा या नीचा है; सात स्वरों के नाम हर सप्तक में दोहराते हैं, जहाँ आवृत्ति दोगुनी हो जाती है। लय बताती है कि स्थिर बीट पर आवाज़ें समय में कैसे रखी जाती हैं; लंबाई बीट में गिनी जाती है और टाइम सिग्नेचर उन्हें बार में बाँटता है। स्केल क़दमों के क्रम पर चलते हैं (मेजर: T T S T T T S), और कॉर्ड पहला, तीसरा, पाँचवाँ जैसे स्वर साथ रखते हैं। गतिकी, टेम्पो, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप संगीत के बाक़ी तत्व हैं।
- हार्मनी: स्वर एक साथ कैसे बजते हैं – धुन (melody) में स्वर एक के बाद एक आते हैं। हार्मनी में स्वर एक साथ बजते हैं। सबसे बुनियादी कॉर्ड त्रय (triad) है: मूल (root), तीसरा (third) और पाँचवाँ (fifth), जो एक-एक अक्षर छोड़कर बनते हैं (C–E–G)। मेजर में गैप 4 फिर 3 सेमीटोन (खुला, चमकीला), माइनर में 3 फिर 4 (थोड़ा उदास)। एक स्केल में हर कॉर्ड का काम होता है: I घर (टॉनिक), IV सैर (सबडॉमिनेंट), V खिंचाव (डॉमिनेंट)। कॉर्ड की कड़ी को प्रोग्रेशन कहते हैं। कैडेंस संगीत का पूर्ण विराम है: परफ़ेक्ट (V–I), प्लेगल (IV–I), इम्परफ़ेक्ट (V पर रुकना) और इंटरप्टेड (V–vi)। धुन पर कॉर्ड लगाने के लिए वह कॉर्ड चुनो जिसमें धुन का स्वर हो। काउंटरपॉइंट में दो या ज़्यादा स्वतंत्र धुनें साथ चलती हैं; कैनन में एक धुन खुद का पीछा करती है। हार्मनी मोड से शुरू होकर मेजर-माइनर और फिर जैज़ व आधुनिक कॉर्ड तक पहुँची।
- संगीत रूप: एक रचना की योजना कैसे बनती है – रूप (form) यानी किसी रचना की योजना: कौन-सा हिस्सा दोहराया जाता है और कौन-सा नया है। संगीत वाक्यांशों (phrase) से बनता है, जिनके अंत में कैडेंस (cadence) आता है। हिस्सों को अक्षरों से दिखाते हैं: वही अक्षर = वही संगीत। बाइनरी AB, टर्नरी ABA, रोंडो ABACA, थीम-वेरिएशन A A1 A2 A3। सोनाटा रूप में प्रस्तुति, विकास और पुनरावृत्ति होती है। गीतों में स्ट्रॉफ़िक, थ्रू-कंपोज़्ड और वर्स-कोरस रूप होते हैं।
2. Musical Practice
Listening and viewing strategies · Single-voice musical dictation · Performance techniques · Reading and memorising music · Tonal and modal structures · Musical improvisation · Sound editing and production · Sharing music and copyright · Music as a form of expression
- संगीत रसास्वादन: संगीत को कैसे सुनें और समझें – संगीत रसास्वादन (music appreciation) का मतलब है ध्यान से सुनना, संगीत में क्या हो रहा है यह पहचानना, और उसके बारे में बात कर पाना। हर रचना कुछ तत्वों से बनती है: पिच और धुन, लय और गति (टेम्पो), गतिकी (धीमा-तेज़), ध्वनि-रंग (टिम्बर), बनावट (कितनी परतें) और रूप (रचना की योजना)। ये शब्द जानकर तुम किसी भी संस्कृति का संगीत – सिम्फनी, राग या फ़िल्मी गाना – आपस में तुलना कर सकते हो और बता सकते हो कि तुम्हें वह क्यों पसंद है।
- संगीत स्वरलिपि: संगीत पढ़ना और लिखना – स्वरलिपि संगीत को लिखती है ताकि दूसरे उसे बजा सकें। स्टाफ़ स्वरलिपि में पाँच रेखाएँ हैं: स्वर जितना ऊपर, उतना ऊँचा सुर; क्लेफ़ रेखाओं के नाम बताता है। स्वर का आकार बताता है वह कितनी देर चलेगा (पूर्ण = 4 बीट, अर्ध = 2, चौथाई = 1, आठवाँ = ½)। 4/4 जैसा ताल चिह्न हर बार की बीट बताता है। शार्प और फ़्लैट सुर ऊँचा-नीचा करते हैं, और सप्तक (स्केल), अंतराल और कॉर्ड इन्हीं स्वरों से बनते हैं। भारतीय सरगम, टैब और कोरियाई जियोंगगानबो भी यही बातें अलग ढंग से लिखते हैं।
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
- हार्मनी: स्वर एक साथ कैसे बजते हैं – धुन (melody) में स्वर एक के बाद एक आते हैं। हार्मनी में स्वर एक साथ बजते हैं। सबसे बुनियादी कॉर्ड त्रय (triad) है: मूल (root), तीसरा (third) और पाँचवाँ (fifth), जो एक-एक अक्षर छोड़कर बनते हैं (C–E–G)। मेजर में गैप 4 फिर 3 सेमीटोन (खुला, चमकीला), माइनर में 3 फिर 4 (थोड़ा उदास)। एक स्केल में हर कॉर्ड का काम होता है: I घर (टॉनिक), IV सैर (सबडॉमिनेंट), V खिंचाव (डॉमिनेंट)। कॉर्ड की कड़ी को प्रोग्रेशन कहते हैं। कैडेंस संगीत का पूर्ण विराम है: परफ़ेक्ट (V–I), प्लेगल (IV–I), इम्परफ़ेक्ट (V पर रुकना) और इंटरप्टेड (V–vi)। धुन पर कॉर्ड लगाने के लिए वह कॉर्ड चुनो जिसमें धुन का स्वर हो। काउंटरपॉइंट में दो या ज़्यादा स्वतंत्र धुनें साथ चलती हैं; कैनन में एक धुन खुद का पीछा करती है। हार्मनी मोड से शुरू होकर मेजर-माइनर और फिर जैज़ व आधुनिक कॉर्ड तक पहुँची।
- संगीत रचना: छोटे-से विचार से पूरी धुन कैसे बने – रचना (composing) मतलब छोटे विचारों से संगीत बनाना। एक मोटिफ़ (कुछ स्वर) से शुरू करो। उसे दोहराव, सीक्वेंस (वही आकार ऊपर या नीचे) और बदलाव (लय बदलो, उल्टा करो) से बढ़ाओ। नीचे सुरसंगति रखो: I, IV, V, I जैसे कॉर्ड, और अंत में कैडेंस। बनावट चुनो (अकेली धुन, कॉर्ड के साथ धुन, या कई धुनें एक साथ)। पूरे टुकड़े को A B A या मुखड़ा-अंतरा जैसे रूप में ढालो। तात्कालिक रचना (improvisation) मौके पर रचना है। ब्रीफ़ बताता है मक़सद, लंबाई और वाद्य।
- संगीत प्रौद्योगिकी: आवाज़ से डिजिटल संगीत तक – संगीत प्रौद्योगिकी आवाज़ को संकेतों और संख्याओं में बदलती है, जिन्हें हम रिकॉर्ड, संपादित और साझा कर सकते हैं। माइक हवा के कंपन को वोल्टेज में बदलता है; ऑडियो इंटरफ़ेस उसे हर सेकंड हज़ारों बार नापता है (सैंपल रेट) और हर नाप को संख्या में रखता है (बिट डेप्थ)। DAW में ऑडियो और MIDI ट्रैक सजते हैं, और मिक्सिंग में हर ट्रैक का वॉल्यूम, पैन और इफ़ेक्ट तय होता है।
- संगीत उद्योग: गाने से श्रोता तक – संगीत उद्योग उन लोगों और कंपनियों की कड़ी है जो एक गाने को ऐसा बनाते हैं जिसे लोग सुनें और जिसके लिए पैसे दें: गीतकार, कलाकार, प्रोड्यूसर और इंजीनियर, रिकॉर्ड लेबल और प्रकाशक, वितरक और प्लेटफ़ॉर्म, और लाइव कार्यक्रम आयोजक। कॉपीराइट गाने और रिकॉर्डिंग की रक्षा करता है। बिक्री, स्ट्रीम, रेडियो, फ़िल्म और कॉन्सर्ट से आया पैसा रॉयल्टी और फ़ीस के रूप में वापस लौटता है।