National Year 10 Music
अध्याय: 5
1. 3.1.2 AoS1: Western classical tradition 1650-1910 (compulsory)
Listening styles · Musical elements and language
- पश्चिमी शास्त्रीय संगीत (1650–1910): बारोक, क्लासिकल और रोमांटिक – 1650 से 1910 तक पश्चिमी कला-संगीत तीन युगों से गुज़रा। बारोक (1650–1750) में छोटा तार-वाद्य समूह, हार्पसीकॉर्ड का कंटिन्यूओ, अचानक बदलती आवाज़ और कॉन्चेर्टो व फ़्यूग जैसे रूप थे। क्लासिकल (1750–1820) में बड़ा ऑर्केस्ट्रा, संतुलित वाक्य, धीरे-धीरे बढ़ती आवाज़ और सोनाटा रूप आया। रोमांटिक (1820–1910) में विशाल ऑर्केस्ट्रा, बहुत चौड़े डायनामिक्स, रुबातो और गहरी निजी या राष्ट्रीय भावना आई, और पियानो सितारा बन गया।
- संगीत सिद्धांत की मूल बातें: संगीत की भाषा – संगीत सिद्धांत बताता है कि संगीत कैसे बनता है। तारत्व (पिच) बताता है कि स्वर कितना ऊँचा या नीचा है; सात स्वरों के नाम हर सप्तक में दोहराते हैं, जहाँ आवृत्ति दोगुनी हो जाती है। लय बताती है कि स्थिर बीट पर आवाज़ें समय में कैसे रखी जाती हैं; लंबाई बीट में गिनी जाती है और टाइम सिग्नेचर उन्हें बार में बाँटता है। स्केल क़दमों के क्रम पर चलते हैं (मेजर: T T S T T T S), और कॉर्ड पहला, तीसरा, पाँचवाँ जैसे स्वर साथ रखते हैं। गतिकी, टेम्पो, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप संगीत के बाक़ी तत्व हैं।
2. 3.1.4 AoS2: Popular music
Listening styles
- लोकप्रिय संगीत: पॉप, रॉक और अर्बन गाने कैसे बनते हैं – लोकप्रिय संगीत बहुत सारे लोगों के लिए बना संगीत है, जो रेडियो, रिकॉर्ड, टीवी और इंटरनेट से फैलता है। बैंड परतों में बजता है: ड्रम और बेस रिदम सेक्शन बनाते हैं, गिटार और कीबोर्ड कॉर्ड बजाते हैं, आवाज़ धुन गाती है। ज़्यादातर गाने 4/4 ताल में होते हैं, 2 और 4 पर बैकबीट, वर्स-कोरस ढाँचा और एक याद रहने वाला हुक या रिफ़। शैलियाँ एक-दूसरे से बनीं: ब्लूज़-जैज़, रॉक एंड रोल, रॉक-पॉप, डिस्को-पंक, हिप-हॉप और इलेक्ट्रॉनिक डांस संगीत, साथ में रेगे, के-पॉप और बॉलीवुड।
3. 3.1.5 AoS3: Traditional music
Listening styles
जल्द आ रहा है
4. 3.1.6 AoS4: Western classical tradition since 1910
Listening styles
- 20वीं सदी का संगीत – 20वीं सदी में संगीतकारों ने कई पुराने नियम तोड़े। प्रभाववादी (डेबुसी, रवेल) धुंधली पूर्ण-स्वर और मोडल ध्वनियाँ लाए। अभिव्यंजनावादी (शोनबर्ग, बर्ग, वेबर्न) ने 'घर का सुर' (key) छोड़ा (अतानता) और फिर 12 सुरों की कतार से संगीत बनाया (सीरियलिज़्म)। नव-शास्त्रीय संगीतकार (स्ट्राविंस्की, प्रोकोफ़िएव, पूलेंक) पुराने साफ़ रूपों पर लौटे पर नई तीखी हार्मनी के साथ। बार्तोक और कोडाई ने लोक धुनें और असमान लय अपनाईं। फिर इलेक्ट्रॉनिक और संयोग (chance) संगीत आया, उसके बाद न्यूनतमवाद (रायली, राइख, ग्लास) और शैलियों को मिलाने वाला उत्तर-आधुनिकतावाद। कॉपलैंड, ब्रिटन, शोस्ताकोविच और मेसियाँ ने अपनी अलग आवाज़ें बनाईं।
5. Performing and composing skills
Solo and ensemble performing · Composing techniques
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
- संगीत रचना: छोटे-से विचार से पूरी धुन कैसे बने – रचना (composing) मतलब छोटे विचारों से संगीत बनाना। एक मोटिफ़ (कुछ स्वर) से शुरू करो। उसे दोहराव, सीक्वेंस (वही आकार ऊपर या नीचे) और बदलाव (लय बदलो, उल्टा करो) से बढ़ाओ। नीचे सुरसंगति रखो: I, IV, V, I जैसे कॉर्ड, और अंत में कैडेंस। बनावट चुनो (अकेली धुन, कॉर्ड के साथ धुन, या कई धुनें एक साथ)। पूरे टुकड़े को A B A या मुखड़ा-अंतरा जैसे रूप में ढालो। तात्कालिक रचना (improvisation) मौके पर रचना है। ब्रीफ़ बताता है मक़सद, लंबाई और वाद्य।