National Year 12 Music
अध्याय: 2
1. AoS1: Western classical tradition 1650-1910 (compulsory)
Strand A: Baroque solo concerto · Strand B: The operas of Mozart · Strand C: Piano music of Chopin, Brahms and Grieg · Harmony and analysis
- पश्चिमी शास्त्रीय संगीत (1650–1910): बारोक, क्लासिकल और रोमांटिक – 1650 से 1910 तक पश्चिमी कला-संगीत तीन युगों से गुज़रा। बारोक (1650–1750) में छोटा तार-वाद्य समूह, हार्पसीकॉर्ड का कंटिन्यूओ, अचानक बदलती आवाज़ और कॉन्चेर्टो व फ़्यूग जैसे रूप थे। क्लासिकल (1750–1820) में बड़ा ऑर्केस्ट्रा, संतुलित वाक्य, धीरे-धीरे बढ़ती आवाज़ और सोनाटा रूप आया। रोमांटिक (1820–1910) में विशाल ऑर्केस्ट्रा, बहुत चौड़े डायनामिक्स, रुबातो और गहरी निजी या राष्ट्रीय भावना आई, और पियानो सितारा बन गया।
- संगीत सिद्धांत की मूल बातें: संगीत की भाषा – संगीत सिद्धांत बताता है कि संगीत कैसे बनता है। तारत्व (पिच) बताता है कि स्वर कितना ऊँचा या नीचा है; सात स्वरों के नाम हर सप्तक में दोहराते हैं, जहाँ आवृत्ति दोगुनी हो जाती है। लय बताती है कि स्थिर बीट पर आवाज़ें समय में कैसे रखी जाती हैं; लंबाई बीट में गिनी जाती है और टाइम सिग्नेचर उन्हें बार में बाँटता है। स्केल क़दमों के क्रम पर चलते हैं (मेजर: T T S T T T S), और कॉर्ड पहला, तीसरा, पाँचवाँ जैसे स्वर साथ रखते हैं। गतिकी, टेम्पो, ध्वनि-रंग, बुनावट और रूप संगीत के बाक़ी तत्व हैं।
2. Skills
Performance preparation · Composition techniques
- संगीत प्रस्तुति (Music Performance): एकल और समूह में – संगीत प्रस्तुति यानी श्रोताओं के सामने कोई रचना बजाना या गाना। अच्छी प्रस्तुति में शुद्धता (सही सुर, सही लय), एक-सी ताल (टेम्पो), भाव दिखाने के लिए डायनेमिक्स और फ़्रेज़िंग, और शैली के अनुसार वादन होता है। समूह में कलाकार एक-दूसरे को सुनते हैं, आवाज़ का संतुलन रखते हैं और इशारों पर चलते हैं। अच्छी तैयारी = धीमा, सही रियाज़, छोटे टुकड़ों में, फिर गति बढ़ाना और दूसरों को सुनाना।
- संगीत रचना: छोटे-से विचार से पूरी धुन कैसे बने – रचना (composing) मतलब छोटे विचारों से संगीत बनाना। एक मोटिफ़ (कुछ स्वर) से शुरू करो। उसे दोहराव, सीक्वेंस (वही आकार ऊपर या नीचे) और बदलाव (लय बदलो, उल्टा करो) से बढ़ाओ। नीचे सुरसंगति रखो: I, IV, V, I जैसे कॉर्ड, और अंत में कैडेंस। बनावट चुनो (अकेली धुन, कॉर्ड के साथ धुन, या कई धुनें एक साथ)। पूरे टुकड़े को A B A या मुखड़ा-अंतरा जैसे रूप में ढालो। तात्कालिक रचना (improvisation) मौके पर रचना है। ब्रीफ़ बताता है मक़सद, लंबाई और वाद्य।