कीबोर्ड और उसकी कुंजियाँ
कीबोर्ड कुंजियों की एक पंक्ति है। हर कुंजी का एक पक्का सुर (स्वर) होता है। दाईं ओर जाओ तो सुर ऊँचा, बाईं ओर नीचा।
कुंजियों का नमूना हर 12 कुंजी पर दोहराता है। एक दोहराव को सप्तक (octave) कहते हैं। एक सप्तक में 7 सफ़ेद कुंजियाँ (C D E F G A B, यानी सा रे ग म प ध नि) और 5 काली कुंजियाँ होती हैं। पूरे पियानो में 88 कुंजियाँ होती हैं। अगले सप्तक में उसी नाम का सुर दुगुना ऊँचा सुनाई देता है।
C कैसे खोजें: दो काली कुंजियों का समूह ढूँढो। उसके ठीक बाईं ओर की सफ़ेद कुंजी C है।
कीबोर्ड परिवार: पियानो, ऑर्गन, हार्पसीकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक
- पियानो: कुंजी दबाने पर एक छोटा फेल्ट का हथौड़ा तार पर चोट करता है। ज़ोर से चोट तो तेज़ आवाज़। इसीलिए इसका पूरा नाम पियानोफ़ोर्टे है, यानी “धीमा-तेज़”।
- ऑर्गन: कुंजी दबाने पर पाइपों में हवा जाती है। कुंजी दबाए रखो तो आवाज़ एक जैसी रहती है। इसमें कई कीबोर्ड और पैरों के लिए पेडलबोर्ड होता है।
- हार्पसीकॉर्ड: कुंजी से एक छोटा पंख तार को छेड़ता है। स्पर्श बदलने से आवाज़ ज़्यादा नहीं बदलती।
- इलेक्ट्रॉनिक कीबोर्ड: कुंजियाँ चिप को संकेत भेजती हैं और चिप आवाज़ बनाती है। कई कीबोर्ड बाकी सबकी नकल कर सकते हैं।
चारों में अंगुलियों के नंबर और सरगम एक जैसे हैं, इसलिए एक पर सीखा हुआ बाकी पर काम आता है।
बैठक, हाथ का आकार और अंगुलियों के नंबर
कुर्सी के आगे वाले आधे हिस्से पर बैठो, पीठ सीधी पर ढीली। कोहनियाँ कुंजियों के बराबर ऊँचाई पर रखो। कंधे नीचे छोड़ दो।
गोल हाथ बनाओ, जैसे हथेली में छोटी गेंद पकड़ी हो। अंगुलियों के सिरे कुंजी को छुएँ और कलाई सीधी रहे। दोनों हाथों में अंगुलियाँ अंगूठे से 1 से 5 गिनी जाती हैं। पहली स्थिति में दायाँ हाथ C D E F G पर अंगुली 1 2 3 4 5 से रखा जाता है।
हाथ दुखे या अकड़ने लगे तो रुक जाओ और ढीला छोड़ो। संगीत में ज़ोर नहीं लगाना पड़ता।
स्पर्श, आवाज़ और पैडल
स्पर्श (touch) यानी कुंजी को दबाने का ढंग। पियानो में कुंजी जितनी तेज़ नीचे जाती है, आवाज़ उतनी तेज़ होती है। तेज़ को फ़ोर्टे (f) और धीमे को पियानो (p) कहते हैं। अकड़ी हुई अंगुली नहीं, बाँह के वज़न का उपयोग करो।
दो स्पर्श जानो: लेगातो (सुर आपस में जुड़े, मुलायम) और स्टाकातो (छोटे और अलग-अलग)।
दायाँ पैर सस्टेन पैडल चलाता है। पैडल दबा हो तो अंगुली हटने के बाद भी तार गूँजते रहते हैं। कॉर्ड बजाने के ठीक बाद दबाओ और अगले कॉर्ड से ठीक पहले उठाओ। हमेशा दबाए रखने से संगीत गँदला हो जाता है।
सरगम और अंगुलियों का क्रम
सरगम (scale) सुरों की सीढ़ी है। C मेजर सरगम में सिर्फ़ सफ़ेद कुंजियाँ हैं: C D E F G A B C। दाएँ हाथ से ऊपर जाते समय अंगुलियाँ 1 2 3 1 2 3 4 5 रहती हैं। 3 के बाद अंगूठा हथेली के नीचे से निकलकर F पर आता है। बाएँ हाथ में उलटा चलता है: 5 4 3 2 1 3 2 1।
अंगुलियों का क्रम पहले से क्यों सोचते हैं? इससे हाथ बिना झटके के चलता है। धीरे अभ्यास करो, पहले एक-एक हाथ से, फिर दोनों से। ताल एक जैसी रखो।
पढ़ना: दायाँ हाथ आम तौर पर ऊपरी (ट्रेबल) स्टाफ़ पढ़ता है और बायाँ हाथ निचला (बास) स्टाफ़।
कीबोर्ड एकल रचना का अभ्यास कैसे करें
- पहले कुंजी-चिह्न, ताल-चिह्न और सबसे कठिन माप (bar) देखो।
- धीरे बजाओ, एक-एक हाथ से।
- जहाँ अटको वहाँ पेंसिल से अंगुली के नंबर लिखो।
- दोनों हाथ छोटे टुकड़ों में जोड़ो, एक बार में 2 माप।
- आवाज़ की ऊँच-नीच और पैडल आख़िर में जोड़ो।
- रोज़ एक बार बिना रुके पूरा बजाओ, जैसे संगीत सभा में।
रोज़ 15 से 20 मिनट का अभ्यास, हफ़्ते में एक लंबे अभ्यास से बेहतर है।
करके देखो
कीबोर्ड (या फ़ोन के पियानो) पर दो काली कुंजियों का समूह ढूँढकर हर C खोजो। फिर दाएँ हाथ से 1 2 3 4 5 बजाओ और एक ही कुंजी को धीरे और तेज़ दबाओ। कौन सी ज़्यादा तेज़ है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- सप्तक = 12 कुंजियाँ = 7 सफ़ेद + 5 काली; पूरे पियानो में 88 कुंजियाँ
- दाएँ हाथ की C मेजर सरगम की अंगुलियाँ: 1 2 3 1 2 3 4 5
- तेज़ = फ़ोर्टे (f); धीमा = पियानो (p); जुड़ा हुआ = लेगातो; छोटा = स्टाकातो
- वही सुर अगले सप्तक में: आवृत्ति × 2 (A = 440 Hz, अगला A = 880 Hz)
हल किए गए उदाहरण
1. एक सप्तक में कितनी सफ़ेद और कितनी काली कुंजियाँ होती हैं?
7 सफ़ेद और 5 काली, यानी कुल 12 कुंजियाँ।
2. एक पियानो में 52 सफ़ेद कुंजियाँ हैं। लगभग कितने सप्तक हुए?
एक सप्तक में 7 सफ़ेद कुंजियाँ। 52 ÷ 7 ≈ 7.4, यानी 7 से थोड़े ज़्यादा सप्तक।
3. सुर A की आवृत्ति 440 Hz है। एक सप्तक ऊपर वाले A की आवृत्ति क्या होगी?
एक सप्तक ऊपर जाने पर आवृत्ति दुगुनी: 440 × 2 = 880 Hz।
4. C मेजर सरगम में ऊपर जाते समय दाएँ हाथ की अंगुलियाँ लिखो।
1 2 3 1 2 3 4 5। 3 के बाद अंगूठा नीचे से निकलता है।
आम गलतियाँ
- सीधी, चपटी अंगुलियाँ। हाथ गोल रखो, जैसे हथेली में छोटी गेंद हो।
- तेज़ आवाज़ के लिए कुंजियाँ पीटना। बाँह का वज़न और रफ़्तार लगाओ, अकड़न नहीं।
- पैडल हमेशा दबाए रखना, जिससे सुर आपस में मिल जाते हैं। हर नए कॉर्ड पर उठाओ।
- अंगुलियों के नंबर छोड़कर अंदाज़े से बजाना। क्रम पहले से सोचकर लिखो।